राज्य सरकार ने महानदी,सोंढूर और पैरी नदियों के संगम पर छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द तीर्थ राजिम में माघ पूर्णिमा से महाशिरात्रि तक लगने वाले पन्द्रह दिवसीय वार्षिक मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस सिलसिले में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां मंत्रालय स्थित अपने कक्ष में विभागीय अधिकारियों की पहली बैठक ली और राजिम मेला 2011 के लिए जरूरी तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि राजिम मेले को विगत पांच वर्षों से भव्य स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 2011 छठा वर्ष होने के कारण राज्य सरकार ने इस मेले को अर्ध राजिम कुंभ के रूप में आयोजित करने का निण्र्ाय लिया है। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में अगले साल राजिम कुंभ के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं और अच्छे ढंग से करनी होगी। बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव श्री सुब्रत साहू, आयुक्त संस्कृति और पुरातत्व श्री राजीव श्रीवास्तव तथा उप-महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री पी. सेनभौमिक सहित इन विभागों के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने राजिम कुभ 2011 के लिए विभिन्न समितियों के गठन की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ मेले की ख्याति अब देश-विदेश में फैल चुकी है। राजिम कुंभ अब हर साल भव्यता के साथ आयोजित होगा। इसके लिए एक वैधानिक संस्था बनाने की जरूरत है, ताकि राजिम कुंभ के आयोजन की गतिविधियां पूरे वर्ष भर चल सके। श्री अग्रवाल ने इसी सिलसिले में अधिकारियाें को राजिम कुंभ मेला प्राधिकरण गठित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने राजिम कुंभ मेले के लिए साधु-संतों को आमंत्रित करने अभी से कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। राजिम कुंभ मेले की तैयारी शुरू करने के लिए पर्यटन और संस्कृति विभाग के अधिकारियों की चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राजिम कुंभ मेला अगले साल माघ पूर्णिमा 18 फरवरी से शुरू होकर महाशिवरात्रि दो मार्च तक चलेगा।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री ने एन.सी.ई.आर.टी की 48 वीं सामान्य सभा की बैठक में राज्य का पक्ष रखा
रायपुर, 25 नवम्बर 2010। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा की विषय वस्तु में भारतीय संस्कृति के प्रमुख तत्वों और राष्ट्रीय मूल्यों की शिक्षा को प्राथमिकता के साथ शामिल करना चाहिए। बच्चों को उनकी रूचि के अनुरूप संस्कृति के विभिन्न अंगों से जोड़ने से उन्हें इसके बारे में जानने का मौका मिलेगा। श्री अग्रवाल आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की 48 वीं सामान्य सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री कपिल सिब्बल और राज्य मंत्री श्रीमती डी. पुरन्देश्वरी भी उपस्थित थीं ।
श्री अग्रवाल ने कहा कि स्कूलों में गुणवत्ता लाने में शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं की महती भूमिका होती है। शिक्षकों को सतत और समग्र मूल्यांकन की विधा से भी परिचित कराते हुए उन पर बिना अतिरिक्त बोझ डाले सभी बच्चों की व्यक्तिगत रूचि को ध्यान में रख कर उनके अनुरूप शिक्षण विधियों का सहारा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें शिक्षकों के पढ़ाने के तरीकों को भी रोचक बनाना होगा । खेलकूद और शैक्षिक वातावरण्ा को बेहतर बनाने के लिए गहन चिंतन और मनन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें यह ध्यान रखना होगा कि बच्चो का जीवन केवल पढ़ाई-लिखाई और पाठयपुस्तकों में ही सिमट कर न रह जाएं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में शाला के प्रथम कालखण्ड में स्वास्थ्य, योग, मानवीय मूल्यों, खेलकूद और महान पुरूषों की जीवनियों पर बातचीत करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं परिषद में इस पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एस.सी.ई.आर.टी. को प्रबंधन के क्षेत्र में बहुत अधिक सुद्ृढ़ करने के लिए उन्हें विभिन्न विशेषज्ञ और ख्याति प्राप्त संस्थाओं में भेजकर अकादमिक सदस्यों के शैक्षिक विकास का ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार के क्रियान्वयन में भी परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका है। अत: इसका सुदृढ़ीकरण एवं अन्य गतिविधियों के लिए केन्द्र प्रवर्तित योजना से अधिक बजट उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि गणित एवं विज्ञान के लिए एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा तैयार किए गए किट को समय पर शालाओं में उपलब्ध कराने में असमर्थता की स्थिति में इसको अन्य निजी उत्पादकों के साथ उत्पादन की प्रक्रिया प्रारंभ कर राज्यों की मांग के अनुरूप तत्काल आपूर्ति प्रारम्भ करनी चाहिए अथवा राज्यों में इसके लिए प्रावधान किए जाने चाहिए। श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में अनेक ऐसे क्षेत्र है जहां नक्सली हिंसा की वजह से स्कूलों मेें अध्ययन-अध्यापन में परेशानियां हो रहीं है। ऐसे इलाकों के बच्चों को शहरी क्षेत्रों में आवासीय छात्रावास बनाकर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में आवश्यक तैयारी के लिए नई दिल्ली में आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई है ताकि वे वहां रहकर बेहतर ढंग से कोचिंग सुविधा का लाभ ले सकें। श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा भी इसी प्रकार की सुविधाओं के माध्यम से वंचित वर्गो के उत्थान की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग भी सभी विकासखण्डों में कोचिंग की सुविधा के साथ-साथ ऐसे क्षेत्र जहां प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध नहीं है, वहां मल्टी-मीडिया सीडी का उपयोग कर स्कूली बच्चों को पढ़ाने के लिए आवश्यक व्यवस्था करवाने की दिशा में प्रयासरत है।
श्री अग्रवाल ने बैठक में कहा कि शिक्षा को जमीनी वास्तविकताओं से जोड़ने एवं स्थानीय समुदाय की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने इसमें कृषि एवं अन्य तकनीकों के बारे में भी शिक्षा देने के लिए सहयोग की आवश्यकता है। हम यह प्रयास कर रहे हैं कि शिक्षक बच्चों को केवल किताबोें की बातें ही न बतलाएं बल्कि यह भी बतलाएं कि देश और देशप्रेम क्या होता है? हमारी संस्कृति क्या है? हमारे राष्ट्रीय मूल्य क्या है? हमारे संविधान में निहित कौन-कौन से राष्ट्रीय मूल्यों का विकास हमें शिक्षा के माध्यम से करना है? साथ ही हमें अपने बच्चों को अपनी संस्कृति से भी परिचित करवाना होगा। बच्चों को उनकी रूचि के अनुसार संस्कृति के विभिन्न अंगों से जोड़ना होगा। जैसे यदि किसी बच्चे को गायन में रूचि है तो उसका विकास उसी दिशा में करें।
उन्होंने राज्य के दो नवनिर्मित जिलों बीजापुर एवं नारायणपुर के लिए पृथक से डाइट और डोंगरगांव और बिलासपुर बी.टी.आई. को अपग्रेड कर डाइट बनाए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने राज्य के सभी विकासखण्ड के बच्चों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कोचिंग के लिए तैयार किये जाने के लिए परिषद से सफल मॉडल उपलब्ध कराने की मांग भी की। बैठक में एस.सी.ई.आर.टी. के संचालक श्री सुधीर कुमार अग्रवाल भी उपस्थित थे।
प्रदेश के लोकनिर्माण, स्कूल शिक्षा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल विगत २३ नवंबर से हैदराबाद एवं दिल्ली प्रवास पर है. आज दोपहर नई दिल्ली में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवानी से उनके निवास स्थित कार्यालय में भेंट की. ईस दौरान श्री अग्रवाल ने उन्हें छत्तीसगढ़ के हस्त शिल्प द्वारा निर्मित प्रतिमा भेंट की. उन्होंने श्री अडवाणी को दीपावली की शुभकामनाये एवं बिहार में भाजपा की शानदार जीत पर बधाई दी.
द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य श्री स्वरूपानंद जी सरस्वती ने आज लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल का आतिथ्य स्वीकारा और देर शाम को उनके शंकर नगर स्थित निवास पर पहुंचे. जहाँ श्री रामजी अग्रवाल ने सपरिवार स्वरूपानंद जी सरस्वती का स्वागत करते हुए उनकी आवभगत की और आशीर्वाद लिया. ईस अवसर पर श्री अग्रवाल के परिजन, इष्ट मित्र और शंकराचार्य जी के शिष्यगण उपस्थित थे.
आकांक्षा लायंस स्कूल , अवन्ती विहार द्वारा इनोवेटिव सस्टेनेबल माडल टू रिच द अनरीच मेंटली चैलेंज्ड विषय पर आयोजित राष्ट्रिय सेमिनार का शुभारम्भ करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ऐ.पी. जे. अब्दुल कलाम आजाद, मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं लोकनिर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ईस अवसर पर श्री कलाम ने मानसिक विकलांग बच्चों से भी मुलाकात व बातचीत की.
लोकनिर्माण एवं स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से WWF के प्रतिनिधियों ने आज शाम सौजन्य भेंट की. “शिक्षा के जरिए पर्यावरण से कैसे जुड़े” विषय पर विस्तार से जानकारी दी. ईस अवसर पर स्टेफन स्वन्बर्ग, लीमा, मिता नागिया गोस्वामी डब्ल्यू. डब्ल्यू . एफ . की मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की राज्य निदेशक संगीता सक्सेना प्रमुख रूप से उपस्थित थे.
मेहमानों के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी
राजधानी रायपुर में कल 22 नवम्बर से शुरू हो रहे सिकल सेल बीमारी पर चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन मे शामिल होने आए कांगो गणतंत्र और रिपब्लिकन ऑफ इकोटयूरिकल गिनी के प्रतिनिधियों ने आज देर शाम पुरखौती मुक्तांगन का भ्रमण किया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने पुरखौती मुक्तांगन में कांगो गणतंत्र की पहली महिला मैडम एंटोईनटे ससोऊ गैसो तथा रिपब्लिकन गिनी की उप स्वास्थ्य मंत्री सुश्री मारिया विदा अश्वेडोम के नेतृत्व में आए दोनों देशों के प्रतिनिधि मंडल का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इन विदेशी प्रतिनिधियों के सम्मान में संस्कृति विभाग की ओर से छत्तीसगढ़ की प्रसिध्द गायिका सुश्री कविता वासनिक के सांस्कृतिक मंच के कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
पुरखौती मुक्तांगन में भव्य और गर्मजोशी के साथ हुए स्वागत से अभिभूत अनेक विदेशी प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक मंच में पहुंच कर छत्तीसगढ़ के कलाकारों के साथ नृत्य भी किया। कलाकारों द्वारा मंच पर छत्तीसगढ़ी गीत और नृत्य के आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कांगो गणतंत्र की पहली महिला मैडम एंटोईनटे ससोऊ गैसो ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कांगो गणतंत्र के स्वतंत्रता आंदोलन में भारत द्वारा दिए गए सहयोग की चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि सिकलसेल रोग की रोकथाम के लिए भी दोनों देश आपसी सहयोग के साथ जरूरी उपाय करेंगे। श्री अग्रवाल ने सभी प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह के रूप में छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द बेलमेटल शिल्प की खूबसूरत कलाकृतियां भेंट कीं।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल आज यहां आरोग्यम प्रिवेन्शन एण्ड कन्ट्रोल ऑफ डिसिजेस सोसायटी द्वारा आयोजित मधुमेह शिक्षा एवं चेतना कार्यक्रम में मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ.विप्लब बंधोपाघ्याय की पुस्तिका ‘मधुमेह-आई केयर’ का विमोचन किया। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि मधुमेह रोग आज पूरे विश्व के लिए बहुत बड़ी समस्या बन गयी है। भारत की भी बहुत बड़ी आबादी इस रोग से ग्रसित है। उन्होंने कहा कि इसका प्रमुख कारण मधुमेह रोग के संबंध में आम लोगों में जागरूकता की कमी है। आरोग्यम प्रिवेन्शन एण्ड कन्ट्रोल ऑफ डिसिजेस सोसायटी द्वारा नागरिकों में इस बीमारी के प्रति जनजागरूकता लाने विशेष प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सोसायटी के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं। यह सोसायटी लोगों के जीवन में खुशहाली लाने का काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि यह सोसायटी भविष्य में और अधिक सक्रियता के साथ कार्य करती रहेगी।
मधुमेह-आई केयर पुस्तक में मधुमेह रोग के संबंध में जानकारी, मधुमेह होने के कारणों, लक्षणों, समुचित इलाज, मधुमेह पीड़ितों के लिए खान-पान, रहन-सहन, मधुमेह की दवाइयां, मधुमेह की दूरगामी परेशानियां, मधुमेह एवं गर्भावस्था, शराब एवं मधुमेह, मधुमेह और पैरों की देखभाल, मधुमेह और यात्रा, मधुमेह और भ्रांतियां आदि शीर्षक से उपयोगी जानकारियां प्रकाशित की गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 से 2013 तक के लिए निर्धारित थीम ‘मधुमेह की शिक्षा एवं उसकी रोकथाम’ के संदर्भ में एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन जेल रोड स्थित होटल गिरिराज में सोसायटी द्वारा किया गया। इसी कार्यक्रम में रायपुर के रंगकर्मी श्री काशी नायक के ग्रुप द्वारा मधुमेह के प्रति जनजागरूकता लाने के उद्देश्य से ‘सहज,सहमा और बिंदास’ नाटक का मंचन भी किया गया। मधुमेह चलचित्र, आहार प्रदर्शनी एवं स्टॉलों के माध्यम से मधुमेह रोग के बारे में उपयोगी जानकारी भी दी गयी। सैकड़ों मधुमेह रोगियों की नि:शुल्क जांच कर उन्हें उपयोगी सुझाव दिए गए। मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. विप्लब बंधोपध्याय ने इस अवसर पर मधुमेह रोग के लक्षणों, मधमुेह पीड़ितों के लिए उचित खान-पान, रहन-सहन, जरूरी सावधानियों तथा इलाज के बारे में सरल ढंग से जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के मधुमेह रोग से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान भी प्रभावशाली ढंग से किए।
संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां अपने शंकर नगर स्थित निवास पर छत्तीसगढ़ महिला साहित्य कला समिति की अध्यक्ष डॉ. निरूपमा शर्मा की पुस्तक छह पुस्तकों का विमोचन किया। छत्तीसगढ़ राज्य हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक श्री रमेश नैयर ने विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में शोध पर आधारित पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ का ददरिया’, निबंध संग्रह ‘इन्द्रधनुषीय छत्तीसगढ़, खण्ड काव्य’ ‘हमर चिन्हारी’, हिन्दी छत्तीसगढ़ी द्विपदीय ‘चिंतन के बिन्दु-विचार के हीरा, पुराणों से ली गयी कहानियों पर केन्द्रित पद्य संग्रह ‘मूल्यजनक पुराख्यान’ और ‘भागवत के अवधूत प्रसंग ‘दत्तात्रेय के चौबीस गुरू’ पुस्तक का विमोचन किया। पद्मश्री डॉ. महादेव पाण्डेय ने पुस्तकों के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर श्रीमती सरला शर्मा, श्रीमती प्रभा सरस सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गुरूनानक जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए पर्यटन मंत्री
गुरूद्वारा पर केन्द्रित ब्रोशर का विमोचन
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल आज गुरूनानक जयंती पर गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी रायपुर द्वारा यहां खालसा स्कूल परिसर में आयोजित प्रकाश पर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। श्री अग्रवाल ने वहां उपस्थित लोगों को 542वें प्रकाश पर्व पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और बताया कि राज्य शासन द्वारा स्टेशन रोड रायपुर स्थित गुरूद्वारा को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में शामिल कर लिया गया है। इस अवसर पर गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष श्री दिलीप सिंह होरा, अमरजीत सिंह सलूजा, प्रीतपाल सिंह होरा, परविंदर सिंह भाटिया, रिपुदमन सिंह मनमोहन सिंह सैलानी, हरमीत सिंह, कल्याण सिंह पसरीचा, गुरमीत सिंह गुरदत्ता, इन्द्रजीत सिंह सलूजा, फकीर सिंह मुदद सहित सिख समाज के गणमान्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
पूर्व राष्ट्रपति ऐ.पी.जे. अब्दुल कलाम आजाद आज रायपुर पहुचे विमानतल पर लोकनिर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने उनकी अगवानी की .पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम आज नियमित विमान से दिल्ली से रात्रि लगभग सवा नौ बजे माना विमानतल पहुंचे और विमानतल से सीधे राजभवन के लिये रवाना हुए। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र रायपुर के सांसद श्री रमेश बैस, महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, मार्कफेड के अध्यक्ष श्री राधाकृष्ण गुप्ता, जिला पंचायत रायपुर के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री विकासशील, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री ओ.पी. चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश के लोकनिर्माण एवं स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल आज दोपहर गुरुनानक जयंती के अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, स्टेशन रोड द्वारा खालसा स्कूल प्रांगण में आयोजित लंगर प्रसादी के कार्यकर्म में शामिल हुए ईस अवसर पर उन्होंने एक ब्रौशर का भी विमोचन किया वहीँ प्रबंधक कमेटी द्वारा उन्हें कृपाण भी भेंट किया गया .
स्कूल शिक्षा मंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री के हाथों विजेता खिलाड़ी पुरस्कृत
रायपुर 20 नवंबर 2010। छत्तीसगढ़ राज्य खेल महोत्सव 2010 के अन्तर्गत यहां आयोजित चार दिवसीय रायपुर जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आज उत्साहजनक माहौल में समापन हुआ। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने विजेता खिलाड़ियों को पदक और नगद राशि से पुरस्कृत किए। प्रतियोगिता की हर स्पर्धा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को नगद राशि से पुरस्कृत किया गया।
प्रथम स्थान पर आने वाले खिलाड़ी को ग्यारह सौ रूपए, द्वितीय को पांच सौ रूपए तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को तीन सौ रूपए की नगद राशि पुरस्कार बतौर दी गयी। सामूहिक खेलों में भी प्रथम आने वाली टीम के प्रत्येक सदस्य को ग्यारह सौ रूपए, द्वितीय टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को पांच सौ रूपए और तृतीय विजेता टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को तीन सौ रूपए के पुरस्कार दिए गए। सभी विजेता खिलाड़ियों को कुल साढ़े नौ लाख रूपए के नगद पुरस्कार प्रदान किए गए।
स्थानीय विवेकानंद सरोवर (बूढ़ातालाब) के समीप नवनिर्मित आउटडोर स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता में रायपुर जिले के लगभग साढ़े तीन हजार खिलाड़ी 32 विभिन्न खेल मुकाबलों में शामिल हुए। प्रतियोगिता में कसडोल विकासखण्ड को आलओवर चैम्पियनशिप का खिताब मिला। बिलाईगढ़ विकासखंड दूसरे स्थान पर रहा।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने मुख्यअतिथि की आसंदी से समापन समारोह को संबोधित करते हुए
प्रतियोगिता में आए ऐसे सभी खिलाड़ियों जिनके पास जूते नहीं थे, उन्हें कपड़े के जूते तत्काल उपलब्ध कराने की घोषणा की। श्री अग्रवाल ने सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप प्रदेश में खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। अगले माह आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय खेल महोत्सव में जिला स्तर पर हुईं प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिता में किसी की जीत होती है तो किसी की हार। जीत और हार से ज्यादा महत्वपूर्ण बात होती है प्रतियोगिता में शामिल होना। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि रायपुर जिले के खिलाड़ी भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताआें में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने कहा कि किसी भी खेल प्रतियोगिता में जीतने वाले की जय तो होती है, इसके साथ ही हारने के बाद प्रतियोगिता से सीख लेकर नए उत्साह और जोश के साथ दूसरी प्रतियोगिता में भाग लेकर मंजिल पाने वाले खिलाड़ी की भी सभी प्रशंसा करते हैं। सुश्री उसेण्डी ने कहा कि राज्य बनने के बाद बीते दस वर्ष छत्तीसगढ़ खेल जगत के लिए उपलब्धियों से भरा हुआ है। प्रदेश के अनेक खिलाड़ियों ने अपने अथक परिश्रम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हुए कार्यों के कारण आज पूरे प्रदेश में खेल के प्रति उत्साहजनक वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए किए गए प्रयासों के बावजूद अभी भी खेल के क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। राज्य सरकार और समाज मिलकर इस दिशा में काम करेंगे तो प्रदेश के खिलाड़ियों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा और खेल के क्षेत्र में नया इतिहास बनेगा।
इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री सुब्रत साहू, संचालक श्री जी.पी. सिंह सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी और खिलाड़ी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। समापन समारोह में रायपुर के शासकीय जे.आर.दानी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और लक्ष्मीनारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। पुरस्कार वितरण के पहले खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट किया।
रायपुर, 19 नवम्बर 2010।छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि हाथ करघा बुनकरों का कुटीर उद्योग भारत की समृध्द प्राचीन परम्परा और संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। इसमें रोजगार के साथ-साथ अतिरिक्त आमदनी की भी अच्छी संभावनाएं हैं इसे ध्यान में रखकर पूरे देश में हाथ करघा बुनकरों के परम्परागत व्यवसाय को संरक्षण और प्रोत्साहन के साथ नया जीवन देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की कलात्मक कारीगरी के और ज्यादा विकास के लिए उन्हें बेहतर प्रशिक्षण मिलना चाहिए और उनके द्वारा तैयार वस्त्रों तथा कपड़ों के लिए व्यापक स्तर पर बाजार भी दिलाना चाहिए। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
श्री अग्रवाल ने आज यहां हाथ करघा निर्मित कपड़ों की राष्ट्रीय विक्रय प्रदर्शनी-नेशनल हैण्डलूम एक्सपो-2010 का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। स्थानीय शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. मैदान में यह प्रदर्शनी आगामी नौ दिसम्बर तक चलेगी। इसका आयोजन प्रदेश सरकार के ग्रामोद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य हाथ करघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ तथा केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय के हाथ करघा प्रभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि नेशनल हेण्डलूम एक्सपो 2010 परम्परा और आधुनिकता का संगम है, जहां देश के विभिन्न्न राज्यों के हाथ करघा बुनकरों द्वारा तैयार कपड़ों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए स्टाल लगाए गए हैं। एक्सपो में छत्तीसगढ़ के लोगों को किफायती दरों पर कपड़े मिलेंगे और उन्हें विभिन्न राज्यों के कपड़ों के डिजाइनों को समझने एवं जानने का मौका मिलेगा।
श्री अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर एक्सपो 2010 का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ सरकार के ग्रामोद्योग मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले की अध्यक्षता में आयोजित शुभारंभ समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, छत्तीसगढ़ राज्य हाथ करघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के अध्यक्ष श्री कमल लाल देवांगन और संचालक मंडल के सभी सदस्य उपस्थित थे। प्रदर्शनी में ग्राहकों को बीस प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन दोपहर एक बजे से रात नौ बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
शुभारंभ समारोह में संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने एक्सपो 2010 में शामिल होने वाले विभिन्न राज्यों के हाथ करघा बुनकरों का स्वागत करते हुए कहा कि जिस रूप में हाथ करघा वस्त्रों का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह निश्चित ही हेण्डलूम को नई पहचान दिलाने में सहायक सिध्द होगा। उन्होंने कहा कि हाथ करघा से जुड़े बुनकरों के परम्परागत व्यवसाय को पुनर्जीवित करने और उनकी कला को सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिए हाथ करघा बुनकरों के बच्चों को पढ़ाई लिखाई के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें प्रशिक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बुनकरों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है जिसके कारण हाथ करघों की संख्या बढ़कर 10 हजार हो गयी है, जिसके माध्यम से बुनकरों को उनके घर पर ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग मंत्री श्री मोहले ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित भारत की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को बेहतर बनाने में हाथ करघा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि बुनकरों के उत्थान के लिए हाथ करघा से निर्मित वस्त्रों को बेहतर बाजार दिलाने की जरूरत है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में नेशनल हैण्डलूम एक्सपो 2010 का आयोजन किया जा रहा है, जहां एक ही छत के नीचे विभिन्न राज्यों के हाथ करघा से निर्मित वस्त्रों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है। श्री मोहले ने कहा कि नेशनल हेण्डलूम एक्सपो 2010 में छत्तीसगढ़ की प्रसिध्द कोसा साड़ियों के साथ ड्रेस मटेरियल, मध्यप्रदेश की चंदेरी और महेश्वर की साड़िया, महाराष्ट्र की पैठनी साड़ियां, गुजरात में निर्मित लहंगे, उत्तरप्रदेश की बनारसी साड़ियां, बिहार की भागलपुरी और खादी सिल्क, आसाम की प्रसिध्द मूंगा सिल्क, हरियाणा के फर्निशिंग वस्त्र और गलीचे, जम्मू कश्मीर के प्रसिध्द पश्मीना शॉल, राजस्थान की जयपुर रजाई, पंश्चिम बंगाल से कांथा और तांत साड़िया, पंजाब की कशीदाकारी पर आधारित कपड़े एवं हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के प्रसिध्द हाथ करघा निर्मित कपड़ों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए स्टाल लगाए गए है।
श्री मोहले ने कहा कि हाथ करघा से निर्मित वस्त्रों में बुनकराें के हाथों की हुनर के साथ उनकी
भावनाएं जुड़ी होती है। इससे उन्हें एक दूसरे की कारीगरी को जानने – समझने का मौका मिलेगा। श्री मोहले ने कहा कि राज्य में हाथ करघा वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए विगत वर्ष राज्य के प्रमुख शहरों में भी नेशनल हेण्डलूम एक्सपो का आयोजन किया गया, जहां हाथ करघा बुनकरों द्वारा तैयार वस्त्रों को अच्छा प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की परम्परागत कोसा साड़ियां देश-विदेश में प्रसिध्द है। उनकी विशेष गुणवत्ताा के लिए हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा भौगोलिक संकेतक (जी.आई.) प्रमाण पत्र दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाथ करघा से जुड़े लगभग 50 हजार बुनकरों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और राज्य शासन इनके विकास के लिए भी कृत-संकल्पित है।
राज्य सरकार के संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू ने कहा कि राज्य शासन द्वारा बुनकरों के विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में हाथ करघा से जुड़े बुनकरों के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन पुरस्कार स्वरूप नगद राशि, गणवेश और प्रशस्ति-पत्र दिया जाता है। वर्ष 2009-10 में 590 छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रावीण्यता के आधार पर प्रोत्साहन पुरस्कार में 501 रूपये से लेकर पांच हजार 501 रूपये तक नगद पुरस्कार दिया जाता है।
नेशनल हेण्डलूम एक्सपो 2010 को नगर निगम रायपुर के महापौर श्रीमती किरणमयी नायक और छत्तीसगढ़ राज्य हाथ करघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के अध्यक्ष श्री कमल लाल देवांगन ने भी संबोधित किया। ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री पी. रमेश कुमार ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। विभाग के संयुक्त संचालक श्री एन.पी. देवांगन ने आभार व्यक्त किया।
Mr. Agarwal launched national sales exhibition of hand loom fabrics
स्कूल शिक्षा मंत्री तथा रायपुर जिले के प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां विवेकानंद सरोवर (बूढ़ा तालाब) के पास नवनिर्मित स्पोर्टस काम्पलेक्स में राज्य खेल महोत्सव 2010 के अन्तर्गत रायपुर जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। काम्पलेक्स में आयोजित भव्य एवं रंगारंग उद्धाटन समारोह में सबसे पहले खिलाड़ियों ने आकर्षक मास्ट पास्ट किया ।
रायपुर जिले के सभी 15 विकासखण्डों के खिलाड़ी अपने विकासखण्डों का ध्वज लेकर मार्च पास्ट में शामिल हुए। तीन दिन चलने वाले इस रायपुर जिला खेल महोत्सव में 34 खेलों के मुकाबले होंगे। जिला खेल महोत्सव महोत्सव के उद्धाटन समारोह की अध्यक्षता रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक ने की।
श्री अग्रवाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निर्माण की दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्योत्सव मनाने के बाद अब राज्य खेल महोत्सव की शुरूआत हो गई है। दस वर्ष की अवधि में छत्तीसगढ़ ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास के अनेक नये आयाम स्थापित करने के साथ ही खेल गतिविधियों में भी राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थान बनाया है। राज्य की खेल प्रतिभाओं के बल पर छत्तीसगढ़ को वर्ष 2012 – 2013 में राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप राज्य खेल महोत्सव आयोजन
की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए सर्वप्रथम विकासखण्ड स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं हुईं। वर्तमान में सभी जिला मुख्यालयों में जिला स्तरीय खेल महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नवयुवाओं को खेल के मैदानों से जोड़े रखना जरूरी है। इसके लिए नियमित रूप से विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होनी चाहिए। इससे भविष्य में राज्य से अच्छे खिलाड़ी निकलेंगे और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।
श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। महापौर श्रीमती किरणमयी नायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल के क्षेत्र में भी अनेक हीरे हैं इन्हे तराश कर चमकाने की जरूरत है। राज्य खेल महोत्सव के आयोजन से प्रदेश के बच्चों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस महोत्सव से भविष्य यहां होने वाली राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के लिए एक तरह से तैयारी प्रारंभ हो जाएगी।
स्वागत भाषण रायपुर जिले के प्रभारी कलेक्टर श्री ओ.पी. चौधरी ने दिया। मायाराम सुरजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रायपुर की छात्राओं तथा शासकीय हिन्दू उच्चतर माध्यमिक शाला रायपुर के छात्रों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। मार्च पास्ट के दौरान पंथी नृत्य और अखाड़े का प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा।
जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी बघेल, विधायक श्री कुलदीप जुनेजा ,रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी और सभापति श्री संजय श्रीवास्तव समारोह के विशेष अतिथि थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न खेल संघो के पदाधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक श्री जी.पी.सिंह,पुलिस अधीक्षक रायपुर श्री दीपांशु काबरा सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व खिलाड़ी उपस्थित थे।
विगत माह डोंगरगढ़ यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ नगर रायपुर निवासी विजय साहू का एक दुर्घटना के निधन हो गया था. प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने उसके परिवार को अपने स्वेच्छानुदान मद से २५००० रु. की राशि प्रदान की. उक्त राशि का चेक स्व. विजय साहू के पिता ने आज शाम श्री अग्रवाल के शंकर नगर स्थित निवास पर आकर ग्रहण किया.
रायपुर, 13 नवम्बर 2010। छत्तीसगढ़ में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदेश के 46 हजार 985 स्कूलों में 40 लाख से अधिक स्कूली बच्चों को स्कूलों में ताजा और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। इनमें 33 हजार 478 प्राथमिक शालाओं के 27 लाख 57 हजार 531 तथा 13 हजार 507 पूर्व माध्यमिक उच्च प्राथमिक शालाओं के 12 लाख 54 हजार 756 स्कूली बच्चे शामिल हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां बताया कि दोनों तरह के स्कूलों को मिलाकर रायपुर जिले में सबसे अधिक छह लाख 16 हजार 439 स्कूली बच्चों को भोजन दिया जा रहा है। इनमें से चार लाख 09 हजार 164 बच्चे प्राथमिक स्कूलों तथा दो लाख 07 हजार 275 बच्चे पूर्व माध्यमिक स्कूलों में दर्ज हैं। इसी प्रकार राजनांदगांव जिले में दो लाख 52 हजार 362, धमतरी जिले में एक लाख 21 हजार 23, कबीरधाम (कवर्धा) जिले में एक लाख 46 हजार 945, जशपुर जिले में एक लाख 36 हजार 636, कोरिया जिले में एक लाख 24 हजार 32, सरगुजा जिले में तीन लाख 98 हजार 36, दुर्ग जिले में चार लाख 49 हजार 607, रायगढ़ जिले में दो लाख चार हजार 759, बिलासपुर जिले में चार लाख 45 हजार 781, जांजगीर-चांपा जिले में दो लाख 47 हजार 219, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में एक लाख 24 हजार 32, बस्तर जिले में दो लाख 73 हजार 182, महासमुंद जिले में एक लाख 74 हजार 313, कोरबा जिले में दो लाख एक हजार 216 तथा दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में एक लाख 28 हजार 799 स्कूली बच्चों को स्कूलों में ही मध्यान्ह भोजन दिया जा रहा है।
बस्तर में नारायणपुर जिले तथा दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) में बीजापुर जिले के स्कूली बच्चों की दर्ज संख्या शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि मध्यान्ह भोजन योजना के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को दोपहर में ताजा भोजन दिया जाता है। योजना में शिक्षा विभाग, अनुसूचित जाति-जनजाति विकास विभाग के स्कूलों के साथ-साथ अशासकीय अनुदान प्राप्त स्कूलों और मदरसों के बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में मध्यान्ह भोजन योजना के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप शाला त्यागी बच्चों की संख्या में कमी आयी है। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों की दर संख्या में भी उल्लेखनीय वृध्दि दर्ज की गयी है।
लोक निर्माण मंत्री श्री अग्रवाल से रायपुर शहर के विकास के लिए सहयोग का आग्रह: नगर निगम रायपुर के प्रतिनिधि मण्डल ने की मुलाकात रायपुर 16 नवम्बर 2010। लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल से आज यहां उनके शंकर नगर स्थित निवास पर रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक के नेतृत्व में नगर निगम के प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात की। प्रतिनिधि मण्डल में नगर निगम रायपुर के जोन अध्यक्ष और मेम्बर इन काउंसिल शामिल थे।
प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों ने श्री अग्रवाल से रायपुर नगर निगम के सभी वार्डो के विकास के संबंध में चर्चा की और उनसे विकास कार्यो के लिए जरूरी सहयोग का आग्रह किया। श्री अग्रवाल ने प्रतिनिधियों को रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि हम सब दलगत भावना से ऊपर उठकर आम जनता के व्यापक हित में रायपुर शहर का विकास करेंगे।
श्री अग्रवाल ने चर्चा के दौरान आगामी तीन साल के लिए निगम क्षेत्र के सभी 70 वार्डो के विकास के लिए वर्षवार व्यापक कार्य योजना बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि नगर विकास के विशेषज्ञों और नगर निगम रायपुर के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम से प्रत्येक वार्ड का सर्वे कराकर वहां की विभिन्न समस्याओं और जरूरतों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर कार्य योजना बनाने से रायपुर के निवासियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण में मदद मिलेगी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि कार्य योजना बनाते समय हर वार्ड में किए जाने वाले विकास कार्यो की प्राथमिकताओं का ध्यान रखा जाए। इसी के साथ ही इन विकास कार्यो के लिए जरूरी धनराशि व्यवस्था करने की भी योजना तैयार की जाए। श्री अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम रायपुर क्षेत्र के राज्य शासन के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से विस्तार से चर्चा करने के बाद कार्य योजना बनाना ज्यादा कारगर होगा।
लोक निर्माण मंत्री ने प्रतिनिधि मण्डल के आग्रह पर नगर निगम रायपुर के सीमा क्षेत्रों के वार्डो में सड़क निर्माण के लिए अपने विभाग से जरूरी सहयोग करने का आश्वासन दिया। उन्होंने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराने का सुझाव प्रतिनिधि मंडल को दिया। प्रतिनिधि मण्डल में शामिल अनेक सदस्यों ने रायपुर नगर निगम के विभिन्न वार्डो की विभिन्न समस्याओं की ओर श्री अग्रवाल का ध्यान आकृष्ट कराया।
राज्य स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक सम्पन्न
स्कूल शिक्षा एवं लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में राज्य स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक हुई। बैठक में श्री अग्रवाल ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के जलाशयों में जल भराव अच्छा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और तरक्की के लिए रबी फसलों के लिए प्रस्तावित रकबे की लक्ष्य 94 हजार चार सौ हेक्टेयर को बढ़ाकर एक लाख हेक्टेयर से अधिक निर्धारित करने और रबी फसलों में दलहन-तिलहन फसलों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में राज्य के जलाशयों में उपलब्ध जलभराव स्थिति की भी समीक्षा की गई। श्री अग्रवाल ने कहा कि सिंचाई जलाशयों में जलभराव क्षमता के अनुसार रबी फसलों की सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने दलहन-तिलहन फसलों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए एक विकासखण्ड का चयन करने का भी सुझाव दिया। बैठक मेें गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री ननकीराम कंवर, कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, विधायक द्वय श्री भजन सिंह निरंकारी, श्री परेश बागबाहरा, श्री ताम्रध्वज साहू, श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, श्री अग्नि चंद्राकर, श्री देवजी भाई पटेल, श्री शिवराज सिंह उसारे, श्री लेखराम साहू, श्रीमती निलीमा सिंह टेकाम, श्रीमती अम्बिका मरकाम एवं श्री नंदकुमार साहू, सचिव जल संधासन श्री सी.के. खेतान, रायपुर संभागायुक्त श्री मनोहर पाण्डेय सहित जल संसाधन एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सहकारिता मंत्री श्री कंवर ने रबी फसलों के लिए रायपुर जिले में प्रस्तावित सिंचाई रकबा 15 हजार 160 हेक्टेयर को बढ़कर दोगुना करने का सुझाव दिया। कृषि मंत्री श्री साहू ने जांजगीर-चांपा जिले में रबी फसलों में गीष्मकालीन धान का रकबा बढ़ाने का सुझाव दिया। श्री साहू ने भी दलहन-तिलहन फसलों पर विशेष जारे देते हुए कहा कि नकदी फसलों से किसानों के आय का साधन बढ़ेगा। उन्होंने कृषि कार्यों में नयी तकनीकी अपनाने तथा केन्द्र सरकार द्वारा कृषि विभाग को लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 67 करोड़ रूपए की राशि मंजूर किये जाने की जानकारी दी। बैठक में कबीरधान एवं धमतरी जिलों में प्रस्तावित ग्रीष्मकालीन धान के अलावा बाकी रबी फसल लेने सहित कई अन्यसुझाव भी दिए गए।
बैठक में सचिव जल संसाधन श्री खेतान ने कहा कि समिति द्वारा दिए गए सुझावों एवं निर्देशों का पालन किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आहूत की जाएगी। उन्होंने चालू खरीफ मौसम 2010-11 में निर्धारित सिंचाई लक्ष्य 12 लाख 95 हजार 377 के विरूध्द आज की स्थिति में 10 लाख 20 हजार 197 हेक्टेयर क्षेत्र में अनुमानित उपलब्धि हासिल कर लेने की जानकारी दी। प्रमुख अभियंता जल संसाधन श्री बी.एल.राय ने भी रबी फसलों के लिए प्रस्तावित जिलेवार सिंचाई क्षेत्रों की जानकारी दी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल से आज यहां उनके शंकर नगर स्थित निवास पर झारखण्ड की पर्यटन मंत्री श्रीमती विमला प्रधान ने सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मंत्रियों के बीच दोनों राज्यों के पर्यटन आकर्षणों तथा राज्य सरकारों द्वारा पर्यटन विकास के लिए किए जा रहे कार्यो के संबंध में चर्चा हुई। श्री अग्रवाल ने शंकर नगर स्थित निवास पहुंचने पर श्रीमती प्रधान का आत्मीय स्वागत किया।
पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने श्रीमती प्रधान को बताया कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, धार्मिक और पुरातात्विक पर्यटन स्थलों से परिपूर्ण राज्य है। राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ में अन्य क्षेत्रों के समान पर्यटन विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पर्यटन विकास के लिए गए कार्यो के फलस्वरूप आज छत्तीसगढ़ भी विश्व के पर्यटन मानचित्र में स्थापित हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के एक सौ से अधिक पर्यटन केन्द्रों को चिन्हांकित कर वहां पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। श्री अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिध्द धार्मिक नगरी राजिम के त्रिवेण्ाी संगम पर हर वर्ष माघ पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले 15 दिवसीय परम्परागत राजिम मेले को भव्य स्वरूप दिया गया है। पिछले पांच साल में यह मेला देश-विदेश में राजिम कुम्भ मेला के रूप में प्रसिध्द हुआ है। माघ पूर्णिमा से महाशिव रात्रि तक चलने वाले इस मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में साधु-संतों का आगमन होता है।
झारखण्ड की पर्यटन मंत्री श्रीमती प्रधान ने चर्चा में अपने राज्य के प्रमुख पर्यटन केन्द्रों का जिक्र करते हुए बताया कि झारखण्ड की राजधानी रांची के आस-पास अनेक सुन्दर जल प्रपात हैं। झारखण्ड में देवधर बाबा दर्शन श्रावण्ाी मेला प्रमुख धार्मिक पर्यटन के रूप में स्थापित है। एक सर्वे के अनुसार इस मेले में हर वर्ष एक करोड़ के लगभग श्रध्दालु इस मेले में आते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रसिध्द त्रिकुट पहाड़ को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां पर्यटकों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के उप महाप्रबंधक श्री पी. सेनभौमिक और झारखण्ड के पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल से आज यहां उनके निवास पर छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट कर अपनी एकसूत्रीय मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में संघ के प्रांताध्यक्ष श्री सी.एल. साहू सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधि मंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में श्री अग्रवाल से शिशु शिक्षा केन्द्रों की शिक्षिकाओं और सहायिकाओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के पद पर लेने के लिए समुचित पहल करने का आग्रह किया गया है।
प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि शिशु शिक्षा केन्द्रों में शिक्षिकाएं वर्ष 95-96 से कार्यरत हैं। उस समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति के लिये न्यूनतम योग्यता आठवीं उत्तीर्ण थी, किन्तु वर्ष 2008 में इसके लिए शैक्षणिक योग्यता 12 वीं उत्तीर्ण कर दी गयी है। जिसके कारण आठवीं एवं दसवीं उत्तीर्ण शिक्षिकायें अपात्र हो रही है एवं शासन की मंशा के अनुसार इनको आंगनबाड़ी केन्द्रों में नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने मांग की है कि शिक्षा गारंटी गुरूजी की तरह शिशु शिक्षा केन्द्र की शिक्षिकाओं को भी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने दो वर्ष का समय दिया जाए अथवा नए स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्रों में शिशु शिक्षा केन्द्रों की शिक्षिकाओं और सहायिकाओं का संविलियन किया जाना चाहिए।
रायपुर, 5 नवम्बर। धन-ऐश्वर्य-सम्पदा की अधिष्ठात्री महालक्ष्मी की कृपा-आशीर्वाद पाने के लिए दीपावली पर हर आंगन का कोना-कोना रोशन होगा।
दीयों की झिलमिलाती रोशनी से अंधकार कोसों दूर रहेगा। दुल्हन की तहर सजा रायपुर आज दिवाली की सतरंगी खुशी से लबरेज हैं।
अच्छी बरसात के बाद जमाने की आस ने दिवाली में चार चांद लगा दिए है। खरीददारी के बाद आज मां लक्ष्मी के स्वागत में तन-मन की सुंदरता निखारी जा रही है। महिलाओं की हथेलियां सुर्ख मेहंदी की सौंधी महक बिखेर रही है।
रूप चौदस पर कुछ सम्प्रदाय की महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी शरीर पर उबटन लगाया। धार्मिक मान्यता है इससे दरिद्रता दूर होकर शुभ लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।आज भी कुछ समय के लिए चतुर्दशी है। शाम को दीपक जलाएं जाएंगे। घर के अंदर-बाहर, रास्तों, मंदिर में दीपक जलाएं जाएंगे।
सवेरे अरुणोदय स्नान किया जाएगा। मंदिरों में दीपावली की तैयारियां पूरी हो चुकी है। लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पांच नवम्बर को प्रदोष काल में अमावस्या होने से दीपावली इसी दिन मनाई जाएगी। लक्ष्मीपूजन स्थित लग्न नवमांश में किया जाएगा। यह सर्वश्रेष्ठ समय शाम 6.28 से 6.41 बजे तक रहेगा। इसमें प्रदोष काल स्थितर वृक्ष लग्न और कुम्भ का स्थिर नवमांश रहेगा।
आएगी चांदी में मंदी, बाजार में तेजी: ज्योतिषाचर्य शास्त्री जी के अनुसार तीन नवम्बर को वक्री सूर्य का उदय होगा। सूर्य तथा गुरु से दृष्टित रहना चांदी में मंदी को ओर बढ़ाएगा। पांच नवम्बर को बुध का वृश्चिक राशि में प्रवेश होकर मंगल से राशि संबंध बनाना तथा शनि से दृष्टित होना बाजार में तेजी की तरफ ले जाएगा। छह नवम्बर को सर्यू का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश कर कृतिका, अनुराधा, धनिष्ठा नक्षत्र को वेधना भी सोने के बाजार में तेजी की लहर को और बढ़ाएगा।
इसी दिन शुक्र का चित्रा नक्षत्र को बेधना भी बाजार में तेजी का संकेत दे रहा है। सात नवम्बर को बुध का अनुराधा नक्षत्र में आकर अश्लेषा नक्षत्र को बेधना तथा इसी दिन नेफ्च्यून ग्रह का मार्गी होना भी बाजार में बदलाव का योग बना रहा है।
दीपावली पर बचे शनि की अशुभ दृष्टि से: शनिवार की अमावस्या को हनुमानजी की आराधना करके शनि की अशुभ दृष्टि से बचा जा सकता है। वे जातक जिनके साढ़े साती छैया चल रही है। उनके लिए यह दुर्लभ संयोग है। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड के पाठ श्रेष्ठ रहेंगे। विग्रह को सिंदूरी चौला धारण करवाए। अमावस्या अपराह्न तीन बजकर तीन मिनट से प्रांरभ होगी।
अन्य मुहूर्त इस प्रकार है
प्रदोष काल शाम 5.38 से रात्रि 8.15 तक
स्थिर वृक्ष लग्न शाम 6.16 से 8.13 तक
स्थिर सिंह लग्न मध्य रात्रि 12.46 से 3.02 तक
लाभ का चौघडिय़ा रात्रि 8.54 से 10.32
शुभ अमृत-चर का चौघडिय़ा-मध्यरात्रि 12.11 से 5.5 तक
श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज दिपावली के शुभ अवसर राज्य की जनता को बधाई देते हुए कहा कि दिपोत्सव का यह पर्व राज्य के लोगों के जीवन में खुशहाली लाये तथा उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो।










































