राज्य सरकार ने महानदी,सोंढूर और पैरी नदियों के संगम पर छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द तीर्थ राजिम में माघ पूर्णिमा से महाशिरात्रि तक लगने वाले पन्द्रह दिवसीय वार्षिक मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस सिलसिले में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां मंत्रालय स्थित अपने कक्ष में विभागीय अधिकारियों की पहली बैठक ली और राजिम मेला 2011 के लिए जरूरी तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि राजिम मेले को विगत पांच वर्षों से भव्य स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 2011 छठा वर्ष होने के कारण राज्य सरकार ने इस मेले को अर्ध राजिम कुंभ के रूप में आयोजित करने का निण्र्ाय लिया है। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में अगले साल राजिम कुंभ के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं और अच्छे ढंग से करनी होगी। बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव श्री सुब्रत साहू, आयुक्त संस्कृति और पुरातत्व श्री राजीव श्रीवास्तव तथा उप-महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री पी. सेनभौमिक सहित इन विभागों के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने राजिम कुभ 2011 के लिए विभिन्न समितियों के गठन की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ मेले की ख्याति अब देश-विदेश में फैल चुकी है। राजिम कुंभ अब हर साल भव्यता के साथ आयोजित होगा। इसके लिए एक वैधानिक संस्था बनाने की जरूरत है, ताकि राजिम कुंभ के आयोजन की गतिविधियां पूरे वर्ष भर चल सके। श्री अग्रवाल ने इसी सिलसिले में अधिकारियाें को राजिम कुंभ मेला प्राधिकरण गठित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने राजिम कुंभ मेले के लिए साधु-संतों को आमंत्रित करने अभी से कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। राजिम कुंभ मेले की तैयारी शुरू करने के लिए पर्यटन और संस्कृति विभाग के अधिकारियों की चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राजिम कुंभ मेला अगले साल माघ पूर्णिमा 18 फरवरी से शुरू होकर महाशिवरात्रि दो मार्च तक चलेगा।


