Wednesday, February 22, 2012

DSC 0977 राजिम अर्द्धकुंभ महापर्व पर विधानसभा सदस्यों ने लिया साधु संतों का आर्षीवादDSC 0967 राजिम अर्द्धकुंभ महापर्व पर विधानसभा सदस्यों ने लिया साधु संतों का आर्षीवादDSC 0982 राजिम अर्द्धकुंभ महापर्व पर विधानसभा सदस्यों ने लिया साधु संतों का आर्षीवाद

कुंभ का विरोध कभी नहीं करेंगे: धर्मजीत सिंह

विजया एकादषी पर निर्विघ्न संपन्न हुआ तीसरा स्नान पर्व

रायपुर. राजिम-अर्द्धकुंभ में विधानसभा के पक्ष व प्रतिपक्ष के विधायकों ने आज एक स्वर में साधु-संतों से राज्य की षांति, समृद्धि और विकास के लिये आर्षीवाद मांगा. दूसरी ओर, ब्रहृम मुहुर्त में विजया एकादषी का स्नान पर्व भी सम्पन्न हुआ जिसमें दूरदराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने सपरिवार त्रिवेणी संगम में स्नानकर पुण्य लाभ हासिल किया.

धर्म, संस्कृति और समाज का संगम ’राजिम अर्धकुंभ महापर्व 2011‘ अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है इसीलिये आज विधानसभा के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौषिक व संसदीय कार्यमंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के साथ राजिम-कुंभ का प्रवास किया और भगवान राजीवलोचन तथा कुलेष्वर महादेव के दर्षनकर साधु-संतों का आर्षीवाद मांगा. विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौषिक ने छत्तीसगढ की षांति व समृद्धि के लिये साधु-संतों का आर्षीवाद जरूरी बताया और कहा कि इसके लिये राजिम-कुंभ एक अच्छा अवसर मिला है. उन्हांेेने कहा कि संतों की वाणी और विचार जानने से मानव जीवन तृप्त होता है.

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अग्निपीठाधीष्वर श्री रामकृष्णानंद महाराज और अतिथियों का स्वागत किया तथा साधु-संतों का आर्षीवाद मांगते हुए कहा कि देष में चार कुंभ होते रहे हैं लेकिन छत्तीसगढ में प्रतिवर्स होेने वाले कुंभ की षुरूआत हुई है जिसकी सफलता देषभर से आये साधु-संतों ने सुनिष्चित की है. हम उनके आभारी हैं.

कांग्रेस के वरिस्ठ विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने अपने प्रभावी उदबोधन में कहा कि राजिम-कुंभ का विरोध कभी नहीं होगा लेकिन इसके आयोजन में होने वाली खामियों पर ध्यान आकर्षित करना विपक्ष का धर्म है जिसका पालन हम करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि गुरू के बिना भगवान के दर्षन नहीं हो सकते इसलिए साधु-संतों का आर्षीवाद जरूरी है.

मुख्य मंच पर विषिस्ट अतिथि के रूप में मंत्री गृह एवं जेल नंनकीराम कंवर, पंचायत मंत्री रामविचार नेताम, कृषि मंत्री चंद्रषेखर साहू, उच्च षिक्षा मंत्री हेमचंद यादव, खेल मंत्री लता उसेंडी, संसदीय सचिव भैयालाल राजवाड़े, विजय बघेल, कोमल बघेल, विधानसभा सदस्य श्रीमती रजनी त्रिपाठी, प्रेमसाय सिंह टेकाम, अमरजीत सिंह भगत, जागेष्वर राम भगत, हृदयराम राठीया, रामदयाल उइके, धरमजीत सिंह, कृष्ण मूर्ति बांधी, डाॅ. हरिदास भारद्वाज, अम्बिका मरकाम, लेखराम साहू, विरेन्द्र साहू, प्रतिमा चन्द्राकर, भजन सिंह निरंकारी, डोमनलाल कोरसेवाड़ा, षिवराज सिंह सहारे, श्रीमती सुमित्रा मारकोले, सेवकराम नेताम, श्रीमती कुमारी मदनसाहू उपस्थित थे. वरिष्ठ पत्रकार और हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष रमेष नैयर तथा अमृत संदेष के संपादक गोविन्दलाल वोरा उपस्थित थे.

प्रामुख साधु-संतो ंके तौर पर अग्नि पीठाधीष्वर आचार्य महामंडलेष्वर श्री रामकृष्णानंद जी महाराज अमरकंटक, राजगुरू महामंडलेष्वर श्री स्वामी विषोकानंद जी महाराज बिकानेर, चम्पारण प्राक्टय पीठाधीष्वर श्रध्येय आचार्य श्री द्वारकेषलाल जी महाराज चम्पारण, परम श्रध्येय श्री माधवप्रियदास जी महाराज छारोड़ी गुरूकुल अहमदाबा, तंत्र सम्राट श्री बिन्दुजी महाराज हैदराबाद, बालयोगी श्री महंत षिवगीरी जी महाराज राष्ट्रीय सचिव आहवान अखाड़ा, श्री महंत हंसराम जी महाराज उदासीन भिलवाड़ा, श्री धमेन्द्रसाहेब प्रयाग, श्री जीवनानंद चैतन्य जी महाराज ओंकारेष्वर, श्री जालेष्वर महाराज अयोध्या, साध्वी प्रतिभा दीदी छत्तीसगढ़, स्वामी हनुमान उदासीन पुष्कर, श्री महंतलखनगीरी जी महाराज नीरंजनी अखाड़ा, श्री राधेस्वरूप ब्रम्हचारी प्रयाग, दंडी स्वामी रामाश्रम महाराज, दिगमंबर स्वामी प्रयाग, श्री महंत हरकेवलदास जी महाराज अंिबंकापुर तथा बाबा रामगीरी जी महाराज प्रयाग वाले उपस्थित थे.

पर्व-स्नान में हजारों ने लगाई आस्था की डुबकी

राजिम-कुंभ का तीसरा स्नान पर्व आज विजया एकादषी के दिन निर्विघ्न संपन्न हुआ. श्रद्धालुओं में क्या महिलायें, क्या बच्चे और क्या बुजुर्गजन, सभी ने संगम में स्नान किया तथा मंदिरों मंे जाकर सुख समृद्धि का आर्षीवाद मांगा. इस दौरान स्नान के लिये बने विषेष कुण्ड में पर्याप्त जल घाटों से छोड़ा गया था. पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री ने बताया कि राजिम-कुंभ का यह तीसरा पर्व स्नान था.

विजयाएकादषी समस्त एकादषी में तीसरे नम्बर की एकादषी मानी गई है जो फागुन मास के कृष्ण पक्ष में आती है. षास्त्री जी के अनुसार जो मनुष्य जीवन में विजय और सफलता की कामना चाहते हैं, उन्हें एकादषी का व्रत जरूर करना चाहिये. इसी महत्व को ध्यान में रखकर आज के पर्व स्नान में षामिल होने के लिये हजारों श्रद्धालु आसपास के ग्रामांे से राजिम पहुंचे. पर्व स्नान को लेकर राजिम-कुंभ प्रषासन ने भी संपूर्ण तैयारियां की थी जिसमें जलकुण्ड में पानी की सुनिष्चितता, साधु-संतो के आश्रमों की व्यवस्था तथा मंदिरों में भीड़ उमडने के मददेनजर सुरक्षा प्रबंध पर ध्यान दिया गया. साधु-संतों, नागा साधुओं के आश्रमों में जहां प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई थी वहीं कई आश्रमों में हवन-कुण्ड में यज्ञ और भजन आदि संपन्न हुए.

DSC 0519 विजया एकादशी पर तीसरा स्नान पर्व आजDSC 0496 विजया एकादशी पर तीसरा स्नान पर्व आज14 विजया एकादशी पर तीसरा स्नान पर्व आजDSC 0490 विजया एकादशी पर तीसरा स्नान पर्व आज 

राजिम अर्धकुंभ महापर्व 2011‘:

पुण्य लाभ उठाने पहंचे हजारों श्रद्धालु,

विजय और सफलता के लिये एकादशी व्रत जरूरी,

सांई दरबार का हिस्सा बनने उमड़े राजिम वासी 

रायपुर. धर्म, संस्कृति और समाज का संगम ’राजिम अर्धकुंभ महापर्व 2011‘ का तीसरा स्नान पर्व कल 28 फरवरी को ब्रम्हमुहुर्त में संपन्न होगा जिसका पुण्य लाभ उठाने के लिये श्रद्धालुओं का सपरिवार दूरदराज से राजिम पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा. दूसरी ओर, पर्यटन व संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने स्नान-पर्व की तैयारियों का जायजा लिया तथा संत समागम से लेकर श्रद्धालुओं के आवास, भोजन, प्रसाद व अन्य तैयारियों के साथ-साथ राजिम-कुंभ स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया. 

राजिम के विद्वान पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री ने बताया कि राजिम-कुंभ का यह तीसरा पर्व स्नान है. कल की विजया एकादशी समस्त एकादषी में तीसरे नम्बर की एकादशी मानी गई है जो फागुन मास के कृष्ण पक्ष में आती है. शास्त्री जी के अनुसार जो मनुष्य जीवन में विजय और सफलता की कामना चाहते हैं, उन्हें एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिये. इसी महत्व को ध्यान में रखकर कल के पर्व स्नान में शामिल होने के लिये देर रात हजारों श्रद्धालु आसपास के ग्रामों से राजिम पहुंचे और उनके आने का सिलसिला जारी था. पर्व स्नान को लेकर राजिम-कुंभ प्रशासन ने भी संपूर्ण तैयारियां की जिसमें जलकुण्ड में पानी की सुनिश्चितता, साधु-संतो के आश्रमों की व्यवस्था तथा मंदिरों में भीड़ उमडने के मददेनजर सुरक्षा प्रबंध पर विशेष ध्यान रखा गया है.

उफान पर श्रद्धालुओं की भीड़

राजिम-कुंभ की रौनक आज शबाब पर थी. रविवार अवकाश् का दिन होने से अंचल भर के ग्रामीण एवं शहरी दर्शकों की भीड़ दोपहर तीन बजे से महोत्सव स्थल, मेला परिसर तथा श्रीराजीवलोचन मंदिर व कुलेश्वर उठे थे, लेकिन अब बढ़ रही भीड़ ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है. फिंगेश्वर, बोरसी, कोपरा, पांडुका, दूर्ग, भिलाई आदि से आये व्यापारियों ने बताया कि उन्हें सिर्फ दो दिनों में ही अपने सामानों की अतिरिक्त पूर्ति करनी पड़ी, उन्हें रायपुर राजधानी आदि से अपने खत्म हुये स्टाक मंगाने पड़े. दोनों प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं ने देर शाम तक भगवान के दर्शन किये.

 राजिम में दिखी भगवान राम की ‘लीला‘

राजिम कुंभ के मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा के तहत आज सांस्कृतिक संध्या में  लोहारा के पंडवानी गायक प्रहलाद निषाद, भजन भगत साहू गीत भजन बाबी मण्डल रायपुर, लोकमंच खुमान साव, चंदैनी गोंदा राजनांदगांव, नृत्य गीत दीपाली पांडे रायपुर, लोकमंच दिनेष साहू, मोर मयारू माटी गुंजैरा, भजन कांतिलाल बरलोटा रायपुर, नृत्य पं. राम शैला सरगुजा, नाचा मोहन साहू झिंटपाटन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का हिस्सा बने. सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण  भगवान राम की लीला पर आधारित महानाट्य लाईट एंड साउण्ड के कार्यक्रम ने खूब रंग जमाया. लेखक सुधाकर बख्शी के अनुसार यह प्रस्तुति एक प्रयास है भगवान राम और उनके महान आदर्षो से पुनः परिचय करने का. तत्कालीन राम को पाकर ही हम संभवतः हमारी खोई हुई अस्मिता, प्रतिष्ठा तथा सांस्कृतिक गरिमा को प्राप्त कर सकते है. सबसे प्रभावी प्रस्तुति रामायणकालीन इतिहास तथा तत्कालीन संस्कृति और सभ्यता का पर आधारित महानाटक रहा. लाईट एण्ड साउंड षो के प्रभाव व कलाकारों के अभिनय ने इस कदर प्रभावी किया कि एकबारगी लगा कि मानो भगवान राम स्वयं धरती पर उतर आये हों.

पूरे शहर ने किये सांई बाबा के दर्शन

श्री सांई सेवा संस्थान राजिम के तत्वाधान में आज दोपहर 3 बजे शिरडी सांई दरबार से निकली सांईबाबा की पालकी यात्रा का आनंद उठाने व आशिर्वाद लेने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. पालकी यात्रा सांई दरबार से निकलकर गरियाबंद मार्ग होते हुए बस स्टैंड, मेला मैदान, गौरवपथ से व्ही.आई.पी. मार्ग होते हुए षहर में  भ्रमण किया कुलेष्वर महादेव मंदिर श्रीराजीवलोचन मंदिर से होकर वापस सांई दरबार पहुंचा. इसके बाद सांईबाबा की विशेष  पूजा अर्चना की गई. पालकी यात्रा के दौरान जगह-जगह नगरवासियों ने पूजा अर्चना किया तथा सांई भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया. पालकी यात्रा में सांई सेवा संस्थान के मोहन ठाकुर, लाला साहू, लालचंद मेद्यवानी, मुकेश् सोनकर, सुनील श्रीवास्तव, राकेश् गुप्ता, प्रदीप जैन, संजीव ठाकुर, बंधु साहू सहित अनेक लोग शामिल हुए. आरती के बाद शाम को राऊरकेला के भजन गायक लालजी भाई का भजन सुनने भारी भीड़ लगी रही.

प्रवचनों ने बहुत कुछ सिखाया

संत समागम में श्रद्धालुओं को अपने आध्यात्मिक ज्ञान को बढाने के कई अवसर प्राप्त हो रहे हैं. ज्ञानी साधु-संतों को सुनने और समझने के लिये श्रद्धालु सपरिवार सहित दरबार में हाजरी लगाते देखे जा सकते हैं. वैसे आज पाण्डोखर सरकार के दरबार का समापन हो गया. इस अवसर पर गुरूशरण महाराज ने सम्बोधित करते हुए कहा कि विपदा से घबराने की जरूरत नहीं बल्कि उसका हिम्मत के साथ सामना करें. जीवन में सुख और दुख, धूप छांव की तरह है जो समय-समय कर व्यक्ति को जीवन में कर्म के प्रभाव से प्रभावित करते हैं.

संत समागम स्थल पर ही अखिल भारतीय धर्म मर्मज्ञ स्वामी राजीवनयन महाराज ने अपने विशाल  डोम में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को धर्म संदेश  देते हुए कहा कि धर्म, जनकल्याण के लिए होना चाहिए. धर्म का संदेष गूंजना चाहिए तथा उस संदेश को मानव को अपने जीवन में उतारकर सद्ाचरण कर कलयुग के भवसागर से पार होने का प्रयत्न करना चाहिये. राजीव नयन महाराज ने कहा कि दोष व गुण मानव के जीवन का रूप है. बिना दोष के अच्छाइयों का महत्व नहीं होता. भगवान श्रीराम मर्यादा पुरूषोत्तम अपने धर्मपालन के रूप कहलाये, वहीं रावण महापण्डित होने के बावजूद अधर्मी व पापी कहलाया।

आज की सांस्कृतिक झलकियां

कुंभ के सांस्कृतिक मंच पर कल 28 फरवरी को दुर्ग की कुमारी देवी निषाद की पंडवाणी, मथुरा की गीतांजली षर्मा को होली मयूर नृत्य, कोलकाता की सीमा घोष की पंडवाणी, मानभौरा के लालजी श्रीवास का लोकमंच, रायपुर की ममता चंद्राकर का लोकमंच, बिलासपुर की सुमेधा चटर्जी लाहिड़ी का भजन, गरियाबंद के मोहित मोगरे का नृत्य, बिलासपुर के हिलेन्द्र ठाकुर का लोकमंच और मर्यादा पुरूषोत्तम लाईट एण्ड साउंड का महानाटय का लाभ श्रोता उठा सकेंगे.

jp nadda in rajim kumbh भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी श्री जगतप्रकाश नडृडा पहुंचे राजिम कुंभ

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‘कुंभ से रचनात्मक शक्ति मिलती है‘

‘राजिम अर्द्धकुंभ महापर्व 2011‘

रायपुर. भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी श्री जगतप्रकाष नडृडा का मानना है कि कुंभ के दर्षन करने से मन से ऋणात्मक षक्ति का हास और रचनात्मक षक्ति का विकास होता है. छत्तीसगढ़ भाग्यषाली है कि उसे राजिम-कुंभ के माध्यम से साधु-संतों का आर्षीवाद प्राप्त हो रहा है. श्री नड्डा, आज ‘राजिम अर्द्धकुंभ महापर्व‘ पर मुख्य मंच से संबोधित कर रहे थे. उनके साथ भाजपा के प्रकोष्ठ प्रभारी महेन्द्र पाण्डे भी मंच पर मौजूद थे.

श्री नड्डा ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों को प्रोत्साहन देने की जरूरत है. भाजपा की रमन सरकार धर्म के प्रति जागरूक है और ऐसे आयोजनों में रूचि लेते रही है. संभवतः यही राजिम-कुंभ की सफलता का राज है. समारोह की षुरूआत अतिथियों के स्वागत से हुई. पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने साधु-संतों व अतिथियों का स्वागत पुष्पहार से किया. अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि राजिम-कुंभ देषभर में छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुका है और यह छत्तीसगढ़वासियों का सौभाग्य है कि उन्हें संतों का आर्षीवाद प्राप्त हुआ है. भाजपा के प्रकोष्ठ प्रभारी महेन्द्र पाण्डे ने राजिम-कुंभ को देव-धरती बताया और खुद को हिस्सा लेने के लिये सौभाग्यषाली माना तथा राजिम-कुंभ की सफलता की कामना की. इस अवसर पर षदाणी दबार के गुरू युधिस्ठिर महाराज और राज्य भंडार निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज उपस्थित थे.

नागा साधुओ की ‘पेशवाई‘ ने दिल जीता

राजिम अर्धकुंभ में पधारे नागा साधुओं की पेषवाई आज 26 फरवरी को अपने अराध्य देव के सम्मान में निकली. श्री दत्तात्रय मंदिर राजिम से निकली षोभायात्रा अपरान्ह 12 बजे से भव्य बाजे गाजे आतीष बाजी एवं अस्त्र-षस्त्रों से सुसज्जित होकर नगर के गरियाबंद रोड से होते हुए पं. सुदंरलाल शर्मा चैक बस स्टैण्ड पहंुची. वहां नागा साधुओं ने अपने शौर्य का प्रदर्षन भी किया. हाथों में तलवार, कटार, त्रिषुल, बक्र्षी, डंडे से नागा साधुओं ने बस स्टैण्ड तथा चैक चैराहों में जमकर शौर्य प्रदर्षन किया जिसे देखने देष के कोने-कोने से आये लाखों श्रध्दालू एवं भक्तगण उमड़ पड़े. मेले में देखा गया कि संतो की कृपा लेने पहुंचे लोगों ने नागा साधुओं की आरती उतारी तथा आषीर्वाद भी लिया,. नागा साधुओं की यह पेषवाई देखती ही बनती थी. हर-हर महादेव की गूंजे तथा भगवान दत्तात्रय के जयकारे से पुरा नगर भक्तिमय हो गया. इस दौरान संस्कृति विभाग के प्रताप पारख व पूलिस प्रषासन के नवापारा थाना प्रभारी ओ.टी. नारायण, राजिम थाना प्रभारी आर.के. दुबे बाज पूलिस एवं बी.एस. के दर्जनों जवान उनकी सुरक्षा व्यवस्था में दुरूस्त दिखे.

असंग साहेब एवं राजीव नयन राजिम पहुंचे .

संत समागम स्थल पर कबीर पंथ के असंग साहेब के प्रवचन, राजीव नयन महाराज की भागवत कथा एवं बाबा बालकदास के अन्नपूर्णा महायज्ञ में षामिल होने दूर दूर से लोग पहुंच रहे है. आज षाम को संत समागम स्थल पर कबीर के भजनो एवं गीतो पर आधारित प्रवचन देकर श्रद्धालुओं का मार्गदर्षन किया. असंग साहेब से मिलने उनके भक्त दूर-दूर से उनके आश्रम में पहुंचकर मुलाकात कर रहे हैं. प्रख्यात श्रीमद्भागवत कथा वाचक राजीव नयन महाराज वृंदावन से राजिम पहुंचे. अर्धकुम्भ के नौवे दिन आज दोपहर 12 बजे नागा साधुओं ने अराध्य देव श्री दत्तात्रेय भगवान का आहवान कर उन्हे षाही स्नान हेतु आमंत्रण देने राजिम नगर में भव्य रैली निकाली जिसमें विभिन्न अखाड़ों के नागा साधुओं ने अपने-अपने करतब दिखाकर लोगो को चकित कर दिया. तलवार, कटार, त्रिषुल, डंडे से नागा साधुओं के षौर्य प्रदर्षन से देखने लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा. हर हर महादेव के नारे लगाते लागा साधुओं का दल लोमषऋषि आश्रम पहुंचा और अपने इष्ट देवता की स्थापना की.

गौमाता प्रदर्शनी में हुआ ‘चमत्कार‘

राजिम कुंभ स्थल में श्रीकुलेष्वर नाथ महादेव मंदिर के सामने गौ माता पर लगी चित्र प्रदर्षनी में अजीब चमत्कार हुआ. गौमाता प्रदर्षनी स्थल में उस समय बड़ा ही अद्भूत चमत्कार हो गया जब एक गाय ने अपने बछड़े को यहां पर जन्म दिया. दोनों ही इस वक्त पूर्णतः स्वस्थ र्है. यह भगवान राजीव लोचन व श्रीकुलेष्वर नाथ महादेव का ही आषीर्वाद है कि गौमाता प्रदर्षनी मे स्वयं गौमाता प्रगट हुुई है वो भी अपने बछड़े के साथ, यह चमत्कार नहीं तो और क्या है. जब कोई सेवक सच्चे मन से किसी की सेवा करता है, सेवा में रम जाता है ऐसे में कोई चमत्कार हो जाये तो यह कोई आष्चर्य से कम नहीं है. गाय द्वारा अपने बछड़े को जन्म देना इसी बात का प्रमाण है. प्रदर्षनी का उदघाटन पुरी पीठाधीष्वर जगत्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्री निष्चलानंद जी सरस्वती के हाथों हुआ था.

बृजमोहन को ‘गुरूचरण सेवा शिरोमणी‘ की उपाधि

श्री चक्र महामेरू पीठ् के आश्रम में देषभर से आए साधु-संतों ने पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को गुरूचरण सेवा षिरोमणी की उपाधि से अंलकृत किया है. पीठ के संचालक महामण्डलेष्वर दण्डी स्वामी महाराज ने बताया कि राजिम-कुंभ में जिस तरह संतों का सम्मान हो रहा है और उनका ख्याल रखा जा रहा है, उसे देखते हुए श्री बृजमोहन जी को यह उपाधि देने का निर्णय हुआ. देर षाम को संतो व महात्माओं की सहमति व उनके आर्षिवाद से इस कुंभ के प्रणयता पयर्टन व धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को गुरूचरण सेवा षिरोमणी की उपाधि से अंलकृत करने का फैसला लिया गया जिसे सभी धमाचार्यो ने स्वीकार किया. आज के इस सम्मेलन में बिन्दुजी महाराज, पंडोखर सरकार, महामण्डलेष्वर स्वामी देवानंद गिरी, महामंत्री महंत ईष्वरदास, डाॅ. स्वामी रामेष्वरदास,, बालयोगी रामबालकदास पाटेष्वरधाम आदि उपस्थित थे. इस अलंकरण के बाद ज्योतिष वास्तुतंत्र अध्यात्म धर्म महासम्मेलन आयोजित किया गया जिसमंे देष भर से आए साधु संतो ने ज्योतिष एवं अध्यात्म पर चर्चा की. ज्योतिष को लेकर लोगों के भ्रम को दूर करने व उसकी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणीकरण के विषय पर चर्चा हुई.

भजनों की सुरमयी शाम

राजिम कुंभ के मुख्य मंच पर देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला पेष की गई जिसमें अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए लेकिन रायपुर के अनूज रंजन पाण्डेय द्वारा पेष बस्तर बैण्ड व बेंगलूरू से आये आर्ट आॅफ लिविंग के अंकित बत्रा के भजनों ने भक्ति और संगीत से सजी ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रद्धालु कुर्सियों पर जमे रहे. इसी तरह पलारी के अर्जुन सेन की पंडवानी, रायपुर के भारती बंधु का भजन, रायपुर के अनूप रंजन पाण्डे का बस्तर बैण्ड, रायपुर के तेजराम साहू का लोकमंच, बिलासपुर के रामावतार चंद्राकर का लोकमंच, रायपुर की महुआ मजूमदार की नृत्य नाटिका, स्वर्णा दिवाकर का जगराता, खैरागढ़ के षंकर भोला नाच पार्टी का नाचा और मर्यादा पुरूषोत्तम लाईट एण्ड साउंड का महानाट्य सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण रहा.

आज के सांस्कृतिक आकर्षण

राजिम कुंभ के मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा के तहत कल 27 फरवरी को लोहारा के पंडवानी गायक प्रहलाद निषाद, भजन भगत साहू गीत भजन बाबी मण्डल रायपुर, लोकमंच खुमान साव, चंदैनी गोेंदा राजनांदगांव, नृत्य गीत दीपाली पांडे रायपुर, लोकमंच दिनेष साहू, मोर मयारू माटी गुंजैरा, भजन कांतिलाल बरलोटा रायपुर, नृत्य पं. राम शैला सरगुजा, नाचा मोहन साहू छिंट पाटन, महानाट्य मर्यादापुरूषोत्तम लाईट एंड साउण्ड के कार्यक्रम पेष होंगे.

DSC 0100 आस्था की डुबकी लगाने उमड़े श्रद्धालु

बिना किसी विघ्न बाधा के संपन्न हुआ दूसरा स्नान पर्व
नागा साधुओं की ‘पेशवाई‘ आज

रायपुर. उल्लास और श्रद्धा मन में संजोये लाखों श्रद्धालुओं ने आज ‘राजिम अर्धकुंभ महापर्व 2011‘ के दूसरे स्नान पर्व पर त्रिवेणी संगम मंे डुबकी लगाई तथा मंदिरों में पूजा-अर्चना कर भगवान राजीवलोचन व कुलेष्वर महादेव के दर्षन कर सुख-समृद्धि का आर्षीवाद मांगा. वहीं दूरदराज से आये साधु-संतों और नागा बाबाओं ने ब्रहम मुहुर्त में ही स्नान कर पुण्य-लाभ कमाया. दूसरी ओर कल नागा साधुओं की ‘पेषवाई‘ आकर्षण का केंद्र होंगी.
उल्लेखनीय है कि जानकी जयंती के दिन ‘राजिम कुंभ‘ में दूसरा स्नान पर्व होता है. मान्यता है कि यह दिन मां जगदम्बा जानकी के प्राकट्य की पावन तिथि है. आज के दिन मिथिला नरेष राजा जनक के खेत में हल से भूमि के जोते जाने के समय उसके सीत से स्पर्ष करके जो देवी प्रकट हुईं उन्हंें सीता कहा गया और जनकदुलारी होने से ये मां जानकी के नाम से जानी जाती हैं. इसी किवदती को मान्यकर पौराणिक काल से जानकी जयंती मनाई जा रही है. इसी तादात्मय में आज का स्नान पर्व बिना किसी विध्न बाधा के साथ संपन्न हुआ. राजिम कुंभ प्रषासन द्वारा सुरक्षा के चाक चैबंद प्रबंध किये गये थे.
आश्रमों में उमड़े श्रद्धालु
स्नान के लिये बने विषेष कुण्ड में पर्याप्त जल घाटों से छोड़ा गया था. श्रद्धालुओं में क्या महिलायें, क्या बच्चे और क्या बुजुर्गजन, सभी ने संगम में स्नान किया तथा मंदिरों मंे जाकर सुख समृद्धि का आर्षीवाद मांगा. साधु-संतों, नागा साधुओं के आश्रमों में जहां प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई थी वहीं कई आश्रमों में हवन-कुण्ड में यज्ञ और भजन आदि संपन्न हुए. दूसरी ओर चंपारण्य में साधु-संतों की प्रवचन माला जारी रही. संत बालकदास महाराज के आश्रम सहित संत प्रेमादास जी महाराज दण्डी स्वामी तीर्थ महाराज, बालकदास महाराज, हरिसंतोषानंद महाराज, अनुसूइयादास महाराज, सालिगदास महाराज, रामदास महाराज, बद्रीप्रसाद महाराज, योगेन्द्रदास महाराज, हरिसंतोषानंद महाराज, पन्डोखर सरकार आदि के दरबार में श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी और प्रवचन का लाभ उठाया. पण्डोखर महाराज ने अपने आश्रम में देषभर से आये आचार्य, महामण्डलेष्वरों एवं साधु-संतों का पुष्पमाला पहनाकर व दक्षिणा भेंटकर उनका सम्मान आर्षीवाद ग्रहण किया.
कल नागा साधुओं की पेषवाई
देषभर से आये नागा साधुओं के दर्षन यदि आपको करने हैं तो राजिम-कुंभ में कल 26 फरवरी को दोपहर 12 बजे निकलने वाली पेषवाई में षामिल हों. दषनाम जूना अखाडा बडा हनुमान घाट काषी के कोतवाल बसंत पुरी ने बताया कि अपने गुरू के सम्मान में नागा साधु ‘पेषवाई’ निकालते हैं जिसके अंतर्गत भगवान दत्तात्रय जो तीनों देवताओं ब्रम्हा, विष्णु, महेष के प्रतीक और नागा साधुओं के इष्ट देवता हैं, की मूर्ति लोमस ऋसि आश्रम में स्थापित की जायेगी. उल्लेखनीय है कि महाषिवरात्रि के दिन होने वाले षाही स्नान में सर्वप्रथम गुरू का स्नान होता है तत्पष्चात नागा साधु स्नान करते है. दूसरी ओर आज राजिम’-अर्द्धकुंभ में नागा साधु एवं साध्वियों का एक दल जिसमें चालीस से ज्यादा नागा साध्वियां षामिल हैं, नेपाल, बंगाल, काषी और अयोध्या से आज यहां पहंुची जो अगले षाही स्नान तक यहां रहेगी. एक बातचीत में उन्होंने बताया कि अभी तक देषभर में चार महाकुंभों के बारे में देखा-सुना था लेकिन राजिम-कंुभ में पहली बार पहुंचे हैं.
सांईबाबा की षोभायात्रा आज
कल 27 फरवरी को श्री षिरडी सांई दरबार से दोपहर एक बजे सांई बाबा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जायेगी जो बस स्टैण्ड से मेला मैदान गौरव पथ श्री कुलेष्वर नाथ मंदिर से राजीव लोचन मंदिर का चक्कर लगाते हुए वापस श्री षिर्डी सांई दरबार पहुंचेगी. इसी दिन सांई बाबा की विषेष पूजा-अर्चना एवं महाप्रसाद का वितरण किया जायेगा. संख्या आरती के पश्चात् 7 बजे प्रसिध्द सांई भजन गायक लालजी भाई राउर केला (उड़ीसा) की भजन संध्या आयोजित की गई है. यह भव्य आयोजन श्री षिर्डी सांई दरबार रायपुरा के प्रमुख सदस्यों के सहयोग से श्री सांई सेवा संस्थान राजिम द्वारा आयोजित किया गया है.
इलाहाबादी भजनों में डूबे रहे भक्तजन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंृखला में आज इलाहाबाद से आये भजन गायक मनोज कुमार गुप्ता ने भक्ति-सुरों की ऐसी तान छेड़ी कि श्रोता बने भक्तजन अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे हिलोरे लेते रहे. सधे हुए सुरों और मजे हुए संगतकारों ने मनोज के आधा दर्जन से अधिक देवी भजनों में जान डाल दी और दर्षक बार-बार उन्हें भजन गाने के लिये प्रेरित करते रहे. भजनों की गंगा में रायपुर के प्रषांत ठाकर भी एक छोर बने जिन्होंने उम्दा भजन पेष किये. जबकि साजा के महेन्द्र चैहान की पंडवाणी ने अंचल की कलात्मक खुषबू बिखेरी. पाटन के भारत भूषण परगनिहा ने लोकमंच पेष किया और मनेन्द्रगढ के एस. हरमहेंदर सिंह सुगम गायन, लखन यादव का राउत नाचा, मोना सेन का लोकमंच और लाटाबोर के डोमार सिंह का नाचा देर रात तक श्रद्धालुओं को लुभाते रहे जिन्होंने उनका खासा मनोरंजन किया. नागपुर के कलाकार जयप्रकाष शर्मा ने अपने प्रभावषाली आवाज के माध्यम से एक से एक भजनों की प्रस्तुति को जनता ने काफी सराहा गया. भिलाई के अष्वनी वर्मा ने अजब फासला हुआ, ये क्या हुआ जैसे गजल गाकर दर्षकों से खूब तालियाॅ बटोरी. रायपुर के भजन गायक रजत दत्ता ने भजनों की उत्कृष्ट श्रृंखला से माहौल को पूरा भक्तिमय बना दिया. राजनांदगाॅव के कलाकार शैल किरण ने विविध प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया.
संदेष देती धार्मिक झांकियां आकर्सित कर रही
कुंभ-स्थल पर लगाई गई धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं को आकर्सित कर रही है और संदेष देती प्रतीत हो रही है. विषेष तौर पर षिर्डी धाम, राम झांकी, पाताल लोक, स्वर्ग-नरक, मायानगरी, जुरासिक पार्क, अमरनाथ गुफा और गौ माता पर केंद्रित चित्रमय झांकी और प्रदर्षनी ने श्रद्धालुओं की भीड़ खीचीं है. श्री कुलष्ेवर महादेव मंदिर के सामने स्थित गौमाता की झांकी में गाय की महत्ता को प्रतिपादित किया गया है जिसका व्यवस्थापन मथुरा से पधारे संत श्री सुभाष जी महाराज देख रहे हैं. प्रदर्षनी में अतंररास्ट्रीय कृषि गौ पर्यावरण संरक्षण परिषद का सहयोग भी मिल रहा है.
बिंदुजी महाराज का षक्ति दरबार
हैदराबाद से राजिम-कुंभ में पधारे प्रख्यात तंत्र-मंत्र सम्राट योगीराज बिन्दुजी महाराज ‘‘बिन्दू’’ जी ने प्रतिवर्ष की भांति विषुध्द पंचधातु से निर्मित 21 किलो वजनी सुमेरूपीठ सिध्द तंत्रोक्त श्री यंत्र की स्थापना संत समागम क्षेत्र स्थित अपने कैम्प में पूर्व तांत्रिक विधि-विधान के साथ किया. श्रीयंत्र पीठ के साथ-साथ माॅं भगवती महाकाली की भव्य धातु निर्मित प्रतिमा दुर्लभ षिवलिंग, भगवान गणपति, भगवती महिषासुर मर्दनी, भगवान मारूतिनंदन की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ-साथ अखण्ड ज्योति की भी स्थापना की गयी है जिसके दर्षनार्थ कुंभ क्षेत्र में बिन्दुजी महाराज के कैम्प में भक्तों की भीड़ बनी रहती है। विषेष आकर्षण के रूप में प्रत्येक यात्रियों को महाराज श्री द्वारा दिव्यरूद्राक्ष प्रसाद दिया जा रहा है. महाराज श्री के दर्षनार्थ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल अपने दलबल के साथ पहुंचे और महाराज श्री के साथ-साथ मां भगवती महाकाली का आषीर्वाद प्राप्त किया. इस अवसर पर महाराज श्री के षिष्यगण मदंन सत्येन्द्रानंद उदासीन, चंडीदास उदासीन, महंत रामजी दास उदासीन के अतिरिक्त तमाम अधिकारी वर्ग उपस्थित थे.
26 फरवरी के कार्यक्रम:
पलारी के अर्जुन सेन की पंडवानी, रायपुर के भारती बंधु का भजन, आर्ट आॅफ लिविंग बेंगलूर के अंकित बत्रा का भजन, रायपुर के अनूप रंजन पाण्डे का बस्तर बैण्ड, रायपुर के तेजराम साहू का लोकमंच, बिलासपुर के रामावतार चंद्राकर का लोकमंच, रायपुर की महुआ मजूमदार की नृत्य नाटिका, स्वर्णा दिवाकर का जगराता, खैरागढ़ के षंकर भोला नाच पार्टी का नाचा और मर्यादा पुरूषोत्तम लाईट एण्ड साउंड का महानाट्य सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण होंगे.

parv snan जानकी जयंती पर दूसरा पर्व स्नान आज parv snan1 जानकी जयंती पर दूसरा पर्व स्नान आज parv snan2 जानकी जयंती पर दूसरा पर्व स्नान आज

जानकी जयंती पर दूसरा पर्व स्नान आज

’राजिम अर्धकुंभ महापर्व 2011‘:

पण्डवानी, भजन और और संतों की वाणी गूंजती रही,
देश की सांस्कृतिक एकता ने दिखाये मनमोहक रंग

रायपुर. धर्म, संस्कृति और समाज का संगम बन चुके ’राजिम अर्धकुंभ महापर्व 2011‘ का दूसरा स्नान पर्व कल 25 फरवरी को ब्रम्ह मुहुर्त में संपन्न होगा. श्री जानकी जयंती पर होने वाले इस पवित्र स्नान में दूरदराज से साधु-संत और लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है जिसकी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं. पर्यटन व संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज सम्पूर्ण तैयारियों का जायजा लिया तथा स्नान-पर्व के लिये समुचित व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिये.

राजिम-अर्द्धकुंभ के पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री ने जानकी जयंती का महत्व बताते हुए कहा कि यह मां जगदम्बा जानकी के प्राकट्य की पावन तिथि है. आज के दिन मिथिला नरेश राजा जनक के खेत में हल से भूमि के जोते जाने के समय उसके सीत से स्पर्ष करके जो देवी प्रकट हुईं उन्हंें सीता कहा गया और जनकदुलारी होने से ये मां जानकी के नाम से जानी जाती हैं। इनका विवाह भगवान श्रीराम से हुआ, अतः इस दिन को जानकी जयंती के नाम से मनाया जाता है.

पर्व स्नान की तैयारियां पूर्ण

दूसरी ओर जानकी जयंती के महत्व को देखते हुए राजिम-कुंभ आयोजन समिति द्वारा आज पवित्र पर्व स्नान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया. स्नान के लिये बने विषेष कुण्ड में भरपूर पानी का भराव सुनिष्चित किया गया तथा घाटों से पानी छोडा गया. दूरदराज से आये साधु-संतों, नागा साधुओं भक्त मण्डलियों और आसपास के गांवों से अपने परिवार के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं के निवास, प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई है वहीं दूसरी ओर प्रमुख मंदिरों सहित हवन कुण्डों को भी सजाया गया. संत समागम में तैयार हुए साधु-संतों के आश्रमों पर पहुंचे उनके षिष्यों और श्रद्धालुओं के आवास और भोजन की विषेष व्यवस्था की गई है. संत बालकदास महाराज के आश्रम पर भी उनके षिष्यों और श्रद्धालुओं की खासी भीड देखी गई.

गौ माता की झांकी और प्रदर्शनी उदघाटित हुई

कुंभ-स्थल पर आज गौ माता पर केंद्रित चित्रमय झांकी और प्रदर्शनी का उदघाटन आज पीठाधीष्वर जगतगुरू शंकराचार्य निश्‍चलानंद सरस्वती के हाथों हुआ. उन्होंने कहा कि गौमाता की सेवा करने वालों की कमी होना चिंता का विषय है. ऐसी स्थिति में जनमानस की चेतना व भावना को जागृत करने के लिये ऐसी प्रदर्शनियां और झांकी बहुत सहायक सिद्ध होगीं. श्री कुलेश्‍वर महादेव मंदिर के सामने स्थित इस झांकी में गाय की महत्ता को प्रतिपादित किया गया है जिसका व्यवस्थापन मथुरा से पधारे संत श्री सुभाष जी महाराज देख रहे हैं. इस अवसर मुख्य रूप से गौसेवक झूमरलाल टावरी, रामजी लाल अग्रवाल, टीकमदास चांडक, पं. सुभाष तिवारी, श्रीमती रत्ना देवी, स्वामी आत्मानंद, ममता शुक्ला, अवधेष सिंग, विभा तिवारी, विभा दुबे सहित गौभक्त उपस्थित थे. प्रदर्शनी में अंतराष्ट्रीय कृषि गौ पर्यावरण संरक्षण परिषद का सहयोग भी मिल रहा है.

सांस्कृतिक एकता का मनमोहक दर्षन
त्रिवेणी संगम पर स्थित मुक्ताकाशी मंच पर प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां अब उफान पर हैं. कल देर रात को छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र, उड़ीसा और मध्यप्रदेश के कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर सांस्कृतिक एकता का खूबसूरत उदाहरण पेश किया. स्थानीय कलाकारों ने आज रंगमंच पर भिलाई की उषा बारले ने पंडवाणी, भिलाई के अष्विनी वर्मा का भजन, रायपुर के मनोज सेन का लोकमंच, नागपुर के जयप्रकाष षर्मा का भजन तथा रायपुर के दिलीप ताम्रकार की नृत्य नाटिका, लिटिया सेमरिया के अजय उमरे का नाचा तथा छत्तीसगढ के मषहूर ढोला मारू भिलाई की रजनी रजक ने मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का खासा मनोरंजन किया. कल देर रात को छत्तीसगढ की अद्वितीय सांस्कृतिक हलचल पण्डवानी गायिका पद्मभूषण डाॅ. तीजन बाई ने कपालिक शैली में पण्डवानी पेश की. संगीत राग और अभिनय की त्रिवेणी तीजनबाई ने महाभारत के दुःशासन वध का दृष्य सामने रखते हुए बेहतरीन चित्रण किया. उनकी प्रस्तुति को देख-सुन दर्षक मंत्रमुगध होकर रह गये. तीजनबाई के अभिनय में साहस, करूणा, दया की भावाभिव्यक्ति दिखाई दी. अन्य प्रस्तुतियों में भिंभोरी के कलाकार अमृता साहू ने
पंडवानी गायन महाराष्ट्र के कलाकारों ने लावणी नृत्य, उड़ीसा के कलाकारों ने शेख नृत्य व सागर के कलाकारों ने राई नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्षकों कों बांधे रखा. मनेन्द्रगढ़ के कलाकार एस. हरमिंदर सिंग ने चुनिंदा भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बनाया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन सुरेष कुमार शर्मा व निरंजन साहू ने किया।

कुंभ क्षेत्र में गूंजी संतों की वाणी

राजिम-कंुंभ में पहुचे श्रद्धालुओं का विषाल मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने खासा मनोरंजन किया तो दूसरी ओर मुख्य मंच में संतों की वाणी भी गूंजी. महामण्डलेष्वर ईष्वर दास और गाजियाबाद के महंत नारायणदास महाराज ने राजिम-कंुभ को देश में हिन्दु धर्म का प्रमुख केन्द्र बताया और छत्तीसगढ सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि इस कुंभ की खासियत यह है कि साधु-संतों को पर्याप्त सम्मान मिलता है. त्रिवेणी संगम की रेत में बने विषाल डोम में पधारे दतिया स्थित श्री पंडोखरसरकार धाम के त्रिकाल प्रदर्षी संत श्री गुरूषरण जी महाराज ने कहा कि हमें संत की परीक्षा न लेकर उनका परिक्षण करना चाहिये. संतो से हमें प्रकाष मिलता है, हमारे अंदर छुपी अज्ञानता का वे समन करते हैं तथा इस अंधकार को मिटाकर ज्ञान रूपी पुंज प्रकाषित करते है. पांडोखर सरकार के दरबार में प्रातः 10ः30 बजे से कुपन (टोकन) वितरण किया जावेगा तथा दूर-दूर से आने वाले भक्तो के लिए भोग भंडारा, प्रसाद की व्यवस्था की गई है. इसी तरह संत प्रेमादास जी महाराज दण्डी स्वामी तीर्थ महाराज, बालकदास महाराज, हरिसंतोषानंद महाराज, अनुसूइयादास महाराज, सालिगदास महाराज, रामदास महाराज, बद्रीप्रसाद महाराज, योगेन्द्रदास महाराज, हरिसंतोषानंद महाराज, पन्डोखर सरकार आदि ने अपने-अपने आश्रमों में श्रद्धालुआंे को आर्षीवाद दिया.

कल 25 फरवरी की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां:

साजा के महेन्द्र चैहान की पण्डवानी, रायपुर के प्रशांत ठाकर का भजन गायन, पाटन के भरत भूषण परगनिहा का लोकमंच, इलाहाबाद के मनोज कुमार गुप्ता का भजन गायन, मनेन्द्रगढ के एस. हरमिन्दर सिंह का सुगम गायन, लखन यादव का राउत नृत्य, मोना सेन का लोकमंच, लाटाबोर के डोमार सिंह कुंवर का नाचा मुख्य आकर्षण होंगे.
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sant samagam संत समागम का शुभारंभsant samagam1 संत समागम का शुभारंभsant samagam2 संत समागम का शुभारंभ

‘राजिम अर्द्धकुंभ महोत्सव‘ के संत समागम केशुभारंभ पर संस्कृति, प्रकृति और धर्म पर हुआ चिंतन

प्रकृति और विकास के बीच संतुलन रखें: शंकराचार्य नि्श्‍चलानंद सरस्वती

रायपुर. गोवर्धन पीठाधीष्वर sant samagam3 292x300 संत समागम का शुभारंभजगतगुरू षंकराचार्य स्वामी निष्चलानंद सरस्वती ने विकास के नाम पर हो रहे प्राकृतिक विनाश पर चिंता जताते हुए कहा है कि प्रकृति और विकास के बीच हो रहा असंतुलन पूरे विश्व के लिये विनाशदायी साबित हो रहा है. श्री शंकराचार्य जी ‘राजिम अर्द्धकुंभ महोत्सव‘ पर आयोजित संत समागम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे.

महानदी, सोंढुर और पैरी नदियों के पवित्र संगम पर आयोजित राजिम कुंभ के छठवें दिन विशाल संत समागम को संबोधित करते हुए जगतगुरू षंकराचार्य स्वामी निष्चलानंद सरस्वती ने कहा कि मेघा्शक्ति, श्रमशक्ति, अर्थशक्ति व रक्षा शक्ति का दोहन हो रहा है जबकि सरकारों को चाहिए कि इनका बेहतर उपयोग कर समाज और देश का विकास करें. उन्होंने नदियों के प्रदूषण, पर्वतों के घटने, गौ-वंश के खत्म होते जाने पर चिंता जताई और दुःख जताया कि ऐसा वे लोग कर रहे हैं जो खुद हिन्दु हैं. श्री शंकराचार्य ेजी ने विश्व में कम और कमजोर होते हिन्दुओं की दशा, घटते हिन्दु-देशों पर चिंता और हिन्दुओं के धर्मांतरण पर चिंता प्रगट करते हुए आषंका जताई कि दूसरे देश नहीं चाहते कि सनातन धर्म का प्रतीक बना भारत देश मजबूत हो और दुनिया का मार्गदर्शक बने. स्वामी निष्चलानंद महाराज ने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास करना पूरे ्विश्व के लिए लाभदायक हो गया है.

राजिम के विकास में काम आयेंगे संतों के सुझाव: डाॅ. रमनसिंह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दूसरी ओर मुख्यमंत्री डाॅ. रमनसिंह ने विष्वास दिलाया है कि राजिम नगरी की पवित्रता बनाये रखने के लिये संतों ने जो सुझाव व मर्गदर्शन दिया है  उस पर अमल किया जायेगा. श्री सिंह ने कहा कि नया छत्तीसगढ़ राज्य अब एक नई करवट बदल रहा है। प्रदेश की दो करोड़ से अधिक जनता विकास के एक द्शक को पार कर अब ग्यारहवे वर्ष में प्रवे्श कर चुकी है। इस दौरान राज्य शासन द्वारा विगत सात वर्षो में आम जनता के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं से पूरे देश में छत्तीसगढ़ की पहचान बनी है। गरीबों के लिए शुरू की गई अत्यंत किफायती चावल की योजना को अब केन्द्र सरकार पूरे देष में लागू करने जा रही है। डाॅ. सिंह ने कहा कि भगवान राजीव लोचन और संत महात्माओं के आशिर्वाद से छत्तीसगढ़ में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली लाने के लिए आने वाले वर्षो में और भी अधिक बेहतर प्रयास राज्य सरकार द्वारा किये जाएंगे। राजिम कुंभ ने छत्तीसगढ़ को देश के सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलायी है। उन्होनें कहा कि भगवान राजीव लोचन की कृपा और संत महात्माओं के आषीर्वाद और जनता के सहयोेग से राजिम कुंभ का यह छठवां आयोजन यहाॅ किया गया है मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजिम कुंभ का ही एक अच्छा और सुखद प्रभाव है कि इन छह वर्षो में छत्तीसगढ़ पर अकाल का कोई प्रभाव नहीं पड़ा, बल्कि देश का यह नया राज्य और भी अधिक तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ता चला जा रहा है। पलायन की पीड़ा से छत्तीसगढ़ मुक्त हुआ है। सकल घरेलू उत्पाद की दृष्टि से राज्य की विकास दर 11.49 प्रतिशत रही जो देश में सबसे ज्यादा है। इसमें छत्तीसगढ़ ने गुजरात जैसे पुराने और विकसित राज्य को भी पीछे छोड़ दिया। डाॅ. सिंह ने संत समागम मे पधारे गोवर्धन मठ, पुरी के जगत्गुरू शंकराचार्य स्वामी निश्‍चलानंद सरस्वती सहित देष भर से आए संत महात्माओं का स्वागत करते हुए कहा कि इनके आगमन से छत्तीसगढ़ की धरती धन्य हुई है। मुख्यमंत्री ने राजिम कुंभ में श्रद्धालुओं  की सुविधा के लिए छह करोड़ रूपए की लागत से बनवाए गए एनीकट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमे छह फीट से भी ज्यादा पानी रहेेगा। आने वाले वर्षो में राजिम कुंभ को इसकी गरिमा के अनुरूप बेहतर से बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

जहां धर्मात्माओं का राज, वहीं परमेश्वर का वास: बृजमोहन अग्रवाल

पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कोई भी कुंभ साधु-संतांे के बिना सार्थक नहीं हो सकता. राजिम-कुंभ ने बहुत कम समय में देश और विदे्श में पहचान स्थापित की है. उन्होंने कहा कि परमात्मा वहंी राज करते हैं, जहां धर्मात्माओं का राज होता है इसलिए हमने साधु-संतों का सम्मान कर उनका आशिर्वाद हासिल किया. हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि छत्तीसगढ़ के पावन तीर्थ स्थल राजिम में हर वर्ष लगने वाले राजिम कुंभ का यह छठा वर्ष है उन्होने कहा कि राजिम कुंभ के शिल्पी मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेष सरकार द्वारा कानून बनाकर राजिम कुंभ परम्परा की शुरूआत की गई जहां धर्मात्माओ का राज होता है वहां परमात्मा का वास होता है। उन्होने कहा कि साधु संतो के आशिर्वाद से हम छत्तीसगढ़ को एक ऐसा आदर्श राज्य बनायेगें जहां धर्म की रक्षा हो, सुख शांति हो और कोई भूखा न रहे। छत्तीसगढ़ धर्म धरा है। राजिम कुंभ के माध्यम से धर्मध्वजा पूरे विश्‍व में लहरायेगी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, खाद्य मंत्री श्री पुन्नू लाल मोहले, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय, छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, संसदीय सचिव भरत साय, राजिम विधायक श्री अमितेश शुक्ल, संत कवि और पूर्व सांसद श्री पवन दीवान, पूर्व मंत्री श्री अजय चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में भक्तजन उपस्थित थे। कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू तथा खाद्य मंत्री पुन्नू लाल मोहले ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ विभिन्न धर्मो और संप्रदायांे का आस्था का केन्द्र है। इस पावन धरती पर कुंभ परम्परा की शुरूआत से छत्तीसगढ़ को नई पहचान मिलेंगी। राजिम विधायक श्री अमितेश शुक्ल ने भी कार्यक्रम मे अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन अनुराधा दुबे ने किया और आभार प्रदर्शन  पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय ने किया. इस अवसर पर संस्कृति और पर्यटन के सचिव सुब्रत साहू, कलेक्टर रोहित यादव, एसपी दीपांशु काबरा आदि उपस्थित थे.

DSC 0719A राजिम में लोकनिर्माण विभाग द्वारा  ६९ लाख रु.की लागत से नवनिर्मित विश्राम गृह भवन का लोकार्पण
DSC 0725 राजिम में लोकनिर्माण विभाग द्वारा  ६९ लाख रु.की लागत से नवनिर्मित विश्राम गृह भवन का लोकार्पण

DSC 9642 150x150 राजिम में लोकनिर्माण विभाग द्वारा  ६९ लाख रु.की लागत से नवनिर्मित विश्राम गृह भवन का लोकार्पणरायपुर २३ फरवरी २०११. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आज छत्तीसगढ़ की सुप्रिसिद्ध तीर्थनगरी राजिम में लोकनिर्माण विभाग द्वारा लगभग ६९ लाख रु.की लागत से नवनिर्मित विश्राम गृह भवन का लोकार्पण किया. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. मंत्री पुन्नुलाल मोहले और विधायक अमितेष शुक्ला विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे.नए विश्राम भवन में दो व्ही.आई.पी. सूट सहित  तीन कमरे, एक डायनिंग हाल और किचन, तथा स्टोर रूम बनाए गए है.

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से कहा

विधानसभा में मनायी गयी स्काउट-गाईड्स आन्दोलन के संस्थापक बैडेन पावेल की जयंती

रायपुर, 22 फरवरी 2011

 असफलताओं से डरें नहीं, उनसे कुछ सीख कर आगे बढ़ें : डॉ. रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छात्र-छात्राओं, विशेष रूप से स्काउट-गाईड्स संगठन से जुड़े कैडेटों से कहा है कि उन्हें असफलताओं से कभी डरना नहीं चाहिए, बल्कि किसी भी असफलता से कुछ सीख लेकर और उसके कारणों पर विचार कर सकारात्मक सोच और नये उत्साह के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। जिस प्रकार कोई तितली किसी फूल का सौन्दर्य बिगाड़े बिना सिर्फ अपनी जरूरत के लायक रस लेती है, ठीक उसी तरह हमें भी समाज से केवल अपनी जरूरत के लिए संसाधन लेने चाहिए, ताकि दूसरों के लिए भी संसाधन सुरक्षित रह सकें।
मुख्यमंत्री आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में भारत स्काउट्स एवं गाईड्स संगठन के संस्थापक स्वर्गीय श्री बैडेन पावेल की जयंती के अवसर पर संगठन के दुर्ग जिला शाखा से आए स्कूली बच्चों को सम्बोधित कर रहे थे। स्वर्गीय श्री बैडेन पावेल की जयंती ‘विचार दिवस’ के रूप में मनायी गयी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने भी स्काउट-गाईड्स संगठन के स्कूली बच्चों को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम में बच्चों से और उनके साथ आए शिक्षकों से कहा कि छात्र-छात्राओं में अनुशासन और साहस के साथ समाज सेवा, मानव सेवा, राष्ट्र प्रेम, दया, करूणा और परोपकार जैसे श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों के विकास में स्काउट-गाईड्स संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह एक अन्तर्राष्ट्रीय आन्दोलन है। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आप लोगों को इस संगठन से जुड़कर सेवा कार्यों का प्रशिक्षण प्राप्त करने और अपने व्यक्तित्व का विकास करने का सुनहरा अवसर मिला है। प्रशिक्षण से आप में आत्मविश्वास पैदा होगा, जो जीवन के हर कदम पर आपको आगे बढ़ने में सहायक होगा।
विधानसभा अध्यक्ष श्री धरम लाल कौशिक ने स्काउट एवं गाइड छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हर कदम पर चुनौतियां है, नीरसता का भाव त्यागकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें, तो सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस संगठन से जुड़ने से दूसरों के प्रति सेवा भाव, देश के प्रति आत्मीयता और सम्मान का भाव और दूसरों को भी संकट से उबारने के साहस जैसे गुणों का विकास होता है। भविष्य में आप सभी को जो भी दायित्व मिलेंगे, इन गुणों की सहायता से आप उनका सफलता पूर्वक निर्वाह कर सकेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री कौशिक और मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने स्काउट-गाईड्स से जुड़े इन छात्र-छात्राओं को विधानसभा में बजट पारित करने की प्रक्रिया, प्रदेश के विकास और गरीबों के कल्याण के योजनाओं की रूप रेखा तैयार करने में पक्ष एवं विपक्ष के सदस्यों की भागीदारी और प्रश्नकाल आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इन छात्र-छात्राओं ने आज विधानसभा की कार्रवाई का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की उपस्थिति में मनायी गयी बैडेन पावेल जयंती में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, आदिमजाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, संसदीय सचिव श्री महेश गागड़ा, विधानसभा के सचिव श्री देवेन्द्र वर्मा, भारत स्काउट गाइड समिति जिला संघ की आयुक्त श्री सुश्री नीता चौरसिया तथा संघ के कोषाध्यक्ष श्री मनोज ठाकरे और रोवर लीडर श्री रूद्र नारायण सिन्हा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन संघ के जिला आयुक्त श्री नरेन्द्र राठौर ने किया।

स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा स्कूली बच्चों की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत

रायपुर, 22 फरवरी 2011

 बच्चों के व्यक्तित्व के समुचित विकास के लिए अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी जरूरी : श्री अग्रवाल

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कल यहां आयोजित स्कूली बच्चों की राज्य स्तरीय समूह नृत्य-गीत, नाटक एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को नगद राशि व प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में स्कूली बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पढ़ाई के अलावा खेलकूद, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा अन्य रचनात्मक और समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रियता से भाग लेना चाहिए। इससे उनका तन-मन स्वस्थ रहेगा और वे पढ़ाई-लिखाई का काम अधिक लगन के साथ कर सकते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि आजकल अभिभावकगण अपने बच्चों को केवल पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देने पर जोर देते है, जबकि बच्चों के व्यक्तित्व के समुचित विकास के लिए उनका अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी शामिल होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी के बच्चे अधिक प्रतिभा सम्पन्न हैं। उन्हें अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज सेवा के लिए भी करना चाहिए।  बच्चों के व्यक्तित्व के समुचित विकास के लिए अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी जरूरी : श्री अग्रवाल
श्री अग्रवाल ने कहा कि स्कूली बच्चे अपने परिवार, समाज और गांव में शिक्षा के प्रसार में अपना योगदान दे सकते हैं। उनके आसपास ऐसा कोई बच्चा जो शिक्षा से वंचित हो, उसे शिक्षित करने की जिम्मेदारी उन्हें लेनी चाहिए। श्री अग्रवाल ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों की गांव स्तर से जिला स्तर तक विभिन्न नृत्य, गीत, नाटक एवं वाद-विवाद की प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे गांवों के बच्चों में झिझक की भावना दूर होगी और उन्हें प्रतिभा प्रदर्शन का समुचित अवसर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में बालिका शिक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से 26 जनवरी 2011 से विभिन्न स्तरों पर स्कूली बच्चों की समूह नृत्य-गीत, नाटक एवं वाद विवाद प्रतियोगिताएं शुरू की गई। इन प्रतियोगिताओं के लिए प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के बच्चों की एक टीम बनायी गयी। इसी प्रकार हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के बच्चे संयुक्त रूप से दूसरी टीम में शामिल हुए। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को यह प्रतियोगिताएं ग्राम स्तर पर आयोजित की गई। इसके बाद 31 जनवरी को संकुल स्तर, 04 फरवरी को विकास खण्ड स्तर तथा 10 फरवरी को जिला स्तर की प्रतियोगिताएं सम्पन्न कराई गई। कल 21 फरवरी को आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जिला स्तर पर प्रथम आने वाले प्रतिभागी शामिल हुए।
समूह नृत्य-गीत, नाटक और वाद-विवाद की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं भी बालिका शिक्षा को बढावा देने पर केन्द्रित रहीं। प्रदेश के सभी 18 जिलों के बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिलावार शामिल होकर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कीं। पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन राज्य साक्षरता मिशन के सहायक संचालक श्री प्रशांत पाण्डेय ने किया। सहायक संचालक श्री दिनेश टांक ने प्रारंभ में गांव स्तर से राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं की विस्तार से जानकारी दी। राज्य  स्तरीय प्रतियोगिताओं के निर्णायकों में सर्वश्री लालराम कुमार सिंह,रजनी रजक,वर्षा रावल,चुन्नीलाल शर्मा,मनीषा शर्मा,आयशा सिध्दिकी,ज्ञानेन्द्र साहू,संतोष चन्द्राकर, बी.एल.परगनिहा.मेडम घोष,पुष्पा पुरूषोत्तम,रश्मि सिंह और प्रोफेसर शर्मा शामिल थे। समापन समारोह में श्री पीसी लाल यादव, श्री छगन मुंदड़ा,श्री चूड़ामणि निर्मलकर,संजू नारायण सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

राजिम अर्द्ध कुंभ महापर्व

देश भर से पहुचने लगे साधू संत

ganga7 विराट संत समागम आज सेराजिम अर्द्ध कुंभ २०११ में विराट संत का शुभारंभ आज शाम ७ बजे छत्तीसगढ़ के प्रयाग राज राजिम के त्रिवेणी संगम पर स्थित मुख्यमंच पर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के पावन सानिध्य में होगा. कार्यक्रम के मुख्यअतिथि रमन सिंह मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ एवं अध्यक्षता रविन्द्र चौबे नेता प्रतिपक्ष करेंगे. २३ फरवरी से २ मार्च तक चलने वाले इस विराट संत समागम में शामिल होने देश भर से साधू संत राजिम पधारने लगे है. सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ख्याति प्राप्त भजन एवं गीत गायक मुंबई के रवि के. त्रिपाठी होंगे.

१८ फरवरी से प्रारंभ राजिम अर्द्ध कुंभ २०११ के संत समागम में देश भर से सैकड़ों की संख्या में साधू संत राजिम पहुच चुके है. महामंडलेश्वर प्रज्ञानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर प्रेमानंद गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर रामेश्वर दास जी, महामंडलेश्वर ईश्वर दास जी महाराज, स्वामी स्वतंत्र नंद जी महाराज, स्वामी देवेंद्रानंद जी महाराज, स्वामी बालयोगी योगेश्वर जी, स्वामी दासशरण गिरी जी, स्वामी नारायण गिरी जी, महंत मोलागिरी जी, स्वामी ए. नंद जी, स्वामी सोमगिरी जी महाराज (बीकानेर राजस्थान), विष्णु चैतन्यजी महाराज, साध्वी रंजनादेवी जी (हरिद्वार), साध्वी दर्शन ज्योति जी, साध्वी बल्योगिनी श्री जय श्रीमाल (कर्नाटक) स्वामी पहलावान गिरी जी, स्वामी शोभागिरी जी महाराज सहित अन्य साधू संत प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे.

आज के सांस्कृतिक कार्यक्रम

त्रिवेणी संगम के मुख्य मंच में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्य आकर्षण ख्याति प्राप्त भजन एवं गीत गायक मुंबई के रवि के. त्रिपाठी, साथ ही अंचल की पंडवानी गायिका पद्मभूषण तीजन बाई, लोकमंच सुश्री रमादत्त जोशी, भजन गायक सुमन धनंजय होंगे.

पंडवानी, भजन एवं जगराता ने दर्शकों का दिल जीता

DSC 0712 विराट संत समागम आज से

राजिम अर्द्ध कुंभ महापर्व २०११ के पांचवा दिन पंडवानी, भजन, एवं जगराता के नाम रहा. कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध सुआ नृत्य मकसूदन साहू से हुई, जिसका दर्शको ने भरपूर आनंद लिया.

मुक्ताकाशी मंच पर पंडवानी गायिका अनसुइया देवी ने कौरव पांडव के वृतांत व लाक्षा गृह सहित पांडवों द्वारा दानव वध की शानदार प्रस्तुति दी चेहरे की भाव भंगिमा से दर्शकों के बिच गायिका ने अपनी छाप छोड़ी. भजन गायक खुशिदास मानिकपुरी ने कबीर भजनों की श्रृंखला प्रस्तुत की. राजीव लोचन करले दर्शन…. के माध्यम से भगवान राजीव लोचन की महिमा का वर्णन किया प्रदुषण एवं नशे के खिलाफ उन्होंने नशा झन करो—-के माध्यम से नशा न करने की बात रखी जिसे लोगों ने काफी सराहा.

शासकीय उ. मा. कन्या शाळा राजिम के छात्राओं ने उड़िया नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लुटी आदिवासी वेशभूषा एवं जंगली पहनावा देखकर लागा नहीं के ये स्थानीय कलाकार है. देर रात राकेश शर्मा रायगढ़ ने भजनों की शानदार प्रस्तुति दी श्रोता त्रिवेणी संगम के तट पर भजनों की गंगा में गोते लगाये.

मुख्य मंच के अन्य आकर्षण के रूप में महाराष्ट्र का लावणी नृत्य, सागर म.प्र. का राई नृत्य, अनसुइया देवी का लोकमंच के कलाकार, दूधमोंगरा के पीसी. लाल, धौंरा भांटा, राउत नाचा  ने भी उपस्थित दर्शकों की तालियाँ बटोरी.

DSC 0694 विराट संत समागम आज से

kumbh4day मुक्ताकाषी मंच पर स्थानीय कलाकार छाये रहे

संत समागम के लिए साधु पहुंचने लगे

kumbh4dayA 250x300 मुक्ताकाषी मंच पर स्थानीय कलाकार छाये रहेराजिम 21 फरवरी/ राजिम अर्धकुंभ के चौथे दिन मुख्य मंच पर स्थानीय कलाकार छाये रहे। अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्षकों में अपनी छाप छोड़ गए। वही महाराष्ट्र, उड़ीसा एवं म.प्र. के कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुति से दर्षकों का दिल जीता। संतसमागम स्थल पर देष भर से साधु-संतो के दल पहुंचने लगे हैैैै।
 

संतो की कुटिया तैयार

कुलेष्वर मंदिर के पास स्थित कल 23 फरवरी को होने वाले संत समागम के लिए भव्य तैयारिया की गई है। संतो के ठहरने के लिए 30 कुटियां एवं उनके प्रवचन हेतु दो भव्य पंडाल बनाए गए है। इसी तरह अठ्ठारह हजार फीट का भव्य भोजनषाला का निर्माण किया गया है, इस भोजनषाला में 2 से 3 हजार श्रध्दालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। संतो व आमजनों के लिए बनने वाले भोजन के लिए लगभग सौ कारीगर पहुंच चुके है।

संत पहुंचने लगे

 संत समागम में शामिल होने हरिद्वार से महामंडलेष्वर तपस्वी श्री लक्ष्मणदास महाराज एवं महंत माता रंजना देवी के नेतृत्व में लगभग पचास बैरागी साधुओं का दल आज राजिम पहुंचा। इसी तरह उ.प्र., राजस्थान, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचंल, म.प्र. से भी साधु संतो का आना शुरू हो गया है। संत बाबा बालकदास आश्रम में आज ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने यज्ञ में शामिल होकर हवनकर पूण्य के भागीदार बने। श्री चक्रमेरू पीठ के संत दण्डीस्वामी ने बताया कि कल 23 फरवरी से छत्तीसगढ़ में शांति समृध्दि हेतु एक भव्य यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जो महाषिवरात्रि तक चलेगा।
 

स्थानीय कलाकार छाये रहे

मुक्ताकाषी मंच पर आज स्थानीय कलाकार छाये रहे। नटराज ग्रुप एवं जय शीतला kumbh4dayB 150x150 मुक्ताकाषी मंच पर स्थानीय कलाकार छाये रहेसमिति सुंदरकेरा द्वारा जसगीत एवं झांकी के माध्यम से मां दुर्गा के रूपों का वर्णन किया। इस जीवंत झांकी के माध्यम से उन्होने शक्ति के विभिन्न रूपों को प्रस्तुत किया। इसी तरह नटराज ग्रुप के कलाकारों ने लोगो को जगाने का काम किया। उठो जागों और अपने लक्ष्य व अपने अधिकारों के लिए संधर्ष करने का लोगो से आव्हान किया। बेरला की पंडवानी गायिका कंती गंधर्व भजन मेे पं. राजेष्वर प्रसाद तिवारी एवं कत्थक में अनुराधा दुबे ने शानदार प्रस्तुति दी। प्रदेष के बाहर से आए कलाकारों में महाराष्ट्र की पंडवानी, उड़ीसा का शंख नृत्य एवं म.प्र. का राई नृत्य के जरिए कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी।

Mj. Anil singh लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल श्री मेजर अनिल सिंह को देखने उनके निवास पहुंचे

लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल हस्त शिल्प बोर्ड के अध्यक्ष श्री मेजर अनिल सिंह को देखने उनके निवास समता कालोनी पहुंचे और उनके स्वास्थ की जानकारी लेते हुए  उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की.

pandokhar ji maharaj श्री बृजमोहन अग्रवाल ने श्री पाण्ड़ोखर सरकार से आशिर्वाद प्राप्त किया

रायपुर २१ फ़रवरी २०११ , संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल महामाया मंदिर प्रांगन में श्री पण्डोखर सरकार अनंत श्री गुरुशरण जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए.

rajmkumbhdaythreeA राजिम कुंभ में उतरी साक्षात ‘देवियां‘  

राजिम-अर्द्धकुंभ का तीसरा दिन:

मौसम की बेरूखी भी नहीं रोक पाई श्रद्धालुओं को

सांस्कृतिक मंच पर महाराष्ट्र और उडीसा ने रंग बिखेरे

rajmkumbhdaythree 300x169 राजिम कुंभ में उतरी साक्षात ‘देवियां‘राजिम. मौसम की बेरूखी की परवाह किये बिना ‘राजिम-अर्धकुंभ‘ के तीसरे दिन क्षेत्रीय कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं. बडी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में महाराष्ट्र से आये कलाकारों द्वारा पेश लावणी नृत्य और उडीसा के कलाकारों द्वारा पेश शंख नृत्य ने दर्शकों की तालियां बटोरीं. दूसरी तरफ अन्नपूर्णा महायज्ञ की शुरूआत हुई जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया.

अंचलवासियों के श्रद्धा और आस्था की परीक्षा आज के दिन हुई जब पूरा राजिम हल्की बरसात ओर ठिठुरते मौसम की परवाह किये बिना कुंभ का नजारा देखने के लिये त्रिवेणी संगम में उमड पडा. रविवार छुटटी का दिन होने के कारण आसपास के गांवों के हजारों श्रद्धालु परिवार सहित राजिम-कुंभ पहुंचे तथा अपनी आस्था का प्रगटीकरण करते हुए कुंभ की महत्ता कम नहीं होने दी. भगवान राजीवलोचन, कुलेश्वर महादेव और मामा-भांचा मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतार देखी गई. राजिम-कुंभ के संत समागम स्थल पर आज स्वामी बालकदास महाराज के आश्रम में अन्नपूर्णा महायज्ञ किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने हवन आदि में हिस्सा लिया तथा प्रसादी ग्रहण की.

नौ देवियों की जीवंत झांकी..

संत समागम स्थल पर आज से प्रारंभ हुई नौ देवियों की जीवंत झांकी आकर्षण औरrajmkumbhdaythreeB 300x169 राजिम कुंभ में उतरी साक्षात ‘देवियां‘ श्रद्धा का केन्द्र बनी. झांकी देखकर लगा ही नहीं कि नौ देवियों के रूप में विराजमान मूर्तियां असल में नन्हीं बालिकायें हैं. बेहद प्रशिक्षित, अनुशासित और ध्यान मग्न इन लडकियों को देखकर श्रद्धालु मोहित हो गये. वे जीवंत स्वरूप में नौ देवियों के दर्शन पाकर अभिभूत थे. प्रजापति ब्रम्हकुमारी की संचालिका ब्रम्हकुमारी पुष्पा बहन ने बताया कि आज से प्रारम्भ हुई द्वादश ज्योतिलिंग एवं नो देवियों की चैतन्य झांकियां शिवरात्रि तक आयोजित की गई है। उन्होने बताया कि मेडीटेशन का ही प्रभाव है कि संस्था की बहनें देवी मां का रूप धारण कर एकाग्रचित रहती हैं. यहां पर ध्यान एवं मेडीटेशन के जरिए शरीर को स्वस्थ रहने के बारे में बताया जाता है. तात्पर्य साफ हे कि यदि आप ध्यान करते हैं तो अपने चित्त को एकाग्र कर रख सकते हैं. यकीन नहीं आता तो एक बार कुंभ स्थल पर इस झांकी को अवश्य देखें.

मुक्ताकाशी मंच पर लावणी और शंख नृत्य

त्रिवेणी संगम के किनारे बने मुक्ताकाशी मच पर आज सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत महाराष्ट्र से आये कलाकारों ने लावणी नृत्य प्रस्तुत किया. गुरू मौली प्रोडक्शन के लावणाी सम्राट प्रमोद कांदलकर एवं वैभव मुकाशी के नेतृत्व में पन्द्रह लोगों के ग्रुप ने खूबसूरत लावणी नृत्य प्रस्तुत किया जिसके तहत उन्होंने राधा-कृष्ण की लीला के माध्यम से उसके प्रेम-रस का उजागर किया. एकदम सधी हुई प्रशंसनीय प्रस्तुति देने वाले इस दल ने यूरोप, बैंकाक, सिंगापुर सहित देश के लगभग हर राजधानी में कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके हैं. कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति उडीसा से आये कलाकारों ने दी जिन्होंने शंख नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की तालियां बटोरीं. कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रस्तुति दे चुके इस दल ने एक साथ दो शंख बजाकर कृष्ण भगवान के दशावतार रूप को नृत्य के माध्यम से उजागर किया. दल में राजेंद्र प्रसाद पात्रो व नन्हें साथी शामिल हुए. इन दो कार्यक्रमों के अलावा पदमश्री पूनाराम निषाद की पंडवाणी, भिलाई के के.के. पाटिल का भजन, राजेन्द्र रंगीला का लोकमंच व नाचा में आत्माराम विश्वकर्मा व बिलासपुर के अचंल शर्मा द्वारा जगराता की मनमोहक प्रस्तुति दी गई.

महंत नागा साधु आने लगे

रायपुर रेल्वे स्टेशन प्रभारी डॉ. पंचराम सोनी ने बताया कि अर्धकुंभ राजिम के लिए उ.प्र., राजस्थान, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल, म.प्र. से महंत एवं नागा साधु पहुंचने लगे है। आज महंत दत्त गिरी बरखंडी उ.प्र. महंत जगदीश गिरी गुजरात, महंत राजेश्वरानंद सरस्वती, म.प्र. नागा वरूण गिरी, कानपुर, बलराम गिरी, विवके, शिवगिरी हरियाणा आदि के नेतृत्व में लगभग सौ नागा साधुओं का दल रायपुर से राजिम के लिए रवाना हुआ। इसी तरह राजिम-कुंभ स्थित संत समागम पर भी हजार से ज्यादा साधु-संत पहुंच चुके हैं. उल्लेखनीय है कि 23 फरवरी से संत समागम प्रारंभ होगा जिसमें पूरे देश से साधु-संत शामिल होंगे.

अन्न्पूर्ण महायज्ञ प्रारंभ

संत समागम स्थल पर संत बाबा बालकदास के आश्रम में आज अन्नपूर्ण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ. यज्ञ का प्रारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ जो पूरे मेला स्थल का भ्रमण करते हुए यज्ञ स्थल पर पहुंची। यज्ञ की पूर्णाहुति आगामी 2 मार्च को होगी। श्री बालकदास ने बताया कि राजिम क्षेत्र के लोगों के बीच धर्म की अलख जगाने उन्हें अपने-अपने धर से एक-एक मुठ्ठी चांवल लाने कहा है जिससे वे पुण्य लाभ हासिल कर सकें. दूसरी ओर पावन कामधेनु तीर्थ मथुरा की गौमाता पर केन्द्रित चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ दिनांक 23 फरवरी बुधवार को संध्या 7 बजे पुरी पीठ के जगद्गुरू शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती के पावन करकमलों से होगा। उक्त अवसर पर समस्त गौसेंवकों से अधिकाधिक संख्या में अपनी उपस्थिति प्रदान करने की विनम्र अपील चित्र प्रदर्शनी के संचालक पं. सुभाष तिवारी ने की है। इस अवसर पर प्रसिध्द गौसेवक श्री झुमर लाल टावरी व रामजी लाल अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहेगें।

आज के आकर्षण:

भिलाई की ऋतु वर्मा का पंडवानी, रायपुर के मदन चौहान का भजन, भिलाई के किशन सोनी का लोकमंच, नटराज सोसायटी के सुश्री मनी राव का नृत्य, अनुराधा दुबे का कत्थक, ललित ठाकुर की लोक रामायण, करेली के गोवर्धन यादव का नाचा आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम कल 21 फरवरी के मुख्य आकर्षण होंगे.

 DSC 0095 मुख्य मंत्री डा. रमन सिंह जी ने लोक निर्माण मंत्री तथा संजारी बालोद उपचुनाव प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल को सम्मानित किया Picture 0041 मुख्य मंत्री डा. रमन सिंह जी ने लोक निर्माण मंत्री तथा संजारी बालोद उपचुनाव प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल को सम्मानित किया

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति

मुख्यमंत्री ड़ाँ. रमन सिंह और श्री नड्डा ने किया बृजमोहन का सम्मान

रायपुर २० फ़रवरी २०११. भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में प्रदेश कार्य समिति की बैठक में मुख्य मंत्री डा. रमन सिंह जी एवं  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी  जगत प्रकाश नड्डा ने लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल को संजारी बालोद उपचुनाव  प्रभारी को  सम्मानित किया और उनके साथ श्री राम विचार नेताम , शिव रतन शर्मा को भी कार्यकर्ताओ द्वारा सम्मानित किया गया.

उल्लेखनीय है की चुनाव विशेषज्ञ की ख्याति अर्जित कर चुके श्री अग्रवाल ने लगातार चौथे उपचुनाव में सफल संचालन कर भाजपा को जीत दिलाई है.
विरोधी भी अब चुनाव प्रबंधन में उनका लोहा मानने लगे है. श्री अग्रवाल का नाम संचालक के रूप में आते ही विरोधियों के  हौसले पस्त हो जाते है और भाजपा के कार्यकर्ताओं में दोगुना उत्साह आ जाता है वे आधा मैदान जीत लिया ये मान लेते है. मालखरौदा, केसकाल, भटगांव के बाद संजारी बालोद ये चार उपचुनाव बृजमोहन अग्रवाल के संचालन में लड़ें गए है और सभी में भाजपा ने जीत का परचम लहराया है.

 रायपुर, 20 फरवरी 2011

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल कल 21 फरवरी को राजधानी रायपुर में आयोजित स्कूली बच्चों की राज्य स्तरीय समूह नृत्य-गीत, नाटक एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत करेंगे। ये प्रतियोगिताएं यहां दूधाधारी मठ के सत्संग भवन में पूर्वान्ह 11 बजे प्रारंभ होंगी। श्री अग्रवाल शाम 07 बजे आयोजित समारोह में विजताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। 
    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में बालिका शिक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से 26 जनवरी 2011 से विभिन्न स्तरों पर स्कूली बच्चों की समूह नृत्य-गीत, नाटक एवं वाद विवाद प्रतियोगिताएं शुरू की गई। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को यह प्रतियोगिताएं ग्राम स्तर पर आयोजित की गई। इसके बाद 31 जनवरी को संकुल स्तर, 04 फरवरी को विकास खण्ड स्तर तथा 10 फरवरी को जिला स्तर की प्रतियोगिताएं सम्पन्न कराई गई। कल 21 फरवरी को आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जिला स्तर पर प्रथम आने वाले प्रतिभागी शामिल होंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रथम आने वाले समूह को 25 हजार रूपए, द्वितीय समूह को 15 हजार रूपए तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले समूह को 10 हजार रूपए नगद पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे। अन्य सभी प्रतिभागी समूहों को दो-दो हजार रूपए के सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा राजीव गांधी शिक्षा मिशन, लोक शिक्षण संचालनालय तथा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के सहयोग से प्रदेश भर में स्कूली बच्चों की प्रतियोगिताएं यूरोपियन कमीशन सह राज्य साझेदारी कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई।

DSC08861 पण्डवानी व जसगीत के नाम रही ‘राजिम कुंभ‘ की दूसरी शाम

DSC08866 पण्डवानी व जसगीत के नाम रही ‘राजिम कुंभ‘ की दूसरी शामDSC08864 पण्डवानी व जसगीत के नाम रही ‘राजिम कुंभ‘ की दूसरी शाम

अर्द्ध महाकुंभ महोत्सव:
अन्नपूर्णा महायज्ञ की शुरूआत कल से होगी.
संत-समागम के लिये साधु-संतों का आगमन शुरू

रायपुर. छत्तीसगढ और मध्यभारत के ‘प्रयाग‘ के रूप में ख्यात हो चुके ‘राजिम अर्द्धकुंभ महोत्सव 2011’ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड उमड पडी जिन्होंने मेले का लुत्फ उठाया और मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की. देर शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से खुद को तरोताजा किया. आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य गृह भंडारण निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज थे. वहीं अन्नपूर्णा महायज्ञ की शुरूआत कल से होगी.
श्रद्धालुओं ने दी आस्था की परीक्षा
धर्म, आस्था और संस्कृति की त्रिवेणी बन चुके राजिम-कुंभ में आज दूसरे दिन मौसम ने करवट बदली और ठण्ड की हल्की चादर ओढे रखी. देर दोपहरी तक श्रद्धालुओं को सूर्य भगवान के दर्शन तक नहीें हो पाये थे लेकिन जैसे ही सूर्य भगवान ने अपनी रौनक बिखेरी, श्रद्धालुओं के कदम राजिम-कुंभ की ओर चल पडे. दूरदराज से पहुंचे ग्रामीणों ने सपरिवार भगवान राजीवलोचन और  कुलेश्वर महादेव के दर्शन किये तथा प्रसाद हासिल किया. वहीं धीरे-धीरे जम रही विविध दुकानों में खरीद-बिक्री की तथा मेले, सर्कस और प्रदर्शनियों के माध्यम से मनोरंजन किया. श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना.
कलात्मक प्रस्तुतियों ने मन मोहा
त्रिवेणी संगम के किनारे बने मुक्ताकाश मंच पर छत्तीसगढी लोकमंच ने दबदबा बनाये रखा. कार्यक्रम की शुरूआत कुरूद के गोवर्धन देवदास और कुमारी रेणु साहू ने पण्डवानी पेश किया तथा दर्शकों को बांधे रखा. पंडवाणाी में ही एक अन्य आकर्षण शांतिबाई चेलक रहीं. देश-विदेश में छत्तीसगढी संस्कृति का प्रचार का जरिया बनी इस साधिका ने अपनी टीम के साथ दमदार प्रस्तुतियां दी और महाभारत के कृष्ण-अर्जुन प्रसंग का मंत्रमुग्ध कर देने वाला अभिनय दिखाया. छत्तीसगढ में जस सम्राट के रूप में मशहूर रायगढ के दिलीप षडंगी ने भजन प्रस्तुत किये. इन्होंने देर रात तक समधुर भजनों का गायन किया तथा श्रोताओं की तालियां बटोरीं. कार्यक्रम का संचालन निरंजन साहू और सुरेश वर्मा ने किया.
दूसरी ओर, भिंभौरी के वरिष्ठ कलाकार एवं दाऊ मंडरा जी सम्मान से विभूषित श्री कोदूराम वर्मा द्वारा आकर्षक कर्मा नृत्य की प्रस्तुति दी गई. पंडवानी गायिका प्रतिमा बारले कबीरधाम ने कर्ण पर्व की कथा को जीवन्तता से प्रस्तुत किया. भिलाई के कलाकार सोनाली सेन ने भक्तिमयी प्रस्तुति देकर श्रोता समूह का दिल जीत लिया. शंकर जी की आरती के अलावा, ऊॅ नमः शिवाय, बाबा तेरी या सुखदाई , सूरज की गरमी से, हे राम जैसे भजनों के श्रृंखला ने देर रात्रि तक दर्शकों को बांधकर रखा. राजनांदगांव के कलाकार ’गोदना’ ने छत्तीसगढ़ों पारंपरिक गीतों की एक से खूबसूरत गीतों की झड़ी लगा दी. सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अतिम कड़ी के रूप में बनसांकरा बगौड के कलाकारों नें पारंपरिक नाचा की प्रस्तुति देते हुए जम्मत भोरहा में धोखा के माध्यम से लोंगो का अच्छा मनोरंजन किया.
कल 20 फरवरी के खास आकर्षण:
पदमश्री पूनाराम निषाद का पंडवानी, भिलाई के के.के. पाटिल का भजन गायन, बेलगहना के नरेन्द्र यादव का लोकमंच, दुर्ग के सरोज कोसरे का बालिका पंथी नृत्य, रायपुर के राजेंद्र रंगीला छईयां का लोकमंच, बिलासपुर के अचल शर्मा का जगराता तथा कमही के आत्माराम विश्वकर्मा का नाचा कार्यक्रम होंगा. प्रतिवर्ष की भाति इस वर्ष भी चम्पारण्य में तीन द्विवसीय बहुरंगी महोत्सव का आयोजन धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया जा रहा है। 20 तारीख को जहाॅ दर्शकगण प्रसिद्ध भरथरी गायिका श्रीमती सुरूख बाई खांडे द्वारा भरथरी सहित नाटक, लोकगीत, नृत्य, चंदैनी लोकगीत आदि का आनंद उठाऐगें, वही 21 और 22 को रंगसरोवर गरियाबंद सहित सुगम गायन तथा कत्थक की प्रस्तुति होगी।
पहुंचने लगे साधु-सत
आगामी 23 फरवरी से होने वाले संत-समागम के लिये साधु-संतों का आगमन शुरू हो गया. नतीजन अब तक पांच सौ से अधिक संत और नागा साधुओं की उपस्थिति दिखने लगी है जिनके दर्शन और आर्शीवाद के लिये आश्रम में श्रद्धालुओं की भीड उमडने लगी है. प्रसिद्ध संत प्रेमादास महाराज भी अपने शिष्यों के साथ राजिम-कुंभ में हिस्सा लेने पहुंचे. दूसरी ओर आज शाम को गंगा आरती का कार्यक्रम भी हुआ जिसमें श्रीमती अंजना महाड़िक अध्यक्ष नगर पंचायत राजिम सहित पं. अर्जुन प्रसाद शास्त्री, पं. ब्रम्हदत्त शास्त्री, श्री कन्हैया तिवारी, दिनेश तिवारी, संतोष शर्मा, प्रदीप दुबे, गोविन्द दुबे, ऋषि दुबे, व अन्य गण्यमान्य अतिथि शामिल हुए.
अन्नपूर्णा महायज्ञ कल से
प्रसिद्ध संत बालकदास ने बताया कि कल 20 फरवरी से महाशिवरात्रि तक संत-समागम स्थल पर अन्नपूर्णा महायज्ञ प्रारंभ किया जायेगा. इस यज्ञ को सफल बनाने पांच सौ ग्रामीण महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली जायेगी जो श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर से श्री राजीवलोचन मंदिर पहुंचेगी. संत बालकदास जी ने बताया कि आगामी 24 फरवरी को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा जिसमें सभी यज्ञों के दर्शनार्थियों को महाप्रसाद का वितरण किया जायेगा. संतजी ने अपील की है कि इस पुण्य कार्यक्रम में एक-एक मुटठी चावल दान करें और पुण्य लाभ कमायें. 
एक माह का कल्पवास पूर्ण
राजिम-कुंभ से एक माह पूर्व लोमस ऋषि आश्रम में प्रांरभ होने वाला कल्पवास पूर्ण हो चुका है. इसके समापन के मुख्य अतिथि स्वामी कृष्णारंजन थे जबकि अध्यक्षता सांसद चंदूलाल साहू ने की. श्री रंजन ने इस प्रतिनिधि को बताया कि कल्पवास का आयोजन काफी शुभ माना जाता है. आसपास के सौ से ज्यादा भक्तों ने इस कल्पवास में रहकर लाभ उठाया तथा धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बने. इस अवसर पर पण्डितों को भी कर्मकाण्ड का प्रशिक्षण दिया गया.

रायपुर, 19 फरवरी 2011

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल कल 20 फरवरी को शाम चार बजे राजधानी रायपुर के बी.टी.आई. मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सृजन महासम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। श्री अग्रवाल इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षकों, प्रशिक्षकों और शाला प्रबंध समितियों को मार्ग दर्शन भी देंगे। समापन समारोह में शिक्षाविद् और मनोवैज्ञानिक श्री जवाहर सूरी सेठी विशेष अतिथि और मुख्य वक्ता होंगे। उल्लेखनीय है कि शिक्षकों की एक संस्था ‘सृजन मंच’ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम कल 20 तारीख को सवेरे 11 बजे शुरू होगा। इसमें शिक्षा का अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में बहुस्तरीय अध्यापन कार्यक्रम की भूमिका पर भी विशेष रूप से चर्चा होगी। यह महासम्मेलन शैक्षणिक गुणवत्ता और शैक्षणिक चेतना के विकास के लिए आयोजित किया जा रहा है।

rajim kumbh1 भगवान राजीवलोचन की पूजा अर्चना और श्लोक वाचन के साथ ‘राजिम अर्द्ध कुंभ महोत्सव 2011‘ की शुरूआतrajim kumbh भगवान राजीवलोचन की पूजा अर्चना और श्लोक वाचन के साथ ‘राजिम अर्द्ध कुंभ महोत्सव 2011‘ की शुरूआत

‘राजिम-कुंभ अत्यंत पुण्यदायी‘

‘राजिम अर्द्ध कुंभ महोत्सव 2011‘ के शुभारंभ अवसर पर जगदगुरू कांचीकामकोटि पीठ के महाराज श्री जयेन्द्र सरस्वती का आर्शीवचन.

शाही स्नान, संत समागम और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे मुख्य आकर्षण.

राजिम. जगदगुरू कांचीकामकोटि पीठ के महाराज श्री जयेन्द्र सरस्वती के आर्शीवाद के साथ ‘राजिम अर्द्ध कुंभ महोत्सव 2011‘ की गरिमामय शुरूआत हुई. आज माघ पूर्णिमा के दिन धार्मिक आस्था और विश्वास के साथ गरिमामय शुरूआत हुई. अपने आर्शीवचन में श्री जयेन्द्र सरस्वती ने कहा कि माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि का समय अत्यंत पुण्यदायी होता है. इस दौरान स्नान करने से तन-मन की शुद्धि और सभी पापों का नाश होता है. उन्होंने राजिम-कुंभ की सफलता हेतु अपना आर्शीवाद दिया.

पन्द्रह दिनों तक चलने वाले ‘राजिम अर्द्ध कुंभ महोत्सव 2011‘ की शुरूआत भगवान राजीवलोचन की पूजा-अर्चना और श्लोक वाचन के साथ हुई तत्पश्चात समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ के विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक और अध्यक्षता कर रहे पर्यटन व संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल व विशेष अतिथि कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने जगदगुरू कांचीकामकोटि पीठ के महाराज श्री जयेन्द्र सरस्वती का स्वागत करके महोत्सव की सफलता का आर्शीवाद लिया. श्री अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष श्री कौशिक का स्वागत किया तत्पश्चात श्री कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ की धरती पर भगवान राजीवलोचन की कृपा हमेशा बनी रही है. उनके आर्शीवाद से छत्तीसगढ खुशहाली के रास्ते पर जा रहा है. उन्होंने कहा कि देश में होने वाले चार कुंभों के अलावा राजिम-कुभ की ख्याति भी देश-दुनिया मेें फैली है. महानदी पूरे छत्तीसगढ की जीवनदायिनी है. इस नदी के तट पर अनेक पवित्र तीर्थस्थल हैं जिनका पौराणिक और ऐतिहासक महत्व है और राजिम-कुंभ मध्यभारत का प्रयाग बन चुका है.

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देशवासियों को कुंभ के लिये 12 साल इंतजार करना पडता था लेकिन छत्तीसगढ सरकार ने प्रतिवर्ष होने वाले राजिम कुंभ की शुरूआत की जो धर्म, कला और संस्कृति की त्रिवेणी बन चुका है. श्री अग्रवाल ने राजिम की संस्कृति का बखान करते हुए कहा कि साधु संतो ंके आर्शीवाद से राजिम-कुंभ दिनांेदिन प्रसिद्धि पा रहा है. कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि छत्तीसगढ विनम्र धरती है और राजिम उसकी प्रणम्य धरती है. इस धरती पर कुंभ की शुरूआत होना छत्तीसगढ वासियों के लिये सौभागय की बात है. छत्तीसगढ के संत और कवि श्री पवन दीवान ने कहा कि ज्ञान, भक्ति और वैरागय का प्रतीक बन चुके राजिम-कुंभ में देश की एकता और भारतीयता के दर्शन होते हैं. शासन से ज्यादा धर्म मानव समाज को अनुशासित रखता है और साधु-संतो ंके प्रवचन उस अमृत के समान है जिससे मानव जीवन सफल होता है.

लोकसभा सांसद श्री चंदूलाल साहू ने राजिम-कुंभ के आयोजन पर प्रसन्नता जाहिर की और इसे देश विदेश में छत्तीसगढ की पहचान बताया. क्षेत्रीय विधायक और कांग्रेस के नेता श्री अमितेष शुक्ल ने प्रसन्नता जाहिर की कि राजिम मेला अब कुंभ के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुका है. उन्होंने गौ माता के महत्व को रेखांकित करने के लिये कोई आयोजन होना चाहिए. साथ ही राजिम के पूरे इलाके में शराबबंदी होना चाहिये. विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित आंध्र प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री कासु के. कृष्णा रेडडी, विधायक लेखराम साहू, पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष कृष्णा राय, राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज उपस्थित थे. समारोह में चार धार्मिक पुस्तकों का विमोचन भी हुआ पुस्तकों के लेखक दण्डी स्वामी सच्चिदानंद, पण्डोखर महाराज, साप्ताहिक समाचारपत्र द्वारा लिखित प्रयाग भूमि व धार्मिक आडियो कैसेट ओ कान्हा रे..का विमोचन किया गया.

उदबोधन के पूर्व समारोह में उपस्थित संत दण्डी स्वामी तीर्थ महाराज, बालकदास महाराज, हरिसंतोषानंद महाराज, अनुसूइयादास महाराज, सालिगदास महाराज, रामदास महाराज, बद्रीप्रसाद महाराज, योगेन्द्रदास महाराज, हरिसंतोषानंद महाराज, पन्डोखर सरकार और संत पवन दीवान का स्वागत अतिथियों ने किया जबकि विशेष अतिथियों का स्वागत कलेक्टर रोहित यादव, रमेश शर्मा व पर्यटन व संस्कृति सचिव सुब्रत साहू सहित रेखा सोनकर, संतोष उपाध्याय, अंजना महाडिक, जीतेन््रद सोनकर, राघोबा महाडिक, अन्नपूर्णा साहू, अवधेश ठाकुर, रेखा महोबिया, विजय गोयल आदि ने किया. समारोह के अंत में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं. आगामी 02 मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव की खासियत शाही स्नान, संत समागम और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे.

 संस्कृत शिक्षा से विद्यार्थियों को स्वावलम्बी बनाने की पहल

संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को दिया गया नए पाठयक्रम का प्रशिक्षण

image large23 300x177 संस्कृत शिक्षा से विद्यार्थियों को स्वावलम्बी बनाने की पहल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ विद्या मण्डलम द्वारा राज्य के प्राच्य संस्कृत विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को संस्कृत शिक्षा द्वारा आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर के संस्कृत विद्वानों के सहयोग से नया पाठयक्रम तैयार किया गया है। प्राच्य संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को नये पाठयक्रम का प्रशिक्षण देने के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन यहां राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सभाकक्ष में 14 फरवरी से 17 फरवरी तक किया गया। नए पाठयक्रम में वेदकर्मकाण्डम, ज्योतिष,वास्तुशास्त्रम, प्रवचनम, आयुर्वेद एवं योगदर्शन आदि विषयों को शामिल किया गया है। शिक्षकों को डॉ. मनीषा पाठक-व्याकरण, डॉ. कुमुद कान्हें-साहित्य, डॉ. रामकिशोर मिश्र – वेदकर्ममाण्डम, डॉ. शिवेश्वर उपाध्याय – ज्योतिष वास्तुशास्त्रम, डॉ. आचार्य महेश चन्द्रशर्मा एवं डॉ. नन्हें प्रसाद द्विवेदी – प्रवचनम तथा डॉ. आराधना कण्डे – आयुर्वेद एवं श्री बी.पी. तिवारी ने योगदर्शनम पर प्रशिक्षण दिया।
     नया पाठयक्रम प्राच्य संस्कृत विद्यालयों के प्रथमा अर्थात पूर्व माध्यमिक स्तर पर प्रथम भाग से लागू हो चुका है। छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है जहां संस्कृत के विद्यार्थियों को संस्कृत के व्याकरण एवं साहित्य के साथ-साथ हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक अध्ययन शिक्षा दी जा रही है।  इस चार दिवसीय प्रशिक्षण के समापन सत्र में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के श्री बी.आर. साहू एवं डॉ. तिवारी चन्द्राकर ने संस्कृत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को नवीन संस्कृत पाठयक्रम की उपादेयता तथा इसके क्रियान्वयन में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. श्रीमती कल्पना द्विवेदी सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम ने शिक्षकों के अध्यापन कौशल के संवर्धन के लिए एवं छात्रों को ज्ञान सम्पन्न बनाने के लिए शिक्षकों के दायित्वों को बताया। प्रशिक्षण में प्रदेश के प्राच्य संस्कृत विद्यालयों के 50 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस आयोजन का संयोजन डॉ. सुरेश शर्मा, सचिव छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम ने किया। प्रशिक्षण के समापन सत्र में श्री पी.डी. मिश्रा सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डम ने आभार प्रदर्शन किया।

 

धर्म, संस्कृति और आस्था की त्रिवेणी में संतों का आर्शीवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण का केंद्र

रायपुर. धर्म, संस्कृति और आस्था की त्रिवेणी बन चुके ‘राजिम अर्द्धकुंभ महापर्व‘ की शुरूआत कल 18 फरवरी को राजिम के त्रिवेणी तट पर सायं सात बजे होगी. जगतगुरू रामानंदाचार्य श्री हंसदेवाचार्य जी महाराज जगन्नाथ धामए हरिद्वार एवं कांची काम कोठी पीठाधीपति जगदगुरू जयेन्द्रए सरस्वती महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक होंगे। पर्यटनए संस्कृति तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्य मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता करेंगे।  आगामी 02 मार्च तक चलने वाले पन्द्रह दिवसीय महोत्सव में देशभर से आये साधु-संतों की उपस्थिति और विभिन्न प्रदेशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का कें्रद होंगी.
विशेष अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहूए लोकसभा सांसद श्री चन्दूलाल साहूए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्णकुमार रायए पूर्व सांसद श्री पवन दीवानए राजिम विधायक श्री अमितेष शुक्ला और कुरूद विघायक श्री लेखराम साहू समारोह में उपस्थित रहेंगे। जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्माए पूर्व शिक्षा मंत्री श्री अजय चन्द्राकरए पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री संतोष उपाध्यायए नगर पालिका गोबरा नवापारा की अध्यक्ष श्रीमती देहुती साहूए नगर पंचायत राजिम की अध्यक्ष श्रीमती अंजना महाड़िकए जनपद पंचायत फिंगेश्वर की अध्यक्ष श्रीमती अन्नपूर्णा साहूए श्री गिरिजा साहूए सदस्य जनपद पंचायत अभनपुरए श्री माधव सिह ध्रुवए सदस्य जनपद पंचायत मगरलोड तथा साधु.संतों की गरिमामय उपस्थिति भी समारोह में रहेगी।
छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिध्द तीर्थ नगरी राजिम मे प्रतिवर्ष होने वाला राजिम-कुंभ मेले को दस वर्ष पूरे हो चुके हैं इसलिए इसे अर्द्धकुंभ के रूप में भी मनाया जा रहा है. माघ पूर्णिमा से प्रांरभ होने वाले इस धार्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव का प्रमुख आकर्षण शाही स्नान होगा. पवित्र नदियों सोंढूर, पैरी और चित्रोत्पला के पावन तट पर 18 फरवरी को माघ पूर्णिमा, 25 फरवरी को श्री जानकी जयंती, 28 फरवरी को विजया एकादशी और 02 मार्च को महाशिवरात्रि का शाही स्नान विशेष महत्व लिये होगा. वहीं श्री राजीव लोचन मंदिर, प्राचीन देवालयों के दर्शन, साधु-संत और शंकराचार्यों का उद्बोधन और आशीवाद प्राप्त करने का सुअवसर भी हासिल होगा. मुक्ताकाशी मंच पर विभिन्न प्रदेशों के सांस्कृतिक दलों द्वारा दी जाने वाली आकर्षक प्रस्तुतियां, लोक संस्कृति और छत्तीसगढी संस्कृति के दर्शन का लाभ भी प्राप्त होगा.

दूसरी ओर, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल देर रात तक अधिकारियों से राजिम-कुंभ की तैयारियों का जायजा लेते रहे. शाही स्नान से लेकर संतों के आवास, भोजन, पेयजल, अतिथि व्यवस्था, मंच व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के स्थल-मंदिर आदि की सुरक्षा को लेकर उन्होंने विशेष निर्देश दिये. श्री अग्रवाल ने उम्मीद और विश्वास जताया कि इस बार का राजिम-कुंभ ज्यादा सफल और कीर्तिदायी होगा. 

आज के सांस्कृतिक आकर्षण:

श्लोक वाचन: ब्रहमचर्य आश्रम के आचार्यों द्वारा
कत्थक: सुश्री शर्मिष्ठा मुखर्जी, दिल्ली
भजन-गीत: कुमार शानू, मुम्बई
पंडवानी: प्रतिमा बारले, कबीरधाम.
इसके अलावा छत्तीसगढ के ख्याति प्राप्त कलाकार मोहक प्रस्तुतियां देंगे.

pramoted education worker honoured brijmohan agrawal1 प्रधान पाठक बने शिक्षा कर्मियों ने श्री अग्रवाल का अभिनंदन कियाpramoted education worker honoured brijmohan agrawal प्रधान पाठक बने शिक्षा कर्मियों ने श्री अग्रवाल का अभिनंदन किया

प्रधान पाठक बनाये जाने पर शिक्षा कर्मियो ने शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का शंकर नगर स्थित  निवास में अभिनन्दन किया.

C M photo बालोद में मिली ऐतिहासिक जीत के लिये मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह को विधायकों ने दि बधाई

रायपुर 17 फरवरी 2011/ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज देर रात यहां उनके निवास आयोजित भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में संजारी बालोद विधानसभा उप चुनाव में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत पर सभी विधायकों ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री को विशेष रूप से बधाई दी। डॉ. रमन सिंह ने इस शानदार जीत का श्रेय वहां के मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया। डॉ. सिंह ने बैठक में इस महत्वपूर्ण विजय के लिए सभी मंत्रियों और पार्टी के विधायकों सहित विजयी प्रत्याशी श्रीमती कुमारी बाई साहू को भी बधाई दी। डॉ. रमन सिंह ने बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल और जल संसाधन मंत्री श्री हेमचन्द यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम और पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा को पुष्प माला पहनाकर बधाई दी।

BJP wins balod election बालोद विजय का श्रेय जनता का विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम‘

विजय जुलूस में चुनाव संचालक बृजमोहन अग्रवाल, प्रत्याशी कुमारी बाई साहू, जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम एवं अन्य नेता गण

रायपुर. बालोद उपचुनाव के संचालक तथा लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि बालोद सीट पर भाजपा को मिली जीत जनता का विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है. इस जीत ने साबित कर दिया है कि जनता ने कांग्रेस के खोखले वादों और दावों पर मुहर लगाने की बजाय भाजपा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा जताया है.
श्री अग्रवाल, अपने शंकरनगर स्थित निवास पर पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बधाईयां और स्वागत स्वीकार करते हुए उपरोक्त बातें कहेीं. उन्होंने कहा कि जनता ने एक बार पुनः साबित कर दिया है कि उसे महंगाई देने वाली कांग्रेस से ज्यादा भाजपा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा है. श्री अग्रवाल ने कहा कि इस जीत का श्रेय पार्टी के उन देवतुल्य कार्यकर्ताओं को जाता है जिन्होंने कडी मेहनत कर पार्टी के प्रत्याशी को जिताने में कोई कसर बाकी नहीं रहने दी.
कई उपचुनाओं में कुशल और सफल नेतृत्व संभाल चुके लोकप्रिय नेता और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने बालोद से विजयी पार्टी प्रत्याशी श्रीमती कुमारीबाई साहू को बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में बालोद विधानसभा क्षेत्र विकास की नित नई उंचाईयां हासिल करेगा. दूसरी ओर, विधानसभा से लेकर बंगले तक में श्री अग्रवाल को बधाईयां देने के लिये लोगों का तांता लगा रहा. सुबह से ही चुनाव परिणाम का इंतजार कर रहे भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक बंगले पर पहुंच चुके थे और जैसे ही पहली लीड का समचार आया,  कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोडकर, मिठाईयां बांटकर तथा एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर खुशी का ईजहार किया और श्री अग्रवाल को बधाईयां दीं. इसके अलावा दुर्ग, गुरूर, गुडरदेही, बालोद, पुरूर आदि स्थानों के कार्यकर्ताओं ने श्री अग्रवाल को फोन करके बधाईयां दी. देर रात तक यह सिलसिला चलता रहा.

BJP wins balod election1 बालोद विजय का श्रेय जनता का विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम‘

बालोद उपचुनाव जीतने के बाद दुर्ग से लेकर बालोद, गुरुर तक कार्यकर्ताओं ने जगह -जगह  स्वागत किया

रायगढ़, 13 फरवरी 2011 कल-कल बहती केलो नदी के किनारे हरी-भरी सुरम्य वादियों से आच्छादित ग्राम आमापाल को जल्द ही एक अच्छे और सुन्दर पर्यटन स्थल के रूप में पहचान मिलने लगेगी। जो औद्योगिक नगरी रायगढ़ से लगभग 6 कि.मी.की दूरी पर ग्राम पंचायत बरलिया अंतर्गत शान्त और स्वच्छ वातावरण में यह ग्राम बसा हुआ है। पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहे आमापाल ग्राम में 06 हेक्टेयर रकबा में वन विभाग तथा उद्यानिकी और कृषि आदि अन्य संबंधित विभागों के संयुक्त प्रयास से लगभग 25 लाख रूपए की राशि से विवेकानंद फलोद्यान लगाकर उसे सजाया-संवारा जा रहा है। उक्त फलोधान में वन विभाग द्वारा वर्ष 2010-11 से आम, अमरूद, जामुन, आंवला, नीबू, रामफल, सीताफल, संतरा, मौसंबी, करोंदा, कदम्ब और चीकू आदि के 984 पौधे रोपित किए गए हैं। जिसमें सही रख-रखाव के कारण अभी 925 पौधे जीवित हैं और ये पौधे तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका जिला कलेक्टर श्री अशोक कुमार अग्रवाल ने ग्राम आमापाल पहुंचकर 12 फरवरी को मौके पर सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम आमापाल को पर्यटन स्थल के रूप में उपयुक्त बताते हुए इसे विकसित करने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। फलोद्यान में पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 03 पैगोडा, 2 कि.मी.लम्बाई के चक्रीय पथ, 01 काफी हाऊस, 01 आईस्क्रीम पार्लर तथा स्वागत द्वार के निर्माण सहित प्रकाश और पानी की समुचित व्यवस्था होने की जानकारी दी गयी। इसके अलावा फलोद्यान के पास वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था और मनोरंजन के लिए वोट सुविधा भी होगी। फलोद्यान में जगह-जगह हर 50 वें मीटर पर ग्रेनाइट पत्थर पर रायगढ़ जिले की भौगोलिक तथा अन्य आधारभूत जानकारी को दर्शाया जाएगा। जिससे पर्यटकों के यहां भ्रमण होने पर मनोरंजन के साथ-साथ उनका ज्ञानवर्धन भी होगा। इस दौरान कलेक्टर श्री अग्रवाल ने फलोद्यान को सही ढंग से विकसित कर उसे सजाने-संवारने निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होंने फलोद्यान में पानी और प्रकाश की समुचित व्यवस्था के लिए भी आवश्यक निर्देश दिये। इसमें उन्होंने ग्रामीणों से भी चर्चा करते हुए ग्राम आमापाल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर नयी पहचान देने हर संभव सहयोग देने के लिए आवह्ान किया और कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य है।

CM election campaign in balod  साठ साल तक विकास की उपेक्षा करने वालों को जनता अब देगी मुंहतोड़ जवाब डॉ. रमन सिंह

नीति और नियत साफ होने के कारण छत्तीसगढ़ अब देश में अव्वल राज्य बनने की ओर

भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से विजयी बनाने का आव्हान 

CM election campaign in balod1A 284x300 साठ साल तक विकास की उपेक्षा करने वालों को जनता अब देगी मुंहतोड़ जवाब डॉ. रमन सिंहदेश में लगातार बढ़ती जा रही महंगाई के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चुप्पी और केन्द्र सरकार की नीतियों   को  जमकर कोसते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने यहाँ विभिन्न चुनावी जनसभाओं को   संबोधित करते हुए विकास की गति को बढ़ाने बालोद उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की    प्रत्याशी  श्रीमती कुमारी बाई साहू को भारी मतों से जीत दिलाने का मतदाताओं से आव्हान किया। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में जब तरक्की की ओर बढ़ रहे राज्यों की बात होती है तो उसमें छत्तीसगढ़ का नंबर पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर आता है। यह राज्य एक समय पिछड़े राज्य की श्रेणी में गिना जाता था जो अब सरकार की साफ नीति और नियत के कारण सबसे विकसित राज्य बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन जनसभाओं में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जगत प्रकाश नड्डा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और श्री नड्डा का यहाँ पहुंचने पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया तथा उनके सामने दूसरी पार्टी के सैकड़ों की संख्या में भाजपा प्रवेश किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज संजारी बालोद विधानसभा के जन्नाथपुर ग्राम पंचायत, लाटाबोड, पेण्डरवाही, गुरूर, तथा पुरूर में चुनावी सभा को संबोधित किया और कनेरी में रोड शो पर निकले। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विधायक स्व. मदन साहू को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने 2 वर्ष के कार्यकाल में बेहतर काम किया था, लेकिन ईश्वर के सामने सब नतमस्तक हैं। अब भाजपा की प्रत्याशी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कुमारी बाई साहू को विधायक बनाने की जिम्मेदारी यहाँ के गृहणियों, महिलाओं, बेटी और बहु की है। भाजपा की सरकार मन में काम करने की इच्छाशक्ति और विश्वास के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता भाजपा सरकार के 7 साल और पहले की कांग्रेस सरकार के 60 सालों की तुलना करें और कांग्रेस की जिन राज्यों में सरकारें चल रही है उनके विकास कार्यों का आंकलन करें। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में कोई राज्य छत्तीसगढ़ के बराबर नहीं है। एक ओर यहाँ के किसानों को पूरे देश में सबसे कम ब्याज पर ऋण मिल रहा है। अन्य राज्यों के किसानों की फसल नहीं बिकती और प्रदेश की सरकार किसानों का एक-एक दाना धान खरीद रही है। बेहतर स्कूल से लेकर गांव, गरीब और किसानों की प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश में योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली के क्षेत्र में ऐसी बड़ी उपलब्धि शामिल होने जा रही है, जिससे अगले 3 वर्ष के भीतर हर-गांव हर गली-मोहल्ले में बिजली के खंबे होंगे और तो और अगले 50 सालों तक छतीसगढ़ के लोगों को बिजली की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने केन्द्र की कांग्रेस गठबंधन यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस विकास नहीं सिर्फ घोटाला कर सकती है और जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहाँ 10-10 घंटे प्रतिदिन बिजली नहीं रहती। पहले साल में एक बार पेट्रोल के दाम बढ़ते थे, लेकिन जब से कांग्रेस आई है महीने में एक बार पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। अपने चुनावी उद्बोधन में भाजपा प्रदेश प्रभारी जगतप्रकाश नड्डा ने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि में उन्हें स्मरण करते हुए 11 फरवरी को समर्पण दिवस बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज का दिन समर्पण दिवस के रूप में मनाती है और पार्टी एकात्ममानववाद के सिद्धांत के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की वजह से पार्टी आज इतनी सशक्त हुई है और भाजपा की सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ दिन दुगनी और रात चौगुनी तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब और किसानों की भाजपा सरकार को एक बार फिर इस चुनाव में विजयी बनाने और भाजपा   प्रत्याशी   श्रीमती कुमारी बाई साहू को जिताने के लिए एकजुट होकर मतदान करें।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार सभी वर्गों के हितों  को ध्यान में रखकर विकास कर रही है। कांग्रेस सिर्फ बात कर सकती है विकास नहीं। उन्होंने कहा कि  मतदाता भी जानते हैं कि कांग्रेस धोखेबाज सरकार है इसलिए 50 सालों तक कांग्रेस पर विश्वास करके आम जनता का विकास नहीं हो पाया। यही वजह है कि जब-जब कांग्रेस आती है महंगाई बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि महंगी और वादाखिलाफ कांग्रेस को छत्तीसगढ़ से उखाड़ फेकना है।

भाजपा प्रत्याशी श्रीमती कुमारी बाई साहू को भारी मतों से विजयी बनाने का आव्हान करते हुए चुनाव प्रभारी बृजमोहन अग्रवाल ने गर्मजोशी से सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को मतदाता विकास के लिए मतदान करें। सभा के पश्चात उन्होंने उपस्थित पत्रकारों से बातचीत की। सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस मुद्दाविहीन है और उनके पास कहने को कुछ नहीं है। हम विकास के आधार पर चुनाव मैदान में है और भारी मतों से चुनाव जीतेंगे।

किसान नेता एवं कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि यहाँ के मतदाताओं ने विकास के जिम्मेदारी   भारतीय जनता पार्टी को सौंपी, लेकिन हमारे लाड़ले विधायक मदन साहू अचानक हमारे बीच से चले गए और अब उनकी स्मृति शेष है। उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाने का उन्होंने आव्हान किया। भाजपा प्रत्याशी श्रीमती कुमारी बाई साहू ने मतदाताओं से भाजपा को   भारी मतों से विजयी बनाने की भावभीनी अपील की। उन्होंने कहा कि उनके अधूरे कार्यों और सपनों   को पूरा करने यहाँ के सभी मतदाता उन्हें एक अवसर दें, ढाई वर्षों के इस अल्पकार्यकाल में वे अपनी जिम्मेदारियों और स्व. मदन साहू के अधूरे कार्यों को अवश्य पूरा करेंगी। इससे पूर्व जब वे भाषण देने खड़ी हुईं तो वहाँ का संपूर्ण वातावरण भावुक हो गया और समस्त उपस्थित ग्रामीणजनों ने उनका जोरदार तालियों से स्वागत किया। जिससे भाजपा प्रत्याशी रो पड़ी और उन्होंने अपने आसूं पोछते हुए अपनी बात कही। वरिष्ठ ग्रामीणों एवं सरपंचों ने लिया अपने समर्थकों के साथ भाजपा प्रवेश ग्राम संदेर के पूर्व डिप्टी रेंजर खुमान सिंह देशमुख, परसदा के सरपंच मोहन सिंह ठाकुर, दौराभाटा के सरपंच सालिक चंद्राकर, रतनूराम निषाद सरपंच भोथली, राजेन्द्र चंद्राकर खपरी, अरूण औरेन्द्र विजेन्द्र, खुर्सीपार से तेजराम सहित अनेक लोगों ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर विश्वास व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में भाजपा प्रवेश किया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने सभी लोगों स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। ग्रामीणों ने किया मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत कार्यक्रम के शुभारंभ में भारतीय जनता पार्टी के मंडल कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों तथा विभिन्न समाज के लोगों ने सांकरा-जगन्नाथपुर के सभास्थल में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को फूल माला पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया, जिसमें महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल थी। यह सिलसिला लगभग आधे घंटे चलता रहा। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित जनसमूह से भाजपा नेता बेहद उत्साहित नजर आए। उत्साहित ग्रामीणों ने भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने का भरोसा दिलाया बालोद। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की आज यहाँ विभिन्न स्थानों पर हुई जनसभाओं में हजारों की संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री ने जब छत्तीसगढ़ राज्य के विकास के मामले में अव्वल राज्य बनने की बात बताई तो ग्रामीणों ने उसका तालियाँ बजाकर जोर-शोर से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने जब देश में लगातार बढ़ती जा रही महंगाई के लिए कांग्रेस की केन्द्र सरकार को आरोपों के कटघरे में खड़ा किया तब भी ग्रामीणों के चेहरे पर उत्साह की मुस्कान नजर आई। इन सभाओं के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार दिख रहा है तथा ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को उनकी अपील पर इस उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्रीमती कुमारी बाई साहू को संकल्प के साथ हाथ उठाकर भारी मतों से जीत दिलाने का भरोसा दिलाया है।

CM election campaign in balod2 साठ साल तक विकास की उपेक्षा करने वालों को जनता अब देगी मुंहतोड़ जवाब डॉ. रमन सिंह

balod bielection news1 जनता विकास चाहती है:  बृजमोहन

बालोद उपचुनाव

बालोद में भाजपा की आमसभा

दिल्ली में डकैत बैठे है:- नड्डा

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रिय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी जगतप्रकाश नड्डा आज दोपहर राष्ट्रिय सहसंगठन मंत्री सौदान सिंह के साथ बालोद पहुचें. उन्होंने यहाँ एक चुनावी सभा को संबोंधित किया, वहीँ शक्ति केंद्र प्रभारियों की बैठक भी ली. सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की दिल्ली  की  सरकार में चोर नहीं डकैत बैठे है ये सब कुछ खा जाते है और डकार भी नहीं लेते. सभा को चुनाव संचालक बृजमोहन अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा की बालोद की जनता विकास चाहती है और वह भाजपा के साथ है.

श्री नड्डा ने आगे कहा की केंद्र में बैठी कांग्रेस सरकार के मुखिया तो ऐसे है की सिपाही को ये नहीं   कहते की चोर को पकड़ों और चोर को ये नहीं कहते की चोरी मत करों. पहले तो ये सुनते थे की ६४ करोड या ४० करोड का घपला हुआ है आज ये स्थिति है की १,७६,००० करोड का घोटाला हो जाता है और ये कांग्रेसी डकार भी नहीं लेते. इनके घोटलों को गिनने बैठे तो कई दिन निकल जाए.

सारा पैसा तो येही लोग खाजाते है ये न रायपुर पहुँच रहा है न बालोद. महंगाई की क्या बात करें पहले प्याज छिलने से आंसू आते थे आज प्याज का नाम सुन के आंसू आजाते है. आप सभी आगामी १४ तारीख को १ नंबर का कमल फूल का बटन दबाकर भाजपा को जिताएं. आप का एक वोट न केवल भाजपा को जिताएगा बल्कि केंद्र की सरकार को भी जवाब होगा और कुमारिबाई को जीता कर आप रमन सिंह का हाथ मजबूत करेंगे. आने वाले लोकसभा चुनाव में भी आप के सहयोग से हम इन भ्रष्टाचारियों को गद्दी से उखाड फेंकेगे.

प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री एवं चुनाव संचालक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा की भाजपा ने आप सभी के सामान एक गृहणी को प्रत्याशी बनाया है ये जानती है की आपको क्या परेशानी होती है, ये आप की बातों को सुनकर उसका समाधान करने में सक्षम होंगी. हमारे बिच में आप सब के लाडले मदन साहू जी नहीं रहे उनके अधूरे सपनों को पूरा करना है और उसके लिए उनकी धर्मपत्नी कुमारी बाई को साहू को आप सभी को मिलकर संबल प्रदान करना है. यहाँ पर इस बड़ी संख्या में आप सभी की   उपस्थिति इस बात का संकेत है की जनता भाजपा के साथ है, जम्मो महिला मन तय कार्लो की   यहाँ   से कांग्रेस की जमानत जप्त करवाना है तो कोई उनकी जमानत बचा नहीं सकता. भाजपा और रमन सिंह की सरकार ने जो योजनाये जनता के लिए चलायी है ये पुरे देश में आज तक किसी सरकार ने नहीं चलायी. दो रूपये किलो चांवल, बच्चों को मुफ्त कापी किताब, बच्चियों   को   सायकल ऐसी अनेक योजनाये है यदि गिनने जाए तो सुबह हो जायेगी. जो काम उन्होंने ५० साल में नहीं किया वो हमारी सरकार ने ७ साल में कर दिखाया. १४ फरवरी को १ नंबर का कमल फूल का बटन दबाकर भाजपा को जिताएं और बालोद के विकास के द्वार को खोलें.

सभा में भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री सौदान सिंह प्रदेश संगठन महामंत्री रामप्रताप सिंह, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत, खनिज निगम के अध्यक्ष गौरीशंकर  अग्रवाल बेवरेज निगम के अध्यक्ष देवजी पटेल, , नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती   लीला   शर्मा, राजा दीवान, तोमन साहू, प्रमुख रूप से उपस्थित थे आभार प्रदर्शन यज्ञदत शर्मा ने किया.

सौदान सिंह और नड्डा ने ली बैठक.

balod bielection news2 150x150 जनता विकास चाहती है:  बृजमोहनआज दोपहर बालोद पहुंचे राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी जगत्प्रकाश नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह ने पार्टी के केंदीय चुनाव कार्यालय में बंद कमरे में शक्ति केंद्र प्रभारियों की बैठक लेकर आगामी १४ तारीख को अपने अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक मतदान हो यह सुनिश्चित करने आवश्यक दिशा निर्देश दिए. बैठक में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, प्रदेश संगठन महामंत्री रामप्रताप सिंह, महामंत्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, गौरीशंकर अग्रवाल, राजेश मूणत आदि उपस्थित थे.
 

balod bielection news जनता विकास चाहती है:  बृजमोहन

samachar दिल्ली में बैठने वालों को विकास नहीं दिखता बृजमोहन अग्रवाल

बालोद । भाजपा प्रत्याशी कुमारी बाई मदन साहू के जनसम्पर्क के दौरान माहौल उस समय भावुक हो गया जब 75 वर्ष के बुजुर्ग रामप्रसाद साहू ने मदन साहू के साथ गुजारे वक्त को याद कर कुमारी साहू के सिर पर हाथ रखा और कहा कि हमारा बेटा नही रहा तो क्या हुआ अब उसकी जगह हमारी बेटी कुमारी हमारे लिए काम करेगी । भाजपा प्रत्याशी कुमारी बाई मदन साहू ने बालोद ब्लाक के तमोरा, नागाडबरी, निपानी, गोड़ी, अमोरा, मुजगहन, लिमोरा, पीपरछेड़ी, चारवाही, भेगारी, बोरी, खपरी, परसाही, भोइनापार, लाटाबोड़, अरौद, देवीनवागांव, नेवारीकला, टेकापार, नेवारीखुर्द, पड़कीभाट में सघन जनसंपर्क किया ।

ग्रामों में जनसम्पर्क के दौरान कहा कि मेरे पति मदन साहू ने क्षेत्र की जनता के साथ परिवार जैसा  संबंध बनाया था, अपनी हर समस्या और कठिनाई को यहां की जनता नि:संकोच उनके सामने रखती थी और मदन साहू भी उन कामों के निराकरण के लिए पूरी गंभीरता से काम करते थे वैसे तो राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता कई वर्षों से रही लेकिन बतौर विधायक मात्र डेढ़ सालों   के थोड़े समय में ही जनता से संवाद करके एक सक्रिय और गंभीर जनप्रतिनिधि के रुप में जनता के दिलों में स्थान प्राप्त किया था जनता की समस्या और कठिनाई जो उनके सामने आती थी वे मुझे बताते थे और समस्याओं के निदान के लिए उठाए जा रहे कदमों से भी मुझे अवगत कराते थे । आज मदन साूह इस दुनिया में नही हैं लेकिन उन्होने जो जनता के साथ आत्मीय संबंध स्थापित किया था
मैं उस संबंध को पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाऊंगी । कुमारी साहू ने कहा कि मदन साहू को जनता ने पूरे पांच सालों के लिए अपना प्रतिनिधि चुना था लेकिन समय के कुठाराघात से वे डेढ़ सालों तक ही आपका प्रतिनिधित्व कर सके लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने मुझे मौका दिया और बचे हुए तीन सालों का कार्यकाल जो कि वास्तव में मेरे पति मदन साहू के लिए था उसके लिए मुझे म  मौका   दिया  ताकि मैं उन कार्यों को पूरा कर सकूं जो वे अधूरा छोड़ गए हैं  । मुझे पूरा विश्वास है कि जनता ने जितना प्यार और स्नेह मेरे पति मदन साहू को दिया था उतना ही मुझे भी देगी और कमल पर बटन दबाकर भाजपा को विजयी बनाएगी ।

इस दौरान मौजूद पूर्व विधायक प्रीतम साहू ने कहा कि कहा कि भाई मदन साहू के नेतृत्व में मात्र डेढ़ साल में ही क्षेत्र ने विकास की ऊंचाइयों को हासिल किया है उन्होने संजारी बालोद के विकास को एक नई दिशा दी है आज उनकी पत्नि कुमारी साहू ने उनके द्वारा दी गई दिशा में क्षेत्र को आगे ले जाने का  जिम्मा लिया है। कुमारी बाई मदन साहू के साथ प्रतिभा चौधरी,खिलेश्वरी साहू, रेखा निकोसे, पालक ठाकुर, राकेश यादव, छगन देशमुख,देवधर साहू, चमनलाल साहू, कृष्णा साहू, केदार आर्य, सोनसाय लेडिय़ा, आरसी मेरिया, धरम साहू, प्रकाश नाहर, उमेश साहू, दीपा साहू, देवीलाल डड़़सेना,किशोर यदु, सुरेन्द्र देशमुख मौजूद थे ।

बालोद चुनाव में कांग्रेस की हार सुनिश्चित है बालोद जनपद अध्यक्ष भान साहू ने कहा   कि बालोद में कांग्रेस के लिए अब अपनी सभाओं में जनता को जुटाना मुश्किल होता जा रहा है इसलिए अपनी सभाओं में जनता को जुटाने के लिए दो दिनों तक अजीत जोगी के आने का झूटा प्रचार कांग्रेस द्वारा किया गया और लेकिन अजीत जोगी को ना तो आना था और ना ही वो आए जबकि
बाद में उसी मंच का उपयोग नारायण सामी की सभा के लिए किया गया । बालोद में कांग्रेस की स्थिति इतनी दयनीय होती जा रही है कि उसे अजीत जोगी के नाम के सहारा लेना पड़ रहा है । ऐसी ही एक दूसरी सभा में नारायण सामी की सभा में 50 लोग भी नही जुट सके इसी से पताचलता है कि संजारी बालोद में कांग्रेस का कितना जनाधार है ।

कांग्रेस की सभा में हुए हंगामें पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि इस हंगामें से कांग्रेस की गुटबाजी साफ दिख रही है कांग्रेस के कार्यकर्ता ही कांग्रेस को हराने मे जुट गए हैं कांग्रेस की एकता सार्वजनिक रुप से तार-तार हो रही है । कांग्रेस की असली संस्कृति बालोद की जनता के सामने आ रही है । कांग्रेस की सोच विकासात्मक नही बल्कि झगड़ालू प्रवृत्ति की है । सकारात्मक राजनीति कभी कांग्रेस को रास नही आती । जनता मे कांग्रेस के प्रति कोई झुकाव नही है ।
पूर्व विधायक लोकेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लोग भाजपा की प्रत्याशी के कम पढ़ा लिखा होने का मुद्दा उठा रहे हैं मगर कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी की शिक्षा कहां तक हुई है उसे सप्रमाण सर्टिफिकेट का साथ सामने रखा जाए । कुमारी बाई मदन साहू जैसी एक महिला के नेतृत्व
क्षमता को उस कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनौती दी जा रही है जिसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष को ठीक से हिन्दी बोलना भी नही आता । कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला विरोधी मानसिकता वाली पार्टी रही है इसका चरित्र आज सही रुप से बालोद उपचुनाव में सामने आ रहा है । कांग्रेस ने मातृशक्ति का
अपमान किया है ।

बालोद ग्रामीण अध्यक्ष पालक ठाकुर ने कहा कि बालोद में कांग्रेस की जमीन समाप्त हो चुकी है आज कांग्रेस के पास बालोद की जनता के सवालों का जवाब नही है, कांग्रेस झूठे और काल्पनिक वायदे कर चुनाव जीतना चाहती है ।बालोद की जनता जनना चाहती है कि कांग्रेस केन्द्र और राज्य में 50 साल से भी अधिक समय तक राज करने के बाद भी वो सब क्यों नही दे सकी जो भाजपा ने अपने सात सालोंं में यहां की   जनता को दिया है ।

chandrashekhar sahu election campaign in balod भाजपा ही किसानों की सच्ची हितैषी   चंद्रशेखर साहू

chandrashekhar sahu election campaign in balod1 300x225 भाजपा ही किसानों की सच्ची हितैषी   चंद्रशेखर साहू  बालोद/९/२/११/ धान का मूल्य केंद्र की सरकार तय करती है ,हम तो चाहते है किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलें , उनकी पीड़ा उनके दुःख दर्द को समझते हुए हमने १४ सौ रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदी हो यह मांग दिल्ली की कांग्रेस नित सरकार से की है पर दिल्ली की किसान विरोधी सरकार कान बंद किये बैठी है.किसानों का सच्चा हितैषी भारतीय जनता पार्टी है जो किसानों–गरीबों के सुख –दुःख में बराबर की भागीदारी रखती है. आपको देश प्रदेश में खुशहाली लानी है तो भाजपा के साथ ही चलना होगा, कुमारी बाई साहू के साथ आना होगा , कमल पर बटन दबाना होगा. .उक्त बातें छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री चन्द्रशेखर साहू ने ग्राम खर्रा में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कही.

हैलीकाप्टर पर संजारी-बालोद विधानसभा उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी कुमारी बाई मदन साहू के चुनाव प्रचार में आज श्री साहू व पीएई मंत्री गुरुर क्षेत्र के खर्रा व अरकार तथा बालोद ब्लाक के निपानी दौरे पर थे . गुरुर क्षेत्र के ग्राम खर्रा में चंद्रशेखर साहू ने कहा की छत्तीसगढ़ का धरतीपुत्र किसान आज पूरे देश का पेट पाल रहा है.मै भी किसान का बेटा हूँ , किसानों की हालत से मै भली-बहती वाकिफ हूँ . उनकी हालत बेहतर नहीं है.केंद्र में जब भाजपा की सरकार आयेगी तो निश्चित ही हम पूरा व लाभकारी मूल्य देंगे.ताकि उनका जीवन स्तर सुधर सके.

श्री साहू ने कहा की आज के समय में कांग्रेस द्वारा बढाई गई महंगाई का मुद्दा काफी अहम है जो पेट ,घर पूरी जिंदगी से जुड़ा हुआ है जिसकी चिंता कांग्रेस को नहीं है.आज गरीबों के सामनें भूखे मरनें की नौबत है.जिसके विपरीत यहाँ आपके आशीर्वाद से बनी छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार गरीबों को एक व दो रूपए में चावल दे रही है.

श्री साहू ने मदन साहू को याद करते हुए कहा की मदन साहू अपनी समस्या व अपने विचार बड़ी शालीनता के साथ रखते थे वे अपने क्षेत्र के विकास के प्रति गंभीर थे. उनका न रहना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है . मै ऐसा मानता हूँ की अब उनके विचारों को मूर्त रूप देने का समय आया गया है, मदन साहू की कमी को दूर करने उनकी पत्नी को कमल छाप पर बटन दबा कर संजारी बालोद से विधायक बना कर रायपुर भेजे और मदन साहू के स्वप्न को साकार करे.

सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के पीएचई मंत्री केदार कश्यप ने कहा की हमारी भाजपा सरकार ही गरीबों की सच्ची हितैषी है , सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाती चिंता करते हुए है.देश के भविष्य बेटिओं को सरस्वती कन्या योजना के तहत सायकल प्रदान करना,गणवेश प्रदान करना, साथ ही सभी को सड़क, पानी और बिजली और पेट की चिंता से मुक्त रखना भाजपा का संकल्प है . इस जन सभा में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष व प्रेमनगर विधायक रेणुका सिंह गुन्डरदेही विधायक विरेन्द्र साहू, भाजपा नेता सुरेन्द्र पाटनी सहित खर्रा सरपंच विजयेन्द्र कुमार साहू, जनपत सदस्य बैशाखिंन बाई , जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष लखन गुरुपंच , उपसरपंच सुरेश पटेल ,ग्राम अध्यक्ष सोनसाय साहू, भोजू राम साहू,तारकेश्वर साहू , आत्माराम साहू ,गोविन्द राम साहू,दसरथ साहू, वीजयेन्द्र साहू,सुरेश पटेल, साहू दशरथ साहू,रेवा राम साहू,सागर निषाद , प्रीत पटेल ,रोहित साहू, पन्ना लाल साहू,व हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

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