Eye donor are worthy of worship – Brijmohan
दुर्ग । जिन्होने जीते जीते समाज को बहुत कुछ दिया और जाने के बाद भी नेत्रदान के रुप में समाज के लोगों का जीवन रोशन किया वे सम्मान के साथ साथ पूजा के भी योग्य हैं । भाजयुमो के आयोजन की सराहना करते हुए प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह अभिनव कार्यक्रम लोगों को नेत्रदान जैसे कार्य के लिए प्रेरित करने में सहायक होगा । 40 नेत्रज्योति प्रदाताओं के परिवारजनों को केबिनेट मंत्रीद्वय बृजमोहन अग्रवाल व हेमचंद यादव, महापौर शिवकुमार तमेर, समाजसेवी अंतरसिंह सूरी तथा समाजसेवी श्रीचंद लेखवानी के हाथों सम्मानित किया । इसके पश्चात युवा मोर्चा द्वारा प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री हेमचन्द यादव के 53 वे जन्मदिवस पर उनका एवं श्री बृजमोहन अग्रवाल का 53 किलो का पुष्प हार पहनाकर स्वागत किया गया।
नेत्रज्योति प्रदाता के परिजनों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में केबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज के युग में अच्छाई का सम्मान कम हो गया है सिर्फ बुरा काम करने वालों और गलत तरीके से शार्टकट अपना कर सफल होने वालों की ही चर्चा ज्यादा होती है ऐसे में अच्छाई को सामने लाने की परम आवश्यकता है । उन्होने कहा कि जिन्होने जीते जीते समाज को बहुत कुछ दिया और जाने के बाद भी नेत्रदान के रुप में समाज लोगों का जीवन रोशन किया वे सम्मान के साथ साथ पूजा के भी योग्य हैं । भाजयुमो के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि भाजयुमो का यह अभिनव कार्यक्रम लोगों को नेत्रदान जैसे कार्य के लिए प्रेरित करने में सहायक होगा ।
केबिनेट मंत्री हेमचंद यादव ने कहा कि अज्ञानता और भ्रांतियों के कारण ही रक्तदान और नेत्रदान के कार्यों में बाधा आती है उन्होने स्वयं के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजयुमो मे ंकाम करने के दौरान उन्हे खुद बीमार व दुर्घटना के शिकार लोगों के लिए रक्त की व्यवस्था करने में बेहद कठिनाई आती थी तब उन्होने जिले भर में रक्त परीक्षण शिविरों के माध्यम से लोगों में जागृति लाने का अभियान चलाया कि रक्तदान से शरीर में न तो कोई कमजोरी आती है और न ही कोई बीमारी आती है । उन्होने तब अपने अभियान के दौरान लोगों को जागृत करते हुए कुंए का उदाहरण देते हुए कहा था कि जिस प्रकार कुंए से एक बाल्टी पानी निकालने के बाद पुन: पानी बराबर हो जाता है और कुंए से पानी नही निकालने पर वह ओवरफ्लो तो हो नही सकता ठीक उसी प्रकार रक्तदान करने पर तुरंत ही शरीर उतने ही मात्रा का रक्त बना लेता है और शरीर से रक्त नही निकालने पर ओवरफ्लो जैसी स्थिति तो आती ही नही है इसलिए रक्तदान करने में किसी को कोई दिक्कत नही है । शरीर से प्राण जाने के बाद उसका अंतिम संस्कार हो जाता है जिससे सारे ही अंग नष्ट हो जाते हैं इसलिए जाते जाते अपने नेत्रों का दान करके महाकल्याण करना सबसे श्रेष्ठ कार्य है।
इस अवसर पर पद्मा देवांगन, अजय तिवारी, राजेश ताम्रकार, प्रीतपाल बेलचंदन, जागेश्वर साहू, ताराचंद जैन, महावीर लोढ़ा, डॉ. देवनारायण तांडी, लखन साहू, शिवराज राऊत, राजेन्द्र पाध्ये ध्रुव सचदेव, प्रतीक उमरे, मनमोहन शर्मा, जितेन्द्र वर्मा, राजेश दीवान, वसीम कुरैशी, प्रेम नायक, अमजद अली, महेश सार्वा, महावीर छाजेड़, कमलेश सोनी, मदन माइती, मुश्ताक अहमद, आशुतोष सिंह, सुरेन्द्र बजाज, नीता जैन, राजेन्द्र पटेल, सुरेन्द्र कौशिक, अनूप गटागट, विरेन्द्र जोशी, ओमप्रकाश जोशी, विष्णु साहू, हर्षवर्धन तिवारी, मदन बढ़ई, अशोक कंडरा, महेन्द्र दिल्लीवार, दिलीप पटेल, गेंदलाल साव, संतोष नंदा, नरेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भाजपा-भाजयुमो कार्यकर्ता व आमजन शामिल थे ।

जे.आर. दानी शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में इन खेल स्पर्धाओं का उद्धाटन किया है। कैरम और नेटबाल की स्पर्धाओं में देश के दस राज्यों के 306 खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। इन स्पर्धाओं का समापन 05 दिसम्बर को होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह को सम्बोधित करते हुए बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। खेल गतिविधियों में शामिल होने से बच्चों में अनुशासन, प्रतियोगिता और स्वस्थ खेल भावना के गुण विकसित होते हैं, जो भविष्य में उनके बहुत काम आते हैं।