ऐतिहासिक बूढ़ा सागर तालाब जीर्णोध्दार एवं सौंदर्यीकरण की मंजूरी
पुरातन नगरी बारसूरवासियों को आठ करोड़ रूपए की सौगात
रायपुर, 17 ज़नवरी 2012
बस्तर के हजारों वर्ष पुरानी इस ऐतिहासिक एवं पौराणिक नगरी बारसूर की पहचान को संरक्षित रखने सहित इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने हर संभव पहल की जाएगी, जिससे इस ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी बारसूर की ख्याति देश और दुनिया में पहुंच सके। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बस्तर अंचल के दंतेवाड़ा जिलांतर्गत बारसूर में आयोजित प्रथम बारसूर महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बारसूर के प्राचीन बूढ़ा सागर तालाब के जीर्णोध्दार एवं सौंदर्यीकरण हेतु मंजूरी प्रदान की। वहीं नगर पंचायत बारसूर के अंतर्गत विकास कार्यों को पूरा करने प्रतिबध्दता व्यक्त की और बारसूरवासियों को लगभग आठ करोड़ रूपए की विकास कार्यों की सौगात देने छह निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रथम बारसूर महोत्सव आयोजन को इस क्षेत्र के परंपरा एवं पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण पहल निरूपित करते हुए कहा कि हजारों वर्ष पूर्व यहां उन्नत और समृध्द संस्कृति रही है, जिसके अवशेष आज भी हमें पुराने इतिहास एवं वैभवता की याद दिलाती है। इस दृष्टिकोण से इस पुरातन नगरी के पुरातत्व संपदा को संरक्षित रखने सहित पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ इस क्षेत्र में विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्र में सड़कें, पुल, एनीकट सहित अन्य विकास कार्यों को तेजी के साथ क्रियान्वयन करने पर बल दिया। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश ने इस पुरातन नगरी में आयोजित बारसूर महोत्सव को हर साल आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि इस आयोजन से देश के कोने-कोने में इस ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल के बारे में लोगों को जानकारी मिलेगी और लोग यहां की विरासत को देखने आएंगे। उन्होंने बस्तर के विकास के लिए कटिबध्दता व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार इस अंचल में ग्रामीण विकास के जरिए लोगों का विश्वास हासिल करने राज्य सरकार को हर संभव मदद कर रही है।
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बारसूर बस्तर या छत्तीसगढ़ की ही नहीं अपितु पूरे भारत का गौरव है जो इस क्षेत्र के लोगों की आस्था के साथ जुड़ी हुई है। बस्तर अंचल में शांति स्थापना के साथ ही विकास को बढ़ावा मिले इस हेतु बारसूर महोत्सव जैसे आयोजन कर ग्रामीणों को विकास और उनकी समृध्द संस्कृति से जोड़ने का अभिनव पहल की जा रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं पर्यटन मंडल के प्रयास को सराहनीय निरूपित किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी ने इस प्राचीन नगरी में मंदिरों के जीर्णोध्दार सहित अन्य विकास कार्यों के लिए मंजूरी देने का आग्रह करते हुए क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वृहद् स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता जताई। आरंभ में कलेक्टर श्री ओम प्रकाश चौधरी ने स्वागत भाषण में बारसूर महोत्सव आयोजन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं जिले में संचालित विकास गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बारसूर महोत्सव के दौरान आयोजित निर्धन कन्या सामूहिक विवाह समारोह में दांपत्य सूत्र में बंधे 51 जोड़े वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने इस मौके पर 108 एमरजेंसी एंबुलेंस का शुभारभ करते हुए जिले में बेहतर सेवाएं सुलभ कराए जाने की शुभकामना दी। वहीं इस मौके पर दंतेवाड़ा जिले के चार ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पुरस्कार के तहत पचास-पचास हजार रूपए प्रदान किया। इसके साथ ही प्रथम बारसूर महोत्सव पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान ‘छू लो आसमान‘ सीडी का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने हर्ष के प्रतीक रंगबिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े। आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और अन्य अतिथियों का आयोजन समिति द्वारा जोशिला स्वागत किया गया। इस मौके पर प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री भीमा मंडावी, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री सुखदेव तांती, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री महेन्द्र कर्मा तथा क्षेत्र के अन्य अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित थे।