शंकराचार्य निश्चलानंद जी का पावन सानिध्य और राज्यपाल शेखर दत्त होंगे मुख्य अतिथि
शाही स्नान के पूर्व अखाड़ों ने शस्त्र-निशानों को पूजा
महानाट्य “मर्यादा पुरषोत्तम” का हजारों ने उठाया आनंद
राजिम. त्रिवेणी संगम पर अंतिम दिन होने वाले शाही स्नान की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है. देश भर से पहुंचे हजारों साधु संतो और अखाडों ने विधि विधानपूर्वक शास्त्रों की पूजा अर्चना की. जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी के पावन सानिध्य, राज्यपाल शेखर दत्त के मुख्य आतिथ्य, नेता प्रतिपक्ष रवीद्र चौबे की अध्यक्षता और संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के विशिष्ट आतिथ्य मे गौवंश की रक्षा और प्रदेश मे राम राज्य की कल्पना साकार होने के संदेश के साथ ही 14 दिवसीय राजिम कुंभ 2012 का समापन आज शाम मुख्य मंच राजिम मे होगा। लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना के मद्देनजर देर रात्री संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
अखाडों ने किया शस्त्र पूजन…
कल 20 फरवरी को होने वाले शाही स्नान के पूर्व आज प्रातःकाल अखाडों ने शस्त्रों-निशान की पूजा अर्चना की. इस अवसर पर देश भर से पहुंचे अखाडों के महंतों सहित प्रेमानंद महाराज, प्रज्ञानंद महाराज सहित सैकडों साधु संतों ने हिस्सा लिया साथ ही अखाडों के महंतों ने अनेक शास्त्रों का प्रदर्शन भी किया. समारोह में श्रद्धालुओं और संस्कृति विभाग के ओएसडी गिरीश बिस्सा, सुधीर दुबे, प्रताप पारख ने पूजा अर्चना में हिस्सा लिया. आज प्रातः होने वाले शाही यात्रा में इन अस्त्रों शस्त्रों और निशानो की शोभा यात्रा हाथी, घोड़ों, ढ़ोल ढमाके, बाजे गाजे के साथ निकाली जायेगी. प्रति वर्ष होने वाले इस कुंभ मे महाशिवरात्री को ब्रह्म मुहर्त मे निकलने वाली इस शोभा यात्रा को देखने देश प्रदेश से हजारों की संख्या मे लोग रात्रि से ही राजिम पहुँचने लगे है। त्रिवेणी संगम के संत समागम स्थल से निकलकार शहर के मुख्य मार्गो से होकर यह यात्रा निकलती है जिसका जगह-जगह भव्य स्वागत किया जाता है।
समापन समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, खाद्य मंत्री पून्नूलाल मोहिले, लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस, श्री चन्दूलाल साहू, संसदीय सचिव श्री युद्धवीर सिंह जूदेव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण राय, पूर्व सांसद श्री पवन दीवान, राजिम विधायक श्री अमितेष शुक्ल और कुरूद विधायक श्री लेखराम साहू, पर्यटन मण्डल के उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी उपस्थिति रहेंगे. इसके अलावा जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व शिक्षा मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतोष उपाध्याय, नगर पालिका गोबरा नवापारा की अध्यक्ष श्रीमती देहुती साहू, भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, नगर पंचायत राजिम की अध्यक्ष श्रीमती अंजना महाडि़क, जनपद पंचायत फिंगेश्वर की अध्यक्ष श्रीमती अन्नपूर्णा साहू, श्रीमती गिरिजा साहू श्री माधव सिंह ध्रुव सदस्य जनपद पंचायत मगरलोड के साथ-साथ देशभर से आये साधु संत और महामण्डलेश्वर भी उपस्थिति रहेंगे.
महानाट्य “मर्यादा पुरषोत्तम” का हजारों ने उठाया आनंद
श्री गंगा आरती व भगवान राजीव लोचन की पुजा अर्चना एवं साधु संतो के आशीर्वचन और प्रवचन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्र्रम प्रारंभ हुए. आचार्य संतोष व नागरिको के व्दारा गंगा आरती कर श्री राजीव लोचन का पूजन के पश्चात सांस्कृतिक आयोजन हुए जिसमे देर रात हुए भगवान राम पर आधारित महानाटक “मर्यादा पुरूषोत्तम” ने पूरे दो घंटे तक श्रद्धालुओं को बांधे रखा. ध्वनि, प्रकाष और 100 से ज्यादा कलाकारों के अभिनय पर केंिद्रत इस नाटयलीला का आनंद हजारों लोगों ने उठाया. विषेष तौर पर पर्यटन, संस्कृति और धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस महानाटय को देखा और इसके डायरेक्टर सहित कलाकारों को सम्मानित भी किया. लगभग दो घंटे के इस महानाट्य में भगवान राम के सम्पूर्ण जीवन को उतारा गया है. खासतौर पर श्रवणकुमार और राजा दशरथ का दृष्य, सीता की अग्निपरीक्षा, जटायु गरूण का अनूठा चित्रण, हनुमान की पूंछ से लंका का दहन, भावनाओं को छूने वाले सुरीले गीत, डिजीटल ध्वनि मुद्रण और आधुनिक तकनीक से सजे संगीत, अतिभव्य रंगमंच, सेंटस, तीस हजार वाटस का साउंड, स्पेशल लाईट इफेक्टस, तत्काल बदलने वाला भव्य सेटस आदि ने महानाटय को सफल बनाने में पूरा योगदान दिया। इसके साथ ही साथ गोवर्धन देवांगन की पंडवानी, रजत दत्ता के सुगम गायन, ममता चंद्राकार,रायपुर, शिवकुमार तिवारी, बिलासपुर के लोकमंच को भी दर्शकों ने काफी सराहा।
आज के सांस्कृतिक आकर्षण:
त्रिवेणी संगम के सांस्कृतिक मंच पर कल 20 फरवरी को देश की सुप्रसिद्ध सुगम गायिका अनुराधा पौडवाल, मुंबई के साथ-साथ आंचलिक कलाकार कार्यक्रम देंगे जिनमें प्रमुख रूप से राजकुमारी खुटैल, पहडोर का पंडवानी, प्यारे यादव, तुलसी का राऊत नाचा, सुरूज़ बाई खाँड़े, बिलासपुर, का भरथरी, रजनी रजक, भिलाई का ढोलामरु, सुनील तिवारी, रायपुर का छत्तीसगढ़ी फिल्मी संगीत और नृत्य का कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे.































































































