छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, संस्कृति एवं पुरातत्व, संसदीय कार्य विभाग, पर्यटन विभाग और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के आगामी वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए पांच हजार 26 करोड़ 22 लाख 91 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई। इसमें लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए एक हजार 506 करोड़ 74 लाख 13 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 629 करोड़ 61 लाख 15 हजार रूपए, लोक विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाएं के लिए 200 करोड़ रूपए, स्कूल शिक्षा के लिए दो हजार 563 करोड़ 55 लाख 90 हजार रूपए, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व के लिए छह करोड़ 79 लाख 30 हजार रूपए, संस्कृति विभाग से संबंधित व्यय के लिए 16 करोड़ 88 लाख 63 हजार रूपए, पर्यटन विभाग के लिए 69 करोड़ 58 लाख 50 हजार रूपए तथा राज्य विधान मण्डल के लिए 31 करोड़ पांच लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं।
स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, संस्कृति एवं पुरातत्व, संसदीय कार्य विभाग, पर्यटन विभाग और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के जवाब में पिछले आठ वर्षो की इन विभागों की उपलब्धियों और वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए प्रस्तावित कार्य योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। श्री अग्रवाल ने सबसे पहले धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की तीर्थ नगरी राजिम के प्रसिध्द त्रिवेणी संगम पर पिछले सात वर्षो से आयोजित हो रहे वार्षिक राजिम कुंभ मेले से छत्तीसगढ़ की एक अलग सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि इस साल माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक आयोजित 15 दिवसीय राजिम कुंभ मेले में 15 से 20 लाख श्रध्दालुओं ने संत समागम का पुण्य लाभ लिया। श्री अग्रवाल ने आगामी वित्तीय वर्ष में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा किए जाने वाले कार्यो के संबंध में बताया कि शासन अधीन राज्य के मंदिरों के पुजारियों और सेवादारों के मानदेय में वृध्दि करने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को दी जाने वाली अनुदान राशि 25 हजार रूपए को बढ़ाकर 50 हजार रूपए किया जा रहा है। बस्तर दशहरा के मांझियों को अब एक हजार रूपए की सम्मान राशि मिलेगी। अभी तक इनको पांच सौ रूपए की सम्मान राशि दी जाती थी। इसी प्रकार चालकियों को 300 रूपए के स्थान पर 500 रूपए की राशि दी जाएगी। तीर्थ नगरी राजिम में भक्तिन राजिम माता का भव्य मंदिर बनवाने के लिए 50 लाख रूपए का प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष के बजट में किया गया है।
श्री अग्रवाल ने संस्कृति विभाग के लिए मांगे गए बजट पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से हर वर्ष छत्तीसगढ़ के दस हजार से अधिक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलता है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के 16 प्रमुख मड़ई-मेलों को महोत्सव का स्वरूप प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष से साहित्यकारों और कलाकारों को दी जाने वाली मासिक पेंशन राशि दो हजार रूपए हो जाएगी। इसी प्रकार बीमार कलाकारों को आर्थिक सहायता के रूप में अब 25 हजार रूपए दिए जाएंगे। अभी तक ऐसे कलाकारों को 15 हजार रूपए की सहायता दी जाती थी। उन्होंने संस्कृति विभाग की महत्वपूर्ण योजना बहुआयामी सांस्कृतिक संस्थान, पुरखौती मुक्तांगन और स्वामी विवेकानंद विश्व प्रबुध्द संस्थान की विशेषताओं की भी चर्चा की। श्री अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ का गजट प्रकाशित करने के लिए एक समिति बनायी जा चुकी है। छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द पुरातात्विक स्थल सिरपुर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल कराने के लिए कार्य योजना बनाकर इस पर अमल किया जा रहा है।
श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के लिए किए गए कार्यो की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में शून्य से शुरूआत हुई है। पर्यटन विकास एक लम्बी और सतत् प्रक्रिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सबसे पहले पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने राज्य के प्रमुख धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक स्थलों पर अधोसरंचना विकास पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ सालों में प्रदेश के वर्तमान 27 जिलों में पर्यटन विकास पर 175 करोड़ रूपए व्यय किए गए, इसी का परिणाम है कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ को पर्यटन विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। पर्यटन मंत्री ने कोरिया जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल अमृतधारा में शिवमंदिर सहित अन्य विकास कार्यो के लिए 25 लाख रूपए की स्वीकृति भी इस अवसर पर दी।
श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास पर अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य में स्कूली शिक्षा के लोकव्यापीकरण के लिए योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उससे विश्वास पैदा हुआ है कि भविष्य में राज्य को स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में भी पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पिछले सात-आठ वर्ष में नौ हजार 690 प्राथमिक स्कूल, छह हजार 989 मिडिल स्कूल, एक हजार 908 हाई स्कूल और 503 नये हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले गए हैं। राज्य सरकार की सरस्वती सायकल योजना के कारण स्कूलों में बालिकाओं की दर्ज संख्या में उल्लेखनीय वृध्दि हुई है। उन्होंने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष से राज्य के सभी अनुदान प्राप्त स्कूलों की कक्षा नवमी की छात्राओं को भी सरस्वती सायकल योजना के तहत सायकल दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अगले सत्र से संस्कृत विद्यालयों के छात्रों को भी सायकल प्रदान की जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य के अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में प्रत्येक दस बच्चों पर एक ज्ञान ज्योति विद्यालय शुरू किया गया है। वर्तमान में एक हजार 540 ज्ञान ज्योति विद्यालय संचालित हैं। उन्होंने बताया कि आगामी शिक्षा सत्र से अब हाई स्कूलों के भी छात्रों को नि:शुल्क पाठयपुस्तकें दी जाएगी। अभी तक प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूलों के सभी विद्यार्थियों एवं हाई स्कूलों की छात्राओं को नि:शुल्क पाठयपुस्तकें प्रदाय की जाती थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के वन क्षेत्रों में संचालित मॉडल स्कूलों में से दस मॉडल स्कूलों में दस सीटर बालक छात्रावास और 50 सीटर बालिका छात्रावास खोलने का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2012-13 के बजट में किया गया है। एन.सी.सी. को बढ़ावा देने के लिए ग्यारह करोड़ 61 लाख रूपए का प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष में किया गया। उन्होंने बताया कि स्कूली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ायी जाएगी। अब राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम पुरस्कार जीतने पर 21 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार जीतने पर 15 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार जीतने पर 10 हजार रूपए के नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। वर्तमान में पुरस्कार राशि क्रमश: दस हजार, साढ़े सात हजार और पांच हजार रूपए है। श्री अग्रवाल ने बताया कि अगले वित्तीय 200 हाई स्कूलों का उन्नयन कर हायर सेकेण्डरी स्कूलों का दर्जा दिया जाएगा। सरकार ने छात्र दुर्घटना बीमा योजना की राशि भी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत किसी छात्र के आकस्मिक निधन या पूर्ण अपंगता की स्थिति पर 25 हजार रूपए की बीमा सहायता राशि दी जाएगी। इसी प्रकार आंशिक अपंगता पर साढ़े बारह हजार रूपए तथा उपचार के लिए पांच हजार रूपए प्रदान किए जाएंगे। श्री अग्रवाल ने बताया कि अगले साल हर जिले में एक ग्रंथालय खोला जाएगा। नये हाई स्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में विज्ञान उपकरण क्रय करने के लिए 15 करोड़ रूपए का प्रावधान बजट में किया गया। स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था करने के लिए 22 करोड़ रूपए का प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष के बजट में है। बारहवीं परीक्षा की प्रावीण्य सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को एक-एक लाख रूपए शिक्षा के लिए दिए जाएंगे।
श्री अग्रवाल ने अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के सिलसिलेवार जवाब में लोक निर्माण विभाग की उपलब्धियों और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़कों की गुणवत्ता परीक्षण के लिए मोबाइल लैब स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर से विधानसभा तक की सड़क को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। माना विमानतल पहुंच व्ही.आई.पी. मार्ग को धरमपुरा से माना विमानतल से नये टर्मिनल तक सिक्स लेन सड़क बनायी जाएगी। रायपुर शहर की यातायात को सुगम बनाने के लिए लालपुर से रेल्वे स्टेशन तक के नहर पर सड़क का निर्माण किया जाएगा। राजनांदगांव और जशपुर में स्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान और स्पोर्ट्स काम्पलेक्स का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के एक हजार से अधिक ग्रामीण सड़कों को नया बनाने के लिए नाबार्ड से आठ सौ करोड़ का लोन लेने की योजना बनायी गयी है। राज्य शासन ने ग्यारह प्रमुख मार्गो का जीर्णोध्दार निजी पूंजी निवेश (बीओटी) से करने का प्रस्ताव बनाया है। अगले वित्तीय वर्ष के बजट में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 16 रेल्वे ओव्हर ब्रिज तथा 13 अण्डर ब्रिज निर्माण का प्रस्ताव किया गया है। इसी प्रकार प्रदेश में पढ़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गो की मरम्मत के लिए 49 करोड़ 50 लाख रूपए, राज्य मार्गो की मरम्मत के लिए 135 करोड़ रूपए, जिला एवं अन्य सड़कों की मरम्मत के लिए 283 करोड़ रूपए तथा ग्रामीण मार्गो की मरम्मत के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। नये जिलों बालोद, बेमेतरा, बलौदाबाजार, कोण्डागांव, सुकमा, गरियाबंद, बलरामपुर, सूरजपुर और मुंगेली में सीमेन्ट कांक्रीट सड़क (नाली सहित) निर्माण के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है। राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन को वातानुकुलित बनाने के लिए अगले बजट में धनराशि मुहैया करायी गयी है। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर, दंतेवाड़ा, कबीरधाम और उत्तर बस्तर (कांकेर) कम्पोजिट कलेक्ट्रेट बिल्डिंग बनायी जाएगी। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 200 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन बनवाने के लिए बजट प्रावधान किया गया है। जगदलपुर शहर, बलौदा, बेमेतरा, बलौदाबाजार, मुंगेली तथा सुकमा में ट्रांजिट हास्टल बनाया जाएगा। ओरछा और रामानुज नगर में नये विश्राम गृह और बिल्हा के विश्राम गृह में दो अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएंगे। बलरामपुर, सूरजपुर और गरियाबंद में सैनिकों के आवास के लिए बैरक निर्माण के लिए 60 लाख रूपए का प्रावधान बजट में किया गया है। प्रदेश के चार स्थानों में महाविद्यालय भवन निर्माण की योजना बनायी गयी है। भाटापारा, धरसीवां, अभनपुर, बिलाईगढ़, बागबाहरा, छुईखदान, पाटन, गुण्डरदेही, धमधा एवं मुंगेली में आई.टी.आई. भवन निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2012-13 के बजट में जरूरी धनराशि का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार आई.टी.आई. बलौदाबाजार, कसडोल, हथबंद, भिलाई सहित 14 स्थानों में 50 सीटर छात्रावास भवन बनाए जाएंगे। आई.टी.आई. रायपुर (बालक-बालिका), दुर्ग, राजनांदगांव और महासमुन्द में 100 सीटर छात्रावास भवन बनवाने का निर्णय लिया गया है।
श्री अग्रवाल ने संसदीय कार्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में बताया कि अगले वित्तीय वर्ष से विधायकों का दस लाख रूपए का बीमा कराया जाएगा। इसी प्रकार विधायकों को वाहन के लिए दिए जाने वाले ऋण की राशि सात लाख रूपए से बढ़ाकर दस लाख रूपए तथा गृह ऋण की राशि दस लाख से बढ़ाकर पन्द्रह लाख रूपए करने का निर्णय लिया गया है। इन विभागों की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में विधायक सर्वश्री डॉ. शक्राजीत नायक, देवजीभाई पटेल, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संतोष बाफना, डॉ. शिव डहरिया, ब्रम्हानंद नेताम, देवेन्द्र बहादुर सिंह, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, श्रीमती प्रतिमा चन्द्राकर, सेवक राम नेताम, शिवराज सिंह उसारे, श्रीमती रजनी त्रिपाठी, कवासी लखमा, श्रीमती सुमित्रा मारकोले, दूजराज बौध्द अमरजीत भगत, श्रीमती लक्ष्मी बघेल, सौरभ सिंह, अग्नि चन्द्राकर, भीमा मण्डावी, श्रीमती अम्बिका मरकाम, दीपक पटेल और धरमजीत सिंह ने हिस्सा लिया।