Sunday, May 20, 2012

रायपुर 08 मई 2012

छत्तीसगढ़ के स्कूली छात्र-छात्राओं को माह जून और जुलाई 2012 में मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में आयोजित पर्वतारोहण, व्यक्तित्व विकास तथा आपदा प्रबंधन शिविरों में  भागीदारी करने का अवसर मिलेगा। इन शिविरों का आयोजन राष्ट्रीय साहसिक खोजी एवं आपदा प्रबंधन संस्थान द्वारा किया जा रहा है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर इन शिविरों में छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलेवार जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।

इस पत्र में कहा गया है कि स्कूली छात्रों के लिए दो जून से 11 जून और दो जुलाई से 11 जुलाई तक दो चरणों में शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी प्रकार छात्राओं के लिए 12 जुलाई से 21 जुलाई तक शिविर लगेगा। इन शिविरों में कक्षा नवमीं से कक्षा ग्यारहवी तक के छात्र-छात्राएं शामिल हो सकेंगे। प्रदेश के प्रत्येक जिले से 30 छात्र और 30 छात्राओं को शिविर में शामिल कराने के लिए जरूरी तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्र-छात्राओं के दलों के साथ दो-दो शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी शिविर भेजा जाना है।  आयुक्त लोक शिक्षण ने इस पत्र में शिविरों में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी सामग्रियों की व्यवस्था करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।

स्कूलों में दुपहिया वाहन और मोबाईल पर प्रतिबंध लगाने के निर्देष
कलेक्टर ने ली अषासकीय स्कूल प्रबंधन, सचिव और प्राचार्यों की बैठक

महासमुन्द, 07 मई 2012

जिले में अनुसूचति जाति-जनजाति, नि:शक्त और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना अनिवार्य है। अधिनियम के तहत पहली कक्षा में प्रवेश के लिए एक किलोमीटर की परिधि तथा कक्षा छठवी में तीन किलोमीटर की परिधि में बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सुबह 11 बजे से अशासकीय स्कूल के अध्यक्ष, सचिव और प्राचार्यों की बैठक लेकर कलेक्टर श्रीमती अलरमेलमंगई डी. ने शासन के निर्देशानुसार निजी संस्थाओं में ऐसे वर्ग के छात्रों के लिए सीट आरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री एच.आर.सोम ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में जिले के 561 छात्रों को शिक्षा का अधिकार के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया था। इसके तहत महासमुंद विकासखण्ड के 269, सरायपाली के 201, बागबाहरा के 86, बसना के 80 और पिथौरा विकासखण्ड के 25 छात्रों को अशासकीय स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया। बैठक में स्कूलों में विद्यार्थियों से लिए जाने वाले फीस में इजाफा करने से पहले उसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को देने को कहा गया है। बैठक में बताया गया कि फीस बढ़ोत्तरी के साथ स्कूलों में दिए जाने वाली सुविधाओं में भी तुलनात्मक बढ़ोत्तरी हो रही है अथवा नहीं इसके लिए एक जांच दल गठित किया जाएगा, जो स्कूलों में जाकर इसकी पुष्टि करेगा।

कलेक्टर ने स्कूल के प्रबंधन समिति और प्राचार्यों को यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि नाबालिग विद्यार्थी दुपहिया वाहन से स्कूल नहीं आए ना ही स्कूल के समय मोबाईल का उपयोग करें। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि कोई छात्र दुपहिया वाहन से स्कूल आता है तो संबंधित छात्र, पालक और स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निर्देशित किया गया है कि स्कूली छात्रों को स्कूल लाने ले जाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले वाले वाहन पीले रंग के ही होने चाहिए तथा उस पर स्कूल का नाम साफ तौर पर लिखा होना चाहिए। साथ ही बस ड्रायवर का जीवित ड्रायविंग लाईसेंस तथा वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स होना अनिवार्य है।

इसके अलावा कलेक्टर ने कहा है कि सुर्प्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार स्कूल परिसर तथा आस-पास की परिधि में नशीले पदार्थ और खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने कहा है कि माह में एक बार पालक तथा स्कूल प्रबंधन की बैठक रखकर शिक्षा का स्तर और बच्चों के सार्वभौमिक विकास हेतु चर्चा की जाए। कलेक्टर ने अंत में सभी स्कूलों में गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने पर जोर दिया, जिससे भविष्य में बेहतर समाज को गढ़ा जा सके। इस अवसर पर शिक्षा विभाग का मैदानी अमला उपस्थित था।

छात्र-छात्राओं की संख्या में भी हुआ लगभग 12 लाख का इजाफा

रायपुर 05 मई 2012

स्कूलों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। राज्य निर्माण के समय नवम्बर 2000 से वर्ष 2004 तक प्रदेश में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक (पूर्व माध्यमिक)शालाओं, हाई स्कूलों और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की कुल संख्या 40 हजार 246 थी, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2011-12 की स्थिति में इनकी संख्या बढ़कर 60 हजार 905 तक पहुंच गयी है। इस प्रकार विगत आठ वर्षों में यानी वर्ष 2004 से वर्तमान वर्ष 2012 के आने तक प्रदेश में 20 हजार 659 नये स्कूल खोले जा चुके हैं। इस अवधि में इन सभी प्रकार के स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या में लगभग ग्यारह लाख 81 हजार की वृध्दि हुई है। वर्ष 2004 तक की स्थिति में इन शालाओं में बच्चों की संख्या 48 लाख 59 हजार 504 थी, जो वर्ष 2011-12 में 60 लाख 40 हजार 171 हो गई है। प्रदेश के इन स्कूली बच्चों में 30 लाख 94 हजार 256 बालक और 29 लाख 45 हजार 915 बालिकाएं शामिल हैं।

लोक शिक्षण संचालनालय से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में वर्ष 2011-12 की स्थिति में एक हजार 012 पूर्व प्राथमिक, 37 हजार 386 प्राथमिक, 16 हजार 364 पूर्व माध्यमिक शालाओं सहित तीन हजार 259 हाई स्कूलों और दो हजार 884 हायर सेकेण्डरी स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य में नवम्बर 2000 से वर्ष 2004 तक प्राथमिक शालाओं की संख्या 31 हजार 086, उच्च प्राथमिक (पूर्व माध्यमिक) शालाओं की संख्या छह हजार 621, हाई स्कूलों की संख्या एक हजार 161 और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की संख्या एक हजार 378 थी। वर्ष 2004-05 से 2008-09 तक प्राथमिक शालाओं की संख्या बढ़कर 31 हजार 907, उच्च प्राथमिक यानी पूर्व माध्यमिक शालाओं की संख्या सात हजार 098, हाई स्कूलों की संख्या एक हजार 176 और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की संख्या एक हजार 386 तक जा पहुंची। अगले वर्षों में इसमें और भी इजाफा हुआ। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के स्कूलों में बच्चों के लिए नि:शुल्क पाठय पुस्तक वितरण, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, गणवेश वितरण, छात्र दुर्घटना बीमा योजना, सरस्वती सायकल योजना, छत्तीसगढ़ सूचना शक्ति योजना, सूचना प्रसार प्रौद्योगिकी और पुस्तकालय योजना का भी संचालन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप राज्य में अमीर-गरीब के भेदभाव से परे सभी वर्गो के स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क पाठय पुस्तक योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पिछले वित्तीय वर्ष 2001-12 में 53 लाख 18 हजार बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें दी गई। इनमें कक्षा पहली से आठवी तक की सभी शालाओं के बच्चे शामिल हैं। इनके अलावा वर्ष 2005-06 से प्रदेश में हाई स्कूल यानी नवमीं-दसवीं तक सरकारी स्कूलों और अनुदान प्राप्त शालाओं की बालिकाओं को भी नि:शुल्क पुस्तकें दी जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा सभी प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में बच्चों के लिए नि:शुल्क मध्यान्ह भोजन योजना भी चलायी जा रही है। इसके अंतर्गत प्रति वर्ष औसतन दो सौ कार्य दिवसों में पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। यह कार्य दिवस 200 से 230 दिनों के बीच मान्य किया जाता है। राज्य के सभी 146 विकासखंडों के 47 हजार 920 स्कूलों में 40 लाख से अधिक बच्चों को पिछले शिक्षा सत्र 2011-12 में इस योजना का लाभ दिया गया।

रायपुर एक मई 2012

राज्य शासन ने संत कबीर के नाम पर शासकीय हाई स्कूल धौंराभाठा विकासखण्ड डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव का नामकरण करने का निर्णय लिया है। अब इस स्कूल का नाम संत कबीर शासकीय हाई स्कूल धौंराभाठा होगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से इस आशय का आदेश भी जारी कर दिया गया है।

 ग्राम सुराज अभियान के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी 27 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगातरायपुर 28 अप्रैल 2012 स्कूल शिक्षा मंत्री तथा धमतरी जिले के प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल ने ग्राम सुराज अभियान के दौरान ग्राम-जुगदेही एवं कुल्हाड़ी तथा आसपास के गाँवों में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 27 करोड़ 05 लाख 74 हजार रूपये के कार्यों की मंजूरी दी। इनमें ग्राम-जुगदेही में सी0सी0रोड के लिए 06 लाख रूपये, पेयजल स्पॉट सोर्स योजना के लिए 10 लाख, सौराबांधा तालाब गहरीकरण के लिए 05 लाख रूपये, नाला सफाई के लिए 3 लाख 73 हजार रूपये, नाली निर्माण के लिए 05 लाख रूपये, मिडिल स्कूल में अहाता निर्माण के लिए 3 लाख 86 हजार रूपये, प्राथमिक शाला जुगदेही में अहाता निर्माण के लिए 07 लाख, प्राथमिक शाला कोर्रा में अहाता निर्माण के लिए 4 लाख 35 हजार रूपये, मिडिल स्कूल सिलौटी अहाता निर्माण के लिए 08 लाख रूपये, हाईस्कूल पचपेड़ी अतिरिक्त कक्ष 32 लाख रूपये, खेल मैदान समतलीकरण 02 लाख रूपये, सेमरा(बी.) हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 57 लाख रूपये, भेण्डरी हाईस्कूल भवन 57 लाख रूपये, प्राथमिक शाला बोरझरा अहाता के लिए 06 लाख रूपये की मंजूरी दी। इसके अलावा उन्होंने गातापार, बोरझरा, तिर्रा एवं बेलौदा में सी0सी0रोड के लिए 3-3 लाख रूपये की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी कि कुरूद विधानसभा के विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य के लिए 22 करोड़ रूपये की धनराशि राज्य सरकार द्वारा मंजूर की गई है।

ग्राम कुल्हाड़ी में आयोजित ग्राम सुराज के दौरान प्रभारी मंत्री ने फुसेरा हाईस्कूल के लिए 57 लाख रूपये, कुल्हाड़ी एवं फुसेरा में सी0सी0रोड के लिए 3-3 लाख रूपये, पेयजल स्पॉट सोर्स योजना कुल्हाड़ी 10 लाख रूपये, सामुदायिक भवन कुल्हाड़ी तीन लाख रूपये, फुसेरा में निर्मला घाट निर्माण के लिए डेढ़ लाख रूपये, कांजी हाउस कुल्हाड़ी के लिए 2 लाख 50 हजार रूपये, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत सड़क निर्माण के लिए 11 लाख रूपये, कोटगाँव-सेन्धरा-चिंवरी-फुसेरा मार्ग के लिए 10 लाख रूपये, मिडिल स्कूल कुल्हाड़ी के लिए 05 लाख रूपये, मिडिल स्कूल डोंड़की के लिए 03 लाख रूपये, प्राथमिक शाला डोंड़की 03 लाख रूपये, खर्रा सी0सी0रोड 03 लाख रूपये, खर्रा प्राथमिक शाला मरम्मत 05 लाख रूपये, कोटगाँव सी0सी0रोड तीन लाख रूपये, सी.सी.रोड जामगाँव तीन लाख रूपये, कोंडापार नहर-नाली 42 लाख रूपये, मुक्तिधाम शेड निर्माण जीजामगाँव दो लाख रूपये, नवीन स्कूल कोडापार  06 लाख रूपये, स्कूल अहाता कोडापार 05 लाख रूपये, हाईस्कूल भवन दरबा 30 लाख रूपये, कुल्हाड़ी निर्मला घाट के लिए डेढ़ लाख रूपये, गौठान कांक्रीटीकरण 03 लाख रूपये, आसपास के गाँवों में धान खरीदी चबूतरा निर्माण के लिए 06 लाख 30 हजार रूपये की मंजूरी दी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री अजय चन्द्राकर, जिला पंचायत सदस्य श्रमती मीना साहू सहित श्री निरंजन सिन्हा, ग्राम पंचायत जुगदेही की सरपंच श्रीमती लक्ष्मी साहू, ग्राम पंचायत कुल्हाडी के सरपंच श्रीमती पूजा साहू, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

रायपुर 28 अप्रैल 2012

स्कूल शिक्षा मंत्री एवं धमतरी जिले के प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कल ग्राम सुराज अभियान के अन्तिम दिन जिले के कुरूद क्षेत्र के ग्राम-जुगदेही एवं कुल्हाड़ी में देर रात तक चौपाल लगाकर ग्रामीणों से रू-ब-रू हुए। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, मध्यान्ह भोजन योजना, ऑंगनबाड़ी के संचालन, पेयजल, स्कूलों में गणवेश एवं पाठयपुस्तकों के नि:शुल्क वितरण एवं उचित मूल्य की दूकान से किफायती दर पर मिलने वाले खाद्यान्न के संबंध में पूछताछ की। स्कूल शिक्षा मंत्री ने समीपवर्ती गाँव ग्राम-कोर्रा में अगले शिक्षा सत्र से हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं ग्राम-कोंडापार में नया मिडिल स्कूल प्रारम्भ करने की घोषणा की। श्री अग्रवाल ने ग्राम-जुगदेही एवं कुल्हाड़ी हल्का में पदस्थ पटवारियों को शासकीय कामकाज में सुधार लाने की चेतावनी देते हुए कहा कि एक माह के उपरान्त ग्रामीणों द्वारा किसी प्रकार की शिकायत आई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया और विभिन्न कार्यों की घोषणा एवं स्वीकृति भी प्रदान की। इस दौरान उन्होंने किसानों को धान बोनस राशि के चेक वितरित किए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री अजय चन्द्राकर सहित श्री निरंजन सिन्हा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामेश्वरी साहू, कलेक्टर श्री एस0प्रकाश एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों से आग्रह करते हुए कहा कि जच्चा एवं बच्चा के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में ही प्रसव कराएं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा प्रसव के दौरान माताओं को 1400 रूपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। उन्होंने मैदानी कर्मचारियों, पटवारी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, उचित मूल्य दुकानों के सेल्समेन, पंचायत सचिव(कर्मी), ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, हेण्डपम्प मेकेनिक, शिक्षकों के कामकाज की समीक्षा करते हुए ग्रामीणों से चौपाल में आवश्यक पूछताछ की। उन्होंने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर से बेहतर क्रियान्वयन हो, जिससे आम जनता को इसका लाभ मिल सके। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के उपरान्त मुख्यमंत्री डॉ0 रमन सिंह के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों के दौरान गांव एवं शहरों का चहुंमुखी विकास हुआ है। गाँव-गाँव में सड़कों का निर्माण, स्कूल भवन, ऑंगनबाड़ी भवन, निर्मला घाट, गली कांक्रीटीकरण, सामुदायिक भवनों के निर्माण से स्थायी परिसम्पत्तियों का सृजन हुआ है। प्रदेश सरकार द्वारा समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहें हैं। गरीबों को किफायती दर पर चाँवल एवं नि:शुल्क अमृत नमक भी वितरित किया जा रहा है।

राजनांदगांव 28 अप्रैल 2012

राजनांदगांव जिले में 15 शाला भवनों के जीर्णोध्दार तथा 70 शाला भवनों के आहाता निर्माण के लिए 2 करोड़ 54 लाख 36 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार खैरागढ़ जनपद अंतर्गत आहाता निर्माण प्राथमिक शाला सलोनी के लिए 3 लाख, मिडिल स्कूल कन्या खैरागढ़ के लिए 2 लाख, प्राथमिक शाला रामनवागांव व धारिया के लिए 2-2 लाख, प्राथमिक शाला बघमर्रा के लिए 4.21 लाख व माध्यमिक शाला बघमर्रा के लिए 4.01 लाख, प्राथमिक शाला पेन्ड्री के लिए 5 लाख, अचानकपुर नवागांव के लिए 3.75 लाख, सण्डी के लिए 4.26 लाख, गेण्ड्रा के लिए 2.88 लाख, केराबोरी के लिए 4 लाख रूपए की स्वीकृति दी गयी है। प्राथमिक शाला ढोलिया कन्हार व अछोली के जीर्णोध्दार के लिए पृथक-पृथक रूप से 4.35 लाख रूपए तथा मिडिल स्कूल ठेलकाडीह के मरम्मत के लिए 2 लाख रूपए मंजूर किए गए है।
इसी तरह आहाता निर्माण के लिए राजनांदगांव जनपद की प्राथमिक शाला रामतराई व राजाभानपुरी के लिए 3-3 लाख रूपए, भरकाटोला, मिर्चे,चमहारीटोला व कलकसा के लिए 2-2 लाख रूपए, मिडिल स्कूल बोइरडीह के लिए 4.84 लाख, खपरीखुर्द के लिए 4.44 लाख, धामनसरा व रानीतराई के लिए 2-2 लाख रूपए, प्राथमिक शाला खपरीखुर्द के लिए 2.246 लाख रूपए,मिडिल स्कूल मुड़पार के लिए 1.76 लाख रूपए मंजूर किए गए है। प्राथमिक शाला सुकुलदैहान, तिलई,मोहदी व धौराभाठा के जीर्णोध्दार के लिए पृथक-पृथक रूप से 4.35 लाख,बल्देव प्रसाद मिश्र मिडिल स्कूल के जीर्णोध्दार के लिए 5.17 लाख, प्राथमिक शाला घुमका की मरम्मत के लिए 3 लाख, मिडिल स्कूल पटेवा व घुमका की मरम्मत के लिए 2-2 लाख रूपए की स्वीकृति दी गयी है।
इसी तरह छुरिया विकासखंड की प्राथमिक शाला अनंतपुर व कापा में आहाता निर्माण के लिए 3-3 लाख रूपए, प्राथमिक शाला खोराटोला के लिए 2.50 लाख रूपए, सहसपुर दल्ली के लिए 2.50 लाख रूपए, पागरीकला के लिए 3.10 लाख , पागरी खुर्द के लिए 1.30 लाख, चिखलामटिया के लिए  2.08 लाख, साल्हेटोला के लिए 2.28 लाख, बड़गांव के लिए 1.57 लाख, हैदलफोड़ो के लिए 2.91 लाख, झितराटोला व बनियाटोला के लिए 5-5 लाख, पेन्ड्रीडीह के लिए 3.69 लाख, भर्रीटोला के लिए 2.74 लाख, लाममेटा के लिए 3.85 लाख, मासुलकसा के लिए 2 लाख, महरुम के लिए 2.94 लाख, प्राथमिक शाला पतौरा में आहाता निर्माण के लिए 2.60 लाख रूपए की स्वीकृति दी गयी है। प्राथमिक शाला बागद्वार के भवन मरम्मत के लिए 2 लाख मंजूर किए गए है।
डोगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत आहाता निर्माण माध्यमिक शाला नारायणगढ़ के लिए 2.21 लाख रूपए, बरसनटोला के लिए 3.60 लाख, प्राथमिक शाला भोथली के लिए 4 लाख, प्राथमिक शाला रीवागहन के लिए 3 लाख, झण्डातालाब के लिए 4 लाख, भरकाटोला के लिए 4 लाख,पलान्दु के लिए 4.87 लाख, मोतीपुर के लिए 4.36 लाख, प्राथमिक शाला पोलेन्द्रा के लिए 4 लाख, मिडिल स्कूल पोलेन्द्रा के आहाता निर्माण के लिए 4 लाख रूपए की मंजूरी दी गयी है। प्राथमिक शाला लाल बहादुर नगर के भवन मरम्मत के लिए 8 लाख रूपए तथा मिडिल स्कूल मोहार के भवन मरम्मत के लिए 2 लाख रूपए मंजूर किए गए है। इसी तरह डोगरगांव ब्लॉक अंतर्गत आहाता निर्माण माध्यमिक शाला बुध्दुभर्दा,  दीवानभेड़ी,जारवाही, बाकल, दौराभाठा, दीवानझिटिया, खपरीकला एवं टेकाहर्दी के लिए 2-2 लाख रूपए , प्राथमिक शाला सिरा के लिए 2 लाख रूपए, आलीखुटा एवं आरगांव के लिए ढाई-ढाई लाख रूपए, माध्यमिक शाला आरगांव के लिए 2.50 लाख रूपए, पूर्व माध्यमिक शाला ढाबा के लिए 2.76 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। मिडिल स्कूल खाुी के जीर्णोध्दार के लिए 5.17 लाख रूपए की स्वीकृति दी गयी है। छुईखदान ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक शाला रामपुर एवं रेगाखार के आहाता निर्माण के लिए 2-2 लाख रूपए, प्राथमिक शाला बाईकटोरी के लिए 1.164 लाख रूपए तथा प्राथमिक शाला श्यामपुर के भवन मरम्मत के  लिए 3 लाख स्वीकृत किए गए है।

रायपुर, 27 अप्रैल 2012

छत्तीसगढ़ में साक्षर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के 45 लोक शिक्षा केन्द्रों को मॉडल शिक्षा केन्द्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा 45 लोक शिक्षा केन्द्रों का चिन्हांकन कर जरूरी कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण को पत्र भेज दिया गया है। इनमें बस्तर, रायपुर और बिलासपुर संभाग के 11-11 तथा सरगुजा संभाग के 12 लोक शिक्षा केन्द्र शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि साक्षरता भारत कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के चार जिलों दुर्ग, बेमेतरा, बालोद और धमतरी को छोड़कर शेष 23 जिलों को शामिल किया गया है। इन 23 जिलों की आठ हजार 413 ग्राम पंचायतों में एक-एक लोक शिक्षा केन्द्र स्थापित किए गए हैं।

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि लोक शिक्षा केन्द्रों में साक्षरता से संबंधित चार प्रकार की गतिविधियां संचालित की जाती है। सबसे पहले इन केन्द्रों में असाक्षरों खासकर महिला असाक्षरों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इसके तहत असाक्षरों को यहां पढ़ने-पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा समतुल्यता कार्यक्रम से जोड़कर उन्हें पांचवी या आठवी परीक्षा में शामिल कराने की प्रक्रिया अपनायी जाती है। सतत शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में स्थापित पुस्तकालयों से नव साक्षरों को साक्षरता साहित्य उपलब्ध कराए जाते हैं। इन सबके बाद नवसाक्षरों को कौशल विकास की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की पहल की जाती है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि बस्तर संभाग की सरगीपाल, तोकापाल, मसोरा, पेण्ड्रावन, कसोली, बालूद, सोनाकुकानार, बांगोली, करलखा, चौगेल, डोकला, रायपुर संभाग की झांकी, डोंगीतराई, गोढ़ी, नयापारा कला, भूकेल, लिटिया, चाम्पा टोला, धरमपुरा, मोहगांव, दतानखैरा, बकली, बिलासपुर संभाग की बैमा, पोड़ी, सिंगारपुर, अरदा, कथरीमाल, खोडरीपसान, उरगा, लोइंग, झनकपुर, पाली, कुटराबोर तथा सरगुजा संभाग की डिगमा, लहपटरा, लमगांव, कुमदा, पर्री, गाेंदा, मरमा, आरागाही, पीड़दी, खारढोढ़ी, छोटे कलवा तथा डकईपारा ग्राम पंचायत में संचालित लोक शिक्षा केन्द्रों को मॉडल लोक शिक्षा केन्द्रों के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि चयनित लोक शिक्षा केन्द्रों में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा ग्रामीण विद्युतीकरण कार्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से अध्ययन-अध्यापन के आधुनिक और नवीनतम सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इन केन्द्रों में कम्प्यूटर, प्रोजेक्टर सिस्टम, लेजर प्रिंटर, एल.सी.डी. टी.वी., माइक सिस्टम, ब्लेक बोर्ड, वाटर कूलर, जनरेटर, टेपरिकार्डर और आलमारी सहित अन्य जरूरी सामग्री दी जाएंगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा खमतराई में हाई स्कूल खोलने की घोषणा

आरंग-खमतराई मार्ग के डामरीकरण की स्वीकृति

रायपुर, 24 अप्रैल 2012

398cccc श्री बृजमोहन अग्रवाल ने लगाई खमतराई में चौपाल :ग्राम सुराज अभियान 2012स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम खमतराई में अगले शिक्षा सत्र से हाई स्कूल खोलने की स्वीकृति दी है। श्री अग्रवाल आज ग्राम सुराज अभियान दौरे में खमतराई में आम जनता की मांग पर इसकी घोषणा की। स्कूल शिक्षा मंत्री ने नये स्कूल के नये भवन के लिए 58 लाख रूपए की मंजूरी भी मौके पर दे दी। श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं और जरूरतों को सुनने के बाद नये हाई स्कूल और स्कूल भवन सहित लगभग डेढ़ करोड़ रूपए के विकास कार्यों की स्वीकृति दी। छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, आरंग क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री संजय ढीढी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने खमतराई के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में चौपाल लगाकर शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत, आंगनबाड़ी, मध्यान्ह भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं की आम जनता तक पहुंच की स्थिति की जानकारी ली। श्री अग्रवाल ने स्कूली बच्चों से आत्मीय चर्चा करते हुए मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता के संबंध में विशेष तौर पर पूछताछ की।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने खमतराई के पनखत्ती तालाब के गहरीकरण के लिए सात लाख रूपए, आरंग से भर्रीघाट तक सड़क के नवीनीकरण के लिए दस लाख रूपए, खमतराई में कांजीहाउस निर्माण के लिए दो लाख 65 हजार रूपए, सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण के लिए तीन लाख रूपए, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खमतराई में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए तीन लाख 10 हजार रूपए, माध्यमिक शाला में शौचालय निर्माण के लिए एक लाख 50 हजार रूपए, अहाता निर्माण के लिए छह लाख रूपए, शिशु मंदिर खमतराई के लिए तीन लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला खमतराई में अहाता निर्माण के लिए तीन लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला खमतराई में प्रधान अध्यापक कक्ष निर्माण के लिए दो लाख 75 हजार रूपए, नकटा तालाब और बंधना तालाब भोथली के गहरीकरण के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रूपए, स्कूल खेल मैदान खमतराई के समतलीकरण के लिए पांच लाख रूपए तथा आरंग से खमतराई सड़क के डामरीकरण के लिए 40 लाख रूपए स्वीकृत किए।

 स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल पहुंचे ग्राम सोनासिल्ली :ग्राम सुराज अभियान 2012

ग्रामीणों की मांग पर 1.94 करोड़ रूपए के विकास कार्यो की मंजूरी

बोरसी में आगामी शिक्षा सत्र से खुलेगा हाई स्कूल

सरगोड़-खैरझिटी और जामगांव-कोसमखुंटा मार्ग का होगा डामरीकरण

यपुर, 23 अप्रैल 2012

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने ग्राम सुराज अभियान के अन्तर्गत आज गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखण्ड के ग्राम सोनासिल्ली का दौरा कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की वास्तविक वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ग्राम सोनासिल्ली में उपस्थित आम जनता से उनकी समस्याएं और मांगें सुनने के बाद सोनासिल्ली तथा आस-पास के आठ गांवों के निवासियों के लिए शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े लगभग दो करोड़ रूपए के विकास कार्यो की मंजूरी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की कार्यकारिणी के सदस्य श्री संतोष उपाध्याय, गरियाबंद कलेक्टर श्री दिलीप वासनीकर सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों की चौपाल में राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और कृषि विभाग की योजनाओं से आम जनता को मिल रहे फायदों की जानकारी ली। उन्होंने स्कूल बच्चों से मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क पाठयपुस्तक वितरण, नि:शुल्क गणवेश वितरण आदि के बारे में पूछताछ की। श्री अग्रवाल ने स्थानीय नागरिकों की मांग पर हाई स्कूल सोनासिल्ली के लिए नया भवन बनवाने 58 लाख 12 हजार रूपए, प्राथमिक शाला सोनासिल्ली में अहाता निर्माण के लिए चार लाख रूपए, कन्या प्राथमिक शाला में अहाता निर्माण के लिए चार लाख रूपए, हाई स्कूल सोनासिल्ली में अहाता निर्माण के लिए पांच लाख रूपए, कन्या प्राथमिक शाला में शौचालय निर्माण के लिए डेढ़ लाख रूपए, सरगोड़-खैरझिटी मार्ग के डामरीकरण के लिए 30 लाख रूपए, जामगांव-कोसमखुंटा मार्ग के डामरीकरण के लिए 48 लाख रूपए, प्राथमिक शाला सरगोड़ में अहाता निर्माण के लिए तीन लाख 68 हजार रूपए, माध्यमिक शाला जामगांव में अहाता निर्माण के लिए पांच लाख रूपए, प्राथमिक शाला रजनकट्टी में अहाता निर्माण के लिए चार लाख रूपए, प्राथमिक शाला भेण्ड्री में अहाता निर्माण के लिए पांच लाख रूपए, हाई स्कूल जामगांव में अहाता निर्माण के लिए आठ लाख रूपए, नवीन प्राथमिक शाला सिर्रीकला में अहाता निर्माण के लिए चार लाख रूपए, कोसमखुंटा से खपरी मार्ग के मुरमीकरण के लिए तीन लाख रूपए, लचकेरा-खपरीकला-कोसमखुंटा मार्ग के मुरमीकरण के लिए तीन लाख रूपए, अनुसूचित जाति मोहला जामगांव में सीमेन्ट कांक्रीट सड़क निर्माण के लिए तीन लाख रूपए तथा प्राथमिक शाला बोरसी में अहाता निर्माण के लिए पांच लाख रूपए की मंजूरी दी। श्री अग्रवाल ने ग्राम बोरसी में अगले शिक्षा सत्र से हाई स्कूल खोलने की घोषणा की। बोरसी में संचालित पूर्व माध्यमिक शाला का उन्नयन कर हाई स्कूल खोला जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने ग्राम सोनासिल्ली में दो आंगनबाड़ी भवन तथा ग्राम लचकेरा में एक आंगनबाड़ी भवन की मंजूरी भी दी। उन्होंने खपरी-लचकेरा पहुंच मार्ग को नये सिरे से बनवाने का भी आश्वासन इस अवसर पर दिया।

लगभग 86 लाख रूपए के विकास कार्य मंजूर

बरतोरी में अगले साल से खुलेगा धान खरीदी केन्द्र

तीन तालाबों के गहरीकरण के लिए 30 लाख रूपए स्वीकृत

रायपुर, 22 अप्रैल 2012

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश व्यापी ग्राम सुराज अभियान के पहले चरण के चौथे दिन कल देर शाम रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के ग्राम बरतोरी (कोदवा) का दौरा किया। श्री अग्रवाल ने वहां चौपाल लगाकर राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। उन्होंने आम जनता की मांग पर लगभग 86 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों की मंजूरी मौके पर ही दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेस कार्पोरेशन के अध्यक्ष एवं विधायक श्री देवजी भाई पटेल, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, कलेक्टर रायपुर डॉ. रोहित यादव सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने आम जनता की मांग पर प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला बरतोरी में अहाता निर्माण के लिए सात लाख रूपए, प्राथमिक शाला में प्रधान अध्यापक कक्ष निर्माण के लिए तीन लाख दस हजार रूपए, खेल मैदान समतलीकरण के लिए चार लाख रूपए, प्राथमिक शाला शांति नगर (कोदवा) में प्रधान अध्यापक कक्ष निर्माण के लिए तीन लाख 10 हजार रूपए और अहाता निर्माण के लिए दो लाख रूपए, प्राथमिक शाला मदी में अहाता निर्माण के लिए दो लाख रूपए, प्राथमिक शाला देवगांव में अहाता निर्माण के लिए दो लाख रूपए, माईनर नहर लायनिंग के लिए दस लाख रूपए, बरतोरी में सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण के लिए छह लाख रूपए, मुक्तिधाम शेड निर्माण के लिए दो लाख रूपए, बरतोरी तालाब गहरीकरण के लिए नौ लाख पचास हजार रूपए, बरतोरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए तीन लाख रूपए, नल जल योजना बरतोरी में पाईप लाईन विस्तार के लिए चार लाख रूपए, नया तालाब बरतोरी के गहरीकरण के लिए नौ लाख पचास हजार रूपए, डबरी तालाब बरतोरी के गहरीकरण के लिए पांच लाख पचास हजार रूपए, प्राथमिक शाला खम्हरिया में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए तीन लाख 10 हजार रूपए, बंधवा तालाब गहरीकरण के लिए दस लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने अगले खरीफ मौसम के बाद बरतोरी में धान खरीदी केन्द्र खोलने तथा युवा क्रिकेट क्लब बरतोरी को स्वेच्छानुदान मद से पांच हजार रूपए की सहायता देने की भी घोषणा की।

353%20news टेकारी में अगले शिक्षा सत्र से खुलेगा नया मिडिल स्कूल : स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने ग्राम सुराज अभियान दौरे में की घोषणा:ग्राम सुराज अभियान 2012

टेकारी, मांढर बस्ती और मांढर कालोनी के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रूपए के विकास कार्यो की मंजूरी

रायपुर, 21 अप्रैल 2012

छत्तीसगढ़ विधानसभा के समीपस्थ गांव टेकारी में अगले शिक्षा सत्र से नया मिडिल स्कूल खुलेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज ग्राम सुराज अभियान दौरे में ग्राम टेकारी में नागरिकों की मांग पर वहां की शासकीय प्राथमिक शाला का उन्नयन कर पूर्व माध्यमिक शाला खोलने की घोषणा की। उन्होंने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के नये भवन के लिए सात लाख रूपए की मंजूरी भी मौके पर दी। श्री अग्रवाल ने ग्राम टेकारी में आम जनता से उनकी समस्या सुनी और उनकी मांगों पर टेकारी, मांढर बस्ती और मांढर कालोनी के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रूपए के अन्य विकास कार्यो की स्वीकृति भी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेस कार्पोरेशन के अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक श्री देवजी भाई पटेल, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, जनपद पंचायत धरसींवा के अध्यक्ष श्री पप्पू बंजारे, कलेक्टर रायपुर डॉ. रोहित यादव सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने टेकारी के प्राथमिक स्कूल परिसर में चौपाल लगाकर सबसे पहले आम नागरिकों से सीधी बातचीत करके शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों से उन्हें मिल रहे फायदों और सुविधाओं के संबंध में पूछताछ की। श्री अग्रवाल ने पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से आम लोगों के समक्ष  उनके कार्यो की जानकारी ली। ग्रामवासियों ने बताया कि संबंधित हल्का के पटवारी गांव में कम आते हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए पटवारी को सप्ताह में तीन दिन टेकारी में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामवासियों से कहा कि भविष्य में पटवारी तीन दिन गांव में नहीं आएंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्री अग्रवाल ने लो-वोल्टेज की शिकायत मिलने पर 15 दिन के भीतर एक नया ट्रांसफार्मर लगाकर इस समस्या को दूर करने के निर्देश दिए।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने ग्राम टेकारी के स्टाप डेम के गहरीकरण के लिए दस लाख रूपए, नल-जल योजना के अन्तर्गत टेकारी के नहरपारा में नयी टंकी बनाने के लिए 15 लाख रूपए, टेकारी में सीमेन्ट कांक्रीट सड़क निर्माण के लिए तीन लाख रूपए, सोधे तालाब के गहरीकरण के लिए पांच लाख रूपए, पण्डरी तालाब के गहरीकरण के लिए छह लाख रूपए, हथनी तालाब के गहरीकरण के लिए पांच लाख रूपए, नयापारा तालाब के गहरीकरण के लिए छह लाख रूपए, खाद्य गोदाम निर्माण के लिए छह लाख रूपए, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए ढाई लाख रूपए, बाजार में चबूतरे बनाने के लिए चार लाख रूपए, मांढर कॉलोनी से कुन्दरापारा तक सड़क डामरीकरण के लिए 20 लाख रूपए, प्राथमिक शाला टेकारी में अहाता निर्माण के लिए पांच लाख रूपए, नवीन प्राथमिक शाला टेकारी में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए तीन लाख 10 हजार रूपए, प्राथमिक शाला टेकारी में शौचालय निर्माण के लिए 50 हजार रूपए, माध्यमिक शाला मांढर कॉलोनी में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए तीन लाख 10 हजार रूपए, प्राथमिक शाला मांढर कॉलोनी में शौचालय निर्माण के लिए 50 हजार रूपए, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मांढर कॉलोनी में प्रधान अध्यापक कक्ष निर्माण के लिए तीन लाख 10 हजार रूपए, टेकारी में अगले सत्र से खुलने वाली नवीन शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में अहाता निर्माण के लिए दस लाख रूपए, हायर सेकेण्डरी स्कूल मांढर कॉलोनी में अहाता निर्माण के लिए दस लाख रूपए, हायर सेकेण्डरी स्कूल मांढर में दो अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए छह लाख 20 हजार रूपए तथा शासकीय प्राथमिक शाला टेकारी के मैदान के समतलीकरण के लिए पांच लाख रूपए की स्वीकृति दी। छत्तीसगढ़ बेवरेजेस कार्पोरेशन के अध्यक्ष तथा क्षेत्रीय विधायक श्री देवजीभाई पटेल और जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने अपने उद्बोधन में आम जनता का राज्य शासन के विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आव्हान किया। स्कूल शिक्षा मंत्री सहित सभी अतिथियों ने इस अवसर पर धान बोनस राशि के चेक, कृषि उपकरण और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के चेक हितग्राहियों को वितरित किए।

रायपुर, 21 अप्रैल 2012

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज ग्राम सुराज अभियान के अन्तर्गत रायपुर जिले के तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम बरतोरी (कोदवा) का दौरा किया। वहां पर आम जनता ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री आर.के.देवांगन की कार्य प्रणाली को लेकर जमकर शिकायत की। श्री अग्रवाल ने आम नागरिकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में श्री देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेस कार्पोरेशन के अध्यक्ष एवं धरसींवा विधायक श्री देवजी भाई पटेल,जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और कलेक्टर रायपुर डॉ.रोहित यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

DSC 0282 स्कूल शिक्षा मंत्री के आगमन से नांदगांव के निवासी अभिभूत लगभग पौने चार करोड़ रूपए के विकास कार्यो की मंजूरी

महासमुन्द-बम्हनी-नांदगांव-बेलसोंड़ा मार्ग का होगा कायाकल्प

फतउहा तालाब के सौन्दर्यीकरण के लिए 25 लाख स्वीकृत

शासकीय हाई स्कूल नांदगांव और हायर सेकेण्डरी स्कूल बेलसोंड़ा के लिए बनेंगे नये भवन

DSC 0293 300x199 स्कूल शिक्षा मंत्री के आगमन से नांदगांव के निवासी अभिभूत लगभग पौने चार करोड़ रूपए के विकास कार्यो की मंजूरी रायपुर, 19 अप्रैल 2012/ लोक निर्माण मंत्री तथा महासमुन्द जिले के प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल ने ग्राम सुराज अभियान के दूसरे दिन आज महासमुन्द विकासखण्ड के ग्राम नांदगांव और उसके आस-पास के गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए लगभग तीन करोड़ 75 लाख रूपए के विकास कार्यो की मंजूरी दी। श्री अग्रवाल ने नांदगांव पहंुचने के बाद सबसे पहले ग्राम सुराज अभियान दल द्वारा भरे गए प्रपत्र से गांव की विभिन्न समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं से मिल रही सुविधाओं के बारे में भी पूछा। लोक निर्माण मंत्री ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान, स्वास्थ्य सेवाओं, आंगनबाड़ी और मध्यान्ह भोजन वितरण व्यवस्था की विशेष तौर पर जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों की गांव में उपस्थिति और उनकी कार्य प्रणाली के संबंध में ग्रामीणों से पूछताछ की। इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चन्द्राकर, जिला पंचायत महासमुन्द की उपाध्यक्ष श्रीमती किरण ढीढी, नगर पालिका महासमुन्द की अध्यक्ष श्रीमती राशि महिलांग सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
लोक निर्माण मंत्री श्री अग्रवाल ने ग्राम नांदगांव में सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित लगभग तीन करोड़ 75 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यो की मंजूरी मौके पर ही दी। इनमें महासमुन्द-बम्हनी-नंादगांव-बेलसोड़ा मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए एक करोड़ 61 लाख रूपए, फतउहा तालाब नांदगांव के गहरीकरण और सौन्दर्यीकरण के लिए 25 लाख रूपए, नांदगांव में खाद्य भण्डारण गोदाम बनाने के लिए 12 लाख रूपए, नांदगांव नलजल योजना में पाईप लाईन विस्तार के लिए चार लाख रूपए, शासकीय हाई स्कूल नांदगांव के नये भवन के लिए 58 लाख रूपए, शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल बेलसोंड़ा के नये भवन के लिए 57 लाख रूपए, नांदगांव के हाट-बाजार में चबूतरों के निर्माण के लिए चार लाख रूपए, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नांदगांव में अहाता निर्माण के लिए छह लाख रूपए, नांदगांव में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए तीन लाख रूपए, सरस्वती शिशु मंदिर बेलसोंड़ा के लिए तीन लाख रूपए, सरस्वती शिशु मंदिर मचेवा के लिए तीन लाख रूपए, सरस्वती शिशु मंदिर अचरीडीह के लिए तीन लाख रूपए, पब्लिक स्कूल बेलसोंड़ा के लिए एक लाख रूपए, पब्लिक बरोंडा बाजार के लिए एक लाख रूपए, मेन रोड नांदगांव से महामाया मंदिर तक सी.सी. रोड निर्माण के लिए तीन लाख रूपए, नांदगांव में मनोरंजन भवन निर्माण के लिए तीन लाख रूपए, ग्राम घोड़ारी में रंग मंच निर्माण के लिए एक लाख रूपए, खल्लारी मंदिर में ज्योति कक्ष निर्माण के लिए दो लाख रूपए, नांदगांव में पुलिया निर्माण के लिए नौ लाख रूपए, नांदगांव के पुराने तालाब के गहरीकरण के लिए छह लाख रूपए, नांदगांव में कांजी निर्माण के लिए दो लाख रूपए, खेल मैदान के लिए पांच लाख रूपए, पटनी बाहरा नलजल योजना के लिए तीन लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की।

DSC 0274 स्कूल शिक्षा मंत्री के आगमन से नांदगांव के निवासी अभिभूत लगभग पौने चार करोड़ रूपए के विकास कार्यो की मंजूरी


राज्य शासन की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में इस वर्ष भी कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक के सभी बच्चों को नये शिक्षा सत्र के पहले दिन 16 जून को पाठयपुस्तकें मिल जाएंगी। छत्तीसगढ़ पाठयपुस्तक निगम की ओर से पाठयपुस्तकों का वितरण राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर में प्रारंभ कर दिया गया है।प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुस्तकों का वितरण कार्य आगामी 30 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य में चालू शिक्षा सत्र तक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं के सभी बच्चों तथा हाई स्कूल की अनुसूचित जाति एवं जनजाति की छात्राओं को नि:शुल्क पाठयपुस्तकें दी जाती थी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पिछले माह छत्तीसगढ़ विधानसभा में नये वित्तीय वर्ष 2012-13 के बजट भाषण में आगामी शिक्षा सत्र से हाई स्कूल के सभी बच्चों को भी नि:शुल्क पाठयपुस्तकें देने की घोषणा की थी।

उल्लेखनीय है कि विगत दो सालों से स्कूल खुलते ही बच्चों को पाठयपुस्कें उपलब्ध करा दी जा रही है। राज्य शासन ने अगले शिक्षा सत्र से हाई स्कूलों के बच्चों को भी नि:शुल्क पाठयपुस्तकें देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में निगम द्वारा हाई स्कूल स्तर के लिए भी पाठयपुस्तकें छपाई गयी हैं। इस वर्ष लगभग ढाई करोड़ किताबें प्रकाशित करायी गयी है। इन पुस्तकों को प्रदेश के 50 हजार से अधिक प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और हाई स्कूल तक भेजी जाएंगी। निगम द्वारा छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों पर केन्द्रित वर्ष 2012 के कैलेण्डर का प्रकाशन किया गया है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ के 90 महापुरूषों के जीवन आदर्शो से संबंधित कथाचित्र पुस्तिका प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया है। इनमें से लगभग 70 कथाचित्र पुस्तिकाएं तैयार कर ली गयी हैं। स्कूली बच्चों के लिए इस वर्ष पाठयपुस्तकों के साथ-साथ बचपन और बाल मित्र पत्रिका भी वितरित की जा रही है। इसके अलावा क्षेत्रीय बोलियों में प्रकाशित पाठयपुस्तकें भी संबंधित क्षेत्रों में भेजी जा रही है।

न लाभ न हानी के सिद्धान्त पर चलेंगे निजी स्कूल

नहीं वसूल पाएंगे अधिक शुल्क

रायपुर 14 अप्रेल 2012। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने निजी विद्यालयों के खिलाफ लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए अधिक शुल्क वसूली पर रोक लगाने का निर्णय लिया। इस संबंध मे स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दोपहर आदेश जारी कर दिये गए है।

सचिव स्कूल शिक्षा विभाग के. आर. पिस्दा द्वारा प्रदेश के समस्त कलेक्टरों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी आदेश मे कहा गया है की निः शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम  2009 के प्रावधान का हवाला देते हुए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाए जिसमे जिला शिक्षा अधिकारी भी शामिल होंगे। समिति विद्यालय द्वारा प्रस्तुत आय व्यय विवरण का परीक्षण कर यह देखेगी की संचालन न लाभ न हानी के आधार पर किया जा रहा है की नही। यदि शिक्षण शुल्क मे वृद्धि की गई है तो यह युक्तियुक्त है की नहीं और इस वृद्धि पर संबन्धित विद्यालय के पालक समिति की सहमति है की नहीं। पुस्तकों, यूनिफ़ार्म, बस, विकास शुल्क, इत्यादि के नाम पर किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस तो नहीं वसूल की  जा रही है।  यदि इन बिदुओं मे से किसी का उल्लंघन किया जा रह है तो तो उक्त विद्यालय के विरुद्ध निः शुल्क बाल शिक्षा अधिकार नियम 2010 के प्रावधानों के तहत तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करें।

शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा की इस विषय पर शासन पिछले 2 वर्षों से प्रयासरत था की निजी विद्यालयों मे पढ़ने वाले बच्चों एवं पलकों को राहत किस प्रकार प्रदान की जा सकती है।  आज हमने इस आशय के आदेश जारी कर दिये है। अब निजी विद्यालय न लाभ न हानी के सिद्धान्त पर चलेंगे और इन नियमों का पालन न करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए उनकी मान्यता समाप्त करने के लिए संबंधित बोर्ड को लिखा जाएगा।

रायपुर/बढ़ती गर्मी के चलते स्कूली बच्चों की कठनाई को देखते हुए वर्तमान शिक्षा सत्र के अंतिम पखवाड़े 16 अप्रैल 2012  से  30अप्रैल  2012 तक स्कूलों का अध्यापन कार्य सुबह 7.30 से  11.30 बजे तक किया जाएगा .यह आदेश सचिव स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है . यह आदेश सभी शासकीय शालाओं,अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं व निजी शालाओं पर भी लागू होगा .

इस दौरान शिक्षकों द्वारा सतत एवं समग्र मूल्याकन आदि कार्य पूर्ववत किया जाएगा .एवं प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में मध्यान भोजन योजना पूर्ववत संचालित होगी.शाळा समय के परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बच्चों के शाला छोड़ने के पूर्व मध्यान भोजन वितरित किया जाएगा .

रायपुर 10 अप्रैल 2012

छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल मुख्य/तृतीय/पंचम/सप्तम अवसर की परीक्षाएं आगामी मई-जून माह में आयोजित की जा रही हैं। ये परीक्षाएं 25 मई से शुरू होकर नौ जून 2012 तक चलेंगी। ओपन स्कूल द्वारा इन दोनों परीक्षाओं के लिए समय-सारिणी घोषित कर दी गयी है। दोनों परीक्षाओं की समय-सारिणी राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट www.cgsos.in (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट सीजीएसओएस डॉट इन) पर उपलब्ध हैं।
राज्य ओपन स्कूल के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षाओं के टाईम टेबल की जानकारी संबंधित अध्ययन केन्द्रों से भी ली जा सकती है। परीक्षा का समय निर्धारित तिथियों में सुबह आठ बजे से ग्यारह बजे तक निर्धारित है। परीक्षा के समय राज्य शासन द्वारा यदि कोई अवकाश अथवा स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है तो भी ये परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही चलेंगी। हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल से संबंधित प्रयोगिक परीक्षाएं संबंधित केन्द्राध्यक्षों द्वारा अवकाश के दिनों में या परीक्षा समाप्ति के सात दिवस के अन्दर अपनी सुविधा अनुसार परीक्षा केन्द्रों पर सम्पन्न करायी जाएगी।
हाई स्कूल परीक्षा वर्ष 2012 मुख्य/तृतीय/पंचम/सप्तम अवसर परीक्षा की समय-सारिणी निम्नानुसार है:- शुक्रवार 25 मई संस्कृत, शनिवार 26 मई उर्दू, सोमवार 28 मई विज्ञान, मंगलवार 29 मई हिन्दी, बुधवार 30 मई अर्थशास्त्र, गुरूवार 31 मई व्यवसाय अध्ययन, शुक्रवार एक जून गृह विज्ञान, शनिवार दो जून मराठी, मंगलवार पांच जून गणित, बुधवार छह जून सामाजिक विज्ञान और गुरूवार सात सात जून अंग्रेजी।
हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा वर्ष 2012 मुख्य/तृतीय/पंचम/सप्तम् अवसर परीक्षा की समय-सारिणी निम्नानुसार है:- शुक्रवार 25 मई अंग्रेजी, शनिवार 26 मई लेखांकन, सोमवार 28 मई गणित, मंगलवार 29 मई जीव विज्ञान, बुधवार 30 मई भूगोल, गुरूवार 31 मई अर्थशास्त्र, शुक्रवार एक जून राजनीति, शनिवार दो जून व्यवसाय अध्ययन, मंगलवार पांच जून भौतिक, बुधवार छह जून इतिहास, गुरूवार सात जून हिन्दी, शुक्रवार आठ जून रसायन और शनिवार नौ जून गृह विज्ञान।

रायपुर 9 अप्रैल 2012

राज्य शासन ने रायगढ़ जिले के 42 शासकीय प्राथमिक स्कूलों में अहाता निर्माण के लिए एक करोड़ 56 लाख 86 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। इन स्कूलों में रायगढ़ जिले के बरमकेला विकासखण्ड के 13 और सारंगढ़ विकासखण्ड के 29 स्कूल शामिल हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से अहाता निर्माण की स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां बताया कि बरमकेला विकासखण्ड अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक शाला करपी में अहाता निर्माण के लिए पांच लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला कोर्रा के लिए दो लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला कलगाटार के लिए पांच लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला मुगलीपाली के लिए दो लाख रूपए,शासकीय प्राथमिक शाला विक्रमपाली के लिए पांच लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला गिरहुपाली के लिए दो लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला भोथली के लिए पांच लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला रानीडीह के लिए दो लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला सावंतकूत के लिए चार लाख 80 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला सूरजगढ़ के लिए दो लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला दानीघाटी के लिए चार लाख 80 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला तालदेवरी के लिए चार लाख 99 हजार रूपए और शासकीय प्राथमिक शाला गोबरसिंघा में अहाता निर्माण के लिए चार 96 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं।
श्री अग्रवाल ने बताया कि सारंगढ़ विकासखण्ड की शासकीय प्राथमिक शाला खर्री छोटे में अहाता निर्माण के लिए चार लाख 10 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला सराईपाली के लिए चार लाख 90 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला बोईरमाल के लिए चार लाख 39 लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला झरप के लिए दो लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला बरभाठा अमलीपाल -अ के लिए दो लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला बड़े मुड़पार के लिए चार लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला बेलपाली के लिए चार लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला कपिस्दा-अ के लिए चार लाख 99 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला कपसरा के लिए चार लाख 72 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला माधोपाली के लिए दो लाख 45 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला मचगोढ़ा के लिए चार 98 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला मैननार के लिए चार लाख 25 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला खिचरी के लिए दो लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला सिंघीटार के लिए पांच लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला भालूकोना के लिए दो लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला परसकोल के लिए चार लाख 99 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला प्रधानपुर के लिए पांच लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला रामपुर के लिए चार लाख 99 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला सहसपानी के लिए चार लाख 95 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला सोड़का के लिए चार लाख 81 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला सुन्दरभाठा के लिए चार लाख 99 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला डडाईडीह के लिए चार लाख 49 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला छोटे गंतुली के लिए चार 90 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला चन्दाई के लिए चार लाख 91 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला जशपुर के लिए पांच लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला जशपुर लीमभाठा के लिए चार लाख रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला जवाहर नगर के लिए चार लाख 45 हजार रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला टाड़ीपार के लिए दो लाख रूपए तथा शासकीय प्राथमिक शाला अमलीपाली -अ में अहाता निर्माण के लिए दो लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है।

Chhattisgarh 2 छत्तीसगढ़ मे कृषि और वनोपज क्षेत्र से संबंधित कौशल उन्नयन पाठ्यक्रम वाले कम्युनिटी कालेज की स्थापना की जाये बृजमोहन अग्रवाल

छत्तीसगढ़ के  शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने की मांग ।

Chhattisgarh 3 300x200 छत्तीसगढ़ मे कृषि और वनोपज क्षेत्र से संबंधित कौशल उन्नयन पाठ्यक्रम वाले कम्युनिटी कालेज की स्थापना की जाये बृजमोहन अग्रवालनई दिल्ली 5 अप्रैल 2012 – छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 80 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या के कृषि और वनोपज पर आधारित होने के कारण इस क्षेत्र से संबंधित कौशल उन्नयन पाठ्यक्रम वाले कालेज प्रारम्भ किये जाने चाहिए । श्री अग्रवाल ने यह मांग आज नई दिल्ली के मानव संसाधन विकास मंत्रालय में आयोजित बैठक में की । बैठक में मध्यप्रदेश की शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस, बिहार के शिक्षा मंत्री पी. के. शाही, आसाम के शिक्षा मंत्री डॉ. एच. बी. शर्मा, महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री राजेश ए. टोपे सहित अन्य राज्यों के शिक्षा मंत्री और अनंत कुमार सिंह केन्द्रीय संयुक्त सचिव मानव संसाधन एवं विकास उपस्थित थे ।

श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण एक श्रमिक बाहुल्य राज्य है । नैसर्गिक संसाधनों से सम्पन्न राज्य में व्यावसायिक शिक्षा , कौशल विकास एवं कौशल उन्नयन एक अनिवार्य आवष्यक है । राज्य के ग्रामीण एवं पिछड़े हुए क्षेत्रों में जीविकोपार्जन के लिए विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कौशल विकास एवं कौशल उन्नयन के अवसरों की अत्यंत कमी है । कम्युनिटी काॅलेज के माध्यम से इस वर्ग का कौशल उन्नयन कर जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है । उन्होंने कहा कि कम्युनिटी काॅलेजों के लिए षासकीय पाॅलीटेक्निक एवं आई.टी.आई. आदि संस्थाओं की अधोसंरचना का उपयोग , कम्युनिटी काॅलेज के संचालन हेतु किए जाने की योजना राज्य में प्रायोगिक तौर पर लागू की जा सकती है । योजना की प्रकृति को देखते हुए  इसे उद्योग बाहुल्य जिलों तथा दुर्ग एवं रायगढ़ में स्थित पाॅलीटेक्निक एवं आई.टी.आई. संस्थाओं में लागू किया जा सकता है । इसके अतिरिक्त दंतेवाड़ा में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम द्वारा संचालित पाॅलिटेक्निक में भी इसे लागू किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि योजना लागू करने से पहले  संचालित किए जाने वाल पाठ्यक्रमों के निर्धारण के लिए , मूल्याकंन एवं सर्टिफिकेशन के लिए विष्वविद्यालयों , तकनीकी विष्वविद्यालयों , तकनीकी शिक्षा बोर्ड , एन.एम.डी.सी. उद्योगों एवं उद्योग संघों के अनुरूप पाठ्यक्रम का निर्धारण किया जा सके ।

दुर्ग, 03 अप्रैल 2012

राज्य राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा अविभाजित दुर्ग जिले के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए जिला परियोजना कार्यालय के सभी प्राथमिक शाला की छात्राओं के लिए 3 लाख 78 हजार गणवेश प्राप्त हुआ है। इनमें दुर्ग जिले के लिए एक लाख 8 हजार, बालोद के लिए 01 लाख 36 हजार तथा बेमेतरा जिले के एक लाख 34 हजार गणवेश शामिल है। जिला परियोजना समन्वयक  से प्राप्त  जानकारी के अनुसार  राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा इसी प्रकार जिले के प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए शिक्षक डायरी, शिक्षकों के कर्तव्य एवं कार्य विभाजन, विद्यार्थी प्रोफाइल तथा प्रगति पत्र भी प्रदाय किये गये हैं।  दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के समस्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानपाठकों को निर्देश दिये गए हैं कि वे अपने विकासखण्ड स्त्रोत केन्द्र कार्यालय में सम्पर्क कर उपरोक्त सामग्री के साथ प्राथमिक शालाओं हेतु प्रति छात्रा के मान से दो-दो सेट गणवेश अनिवार्य रूप से प्राप्त करें।

आगामी वित्तीय वर्ष में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष के तहत 23.29 करोड़ रूपए के विकास कार्यों के प्रस्ताव का अनुमोदन

रायपुर, 30 मार्च 2012

5733%20news प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक संपन्नस्कूल शिक्षा मंत्री तथा महासमुंद जिले के प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित जिला योजना समिति महासमुंद की बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष योजना के तहत प्रस्तावित 23 करोड़ 29 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया, महासमुंद विधायक श्री अग्नि चन्द्राकर, सरायपाली विधायक डॉ. हरिदास भारद्वाज सहित समिति के अन्य सदस्य, कलेक्टर महासमुंद श्रीमती अलरमेलमंगई डी,जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रकांत उइके और महासमुंद जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष के तहत प्रस्तावित कार्यों का कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण दिया गया।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में शिक्षा व्यवस्था और पेयजल व्यवस्था की विशेष रूप से जानकारी लेकर पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष के अलावा अन्य योजनाओं से भी शिक्षा तथा पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से चालू गर्मी के मौसम में महासमुंद जिले में पेयजल के लिए की गई तैयारियों के संबंध में विशेष रूप से पूछताछ की। स्कूल शिक्षा मंत्री ने पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना पर चर्चा के दौरान स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों की स्थिति की मुख्य रूप से जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा के लिए प्रस्तावित कार्यों की चर्चा करते समय महासमुंद जिले में पी.ई.टी. और पी.एम.टी. परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था विद्यार्थियों के करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक विकासखंड में एक सर्वसुविधायुक्त स्कूल का चयन कोचिंग सेंटर के लिए किया जाए। हरेक हायर सेकेण्डरी स्कूल से छात्र-छात्राओं का चयन कर उनके लिए उचित कोचिंग की व्यवस्था की जाए।
वित्तीय वर्ष 2012-13 में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष के तहत शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, नागरिक अधिकार, अधोसंरचना विकास, आजीविका के लिए प्रशिक्षण, पोषण आदि क्षेत्रों में अनेक कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। शिक्षा के तहत तीन स्कूलों में हैण्डपम्प , 40 स्कूलों भवनों का जीर्णोद्वार, तीन कन्या छात्रावासों में अहाता निर्माण के कार्य लिए गए हैं। इसी प्रकार विद्युत विस्तार के सात कार्य और सौर ऊर्जा के दो कार्यों को भी इसमें शामिल किया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अस्पताल में अहाता निर्माण, दो अस्पतालों में शौचालय निर्माण, पांच चिकित्सालयों में शेड निर्माण, 11 चिकित्सालयों में हैंण्डपम्प, एक पशु चिकित्सालय में अहाता निर्माण, दो उपस्वास्थ्य/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवनों के जीर्णोद्वार, छह नल-जल योजना सुदृढ़ीकरण और 22 नल-जल योजना का प्रस्ताव आगामी वित्तीय वर्ष के लिए किया गया है। दस यात्री प्रतिक्षालय और 32 मुक्तिधाम निर्माण भी प्रस्तावित है। अधोसंरचना विकास के अंतर्गत महासमुंद जिले के 15 धान खरीदी केन्द्रों में फड़ों का निर्माण भी पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष की राशि से किया जाएगा। प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल ने इन केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था को भी प्रस्ताव में शामिल करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एक मार्केटिंग सोसाइटी भवन, 43 ग्राम पंचायत भवन निर्माण, एक पंचायत भवन मरम्मत, छह पशु चिकित्सालय भवन, सात पुलिया निर्माण, 25 राजीव गांधी सेवा केन्द्र भवन, 49 सामुदायिक भवन निर्माण, एक सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र, 35 उचित मूल्य की दुकान सह गोदाम निर्माण, एक व्यावसायिक परिसर, 19 वन मार्ग रपटा पुलिया निर्माण, पांच नाली निर्माण, एक गोदाम मरम्मत छज्जा सहित और 5 नाई-धोबी दुकान निर्माण के कार्य भी अधोसंरचना विकास के लिए प्रस्तावित है। प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल के निर्देश पर तीन और पशु चिकित्सालय भवन निर्माण का प्रस्ताव कार्य-योजना में शामिल किया गया। पशु धन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष से नौ पशु चिकित्सालय भवनों के निर्माण हो जाने से जिले में कोई भी पशु चिकित्सालय भवन विहीन नहीं रहेगा। आजीविका संसाधन के तहत जिले के शिल्पकारों को बांस कला प्रशिक्षण, बेलमेटल प्रशिक्षण और टेराकोटा का प्रशिक्षण भी देने की योजना पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष के अंतर्गत बनाई गई है। इसी प्रकार 20 आंगनबाड़ी भवनों के जीर्णोद्वार, एक आंगनबाड़ी केन्द्र में बाउण्ड्रीवाल, एक आंगनबाड़ी केन्द्र में हैण्डपम्प , 63 आंगनबाड़ी भवन निर्माण और दस आनंद बाड़ी भवन निर्माण पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष की राशि से कराने का निर्णय लिया गया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, संस्कृति एवं पुरातत्व, संसदीय कार्य विभाग, पर्यटन विभाग और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के आगामी वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए पांच हजार 26 करोड़ 22 लाख 91 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई। इसमें लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए एक हजार 506 करोड़ 74 लाख 13 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 629 करोड़ 61 लाख 15 हजार रूपए, लोक विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाएं के लिए 200 करोड़ रूपए, स्कूल शिक्षा के लिए दो हजार 563 करोड़ 55 लाख 90 हजार रूपए, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व के लिए छह करोड़ 79 लाख 30 हजार रूपए, संस्कृति विभाग से संबंधित व्यय के लिए 16 करोड़ 88 लाख 63 हजार रूपए, पर्यटन विभाग के लिए 69 करोड़ 58 लाख 50 हजार रूपए तथा राज्य विधान मण्डल के लिए 31 करोड़ पांच लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं।

स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, संस्कृति एवं पुरातत्व, संसदीय कार्य विभाग, पर्यटन विभाग और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के जवाब में पिछले आठ वर्षो की इन विभागों की उपलब्धियों और वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए प्रस्तावित कार्य योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। श्री अग्रवाल ने सबसे पहले धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की तीर्थ नगरी राजिम के प्रसिध्द त्रिवेणी संगम पर पिछले सात वर्षो से आयोजित हो रहे वार्षिक राजिम कुंभ मेले से छत्तीसगढ़ की एक अलग सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि इस साल माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक आयोजित 15 दिवसीय राजिम कुंभ मेले में 15 से 20 लाख श्रध्दालुओं ने संत समागम का पुण्य लाभ लिया। श्री अग्रवाल ने आगामी वित्तीय वर्ष में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा किए जाने वाले कार्यो के संबंध में बताया कि शासन अधीन राज्य के मंदिरों के पुजारियों और सेवादारों के मानदेय में वृध्दि करने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को दी जाने वाली अनुदान राशि 25 हजार रूपए को बढ़ाकर 50 हजार रूपए किया जा रहा है। बस्तर दशहरा के मांझियों को अब एक हजार रूपए की सम्मान राशि मिलेगी। अभी तक इनको पांच सौ रूपए की सम्मान राशि दी जाती थी। इसी प्रकार चालकियों को 300 रूपए के स्थान पर 500 रूपए की राशि दी जाएगी। तीर्थ नगरी राजिम में भक्तिन राजिम माता का भव्य मंदिर बनवाने के लिए 50 लाख रूपए का प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष के बजट में किया गया है।

श्री अग्रवाल ने संस्कृति विभाग के लिए मांगे गए बजट पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से हर वर्ष छत्तीसगढ़ के दस हजार से अधिक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलता है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के 16 प्रमुख मड़ई-मेलों को महोत्सव का स्वरूप प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष से साहित्यकारों और कलाकारों को दी जाने वाली मासिक पेंशन राशि दो हजार रूपए हो जाएगी। इसी प्रकार बीमार कलाकारों को आर्थिक सहायता के रूप में अब 25 हजार रूपए दिए जाएंगे। अभी तक ऐसे कलाकारों को 15 हजार रूपए की सहायता दी जाती थी। उन्होंने संस्कृति विभाग की महत्वपूर्ण योजना बहुआयामी सांस्कृतिक संस्थान, पुरखौती मुक्तांगन और स्वामी विवेकानंद विश्व प्रबुध्द संस्थान की विशेषताओं की भी चर्चा की। श्री अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ का गजट प्रकाशित करने के लिए एक समिति बनायी जा चुकी है। छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द पुरातात्विक स्थल सिरपुर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल कराने के लिए कार्य योजना बनाकर इस पर अमल किया जा रहा है।

श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के लिए किए गए कार्यो की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में शून्य से शुरूआत हुई है। पर्यटन विकास एक लम्बी और सतत् प्रक्रिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सबसे पहले पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने राज्य के प्रमुख धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक स्थलों पर अधोसरंचना विकास पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ सालों में प्रदेश के वर्तमान 27 जिलों में पर्यटन विकास पर 175 करोड़ रूपए व्यय किए गए, इसी का परिणाम है कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ को पर्यटन विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। पर्यटन मंत्री ने कोरिया जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल अमृतधारा में शिवमंदिर सहित अन्य विकास कार्यो के लिए 25 लाख रूपए की स्वीकृति भी इस अवसर पर दी।

श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास पर अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य में स्कूली शिक्षा के लोकव्यापीकरण के लिए योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उससे विश्वास पैदा हुआ है कि भविष्य में राज्य को स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में भी पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पिछले सात-आठ वर्ष में नौ हजार 690 प्राथमिक स्कूल, छह हजार 989 मिडिल स्कूल, एक हजार 908 हाई स्कूल और 503 नये हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले गए हैं। राज्य सरकार की सरस्वती सायकल योजना के कारण स्कूलों में बालिकाओं की दर्ज संख्या में उल्लेखनीय वृध्दि हुई है। उन्होंने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष से राज्य के सभी अनुदान प्राप्त स्कूलों की कक्षा नवमी की छात्राओं को भी सरस्वती सायकल योजना के तहत सायकल दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अगले सत्र से संस्कृत विद्यालयों के छात्रों को भी सायकल प्रदान की जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य के अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में प्रत्येक दस बच्चों पर एक ज्ञान ज्योति विद्यालय शुरू किया गया है। वर्तमान में एक हजार 540 ज्ञान ज्योति विद्यालय संचालित हैं। उन्होंने बताया कि आगामी शिक्षा सत्र से अब हाई स्कूलों के भी छात्रों को नि:शुल्क पाठयपुस्तकें दी जाएगी। अभी तक प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूलों के सभी विद्यार्थियों एवं हाई स्कूलों की छात्राओं को नि:शुल्क पाठयपुस्तकें प्रदाय की जाती थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के वन क्षेत्रों में संचालित मॉडल स्कूलों में से दस मॉडल स्कूलों में दस सीटर बालक छात्रावास और 50 सीटर बालिका छात्रावास खोलने का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2012-13 के बजट में किया गया है। एन.सी.सी. को बढ़ावा देने के लिए ग्यारह करोड़ 61 लाख रूपए का प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष में किया गया। उन्होंने बताया कि स्कूली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ायी जाएगी। अब राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम पुरस्कार जीतने पर 21 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार जीतने पर 15 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार जीतने पर 10 हजार रूपए के नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। वर्तमान में पुरस्कार राशि क्रमश: दस हजार, साढ़े सात हजार और पांच हजार रूपए है। श्री अग्रवाल ने बताया कि अगले वित्तीय 200 हाई स्कूलों का उन्नयन कर हायर सेकेण्डरी स्कूलों का दर्जा दिया जाएगा। सरकार ने छात्र दुर्घटना बीमा योजना की राशि भी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत किसी छात्र के आकस्मिक निधन या पूर्ण अपंगता की स्थिति पर 25 हजार रूपए की बीमा सहायता राशि दी जाएगी। इसी प्रकार आंशिक अपंगता पर साढ़े बारह हजार रूपए तथा उपचार के लिए पांच हजार रूपए प्रदान किए जाएंगे। श्री अग्रवाल ने बताया कि अगले साल हर जिले में एक ग्रंथालय खोला जाएगा। नये हाई स्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में विज्ञान उपकरण क्रय करने के लिए 15 करोड़ रूपए का प्रावधान बजट में किया गया। स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था करने के लिए 22 करोड़ रूपए का प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष के बजट में है। बारहवीं परीक्षा की प्रावीण्य सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को एक-एक लाख रूपए शिक्षा के लिए दिए जाएंगे।

श्री अग्रवाल ने अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के सिलसिलेवार जवाब में लोक निर्माण विभाग की उपलब्धियों और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़कों की गुणवत्ता परीक्षण के लिए मोबाइल लैब स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर से विधानसभा तक की सड़क को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। माना विमानतल पहुंच व्ही.आई.पी. मार्ग को धरमपुरा से माना विमानतल से नये टर्मिनल तक सिक्स लेन सड़क बनायी जाएगी। रायपुर शहर की यातायात को सुगम बनाने के लिए लालपुर से रेल्वे स्टेशन तक के नहर पर सड़क का निर्माण किया जाएगा। राजनांदगांव और जशपुर में स्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान और स्पोर्ट्स काम्पलेक्स का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के एक हजार से अधिक ग्रामीण सड़कों को नया बनाने के लिए नाबार्ड से आठ सौ करोड़ का लोन लेने की योजना बनायी गयी है। राज्य शासन ने ग्यारह प्रमुख मार्गो का जीर्णोध्दार निजी पूंजी निवेश (बीओटी) से करने का प्रस्ताव बनाया है। अगले वित्तीय वर्ष के बजट में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 16 रेल्वे ओव्हर ब्रिज तथा 13 अण्डर ब्रिज निर्माण का प्रस्ताव किया गया है। इसी प्रकार प्रदेश में पढ़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गो की मरम्मत के लिए 49 करोड़ 50 लाख रूपए, राज्य मार्गो की मरम्मत के लिए 135 करोड़ रूपए, जिला एवं अन्य सड़कों की मरम्मत के लिए 283 करोड़ रूपए तथा ग्रामीण मार्गो की मरम्मत के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। नये जिलों बालोद, बेमेतरा, बलौदाबाजार, कोण्डागांव, सुकमा, गरियाबंद, बलरामपुर, सूरजपुर और मुंगेली में सीमेन्ट कांक्रीट सड़क (नाली सहित) निर्माण के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है। राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन को वातानुकुलित बनाने के लिए अगले बजट में धनराशि मुहैया करायी गयी है। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर, दंतेवाड़ा, कबीरधाम और उत्तर बस्तर (कांकेर) कम्पोजिट कलेक्ट्रेट बिल्डिंग बनायी जाएगी। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 200 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन बनवाने के लिए बजट प्रावधान किया गया है। जगदलपुर शहर, बलौदा, बेमेतरा, बलौदाबाजार, मुंगेली तथा सुकमा में ट्रांजिट हास्टल बनाया जाएगा। ओरछा और रामानुज नगर में नये विश्राम गृह और बिल्हा के विश्राम गृह में दो अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएंगे। बलरामपुर, सूरजपुर और गरियाबंद में सैनिकों के आवास के लिए बैरक निर्माण के लिए 60 लाख रूपए का प्रावधान बजट में किया गया है। प्रदेश के चार स्थानों में महाविद्यालय भवन निर्माण की योजना बनायी गयी है। भाटापारा, धरसीवां, अभनपुर, बिलाईगढ़, बागबाहरा, छुईखदान, पाटन, गुण्डरदेही, धमधा एवं मुंगेली में आई.टी.आई. भवन निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2012-13 के बजट में जरूरी धनराशि का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार आई.टी.आई. बलौदाबाजार, कसडोल, हथबंद, भिलाई सहित 14 स्थानों में 50 सीटर छात्रावास भवन बनाए जाएंगे। आई.टी.आई. रायपुर (बालक-बालिका), दुर्ग, राजनांदगांव और महासमुन्द में 100 सीटर छात्रावास भवन बनवाने का निर्णय लिया गया है।

श्री अग्रवाल ने संसदीय कार्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में बताया कि अगले वित्तीय वर्ष से विधायकों का दस लाख रूपए का बीमा कराया जाएगा। इसी प्रकार विधायकों को वाहन के लिए दिए जाने वाले ऋण की राशि सात लाख रूपए से बढ़ाकर दस लाख रूपए तथा गृह ऋण की राशि दस लाख से बढ़ाकर पन्द्रह लाख रूपए करने का निर्णय लिया गया है। इन विभागों की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में विधायक सर्वश्री डॉ. शक्राजीत नायक, देवजीभाई पटेल, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संतोष बाफना, डॉ. शिव डहरिया, ब्रम्हानंद नेताम, देवेन्द्र बहादुर सिंह, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, श्रीमती प्रतिमा चन्द्राकर, सेवक राम नेताम, शिवराज सिंह उसारे, श्रीमती रजनी त्रिपाठी, कवासी लखमा, श्रीमती सुमित्रा मारकोले, दूजराज बौध्द अमरजीत भगत, श्रीमती लक्ष्मी बघेल, सौरभ सिंह, अग्नि चन्द्राकर, भीमा मण्डावी, श्रीमती अम्बिका मरकाम, दीपक पटेल और धरमजीत सिंह ने हिस्सा लिया।

रायपुर 16 मार्च 2012

5557 मदरसों को विज्ञान और गणित किट वितरितछत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के अन्तर्गत रायपुर जिले में संचालित 26 अनुदान प्राप्त मदरसों के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान और गणित के किट वितरित किए गए, जिनमें माइक्रोस्कोप, परखनली, विद्युत घण्टी आदि प्रयोगशाला से संबंधित उपकरण शामिल हैं। मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष श्री युनूस कुरैशी ने इन मदरसों के संचालकों और शिक्षकों को किट प्रदान किए। श्री कुरैशी ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के मार्गदर्शन में बोर्ड के अन्तर्गत पंजीकृत मदरसों के आधुनिकीकरण की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं।

मदरसों के विद्यार्थियों को राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ निरन्तर दिया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर में आयोजित किट वितरण कार्यक्रम में मदरसा बोर्ड के सदस्य श्री जफर अमजद, श्री जिया कुरैशी, जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर डॉ. आर. बाम्बरा विशेष रूप से उपस्थित थीं।

बोर्ड के अध्यक्ष श्री कुरैशी ने कहा कि विज्ञान और गणित किट विद्यार्थियों के लिए बहुउपयोगी है। इसके प्रयोग से विद्यार्थियों को बहुत फायदा होगा। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मदरसों के संचालकों से विज्ञान एवं गणित किट का अधिक से अधिक उपयोग विद्यार्थियों के हित में करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण-प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को विज्ञान एवं गणित किट के प्रयोग के उपायों की समुचित जानकारी दें।

श्री कुरैशी ने बताया कि मदरसों के शिक्षकों को शिक्षण-प्रशिक्षण की नवीन पध्दतियों से परिचित कराने के लिए छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड लगातार प्रयासरत है। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. आर. बाम्बरा ने कहा कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 के प्रावधानों के तहत मदरसों का संचालन किया जाना चाहिए। अगले शिक्षा सत्र से इस बात का ध्यान अवश्य रखा जाए कि मदरसों के आस-पास रहने वाला कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के सचिव श्री मोहम्मद इकबाल, छत्तीसगढ़ बोर्ड की पंजीयक श्रीमती अख्तर खान, सहायक संचालक श्री ए.एन. बंजारा, सहायक संचालक श्रीमती नाहिद परवीन खान, सहायक संचालक श्रीमती जे, कुरियन, सहायक  परियोजना अधिकारी श्री अजय श्रीवास्तव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती  अर्चना वेरूलकर एवं जिला उर्दू इंचार्ज सुश्री हफीजा उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन सुखनवर हुसैन ने की।

रायपुर 16 मार्च 2012

नव साक्षरों के मूल्यांकन के लिए आगामी 18 मार्च को आयोजित राष्ट्रव्यापी परीक्षा महाअभियान में छत्तीसगढ़ के दस लाख से अधिक नव साक्षरों को शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा इसके लिए व्यापक तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा में समस्त नव साक्षरों से उत्साह के साथ शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने शिक्षा से वंचित अधिक से अधिक लोगों को परीक्षा महाअभियान से जोड़ा जाना चाहिए। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा और धमतरी जिलों को छोड़कर शेष सभी 23 जिलों में 15 वर्ष से अधिक उम्र के  नव साक्षरों को परीक्षा महाभियान में सम्मिलित किया जाना है। इन जिलों में परीक्षा महाअभियान के लिए 11 लाख 20 हजार 978 परीक्षार्थियों का पंजीयन किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा महाअभियान में साक्षर भारत कार्यक्रम में अध्ययनरत विद्यार्थी, 15 वर्ष से अधिक उम्र के शाला त्यागी तथा सम्पूर्ण साक्षरता अभियान, उत्तर साक्षरता कार्यक्रम, पढ़ना-बढ़ना आन्दोलन और सतत शिक्षा कार्यक्रम के शिक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा महाअभियान ने सफलता प्राप्त करने पर परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संगठन और राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि परीक्षा महाअभियान के लिए छत्तीसगढ़ के सभी गांवों में परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं और सभी केन्द्रों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। परीक्षा महाअभियान की सघन मानिटरिंग के लिए संभाग एवं जिला स्तर पर पर्यवेक्षक भी बनाए गए हैं।

रायपुर 16 मार्च 2012

5558 स्कूली छात्राओं को गणवेश वितरितराजधानी रायपुर के कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला की छात्राओं को आज राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत शाला गणवेश वितरित किया गया। राज्य शासन से इस शाला की चार सौ 16 छात्राओं के लिए शाला गणवेश प्राप्त हुआ है। इसी शाला परिसर में संत कंवर राम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी संचालित है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती हाजरा प्रधान, संत कंवर राम शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला की प्रधान अध्यापक श्रीमती अगस्ती, संकुल समन्वयक श्री साकार ने छात्राओं को शाला गणवेश प्रदान किए। इस अवसर पर  शाला परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे।

brijmohan agrawal जल आवर्धन योजना को 15 अप्रैल तक चालू करने के निर्देश

प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल ने की महासमुंद जिले के विकास कार्यों की समीक्षा

रायपुर,12 मार्च 2012

प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री तथा महासमुंद जिले के प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल ने महासमुंद जिले मे स्कूल भवनों और स्कूलों में अहाता निर्माण के कार्यों को हर हाल में आगामी जून माह के अंत तक पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महासमुंद जिले में तेंदुकोना से बुंदेली तक 15 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़क को भी जून माह के अंत तक पूरा कर लेने को कहा है। श्री अग्रवाल ने गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए त्वरित गति से कार्य करने पर बल दिया। इसके अलावा हितग्राहीमूलक योजनाओं से हितग्राहियों को लांभावित करने के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल ने महासमुंद कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न विभागों में संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।

उन्होंने बैठक में सभी अधिकारियों को गुणवत्तापूर्वक तथा परिणाममूलक कार्य करने पर बल देते हुए कहा है कि शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ हितग्राहियों को मिलना चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि बरसात के पहले सभी निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के लिए तेजी से कार्य करें। विशेषकर स्कूल भवनों और स्कूलों में अहाता निर्माण के कार्य आगामी शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले पूर्ण हो जाना चाहिए। प्रभारी मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता से गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया गया कि आगामी 15 मार्च से जिले में हैंडपंप संधारण हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए 26 हैंडपंप मैकेनिक उपलब्ध हैं। हैंडपम्प मेकेनिक शिकायत मिलने पर तत्काल उस स्थान में पहुंचकर हैंडपंप सुधारेंगे। प्रभारी मंत्री ने जिले में स्वीकृत सभी 118 नल-जल योजनाओं को भी 31 मार्च तक चालू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने वर्ष 2011-12 में स्वीकृत 11 नल जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए 15 अप्रैल तक इन योजनाओं का लाभ नागरिकों को दिलाने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नल-जल योजनाओं को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने में तत्परता बरतें। उन्होंने महासमुंद जल आवर्धन योजना को भी 15 अप्रैल तक हर हाल में चालू करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में मितानिनों को दवा पेटी उपलब्ध करा दी गई है। गर्मी में महामारी से निपटने के लिए कोलेरा कॉम्बेट दल का गठन जिला तथा विकासखण्ड स्तर पर कर लिया गया है। इन दलों के साथ एक मेडिकल आफिसर, दो ए.एन.एम, दो पुरूष स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दवाइयां और गाड़ी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। बताया गया कि जिले में उपलब्ध छ: 108 संजीवनी एक्सप्रेस से लगभग तीन हजार मरीजों को लाभ मिला है। इसमें लगभग बारह सौ  संस्थागत प्रसव कराने में संजीवनी एक्सप्रेस सेवा का सहयोग लिया गया। मंत्री श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र भोरिंग के बंद रहने की शिकायत के मद्देनजर वहॉ पदस्थ नर्स को हटाकर दूसरी नर्स रखने तथा केंद्र को नियमित रूप से खोलने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने जिले में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों की जानकारी ली। बताया गया कि कुल एक हजार 355 भवन स्वीकृत हैं। इसमें से 972 पूर्ण हैं तथा 904 में आंगनबाड़ी केंद्र नए भवनों में संचालित है। इसके अलावा 323 आंगनबाड़ी केन्द्र भवन विहीन हैं। बैठक में बताया गया कि जल्द ही नवा जतन योजना विभाग द्वारा शुरू की जा रही है। इसमें जिले के 50 ग्राम पंचायतो का चयन किया जाना है। उन पंचायतों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों का छ: माह के भीतर कुपोषण मिटाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर मंत्री ने जिले के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों के लिए नये भवन बनवाने के प्रस्ताव बी.आर.जी.एफ की कार्ययोजना में प्राथमिकता से शामिल करने के निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा मंत्री ने साक्षरता मिशन के तहत जिले में आगामी 18 मार्च को लिए जाने वाले परीक्षा महाभियान की जानकारी ली। बताया गया कि जिले में एक लाख निरक्षरों को परीक्षा महाभियान में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए तैयारियां चल रही है। सभी प्राथमिक स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है। प्रभारी मंत्री ने राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा पूर्व माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले गणवेश के संबंध में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने वर्ष 2011-12 में एशियन विकास बैंक से स्वीकृत 11 सड़कों के लिए कार्य आदेश इस सप्ताह के अंदर जारी कर काम जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। बताया गया है कि वर्ष 2011-12 मे 28 सड़कों का नवीनीकरण कर लिया गया है। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस साल मक्का की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिले में कुल 2200 एकड़ क्षेत्र में मक्का की खेती की जा रही है। दलहन 12 हजार 776 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाया गया है। तिलहन फसलों में मुंगफल्ली का क्षेत्र जिले में ढ़ाई हजार एकड़ है। सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान कहा गया है कि अप्रैल माह में निस्तारी की समस्या से निपटने के लिए तालाबों को भरने की कार्रवाई शुरू की जाए। बैठक में राज्य कृषक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष श्री पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया, पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण ढीढी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती अलरमेलमंगई डी. ने आभार व्यक्त करते हुए प्रभारी मंत्री को आश्वासन दिया है कि जिले में 31 मार्च तक सभी 118 नल जल योजनाओं को चालू कर लिया जाएगा। साथ ही जून माह के अंत तक स्कूल भवनाें तथा स्कूलों में अहाता निर्माण के कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।

रायपुर, 05 मार्च 2012

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर राज्य शासन ने राजधानी रायपुर के तीन शासकीय स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 72 लाख पचास हजार रूपए मंजूर किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार राजधानी रायपुर के जे.एन. पाण्डेय शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन की मरम्मत के लिए 27 लाख रूपए, शासकीय हिन्दू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन बैरन बाजार की मरम्मत के लिए 35 लाख रूपए और पी.जी. उमाठे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन शांति नगर की मरम्मत के लिए 10 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। शासकीय हिन्दू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैरन बाजार में हाल बनाने के लिए दस लाख रूपए की मंजूरी भी दी गयी है।

रायपुर 05 मार्च 2012

स्कूल शिक्षा मंत्री तथा महासमुद जिले के प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर राज्य शासन ने महासमुंद जिले के आठ स्कूलों में अहाता बनाने के लिए 63 लाख 13 हजार पांच सौ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है।

श्री अग्रवाल की अनुशंसा पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कमरौद विकासखण्ड बागबाहरा में अहाता बनाने छह लाख 17 हजार 500 सौ रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला जमदरहा विकासखण्ड बसना के लिए सात लाख 75 हजार रूपए, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सोरिद विकासखण्ड महासमुंद के लिए सात लाख रूपए, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलसोढ़ा विकासखण्ड महासमुंद के लिए सात लाख 24 हजार रूपए, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कौंदकेरा विकासखण्ड महासमुंद के लिए पांच लाख 90 हजार रूपए, शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला बिरकोनी विकासखण्ड महासमुंद के लिए सात लाख 75 हजार रूपए और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिंगरौद विकासखण्ड महासमुंद में अहाता निर्माण के लिए तेरह लाख रूपए की स्वीकृति दी गयी है। इसी प्रकार रणजीत सिंह शासकीय कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा विकासखण्ड पिथौरा में चार अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए आठ लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं।

रायपुर 05 मार्च 2012।स्कूल शिक्षा मंत्री तथा महासमुद जिले के प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर राज्य शासन ने महासमुंद जिले के आठ स्कूलों में अहाता बनाने के लिए 63 लाख 13 हजार पांच सौ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है।   श्री अग्रवाल की अनुशंसा पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कमरौद विकासखण्ड बागबाहरा में अहाता बनाने छह लाख 17 हजार 500 सौ रूपए, शासकीय प्राथमिक शाला जमदरहा विकासखण्ड बसना के लिए सात लाख 75 हजार रूपए, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सोरिद विकासखण्ड महासमुंद के लिए सात लाख रूपए, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलसोढ़ा विकासखण्ड महासमुंद के लिए सात लाख 24 हजार रूपए, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कौंदकेरा विकासखण्ड महासमुंद के लिए पांच लाख 90 हजार रूपए, शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला बिरकोनी विकासखण्ड महासमुंद के लिए सात लाख 75 हजार रूपए और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिंगरौद विकासखण्ड महासमुंद में अहाता निर्माण के लिए तेरह लाख रूपए की स्वीकृति दी गयी है। इसी प्रकार रणजीत सिंह शासकीय कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा विकासखण्ड पिथौरा में चार अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए आठ लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं।

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