Sunday, May 20, 2012

रायपुर 30 अप्रैल 2012

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा पर्यटन केन्द्र शंखधाम ग्राम बड़ाबनई जिला जशपुर में पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं विकसित करने 31 लाख 98 हजार रूपए मंजूर किए गए हैं। सीढ़ी निर्माण मैदान से मंच की ओर,सीढ़ी निर्माण मंदिर से शंख नदी तक, सीढ़ी निर्माण मंदिर से मंच की ओर तथा शंखधाम सीढ़ी निर्माण के लिए सवा छह-सवा छह लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। शंखधाम रिटर्निंग वॉल एवं मैदान समतलीकरण के लिए छह लाख 98 हजार रूपए की स्वीकृति भी दी गयी है।

IMG 0658 संस्कृति मंत्री ने रामेश्वरम में पूजा अर्चना की।IMG 0705 संस्कृति मंत्री ने रामेश्वरम में पूजा अर्चना की।

रायपुर 1 मई 2012. लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज परिवार सहित रामेश्वरम ज्योर्तिलिंग में पूजा अर्चना कर सादगी के साथ अपना जन्मदिन मनाया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की ।

रायपुर/11/05/2012/देश के पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ एक उभरते हुए सितारे की तरह है.यह राज्य आज कौतुहल का विषय बना है .इसकी चमक पूरी दुनिया में फैलाए यह हम सब की जिम्मेदारी है, इसके लिए समय सीमा तय करते हुए योजना बनाकर कार्य करने की  जरुरत है.उक्त बाते पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के बोर्ड बैठक के दौरान कही.

होटल छत्तीसगढ़ में आयोजित इस बैठक में महत्वपूर्ण 7 एजेंडो पर विशेष रूप से चर्चा हुई, जिनमे वित्तीय वर्ष 2012-2013 का प्रस्तावित बजट प्रावधान, चित्रकोट वाटर फाल का विश्वस्तरीय प्रकाशीकरण,सिरपुर में हेरिटेज टेल का निर्माण,धुर्वा परिपथ जगदलपुर,नगरनार,माचकोट,पुल्चा,कोलेंगा का क्रियान्वयन, मैनपाट पर्यटन परिसर पर सीसी रोड निर्माण कि स्वीकृति,एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा निर्माणाधीन नवनिर्मित होटल/मोटल ईकाईओं का संचालन मुख्य बिंदु रहे .

इस दौरान श्री अग्रवाल श्री अग्रवाल ने मैनपाट,सिरपुर,मानातुता प्रोजेक्ट में हो रही देरी पर नाराजगी ज़ाहिर करते हुए 3 माह के भीतर इन महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों को पूरा करने के निर्देश दिए.साथ ही उन्होंने चित्रकोट वाटर फाल में हमेशा पानी रहे इसके लिए बाँध जैसा कोई उपाय निकालने की बात कही .

उन्होंने अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ पर्यटन का बेहतर प्रचार हो यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए.

बोर्ड अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय ने कुनकुरी क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर ध्यान आकर्षित कराया साथ ही हर बैठक में प्रोग्रेस रिपोर्ट हो यह तय करने निर्देश दिए .

बोर्ड सदस्य शंकर पंसारी ने विवेकानंद सरोवर की व्यवस्था व् सौंदर्यीकरण बेहतर करने के सुझाव रखा.सदस्य आकाश विग ने भारत सरकार की वेबसाईट में  राज्य पर्यटन बोर्ड के साईट का लिंक दिए जाने हेतु पत्र-व्यव्हार करने की बात रखी .

बैठक में पर्यटन सचिव केडीपी राव, वित्त सचिव एसके विश्वकर्मा,मंडल के एमडी-तपेश झा,उपाध्यक्ष विजय तिवारी, सदस्य दीपक पटेल,गोवर्धन खंडेलवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे.

Vallabhaharya धर्मस्व व धार्मिक न्यास  मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से चंपारण के प्रमुख श्री द्वारकेश लाल जी एवं छठी जी बैठक के प्रमुख श्री वल्लभाचार्य जी ने भेंट कर चंपारण मे होने वाले प्रागट्य  दिवस उत्सव पर आमंत्रित किया

महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी के प्रागट्य स्थल चंपारण के प्रमुख श्री द्वारकेश लाल जी एवं छठी जी बैठक के प्रमुख श्री वल्लभाचार्य जी ने प्रदेश के लोकनिर्माण, स्कूल शिक्षा एवं धर्मस्व व धार्मिक न्यास  मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से शंकर नगर स्थित निवास पर भेंट कर श्री अग्रवाल को चंपारण मे होने वाले महाप्रभु जी के  प्रागट्य  दिवस पर होने वाले उत्सव मे आमंत्रित किया। इस अवसर पर चंद्रकांत बावरिया, महेश बखारिया, रमेश बावरिया, धीरेश विराणी  आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

रायपुर 13 अप्रैल 2012

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग स्थित ग्राम चन्दखुरी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इसे एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है । 188 1 0 पर्यटन और आस्था केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा है माता कौशल्या का गांवइस गांव के लिए ग्राम गौरव योजना के तहत वर्ष 2008 से 2011 तक स्वीकृत अनेक विकास कार्य अब पूर्ण हो चुके हैं। ऐसी मान्यता है कि चन्दखुरी भगवान श्री राम की माता कौशल्या का जन्म स्थान है यहां कौशल्या माता का मंदिर भी है।
चन्दखुरी मंदिर में दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों के ठहरने की सुविधा के लिए ग्राम गौरव योजना के तहत नौ लाख 79 हजार रूपए की लागत से यहां कॉटेज ब्लॉक बनवाया गया है । इसके पास ही दर्शनार्थियों के लिए चार लाख 50 हजार रूपए की लागत से टॉयलेट ब्लॉक भी बना है । इसी तरह तीन लाख 88 हजार रूपए की लागत से मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण भी करवाया गया है । इसके तहत परिसर में टाईल्स, हवन कुण्ड, सीढ़ी, रेलिंग और प्रवेश द्वार में छत का निर्माण कराया गया है। यहां करीब तीन लाख रूपए की लागत से कैफेटेरिया और इतनी ही लागत से सूचना केन्द्र का निर्माण कराया गया है ।
188 2 पर्यटन और आस्था केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा है माता कौशल्या का गांवकैफेटेरिया में अब दर्शनार्थियों को जरूरत की खाद्य सामग्रियां उपलब्ध हो रही है, जबकि सूचना केन्द्र के माध्यम से हजारों पर्यटकों और दर्शनार्थियों को छत्तीसगढ़ और आरंग के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों, मंदिरों और पूजा स्थलों की जानकारी मिल रही है । मंदिर परिसर में एक लाख रूपए की लागत से पार्किंग स्थल भी बनवाया गया है । इससे अब ग्रामवासियों के साथ ही दर्शनार्थियों को भी वाहन पार्किंग में सुविधा हो रही है । इन सब के अलावा ग्रामवासियों के सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए दो लाख रूपए की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया है ।

रायपुर 12 अप्रैल 2012

राज्य शासन के संस्कृति विभाग के अनुदान मद से साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थाओं को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने और संस्थाओं से संबंधित गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर प्रदेश की ऐसी ही 21 संस्थाओं को आठ लाख 54 हजार रूपए का अनुदान स्वीकृत किए गए हैं।
संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार प्रांतीय छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति ब्राम्हणपारा रायपुर को छत्तीसगढ़ी साहित्य सम्मेलन आयोजित करने के लिए 20 हजार रूपए,शिव शक्ति सेवा समिति ग्राम टेकारी विकासखण्ड अभनपुर जिला रायपुर को दो दिवसीय रंग झांझर सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए 25 हजार रूपए,शांति ज्योति समाज सेवी संस्था ब्राम्हणपारा हथबंद जिला रायपुर को सामाजिक,धार्मिक एवं महापुरूषों की जयंती आयोजित करने के लिए 20 हजार रूपए,समग्र उन्नति संस्थान आजाद चौक आरंग जिला रायपुर को आरंग पर केन्द्रित पुस्तक प्रकाशन के लिए 50 हजार रूपए, सतगुरू कबीर आश्रम लिमतरा जिला धमतरी में तीन दिवसीय संत समारोह आयोजित करने के लिए 9 हजार रूपए, मानस सांस्कृतिक मित्र मण्डल कोण्डागांव जिला बस्तर को अन्तर्राष्ट्रीय रासलीला कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एक लाख रूपए, जिला हिन्दी साहित्य समिति साहित्य पथ पद्यनाभपुर दुर्ग को राष्ट्रीय स्तर के गीत समारोह आयोजन के लिए 25 हजार रूपए,डॉ. अम्बेडकर स्मारक समिति जिला दुर्ग को दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 25 हजार रूपए, बिलासा कला मंच प्रेस क्लब भवन ईदगाह मार्ग बिलासपुर को लोकविधा पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला के आयोजन के लिए 20 हजार रूपए,ग्राम पंचायत पचपेड़ी विकासखण्ड पाटन जिला दुर्ग में गुरू घासीदास बाबा जयंती समारोह आयोजित करने के लिए 25 हजार रूपए, युवा मित्र मण्डल बेल्हारी जिला दुर्ग को संस्कृति दर्शन एवं मानस मेला के आयोजन के लिए एक लाख रूपए,यादव संघ मित्र कल्याण मण्डल धर्मधाम आमदी राम मंदिर क्षेत्र वार्ड दीपक नगर दुर्ग को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में योध्दा नर्तन (राउत नाचा महोत्सव) के आयोजन के लिए एक लाख रूपए, भिलाई जिला दुर्ग में 11वां वसुंधरा सम्मान समारोह के आयोजन के लिए 50 हजार रूपए,नाचा महोत्सव समिति ग्राम पंचायत पिपरौद जिला उत्तर बस्तर (कांकेर) को दो दिवसीय नाचा महोत्सव के आयोजन के लिए 50 हजार रूपए, ओबेराय म्यूजिक ग्रुप शंकर नगर रायपुर को याद-ए-रफी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 50 हजार रूपए, श्याम संगीत सृजन संस्थान सक्ती जिला जांजगीर-चांपा को सृजन कला संगम समारोह के आयोजन के लिए 15 हजार रूपए,जागृति नवयुवक समाज सेवी संस्था गहिराभेड़ी राजनांदगांव को दो दिवसीय लोक कला महोत्सव के आयोजन के लिए 50 हजार रूपए,नव उजियारा डूण्डा सेजबहार जिला रायपुर को राजधानी रायपुर में हीरालाल काव्योपाध्याय की 150 वीं जयंती समारोह के आयोजन के लिए  50 हजार रूपए, संगम साहित्य एवं सांस्कृतिक समिति मगरलोड धमतरी को राज्य स्तरीय सम्मान समारोह एवं साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए 30 हजार रूपए, सांस्कृतिक मंच बलौदा जिला जांजगीर-चांपा को दो दिवसीय सरई श्रृंगार महोत्सव के आयोजन के लिए 20 हजार रूपए  और आसमां जय जागृति महिला एवं बाल कल्याण समिति सहदेव नगर राजनांदगांव को दो दिवसीय घुमका लोक कला महोत्सव के आयोजन के लिए 20 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं।

रायपुर, 08 अप्रैल 2012

108%20news छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन मार्केटिंग पुरस्कार

राज्य सरकार के उपक्रम छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को राष्ट्रीय स्तर के एक और पुरस्कार से नवाजा गया है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित एक भव्य समारोह में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन मार्केटिंग पुरस्कार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री प्रेमकुमार धूमल ने प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और प्रदेश के पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल ने प्रदेश में  सैलानियों के लिए पर्यटन सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। पिछले महीने जर्मनी में आयोजित टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल के स्टॉल को सराहा गया था। विदेशी सैलानियों ने छत्तीसगढ़ आने में रुचि भी दिखाई है। पर्यटन मंडल के प्रबंधा संचालक तपेश कुमार झा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि  इस बार शिमला में आई क्रिएटिव द्वारा इंटरनेशनल टूरिज्म कॉनक्लेव एंड टूरिज्म अवार्ड समारोह आयोजित किया था। समारोह में भारत सरकार के पर्यटन सचिव श्री आर.एच ख्वाजा और हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रमुख सचिव पर्यटन श्रीमती मनीषा नंदा भी उपस्थित थीं। सर्वश्रेष्ठ पर्यटन मार्केटिंग का पुरस्कार छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को टूर ऑपरेटर्स, ट्रैव्हल्स एजेंट्स और स्पेशल नेटवर्किंग सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से नई दिल्ली स्थित पर्यटन सूचना केन्द्र के प्रभारी श्री विमल रंजन पाण्डेय ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।

रायपुर 07 अप्रैल 2012

संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ सिन्धी साहित्य संस्थान रायपुर को पांच लाख रूपए का अनुदान स्वीकृत किया गया है। यह राशि संस्कृति विभाग द्वारा दी गयी है। संस्कृति विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के संस्कृति विभाग द्वारा साहित्यकारों के साथ-साथ विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक और समाजसेवी संस्थाओं को आर्थिक सहायता के रूप में अनुदान स्वीकृत किए जाते हैं।

रायपुर तीन अप्रैल 2012

राज्य शासन के संस्कृति विभाग द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक और समाजसेवी संस्थाओं को रचनात्मक गतिविधियों के लिए अनुदान के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी कड़ी में पिछले माह दस संस्थाओं को छह लाख 40 हजार रूपए के अनुदान स्वीकृत किए गए हैं।
संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस संबंध में बताया कि भारतीय जननाटय संघ (इप्टा) नेहरू हाउस ऑफ कल्चर सेक्टर-2 भिलाई को तीन दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन के लिए एक लाख रूपए, श्री चण्डी मंदिर एवं चण्डी आश्रम सार्वजनिक न्यास नेवनारा पोस्ट हसदा जिला दुर्ग को श्री रामचरित्र मानस गान एवं भागवत ज्ञान सप्ताह आयोजित करने के लिए 50 हजार रूपए, क्रियेशंस रंग मंदिर गांधी चौक रायपुर को स्वर्गीय दुष्यंत कुमार की पुण्य तिथि में ‘जागो भारतवासियों जागो’ कार्यक्रम के आयोजन के लिए 50 हजार रूपए, अखिल भारतीय शाकाहार परिषद डोंगरगांव को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं वृध्दजन सम्मान समारोह के आयोजन के लिए 50 हजार रूपए, महाकौशल संगीत समिति रायपुर को स्वर्गीय पंडित विष्णु कृष्ण जोशी जयंती समारोह के आयोजन के लिए डेढ़ लाख रूपए, ग्राम कंडेल जिला धमतरी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव जयंती समारोह के आयोजन के लिए एक लाख रूपए उगता सूरज पंथी नृत्य लोक नृत्य सेवा समिति चीचा आरंग जिला रायपुर को लोक नृत्य महोत्सव के आयोजन के लिए 20 हजार रूपए, विकल्प समाज सेवी संस्था डोंगरगांव जिला राजनांदगांव को सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस पर दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए 30 हजार रूपए, छत्तीसगढ़ी पंडवानी कला मंच हांडी पारा रायपुर को 23वें वार्षिक जलसा पंडवानी मेला के आयोजन के लिए 40 हजार रूपए तथा चेतना संघ समाज सेवी संस्था भरूवाडीह तिल्दा जिला रायपुर को संत गुरू घासीदास बाबा के आदर्शो और विचारों पर दो दिवसीय व्याख्यान गोष्ठी के आयोजन के लिए 50 हजार रूपए की अनुदान सहायता स्वीकृत की गयी है।

संस्कृति मंत्री शामिल हुए चित्रकोट महोत्सव के समापन समारोह में

विश्व प्रसिध्द जल प्रपात के पास बनेगा 50 लाख की लागत का ट्रांजिट हास्टल और खुला रंगमंच

रायपुर 24 फरवरी  2012

 सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार वचनबध्द : श्री बृजमोहन अग्रवाल

पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समध्द सांस्कृतिक विरासतों और परम्पराओं के संरक्षण के लिए वचनबध्द है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विगत आठ वर्षो में राज्य के परम्परागत छोटे-बड़े मड़ई-मेलों कों महोत्सवों का स्वरूप प्रदान किया है। बस्तर की चित्रकोट मड़ई को वर्ष 2011 से महोत्सव का रूप दिया गया है। महोत्सव का स्वरूप देने के बाद से चित्रकोट मड़ई की प्रतिष्ठा और बढ़ी है तथा चित्रकोट महोत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से बस्तर अंचल की कला-संस्कृति से जुड़ी प्रतिभाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिला है।

श्री अग्रवाल आज प्रसिध्द जल प्रपात चित्रकोट के नजदीक आयोजित तीन दिवसीय चित्रकोट महोत्सव 2012 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने कहा कि विश्व प्रसिध्द चित्रकोट जल प्रपात के नजदीक पर्यटकों की सुविधा के लिए 50 लाख रूपए की लागत से टं्राजिट हास्टल और खुले रंगमंच के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बस्तर अंचल की जीवन रेखा इन्द्रावती नदी में पानी बारहों महीने प्रवाहित हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने सर्वे करने के लिए कलेक्टर को निर्देशित किया है। इसके साथ ही ओडिशा सरकार से भी चर्चा जारी रहेगी।

महोत्सव के समापन समारोह में लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री संतोष बाफना, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और चित्रकोट विधायक श्री बैदूराम कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री लच्छूराम कश्यप, पर्यटन मण्डल के उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तरूणचोपड़ा सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। सांसद श्री दिनेश कश्यप, विधायक श्री बैदूराम कश्यप और श्री संतोष बाफना सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी समारोह को सम्बोधित किया। चित्रकोट महोत्सव का यह दूसरा वर्ष था। सम्पूर्ण आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गयी। व्हालीवाल, कबड्डी और महिलाओं के लिए रस्सा खींच प्रतियोगिका आयोजन भी किया गया। मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने विभिन्न  प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर बधाई और शुभकामनाएं दी।

 सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार वचनबध्द : श्री बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर 19 मार्च 2012

धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर राज्य शासन ने रायपुर और दुर्ग जिले के पांच मंदिरों के जीर्णोध्दार/मरम्मत के लिए 22 लाख रूपए स्वीकृत किए हैं। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा राशि स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

राज्य शासन द्वारा दुर्ग जिले के प्राचीन शिव मंदिर (ओगर तालाब) पाटन तथा प्राचीन हनुमान मंदिर रानीतराई के जीर्णोध्दार के लिए पांच-पांच लाख रूपए की स्वीकृति दी गयी है। इसी प्रकार जय मां बंजारी धाम खपरी (मढ़ी) जिला रायपुर के लिए पांच लाख रूपए, श्री हरदेवलाला मंदिर टिकरापारा रायपुर के लिए पांच लाख रूपए तथा चतुर्भजी मंदिर कुंरा धरसींवा के जीर्णोध्दार के लिए दो लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है।

संस्कृति मंत्री शामिल हुए चित्रकोट महोत्सव के समापन समारोह में

52371 सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार वचनबध्द : श्री बृजमोहन अग्रवाल

विश्व प्रसिध्द जल प्रपात के पास बनेगा 50 लाख की लागत का ट्रांजिट हास्टल और खुला रंगमंच

रायपुर 24 फरवरी  2012। पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समध्द सांस्कृतिक विरासतों और परम्पराओं के संरक्षण के लिए वचनबध्द है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विगत आठ वर्षो में राज्य के परम्परागत छोटे-बड़े मड़ई-मेलों कों महोत्सवों का स्वरूप प्रदान किया है। बस्तर की चित्रकोट मड़ई को वर्ष 2011 से महोत्सव का रूप दिया गया है। महोत्सव का स्वरूप देने के बाद से चित्रकोट मड़ई की प्रतिष्ठा और बढ़ी है तथा चित्रकोट महोत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से बस्तर अंचल की कला-संस्कृति से जुड़ी प्रतिभाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिला है।
          श्री अग्रवाल आज प्रसिध्द जल प्रपात चित्रकोट के नजदीक आयोजित तीन दिवसीय चित्रकोट महोत्सव 2012 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने कहा कि विश्व प्रसिध्द चित्रकोट जल प्रपात के नजदीक पर्यटकों की सुविधा के लिए 50 लाख रूपए की लागत से टं्राजिट हास्टल और खुले रंगमंच के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बस्तर अंचल की जीवन रेखा इन्द्रावती नदी में पानी बारहों महीने प्रवाहित हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने सर्वे करने के लिए कलेक्टर को निर्देशित किया है। इसके साथ ही ओडिशा सरकार से भी चर्चा जारी रहेगी।
           महोत्सव के समापन समारोह में लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री संतोष बाफना, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और चित्रकोट विधायक श्री बैदूराम कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री लच्छूराम कश्यप, पर्यटन मण्डल के उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तरूणचोपड़ा सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। सांसद श्री दिनेश कश्यप, विधायक श्री बैदूराम कश्यप और श्री संतोष बाफना सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी समारोह को सम्बोधित किया। चित्रकोट महोत्सव का यह दूसरा वर्ष था। सम्पूर्ण आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गयी। व्हालीवाल, कबड्डी और महिलाओं के लिए रस्सा खींच प्रतियोगिका आयोजन भी किया गया। मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने विभिन्न  प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर बधाई और शुभकामनाएं दी।

DSC 0250A तिरुपति मे छत्तीसगढ़ भवन हेतु स्थान मांगा बृजमोहन ने

तिरुपति मे छत्तीसगढ़ भवन हेतु स्थान मांगा बृजमोहन ने

तिरुमल्ला ट्रस्ट के चेयरमेन ने की पर्यटन मंत्री से सौजन्य मुलाक़ात

DSC 0228 300x283 तिरुपति मे छत्तीसगढ़ भवन हेतु स्थान मांगा बृजमोहन नेरायपुर 22 जनवरी 2012। प्रदेश के लोकनिर्माण, स्कूल शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से तिरुमल्ला ट्रस्ट के चेयरमेन के. बाती राजू व पूर्व चेयरमेन आदिकेशवलु ने शंकर नगर स्थित निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने तिरुमल्ला मे छत्तीसगढ़ भवन निर्माण हेतु स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।

पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ मे प्रतिवर्ष होने वाले राजिम कुंभ मेले की जानकारी देते हुए कहा की देश मे चार कुंभ ईश्वर द्वारा बनाए गए है छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम मे होने वाले इस कुंभ को मानव द्वारा बनाया गया है। तिरुपति मंदिर ट्रस्ट के चेयरमेन एक निजी आयोजन मे शामिल होने रायपुर प्रवास पर आए हुए है इसी दौरान रविवार शाम उन्होने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से मुलाक़ात की। छत्तीसगढ़ के धार्मिक महत्तव के बारे मे बताते हुए संस्कृति मंत्री ने उन्हे बताया की यह माता कौशल्या की जन्म स्थली और भगवान श्री राम के वन गमन मार्ग भी है।

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए तिरुपति मंदिर ट्रस्ट के चेयरमेन से उन्होने छत्तीसगढ़ भवन बनाने हेतु तिरुमल्ला मे स्थान उपलब्ध कराने का आग्रह किया इस पर श्री राजू ने उन्हे विचार करने का आश्वासन दिया ।

इस अवसर पर तिरुपति ट्रस्ट के पूर्व चेयरमेन आदिकेशवलु, बालाजी विद्या मंदिर के संचालक जी. स्वामी भारतीय जनता युवा मोर्चा के शहर अध्यक्ष संजुनारायण सिंह ठाकुर सहित गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।

4639A1 बूढ़ातालाब में वाटर स्पोर्ट्स और अन्य कार्यो के लिए चार करोड़ रूपए का प्रस्ताव

बूढ़ातालाब में वाटर स्पोर्ट्स और अन्य कार्यो के लिए चार करोड़ रूपए का प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के संचालक मण्डल की बैठक में अनेक प्रस्तावों का अनुमोदन

     रायपुर, 17 जनवरी 2012/ पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में यहां आयोजित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक मंडल की बैठक में राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक विवेकानंद सरोवर (बूढ़ा तालाब) में वाॅटर स्पोटर्स सहित तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए चार करोड़ रूपए की लागत से अधोसंरचनाएं विकसित करनेे के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। सभी कार्य पर्यटन नीति के अनुरूप मैनेजमेंट कान्टेक्ट योजना के तहत प्रस्तावित है। बैठक में राज्य के विभिन्न पर्यटनों स्थलों के विकास के लिए प्रस्तावित अनेक योजनाओं का भी अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय, उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य, प्रमुख सचिव वित्त श्री अजय सिंह, सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री मनोहर पाण्डेय, अपर आयुक्त परिवहन श्री बी.एस.मरावी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री तपेश झा, माना विमानत्तल के प्रभारी अधिकारी श्री अनिल राॅय सहित मंडल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

 अधिकारियों ने बैठक में बताया कि बूढ़ा तालाब में फ्लोटिंग रेस्टारेंट, फिश हाउस, स्क्रे हाउस, रोप-वे, बाउंसी रोप, पैडल बोट, मोटर बोट, मोटर बाईक, वाटर बैटरी कार, बैटरी टेªन आदि चलाने की योजना है। पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने बांगो बांध, गंगरेल बांध सहित अन्य महत्वपूर्ण जलाशयों में भी वाटर स्पोर्ट्स की सुविधा विकसित करने  संयुक्त रूप से प्रस्ताव बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित होटल छत्तीसगढ़ परिसर में पांच करोड़ रूपए की लागत से पर्यटन भवन बनाने के प्रस्ताव और वित्तीय वर्ष 2011-12 में विभिन्न पर्यटन परिपथ विकास योजनाओं, वे-साइड एमीनिटी तथा डेस्टीनेशन विकास योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों तक पहंुचने वाले मार्गो पर स्थापित साइनेजेस की मरम्मत कराने का निर्णय लिया गया।  छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास कार्यो के लिए नये मास्टर प्लान तैयार करने तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के होटल, मोटल, रिसोर्ट्स, विश्राम गृह में मैनेजमेन्ट रूम, गार्ड रूम तथा स्टाफ आवास गृह बनाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन भी किया गया। मैनेजमेंट रूम, गार्ड रूम तथा स्टाफ आवास के लिए प्री-फेब्रिकेटेड की संरचना बनायी जाएगी। निजी पूंजी निवेश के माध्यम से दुर्ग जिले के कुम्हारी के पास स्थित पर्यटक बंगले की मरम्मत कराने के प्रस्ताव मंजूरी दी गयी।

 छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय तथा उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी ने बैठक में राज्य में पर्यटन स्थलों के विकास तथा पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने के लिए तेजी से कार्य करने की जरूरत पर जोर दिया। संचालक मण्डल की बैठक में राजधानी रायपुर में सर्वसुविधायुक्त होटल बनाने के प्रस्ताव पर भी सैद्धांतिक सहमति दी गयी। पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मैनपाट, सिरपुर और माना तूता पर्यटन केन्द्र का सम्पूर्ण विकास किया जाना जरूरी है। उन्होंने बारनवापारा अभयारण्य में बच्चों के लिए मनोरंजन पार्क विकसित करने प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के होटल व्यवसाययिओं को और अधिक प्रोत्साहित करने पर्यटन नीति में संशोधन का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थित संचालक मण्डल के सदस्य श्री अनूप सूद, श्री शंकर पंसारी, श्री कीर्ति व्यास, श्री गोवर्धन खण्डेलवाल तथा श्री आकाश विग ने भी पर्यटन विकास के लिए अनेक सुझाव दिए।

ऐतिहासिक बूढ़ा सागर तालाब जीर्णोध्दार एवं सौंदर्यीकरण की मंजूरी

पुरातन नगरी बारसूरवासियों को आठ करोड़ रूपए की सौगात

 प्रथम बारसूर महोत्सव संपन्न: विरासत के संरक्षण एवं पर्यटन को बढ़ावा देने हरसंभव पहल : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

रायपुर, 17 ज़नवरी 2012

बस्तर के हजारों वर्ष पुरानी इस ऐतिहासिक एवं पौराणिक नगरी बारसूर की पहचान को संरक्षित रखने सहित इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने हर संभव पहल की  जाएगी, जिससे इस ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी बारसूर की ख्याति देश और दुनिया में पहुंच सके। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बस्तर अंचल के दंतेवाड़ा जिलांतर्गत बारसूर में आयोजित प्रथम बारसूर महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बारसूर के प्राचीन बूढ़ा सागर तालाब के जीर्णोध्दार एवं सौंदर्यीकरण हेतु मंजूरी प्रदान की। वहीं नगर पंचायत बारसूर के अंतर्गत विकास कार्यों को पूरा करने प्रतिबध्दता व्यक्त की और बारसूरवासियों को लगभग आठ करोड़ रूपए की विकास कार्यों की सौगात देने छह निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रथम बारसूर महोत्सव आयोजन को इस क्षेत्र के परंपरा एवं पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण पहल निरूपित करते हुए कहा कि हजारों वर्ष पूर्व यहां उन्नत और समृध्द संस्कृति रही है, जिसके अवशेष आज भी हमें पुराने इतिहास एवं वैभवता की याद दिलाती है। इस दृष्टिकोण से इस पुरातन नगरी के पुरातत्व संपदा को संरक्षित रखने सहित पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ इस क्षेत्र में विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्र में सड़कें, पुल, एनीकट सहित अन्य विकास कार्यों को तेजी के साथ क्रियान्वयन करने पर बल दिया। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश ने इस पुरातन नगरी में आयोजित बारसूर महोत्सव को हर साल आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि इस आयोजन से देश के कोने-कोने में इस ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल के बारे में लोगों को जानकारी मिलेगी और लोग यहां की विरासत को देखने आएंगे। उन्होंने बस्तर के विकास के लिए कटिबध्दता व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार इस अंचल में ग्रामीण विकास के जरिए लोगों का विश्वास हासिल करने राज्य सरकार को हर संभव मदद कर रही है। 

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बारसूर बस्तर या छत्तीसगढ़ की ही नहीं अपितु पूरे भारत का गौरव है जो इस क्षेत्र के लोगों की आस्था के साथ जुड़ी हुई है। बस्तर अंचल में शांति स्थापना के साथ ही विकास को बढ़ावा मिले इस हेतु बारसूर महोत्सव जैसे आयोजन कर ग्रामीणों को विकास और उनकी समृध्द संस्कृति से जोड़ने का अभिनव पहल की जा रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं पर्यटन मंडल के प्रयास को सराहनीय निरूपित किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी ने इस प्राचीन नगरी में मंदिरों के जीर्णोध्दार सहित अन्य विकास कार्यों के लिए मंजूरी देने का आग्रह करते हुए क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वृहद् स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता जताई।  आरंभ में कलेक्टर श्री ओम प्रकाश चौधरी ने स्वागत भाषण में बारसूर महोत्सव आयोजन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं जिले में संचालित विकास गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बारसूर महोत्सव के दौरान आयोजित निर्धन कन्या सामूहिक विवाह समारोह में दांपत्य सूत्र में बंधे 51 जोड़े वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने इस मौके पर 108 एमरजेंसी एंबुलेंस का शुभारभ करते हुए जिले में बेहतर सेवाएं सुलभ कराए जाने की शुभकामना दी। वहीं इस मौके पर दंतेवाड़ा जिले के चार ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पुरस्कार के तहत पचास-पचास हजार रूपए प्रदान किया। इसके साथ ही प्रथम बारसूर महोत्सव पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान छू लो आसमानसीडी का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने हर्ष के प्रतीक रंगबिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े।  आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और अन्य अतिथियों का आयोजन समिति द्वारा जोशिला स्वागत किया गया। इस मौके पर प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री भीमा मंडावी, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री सुखदेव तांती, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री महेन्द्र कर्मा तथा क्षेत्र के अन्य अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल करेंगे शुभारंभ
समापन समारोह में मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

रायपुर, 13 जनवरी 2012

    छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में अपने विशाल ऐतिहासिक और पुरातात्विक वैभव के लिए प्रसिध्द बारसूर को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर एक और खास पहचान ‘बारसूर महोत्सव’ के रूप में मिलने जा रही है। यह तीन दिवसीय महोत्सव कल 14 जनवरी से शुरू हो रहा है। इस अवसर पर अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    उल्लेखनीय है कि बारसूर का इतिहास एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है, जहां ग्यारहवीं शताब्दी या उससे भी पहले निर्मित गणेश प्रतिमा को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी गणेश मूर्ति के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह 147 तालाबों सहित मंदिरों के शहर के रूप में भी इतिहास में प्रसिध्द है। बारसूर के बत्तीसा मंदिर का निर्माण सन् 1030 ईसवी में तत्कालीन नागवंशी नरेश सोमेश्वर देव की रानी ने करवाया था। यह मंदिर 32 पाषाण स्तंभों पर निर्मित है, जहां दो शिवालय भी हैं। बारसूर में गणेश प्रतिमा और बत्तीसा मंदिर सहित मामा-भांजा के मंदिर और कुछ अन्य पुरातात्विक स्मारकों का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बारसूर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए जिला प्रशासन को वहां हर साल जनसहयोग से इस महोत्सव के आयोजन के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप तीन दिवसीय ‘बारसूर महोत्सव’ की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

    प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल कल 14 जनवरी को सवेरे 11 बजे बारसूर के ऐतिहासिक बत्तीसा मंदिर परिसर में ‘बारसूर महोत्सव’ का शुभारंभ करेंगे। आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री तथा दक्षिण बस्तर जिले के प्रभारी श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित शुभारंभ समारोह में महिला और बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेण्डी, लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप, संसदीय सचिव श्री महेश गागड़ा, विधायक दंतेवाड़ा श्री भीमा मण्डावी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री कृष्णकुमार राय और उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी, अध्यक्ष जिला पंचायत दंतेवाड़ा श्रीमती जमुना मांझी, सदस्य अनुसूचित जाति आयोग श्री सुखदेव ताती, सदस्य छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल श्री अनूप सूद सहित अध्यक्ष नगर पंचायत बारसूर श्रीमती मीना रेड्डी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

    बारसूर महोत्सव का समापन समारोह 16 जनवरी को अपरान्ह बत्तीसा मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश करेंगे। समापन समारोह में आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री तथा दक्षिण बस्तर जिले के प्रभारी श्री केदार कश्यप, महिला और बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेण्डी, लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप, संसदीय सचिव श्री महेश गागड़ा, विधायक दंतेवाड़ा श्री भीमा मण्डावी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री कृष्णकुमार राय और उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी, अध्यक्ष जिला पंचायत दंतेवाड़ा श्रीमती जमुना मांझी, सदस्य अनुसूचित जाति आयोग श्री सुखदेव ताती, सदस्य छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल श्री अनूप सूद सहित अध्यक्ष नगर पंचायत बारसूर श्रीमती मीना रेड्डी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।

पहली बार आयोजित तीन दिवसीय बारसूर महोत्सव
में रहेगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

रायपुर 06 जनवरी 2012

राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर (दंतेवाडा) जिले के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल बारसूर में पहली बार तीन दिवसीय बारसूर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव अब हर साल जनवरी में ही आयोजित किया जाएगा। भगवान गणेश प्रतिमा, मामा-भांजा मंदिर और बत्तीसा मंदिर के लिए प्रसिध्द बारसूर में आगामी 14 जनवरी से 16 जनवरी तक होने वाले बारसूर महोत्सव 2012 का शुभारंभ प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल करेंगे। शुभारंभ समारोह में लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप भी शामिल होंगे।4463cc बारसूर महोत्सव 14 जनवरी से : पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल करेंगे शुभारंभ

        बारसूर महोत्सव में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ-साथ प्रसिध्द गायक श्री कुनाल गांजावाला और भजन गायक श्री अनूप जलोटा भी आकर्षण के मुख्य केन्द्र होंगे। महोत्सव में भव्य मीना बाजार का भी आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में पिछले साल यहां आयोजित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक मंडल की बैठक में बारसूर में हर वर्ष बारसूर महोत्सव करने का निर्णय लिया गया। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा बारसूर महोत्सव 2012 से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।  महोत्सव के दौरान तीन दिन आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

        बारसूर महोत्सव के दौरान 13 जनवरी को स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ 14 तारीख को पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल करेंगे। महोत्सव में जिले के सभी शासकीय विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में विकास को प्रदर्शित करते मंडप भी लगाए जाएंगे। 14 तारीख की शाम प्रसिध्द पार्श्व गायक श्री कुनाल गांजावाला के गीतों से सजेगी। 15 तारीख को आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या में हास्य कवि पद्मश्री श्री सुरेन्द्र दुबे और उनके साथियों द्वारा कविता पाठ किया जाएगा। बारसूर महोत्सव में 16 तारीख को क्षेत्रवासी शाम के समय प्रसिध्द भजन गायक श्री अनूप जलोटा के स्वर में भजनों का लुफ्त ले पाएंगे। बारसूर महोत्सव का समापन 16 तारीख को होगा।

        बारसूर महोत्सव में आयोजित होने वाले साहसिक खेल भी युवाओं के लिए आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहेंगे। तीन दिवसीय इस महोत्सव में तीनों दिन शाम के समय लाईट एण्ड साउण्ड शो भी आयोजित होगा। महोत्सव के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर श्री ओ.पी. चौधरी ने सभी अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

पर्यटन विभाग द्वारा होटल/मोटल में कक्ष आरक्षण के लिए समय-सीमा तय

रायपुर 03 जनवरी 2012

प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2011 के तहत छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के होटलों और मोटलों में कक्ष आरक्षण के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी गयी है। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के होटल और मोटल में कक्ष आरक्षण के लिए आवेदन प्राप्त होने के पांच कार्य दिवस के भीतर सेवा प्रदाय किया जाना है। इसके लिए मोटल/होटल के प्रभारी, सेवा प्रदाय करने वाले पदाभिहित अधिकारी होंगे। इसी प्रकार कक्षों के आरक्षण उपरान्त निरस्तीकरण के लिए सात कार्य दिवस की समय-सीमा तय की गयी है। इसके लिए भी संबंधित होटल/मोटल के प्रभारी को पदाभिहित अधिकारी बनाया गया है। पर्यटन सूचना साहित्य प्रदाय करने के लिए भी पांच कार्य दिवस का समय तय किया गया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के क्रय/भण्डार शाखा के प्रभारी को सेवा प्रदाय करने वाले पदाभिहित अधिकारी का दायित्व दिया गया है। इन तीनों सेवाओं के लिए महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल सक्षम अधिकारी होंगे। प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल को अपीलीय प्राधिकारी बनाया गया है।

image preview1 छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के बढ़ते कदम

प्राकृतिक सौंदर्य और बहुरंगीय संस्कृति भी राज्य की पहचान

छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक सौंदर्य विलक्षण है। यहां के प्राकृतिक, धार्मिक, पुरातात्विक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थल पर्यटकों को स्वाभाविक रूप से आकर्षित करते हैं। छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक रूप से भी समृध्द राज्य है। लोक कला,लोक संगीत,लोक नाटय, लोक गीत,लोक नृत्य और लोक शिल्प के विविध रंग अपनी अलग पहचान लिए हुए है। छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन के विकास के लिए पिछले आठ सालों में काफी तेजी से काम हुए हैं।
भारत के हदयस्थल में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तर में सतपुड़ा पहाड़ियों का उच्चतम भू-भाग है तो मध्य में महानदी तथा उसकी सहायक नदियों का मैदानी भाग है इसके दक्षिण में बस्तर का विस्तृत पठार है। छत्तीसगढ़ प्राचीन स्मारकों,दुर्लभ वन्य प्राणियों,नक्कासीदार मंदिरों, ,बौध्द स्थलों राजमहलों जलप्रपातों,गुफाओं एवं शैल चित्रों से परिपूर्ण है। राज्य का 44 प्रतिशत भाग वनों से आच्छादित है। छत्तीसगढ़ अपने आप में पर्यटन के क्षेत्र में समृध्द राज्य है। यहां ऐतिहासिक,पुरातात्विक ,धार्मिक औद्योगिक केन्द्र,प्राकृतिक सौन्दर्य राष्टीय उद्यान एवं वन्य प्राणी अभ्यारण्य के साथ-साथ गौरवशाली आदिम संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण देखने को मिलता है। छत्तीसगढ़ को प्रमुख धार्मिक पर्यटन राज्य बनाने की दिशा में सरकार को आशातीत सफलता मिली है। राज्य की प्राचीन एवं तीर्थ नगरी राजिम के त्रिवेणी संगम में हर वर्ष लगने वाले राजिम मेले को देश के कुंभ मेला के रूप में प्रतिस्थापित करने में सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिध्द राजिम के पखवाड़े भर के मेले में देश भर के साधु संतों सहित लाखों श्रध्दालुओं ने भागीदारीकर राजिम कुंभ की गरिमा व प्रतिष्ठा प्रदान की। शंकराचार्यों व महामंडलेश्वरों की उपस्थिति ने यह आश्वस्त किया कि आगामी वर्षों में राजिम कुंभ देश का प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन होगा। कुंभ मेले के प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन को वैघानिक स्वरूप देने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा में छत्तीसगढ़ कुंभ मेला विधेयक 2006 पारित किया गया है। इसी प्रकार यहाँ के प्रमुख धार्मिक आस्था और विश्वास के केन्द्रों में आने वाले श्रध्दालुओं की सुविधा के लिए इन केन्द्रो में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर अधिक ध्यान दिया गया। 

        image preview 225x300 छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के बढ़ते कदमसिरपुर को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने व्यापक कार्य योजना तैयार की गई है।  इसके लिए केन्द्र सरकार से चार करोड़ रूपये की स्वीकृति मिली है। इसमें से तीन करोड़ 18 लाख रूपए राज्य सरकार को प्राप्त हो गए हैं। सिरपुर में मोटल  निर्माण किया जा रहा है। राज्य के 21 स्थानों पर पर्यटक विश्राम गृह (मोटल) तैयार कर लिया गया है।  राज्य में पर्यटन विकास की असीम संभावनाओं को देखते हुए पर्यटक प्रोत्साहन योजना घोषित किया जा चुका है। । इसमें निजी निवेश द्वारा नवीन पर्यटन परियोजनाओं जिसमें मोटल, रिसार्ट, काटेज, मनोरंजन पार्क, वाटर पार्क, थीम पार्क, मल्टीप्लेक्स गोल्फ कोर्स, सफारी, साहसिक पर्यटन एण्ड वाटर स्पोर्टस शामिी है। इनकी स्थापना को प्रोत्साहित करने विलासिता कर, मनोरंजन कर, विद्युत शुल्क एण्ड स्टाम्प शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है। । इसी प्रकार इस योजना के अन्तर्गत भू-प्रीमियम शुल्क, भू-उपार्जन परिवर्तन शुल्क, भू-आबंटन सेवा शुल्क में छूट एवं भूमि बैंक योजना का प्रावधान भी योजना में है।  राज्य की पुरातात्विक संपदा से परिपूर्ण राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय महत्व के 116 स्थल चिन्हित किए गए है। पर्यटन विभाग द्वारा चिन्हित किए गये इन स्थलों में बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात, प्राचीन सभ्यता के केन्द्र सिरपुर, भगवान वल्लभाचार्य की जन्म स्थली चम्पारण्य तथा तीन नदियों के संगम स्थल धार्मिक नगरी राजिम शामिल हैं।
यहां अधोसंरचना विकास पर 3 वर्षो में 100 करोड़ रूपये खर्च करने की योजना बनायी गयी है। बारनवापारा, अचानकमार, चित्रकोट में रिसॉर्ट तैयार किये गए हैं।  मैनपाट, राजमेरगढ़, चिल्पी में रिसॉर्ट निर्माणाधीन है। नया रायपुर क्षेत्र में होटल प्रबंधन संस्थान निर्माणाधीन है।  देश-विदेश के पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन आकर्षणों के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से राज्य में माना एयरपोर्ट रायपुर पुरखैती, जगदलपुर, चम्पारण्य, राजिम के अलावा धमतरी, रायपुर और बिलासपुर, डोंगरगढ़ रेल्वे स्टेशन तथा राज्य के बाहर दिल्ली, कोलकाता, नागपुर, भोपाल, अहमदाबाद, विशाखापटनम में पर्यटन सूचना केन्द्रों की स्थापना की गई है। पर्यटकाें को पर्यटन स्थलों की जानकारी प्रदान करने हेतु डिस्कवरी चैनल के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन केन्द्रों पर फिल्म का निर्माण एवं प्रसारण किया गया । सुविधाजनक टेलरमेड पैकेज टूर प्रारंभ किये गये है। बस्तर के नगरनार में ग्रामीण परिवेष पर आधारित क्राफ्ट विलेज विकसित किया गया। चित्रकोट में साहसिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित करने जल संसाधन और लोक निर्माण विभाग के 18 विश्राम गृहों व निरीक्षण गृहों का हस्तांतरण छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को किया गया। राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के 27 स्थानों पर यात्रियों की सुविधा के लिए सुलभ शौचालय का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।  पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटन स्थलों एवं उनके पहुंच मार्गों पर दिषा सूचक एवं जानकारी परक सूचना फलकों की स्थापना की है।  प्रदेश में पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों के सौन्दर्यीकरण, उन्नयन, पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण और पुर्नरूध्दार के लिए उल्लेखनीय योजनाएं शुरू की हैं। एक नवंबर 2000 को देश के 26 वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ की शुरूआत पर्यटन क्षेत्र में एक तरह से शून्य से हुई थी। इससे बुरी स्थिति क्या होगी कि विश्व प्रसिध्द कई स्थलों के इस क्षेत्र में होते हुए भी एक भी घोषित पर्यटन स्थल नहीं था। पर्यटन विभाग की कुछ परिसंपत्तियां जरूर थी लेकिन वह भी खस्ताहाल स्थिति में थी। अब राज्य में 100 से अधिक पर्यटन स्थलों को चिन्हाकित किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व के अनेक स्थल चिन्हित किए गए है । राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों में 18 स्थानों पर हाईवे मोटल बन गए हैं। इनमें कांपा (महासमुन्द),केन्द्री रायपुर,भाठागांव धमतरी,खपरी दुर्ग,तुमड़ीबोड़ राजनांदगांव,सरगांव बिलासपुर,कोनकोना कोरबा,चदीरमा सरगुजा,चिरगुड़ा कोरिया,नथियानवागांव कांकेर,कोण्डागांव बस्तर,कोड़ातराई रायगढ़,चित्रकोट बस्तर, हारम दंतेवाड़ा और कुलीपाटा जांजगीर-चांपा शामिल हैं। राज्य के प्रमुख रविशंकर जलाशय को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने की योजना क्रियान्वित की जा रही है। जिसके अन्तर्गत मोटल निर्माण, गार्डन विकास, फौव्हारा निर्माण और बोटिंग की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। आदिवासी बहुल्य क्षेत्र बस्तर के ग्राम आसना में टूरिस्ट कम्फर्ट सेंटर वे-साइड एमिनिटी एवं हर्बल रिसार्ट का निर्माण किया जा रहा है। राज्य की प्रमुख धार्मिक स्थल डोंगरगढ़ में यात्रियों की सुविधा हेतु अतिथि गृह के निर्माण के लिए 62.5 लाख रूपये जारी किया गया है। जिला मुख्यालय जगदलपुर के शहीद पार्क में ढोकरा क्राफ्ट राष्ट्रीय संग्रहालय निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। बस्तर की इंद्रावती नदी में स्थित प्रसिध्द चित्रकोट जलप्रपात के सौन्दर्य को और निखारने, के लिए उद्यान विकसित किया गयाहै।
     प्राचीन नगरी सिरपुर के समग्र विकास के लिए टाक्स फोर्स का गठन किया गया है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के समन्वय से इस पुरातात्विक धरोहर को अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार की अनुमति के बाद सिरपुर के 2 टीलों के 8 स्थलों पर उत्खनन किया गया इसमें 1 महल, 3 शिवालय, 3 रिहायशी स्थल एवं 1 बौध्द विहार निकले हैं। राज्य सरकार ने सबसे पहले यहाँ के पर्यटन महत्व के स्थलों को चिन्हाकित कर इन सब के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय लिया। पर्यटन क्षेत्र की विशेषज्ञ कम्पनियों की सलाह ली गई और अब मास्टर बनकर तैयार है। प्लान के आधार कई स्थानों पर अधोसंरचना विकास के काम शुरू हो चुके हैं। इस केन्द्र के महत्व को देखते हुए ही देश में पहली बार छत्तीसगढ़ सरकार ने इस स्थल के पुरा-अवशेषों की खुदाई के लिए लायसेंस हालिस कर लिया है। इस कार्य को स्वयं राज्य सरकार के हाथ में लेने से उत्खनन का काम बगैर किसी बाधा के चल रहा है। खुदाई से अभी तक जो तथ्य सामने आये हैं उससे प्रतीत होता है कि यह केन्द्र नालंदा से भी बड़ा स्थल हो सकता है। सिरपुर प्राचीन कोसलपुर की राज्य की राजधानी रही हैं। सिरपुर को विश्व विरासत के नक्शे में लाने की पुरजोर कोशिश हो रही हैं। इको टूरिज्म के तहत मैनपाट, कैलाश गुफा, तीरथगढ़, कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बारनवापारा, सीतानदी, उदन्ती अचानकमार अभ्यारण्य तथा धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल राजिम, चम्पारण्य, डोंगरगढ़, शिवरीनारायण, गिरौदपुरी, दन्तेवाड़ा आदि स्थलों को विकसित करने का कार्य शुरू किया गया है। राज्य में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गोवा की तर्ज पर यहाँ के लोक-कलाकारों की कला के प्रदर्शन के लिए विशेष महोत्सव आयोजित करने की योजना है। इसके साथ ही राज्य में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए उनके लोक-गीत, नृत्य और संगीत के प्रदर्शन हेतु अलग-अलग आयोजन शुरू किए गए है। राज्य में फैली पुरासम्पदा के सरंक्षण एवं संवर्धन की दिशा में पहल करते हुए राज्य संरक्षित महत्वपूर्ण 58 स्मारकों के अनुरक्षण एवं रासायनिक संरक्षण के कार्य किए गए। इनमें भोरमदेव, मड़वामहल, बालोद, ताला का मंदिर, सिरपुर, बारसूर का बत्तीसा मंदिर और डीपाडीह उल्लेखनीय है। छत्तीसगढ़ का कोई ऐसा गांव नहीं होगा जहां उत्खनन में पुरासम्पदा नहीं मिलेगी। इस वैभवशाली पुरासम्पदा के संरक्षण एवं प्रदर्शन हेतु प्रारंभिक चरण में राज्य के राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, कांकेर, सरगुजा, रायगढ़, कोरिया तथा बिलासपुर जिले में पुरातत्व संग्राहालय स्थापना के लिए धन-राशि मुहैय्या कराई गई है। राज्य की संस्कृति, परम्परा, पुरातत्व, पर्यावरण और जीव सृष्टि के विकास की कल्पना को साकार करने रायपुर से 20 कि.मी. दूरी पर रायपुर-जगदलपुर मार्ग में उपरवारा ग्राम के पास पुरखौती मुक्तांगन आकार ले रहा है।
राज्य के कलाकारों को प्रोत्साहित करने एवं कला के प्रचार-प्रसार हेतु वर्ष भर विभिन्न विधाओं के सांस्कृतिक समारोह आयोजित किए गए। आंचलिक कलाकारों मंच उपलब्ध कराने जिलों में आयोजन निरंतर किए जाते हैं। राज्य के पारम्परिक उत्सवों शिवरीनारायण उत्सव, चक्रधर समारोह, रामगढ़ उत्सव, राजीव-लोचन महोत्सव एवं लोक-मड़ई और मेलों के आयोजनों को अधिक आकर्षक बनाया गया है। राज्य के कलाकारों को देश के विभिन्न राज्यों में कला प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध करवाये गए हैं। राज्य के ग्रामीण अंचलों के लोक कलाकारों की पहचान करने, उनका सम्मान करने तथा उन्हें कला प्रदर्शन के लिए मौका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अभिनव योजना ‘चिन्हारी’ शुरू की गई। इस योजना के अन्तर्गत लोक-कलाकारों का सर्वेक्षण कर सूचीबध्द किया जायेगा। राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए किए गए कार्य अपने आप में एक उपलब्धि है। राज्य सरकार द्वारा आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ही नहीं विश्व पर्यटन के नक्शे में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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