Wednesday, February 22, 2012

DSC 0250A तिरुपति मे छत्तीसगढ़ भवन हेतु स्थान मांगा बृजमोहन ने

तिरुपति मे छत्तीसगढ़ भवन हेतु स्थान मांगा बृजमोहन ने

तिरुमल्ला ट्रस्ट के चेयरमेन ने की पर्यटन मंत्री से सौजन्य मुलाक़ात

DSC 0228 300x283 तिरुपति मे छत्तीसगढ़ भवन हेतु स्थान मांगा बृजमोहन नेरायपुर 22 जनवरी 2012। प्रदेश के लोकनिर्माण, स्कूल शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से तिरुमल्ला ट्रस्ट के चेयरमेन के. बाती राजू व पूर्व चेयरमेन आदिकेशवलु ने शंकर नगर स्थित निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने तिरुमल्ला मे छत्तीसगढ़ भवन निर्माण हेतु स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।

पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ मे प्रतिवर्ष होने वाले राजिम कुंभ मेले की जानकारी देते हुए कहा की देश मे चार कुंभ ईश्वर द्वारा बनाए गए है छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम मे होने वाले इस कुंभ को मानव द्वारा बनाया गया है। तिरुपति मंदिर ट्रस्ट के चेयरमेन एक निजी आयोजन मे शामिल होने रायपुर प्रवास पर आए हुए है इसी दौरान रविवार शाम उन्होने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से मुलाक़ात की। छत्तीसगढ़ के धार्मिक महत्तव के बारे मे बताते हुए संस्कृति मंत्री ने उन्हे बताया की यह माता कौशल्या की जन्म स्थली और भगवान श्री राम के वन गमन मार्ग भी है।

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए तिरुपति मंदिर ट्रस्ट के चेयरमेन से उन्होने छत्तीसगढ़ भवन बनाने हेतु तिरुमल्ला मे स्थान उपलब्ध कराने का आग्रह किया इस पर श्री राजू ने उन्हे विचार करने का आश्वासन दिया ।

इस अवसर पर तिरुपति ट्रस्ट के पूर्व चेयरमेन आदिकेशवलु, बालाजी विद्या मंदिर के संचालक जी. स्वामी भारतीय जनता युवा मोर्चा के शहर अध्यक्ष संजुनारायण सिंह ठाकुर सहित गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।

4639A1 बूढ़ातालाब में वाटर स्पोर्ट्स और अन्य कार्यो के लिए चार करोड़ रूपए का प्रस्ताव

बूढ़ातालाब में वाटर स्पोर्ट्स और अन्य कार्यो के लिए चार करोड़ रूपए का प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के संचालक मण्डल की बैठक में अनेक प्रस्तावों का अनुमोदन

     रायपुर, 17 जनवरी 2012/ पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में यहां आयोजित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक मंडल की बैठक में राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक विवेकानंद सरोवर (बूढ़ा तालाब) में वाॅटर स्पोटर्स सहित तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए चार करोड़ रूपए की लागत से अधोसंरचनाएं विकसित करनेे के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। सभी कार्य पर्यटन नीति के अनुरूप मैनेजमेंट कान्टेक्ट योजना के तहत प्रस्तावित है। बैठक में राज्य के विभिन्न पर्यटनों स्थलों के विकास के लिए प्रस्तावित अनेक योजनाओं का भी अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय, उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य, प्रमुख सचिव वित्त श्री अजय सिंह, सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री मनोहर पाण्डेय, अपर आयुक्त परिवहन श्री बी.एस.मरावी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री तपेश झा, माना विमानत्तल के प्रभारी अधिकारी श्री अनिल राॅय सहित मंडल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

 अधिकारियों ने बैठक में बताया कि बूढ़ा तालाब में फ्लोटिंग रेस्टारेंट, फिश हाउस, स्क्रे हाउस, रोप-वे, बाउंसी रोप, पैडल बोट, मोटर बोट, मोटर बाईक, वाटर बैटरी कार, बैटरी टेªन आदि चलाने की योजना है। पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने बांगो बांध, गंगरेल बांध सहित अन्य महत्वपूर्ण जलाशयों में भी वाटर स्पोर्ट्स की सुविधा विकसित करने  संयुक्त रूप से प्रस्ताव बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित होटल छत्तीसगढ़ परिसर में पांच करोड़ रूपए की लागत से पर्यटन भवन बनाने के प्रस्ताव और वित्तीय वर्ष 2011-12 में विभिन्न पर्यटन परिपथ विकास योजनाओं, वे-साइड एमीनिटी तथा डेस्टीनेशन विकास योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों तक पहंुचने वाले मार्गो पर स्थापित साइनेजेस की मरम्मत कराने का निर्णय लिया गया।  छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास कार्यो के लिए नये मास्टर प्लान तैयार करने तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के होटल, मोटल, रिसोर्ट्स, विश्राम गृह में मैनेजमेन्ट रूम, गार्ड रूम तथा स्टाफ आवास गृह बनाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन भी किया गया। मैनेजमेंट रूम, गार्ड रूम तथा स्टाफ आवास के लिए प्री-फेब्रिकेटेड की संरचना बनायी जाएगी। निजी पूंजी निवेश के माध्यम से दुर्ग जिले के कुम्हारी के पास स्थित पर्यटक बंगले की मरम्मत कराने के प्रस्ताव मंजूरी दी गयी।

 छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय तथा उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी ने बैठक में राज्य में पर्यटन स्थलों के विकास तथा पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने के लिए तेजी से कार्य करने की जरूरत पर जोर दिया। संचालक मण्डल की बैठक में राजधानी रायपुर में सर्वसुविधायुक्त होटल बनाने के प्रस्ताव पर भी सैद्धांतिक सहमति दी गयी। पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मैनपाट, सिरपुर और माना तूता पर्यटन केन्द्र का सम्पूर्ण विकास किया जाना जरूरी है। उन्होंने बारनवापारा अभयारण्य में बच्चों के लिए मनोरंजन पार्क विकसित करने प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के होटल व्यवसाययिओं को और अधिक प्रोत्साहित करने पर्यटन नीति में संशोधन का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थित संचालक मण्डल के सदस्य श्री अनूप सूद, श्री शंकर पंसारी, श्री कीर्ति व्यास, श्री गोवर्धन खण्डेलवाल तथा श्री आकाश विग ने भी पर्यटन विकास के लिए अनेक सुझाव दिए।

ऐतिहासिक बूढ़ा सागर तालाब जीर्णोध्दार एवं सौंदर्यीकरण की मंजूरी

पुरातन नगरी बारसूरवासियों को आठ करोड़ रूपए की सौगात

 प्रथम बारसूर महोत्सव संपन्न: विरासत के संरक्षण एवं पर्यटन को बढ़ावा देने हरसंभव पहल : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

रायपुर, 17 ज़नवरी 2012

बस्तर के हजारों वर्ष पुरानी इस ऐतिहासिक एवं पौराणिक नगरी बारसूर की पहचान को संरक्षित रखने सहित इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने हर संभव पहल की  जाएगी, जिससे इस ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी बारसूर की ख्याति देश और दुनिया में पहुंच सके। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बस्तर अंचल के दंतेवाड़ा जिलांतर्गत बारसूर में आयोजित प्रथम बारसूर महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बारसूर के प्राचीन बूढ़ा सागर तालाब के जीर्णोध्दार एवं सौंदर्यीकरण हेतु मंजूरी प्रदान की। वहीं नगर पंचायत बारसूर के अंतर्गत विकास कार्यों को पूरा करने प्रतिबध्दता व्यक्त की और बारसूरवासियों को लगभग आठ करोड़ रूपए की विकास कार्यों की सौगात देने छह निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रथम बारसूर महोत्सव आयोजन को इस क्षेत्र के परंपरा एवं पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण पहल निरूपित करते हुए कहा कि हजारों वर्ष पूर्व यहां उन्नत और समृध्द संस्कृति रही है, जिसके अवशेष आज भी हमें पुराने इतिहास एवं वैभवता की याद दिलाती है। इस दृष्टिकोण से इस पुरातन नगरी के पुरातत्व संपदा को संरक्षित रखने सहित पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ इस क्षेत्र में विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्र में सड़कें, पुल, एनीकट सहित अन्य विकास कार्यों को तेजी के साथ क्रियान्वयन करने पर बल दिया। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश ने इस पुरातन नगरी में आयोजित बारसूर महोत्सव को हर साल आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि इस आयोजन से देश के कोने-कोने में इस ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल के बारे में लोगों को जानकारी मिलेगी और लोग यहां की विरासत को देखने आएंगे। उन्होंने बस्तर के विकास के लिए कटिबध्दता व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार इस अंचल में ग्रामीण विकास के जरिए लोगों का विश्वास हासिल करने राज्य सरकार को हर संभव मदद कर रही है। 

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बारसूर बस्तर या छत्तीसगढ़ की ही नहीं अपितु पूरे भारत का गौरव है जो इस क्षेत्र के लोगों की आस्था के साथ जुड़ी हुई है। बस्तर अंचल में शांति स्थापना के साथ ही विकास को बढ़ावा मिले इस हेतु बारसूर महोत्सव जैसे आयोजन कर ग्रामीणों को विकास और उनकी समृध्द संस्कृति से जोड़ने का अभिनव पहल की जा रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं पर्यटन मंडल के प्रयास को सराहनीय निरूपित किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी ने इस प्राचीन नगरी में मंदिरों के जीर्णोध्दार सहित अन्य विकास कार्यों के लिए मंजूरी देने का आग्रह करते हुए क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वृहद् स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता जताई।  आरंभ में कलेक्टर श्री ओम प्रकाश चौधरी ने स्वागत भाषण में बारसूर महोत्सव आयोजन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं जिले में संचालित विकास गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बारसूर महोत्सव के दौरान आयोजित निर्धन कन्या सामूहिक विवाह समारोह में दांपत्य सूत्र में बंधे 51 जोड़े वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने इस मौके पर 108 एमरजेंसी एंबुलेंस का शुभारभ करते हुए जिले में बेहतर सेवाएं सुलभ कराए जाने की शुभकामना दी। वहीं इस मौके पर दंतेवाड़ा जिले के चार ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पुरस्कार के तहत पचास-पचास हजार रूपए प्रदान किया। इसके साथ ही प्रथम बारसूर महोत्सव पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान छू लो आसमानसीडी का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने हर्ष के प्रतीक रंगबिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े।  आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और अन्य अतिथियों का आयोजन समिति द्वारा जोशिला स्वागत किया गया। इस मौके पर प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री भीमा मंडावी, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री सुखदेव तांती, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री महेन्द्र कर्मा तथा क्षेत्र के अन्य अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल करेंगे शुभारंभ
समापन समारोह में मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

रायपुर, 13 जनवरी 2012

    छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में अपने विशाल ऐतिहासिक और पुरातात्विक वैभव के लिए प्रसिध्द बारसूर को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर एक और खास पहचान ‘बारसूर महोत्सव’ के रूप में मिलने जा रही है। यह तीन दिवसीय महोत्सव कल 14 जनवरी से शुरू हो रहा है। इस अवसर पर अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    उल्लेखनीय है कि बारसूर का इतिहास एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है, जहां ग्यारहवीं शताब्दी या उससे भी पहले निर्मित गणेश प्रतिमा को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी गणेश मूर्ति के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह 147 तालाबों सहित मंदिरों के शहर के रूप में भी इतिहास में प्रसिध्द है। बारसूर के बत्तीसा मंदिर का निर्माण सन् 1030 ईसवी में तत्कालीन नागवंशी नरेश सोमेश्वर देव की रानी ने करवाया था। यह मंदिर 32 पाषाण स्तंभों पर निर्मित है, जहां दो शिवालय भी हैं। बारसूर में गणेश प्रतिमा और बत्तीसा मंदिर सहित मामा-भांजा के मंदिर और कुछ अन्य पुरातात्विक स्मारकों का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बारसूर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए जिला प्रशासन को वहां हर साल जनसहयोग से इस महोत्सव के आयोजन के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप तीन दिवसीय ‘बारसूर महोत्सव’ की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

    प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल कल 14 जनवरी को सवेरे 11 बजे बारसूर के ऐतिहासिक बत्तीसा मंदिर परिसर में ‘बारसूर महोत्सव’ का शुभारंभ करेंगे। आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री तथा दक्षिण बस्तर जिले के प्रभारी श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित शुभारंभ समारोह में महिला और बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेण्डी, लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप, संसदीय सचिव श्री महेश गागड़ा, विधायक दंतेवाड़ा श्री भीमा मण्डावी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री कृष्णकुमार राय और उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी, अध्यक्ष जिला पंचायत दंतेवाड़ा श्रीमती जमुना मांझी, सदस्य अनुसूचित जाति आयोग श्री सुखदेव ताती, सदस्य छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल श्री अनूप सूद सहित अध्यक्ष नगर पंचायत बारसूर श्रीमती मीना रेड्डी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

    बारसूर महोत्सव का समापन समारोह 16 जनवरी को अपरान्ह बत्तीसा मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश करेंगे। समापन समारोह में आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री तथा दक्षिण बस्तर जिले के प्रभारी श्री केदार कश्यप, महिला और बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेण्डी, लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप, संसदीय सचिव श्री महेश गागड़ा, विधायक दंतेवाड़ा श्री भीमा मण्डावी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री कृष्णकुमार राय और उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी, अध्यक्ष जिला पंचायत दंतेवाड़ा श्रीमती जमुना मांझी, सदस्य अनुसूचित जाति आयोग श्री सुखदेव ताती, सदस्य छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल श्री अनूप सूद सहित अध्यक्ष नगर पंचायत बारसूर श्रीमती मीना रेड्डी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।

पहली बार आयोजित तीन दिवसीय बारसूर महोत्सव
में रहेगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

रायपुर 06 जनवरी 2012

राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर (दंतेवाडा) जिले के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल बारसूर में पहली बार तीन दिवसीय बारसूर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव अब हर साल जनवरी में ही आयोजित किया जाएगा। भगवान गणेश प्रतिमा, मामा-भांजा मंदिर और बत्तीसा मंदिर के लिए प्रसिध्द बारसूर में आगामी 14 जनवरी से 16 जनवरी तक होने वाले बारसूर महोत्सव 2012 का शुभारंभ प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल करेंगे। शुभारंभ समारोह में लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप भी शामिल होंगे।4463cc बारसूर महोत्सव 14 जनवरी से : पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल करेंगे शुभारंभ

        बारसूर महोत्सव में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ-साथ प्रसिध्द गायक श्री कुनाल गांजावाला और भजन गायक श्री अनूप जलोटा भी आकर्षण के मुख्य केन्द्र होंगे। महोत्सव में भव्य मीना बाजार का भी आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में पिछले साल यहां आयोजित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक मंडल की बैठक में बारसूर में हर वर्ष बारसूर महोत्सव करने का निर्णय लिया गया। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा बारसूर महोत्सव 2012 से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।  महोत्सव के दौरान तीन दिन आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

        बारसूर महोत्सव के दौरान 13 जनवरी को स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ 14 तारीख को पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल करेंगे। महोत्सव में जिले के सभी शासकीय विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में विकास को प्रदर्शित करते मंडप भी लगाए जाएंगे। 14 तारीख की शाम प्रसिध्द पार्श्व गायक श्री कुनाल गांजावाला के गीतों से सजेगी। 15 तारीख को आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या में हास्य कवि पद्मश्री श्री सुरेन्द्र दुबे और उनके साथियों द्वारा कविता पाठ किया जाएगा। बारसूर महोत्सव में 16 तारीख को क्षेत्रवासी शाम के समय प्रसिध्द भजन गायक श्री अनूप जलोटा के स्वर में भजनों का लुफ्त ले पाएंगे। बारसूर महोत्सव का समापन 16 तारीख को होगा।

        बारसूर महोत्सव में आयोजित होने वाले साहसिक खेल भी युवाओं के लिए आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहेंगे। तीन दिवसीय इस महोत्सव में तीनों दिन शाम के समय लाईट एण्ड साउण्ड शो भी आयोजित होगा। महोत्सव के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर श्री ओ.पी. चौधरी ने सभी अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

पर्यटन विभाग द्वारा होटल/मोटल में कक्ष आरक्षण के लिए समय-सीमा तय

रायपुर 03 जनवरी 2012

प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2011 के तहत छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के होटलों और मोटलों में कक्ष आरक्षण के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी गयी है। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के होटल और मोटल में कक्ष आरक्षण के लिए आवेदन प्राप्त होने के पांच कार्य दिवस के भीतर सेवा प्रदाय किया जाना है। इसके लिए मोटल/होटल के प्रभारी, सेवा प्रदाय करने वाले पदाभिहित अधिकारी होंगे। इसी प्रकार कक्षों के आरक्षण उपरान्त निरस्तीकरण के लिए सात कार्य दिवस की समय-सीमा तय की गयी है। इसके लिए भी संबंधित होटल/मोटल के प्रभारी को पदाभिहित अधिकारी बनाया गया है। पर्यटन सूचना साहित्य प्रदाय करने के लिए भी पांच कार्य दिवस का समय तय किया गया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के क्रय/भण्डार शाखा के प्रभारी को सेवा प्रदाय करने वाले पदाभिहित अधिकारी का दायित्व दिया गया है। इन तीनों सेवाओं के लिए महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल सक्षम अधिकारी होंगे। प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल को अपीलीय प्राधिकारी बनाया गया है।

14 दिवसीय राजीम कुंभ का समापन आज

शंकराचार्य निश्चलानंद जी का पावन सानिध्य और राज्यपाल शेखर दत्त होंगे मुख्य अतिथि शाही स्नान के पूर्व अखाड़ों ने शस्त्र-निशानों [...]

सर्वधर्म-समभाव का संदेश देता राजिम कुंभ – बृजमोहन

रायपुर/18/02/2012/संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से उनके शंकर स्थित निवास पर मुलाकात कर आज सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना खान के नेतृत्व में [...]

तीसरा पर्व स्नान, हजारों ने त्रिवेणी मे डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया

राजिम कुंभ 2012 ग्यारहवाँ दिन लोकमंच और जगराता के नाम रायपुर 17-2-2012। राजिम कुंभ 2012 के तीसरे पर्व स्नान विजया [...]

विजया एकादशी पर तीसरा पर्व स्नान आज – राजिम कुम्भ 2012

देर रात तक बांधे रखा स्थानीय कलाकारों और चंदन दास के भजनो ने रायपुर 16-2-2012। ’राजिम कुंभ’ 2012 का तीसरा [...]

  • ताजा खबर

  • |

    लोकप्रिय समचार