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	<title>Brijmohan Agrawal News</title>
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	<description>Brijmohan Agrawal News,daily news, Chhattisgarh news,raipur live,BJP news,raipur news</description>
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		<title>14 दिवसीय राजीम कुंभ का समापन आज</title>
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		<pubDate>Sun, 19 Feb 2012 09:02:17 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
				<category><![CDATA[दैनिक समचार]]></category>
		<category><![CDATA[राजिम कुंभ]]></category>

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		<description><![CDATA[शंकराचार्य निश्चलानंद जी का पावन सानिध्य और राज्यपाल शेखर दत्त होंगे मुख्य अतिथि शाही स्नान के पूर्व अखाड़ों ने शस्त्र-निशानों [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<h3 id="yui_3_2_0_1_1329728059054143" style="text-align: center;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCF1738.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4109" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCF1738.jpg" alt="DSCF1738 14 दिवसीय राजीम कुंभ का समापन आज" width="600" height="450" /></a></h3>
<h3 style="text-align: center;">शंकराचार्य निश्चलानंद जी का पावन सानिध्य और राज्यपाल शेखर दत्त होंगे मुख्य अतिथि</h3>
<h3 id="yui_3_2_0_1_1329728059054150" style="text-align: center;">शाही स्नान के पूर्व अखाड़ों ने शस्त्र-निशानों को पूजा</h3>
<h3 style="text-align: center;">महानाट्य “मर्यादा पुरषोत्तम” का हजारों ने उठाया आनंद</h3>
<p style="text-align: left;"> </p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329728059054154"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCF1632.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-4105" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCF1632-300x225.jpg" alt="DSCF1632 300x225 14 दिवसीय राजीम कुंभ का समापन आज" width="300" height="225" /></a>राजिम. त्रिवेणी संगम पर अंतिम दिन होने<span style="font-family: Calibri; font-size: small;"> </span>वाले शाही स्नान की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है. देश भर से पहुंचे हजारों साधु संतो और अखाडों ने विधि विधानपूर्वक शास्त्रों की पूजा अर्चना की. जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी के पावन सानिध्य<span style="font-size: small;">,</span> राज्यपाल शेखर दत्त के मुख्य आतिथ्य<span style="font-size: small;">,</span> नेता प्रतिपक्ष रवीद्र चौबे की अध्यक्षता और संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के विशिष्ट आतिथ्य मे गौवंश की रक्षा और प्रदेश मे राम राज्य की कल्पना साकार होने के संदेश के साथ ही 14 दिवसीय राजिम कुंभ 2012 का समापन आज शाम मुख्य मंच राजिम मे होगा। लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना के मद्देनजर देर रात्री संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।     </p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;">अखाडों ने किया<span style="font-family: Calibri; font-size: small;"> </span></span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;">शस्त्र </span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;">पूजन&#8230; </span></strong></p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329728059054159">कल <span style="font-family: Calibri; font-size: small;">20 </span>फरवरी को होने वाले शाही स्नान के पूर्व आज प्रातःकाल अखाडों<span style="font-family: Calibri; font-size: small;"> </span>ने शस्त्रों-निशान की पूजा अर्चना की. इस अवसर पर देश भर से पहुंचे अखाडों के<span style="font-family: Calibri; font-size: small;"> </span>महंतों सहित प्रेमानंद महाराज<span style="font-family: Calibri; font-size: small;">, </span>प्रज्ञानंद महाराज सहित सैकडों साधु संतों ने हिस्सा लिया साथ ही अखाडों के महंतों ने अनेक<span style="font-family: Calibri; font-size: small;"> </span>शास्त्रों का प्रदर्शन भी किया. समारोह में श्रद्धालुओं और  संस्कृति विभाग के ओएसडी गिरीश बिस्सा<span style="font-family: Calibri; font-size: small;">, </span>सुधीर दुबे<span style="font-family: Calibri; font-size: small;">,</span> प्रताप पारख ने पूजा अर्चना में हिस्सा लिया. आज प्रातः होने वाले शाही यात्रा में इन अस्त्रों शस्त्रों और निशानो की शोभा यात्रा हाथी<span style="font-size: small;">,</span> घोड़ों<span style="font-size: small;">,</span> ढ़ोल ढमाके<span style="font-size: small;">,</span> बाजे गाजे के साथ निकाली जायेगी. प्रति वर्ष होने वाले इस कुंभ मे महाशिवरात्री को ब्रह्म मुहर्त मे निकलने वाली इस शोभा यात्रा को देखने देश प्रदेश से हजारों की संख्या मे लोग रात्रि से ही राजिम पहुँचने लगे है। त्रिवेणी संगम के संत समागम स्थल से निकलकार शहर के मुख्य मार्गो से होकर यह यात्रा निकलती है जिसका जगह-जगह भव्य स्वागत किया जाता है।    </p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329728059054164"><span style="font-size: small;">समापन समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में  कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, खाद्य मंत्री पून्नूलाल मोहिले, लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस, श्री चन्दूलाल साहू,  संसदीय सचिव श्री युद्धवीर सिंह जूदेव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण राय, पूर्व सांसद श्री पवन दीवान, राजिम विधायक श्री अमितेष शुक्ल और कुरूद विधायक श्री लेखराम साहू, पर्यटन मण्डल के उपाध्यक्ष श्री विजय तिवारी उपस्थिति रहेंगे. इसके अलावा जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व शिक्षा मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतोष उपाध्याय, नगर पालिका गोबरा नवापारा की अध्यक्ष श्रीमती देहुती साहू, भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, नगर पंचायत राजिम की अध्यक्ष श्रीमती अंजना महाडि़क, जनपद पंचायत फिंगेश्वर की अध्यक्ष श्रीमती अन्नपूर्णा साहू, श्रीमती गिरिजा साहू श्री माधव सिंह ध्रुव सदस्य जनपद पंचायत मगरलोड के साथ-साथ देशभर से आये साधु संत और महामण्डलेश्वर भी उपस्थिति रहेंगे.</span></p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;">महा</span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;">नाट्य </span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;">“</span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;">मर्यादा पुरषोत्तम</span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;">”</span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;"> का </span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;">हजारों ने उठाया आनंद </span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;"> </span></strong></p>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1314.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4107" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1314.jpg" alt="DSC 1314 14 दिवसीय राजीम कुंभ का समापन आज" width="600" height="399" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCF1647.jpg"></a></p>
<p>श्री गंगा आरती व भगवान राजीव लोचन की पुजा अर्चना<span style="font-family: Calibri; font-size: small;"> </span> एवं साधु संतो के आशीर्वचन और प्रवचन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्र्रम प्रारंभ हुए. आचार्य संतोष व नागरिको के व्दारा<span style="font-family: Calibri; font-size: small;"> </span>गंगा आरती कर श्री राजीव लोचन का पूजन के पश्चात सांस्कृतिक आयोजन हुए जिसमे <span style="font-size: small;">देर रात हुए भगवान राम पर आधारित महानाटक “मर्यादा पुरूषोत्तम” ने पूरे दो घंटे तक श्रद्धालुओं को बांधे रखा. ध्वनि, प्रकाष और 100 से ज्यादा कलाकारों के अभिनय पर केंिद्रत इस नाटयलीला का आनंद हजारों लोगों ने उठाया. विषेष तौर पर पर्यटन, संस्कृति और धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस महानाटय को देखा और इसके डायरेक्टर सहित कलाकारों को सम्मानित भी किया. लगभग दो घंटे के इस महानाट्य में भगवान राम के सम्पूर्ण जीवन को उतारा गया है. खासतौर पर श्रवणकुमार और राजा दशरथ का दृष्य, सीता की अग्निपरीक्षा, जटायु गरूण का अनूठा चित्रण, हनुमान की पूंछ से लंका का दहन, भावनाओं को छूने वाले सुरीले गीत, डिजीटल ध्वनि मुद्रण और आधुनिक तकनीक से सजे संगीत, अतिभव्य रंगमंच, सेंटस, तीस हजार वाटस का साउंड, स्पेशल लाईट इफेक्टस, तत्काल बदलने वाला भव्य सेटस आदि ने महानाटय को सफल बनाने में पूरा योगदान दिया। इसके साथ ही साथ गोवर्धन देवांगन की पंडवानी, रजत दत्ता के सुगम गायन, ममता चंद्राकार,रायपुर, शिवकुमार तिवारी, बिलासपुर के लोकमंच को भी दर्शकों ने काफी सराहा।    </span></p>
<p><span style="font-size: small;"><strong><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCF16471.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4108" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCF16471.jpg" alt="DSCF16471 14 दिवसीय राजीम कुंभ का समापन आज" width="600" height="450" /></a></strong></span></p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;">आज के सांस्कृतिक आकर्षण:</span></strong></p>
<p>त्रिवेणी संगम के सांस्कृतिक मंच पर<span style="font-family: Calibri; font-size: small;"> </span>कल 20 फरवरी को देश की सुप्रसिद्ध सुगम गायिका अनुराधा पौडवाल<span style="font-size: small;">,</span> मुंबई के साथ-साथ आंचलिक कलाकार कार्यक्रम देंगे जिनमें प्रमुख रूप से  राजकुमारी खुटैल<span style="font-size: small;">,</span> पहडोर का पंडवानी<span style="font-size: small;">,</span> प्यारे यादव<span style="font-size: small;">,</span> तुलसी का राऊत नाचा<span style="font-size: small;">,</span> सुरूज़ बाई खाँड़े<span style="font-size: small;">,</span> बिलासपुर<span style="font-size: small;">,</span> का भरथरी<span style="font-size: small;">,</span> रजनी रजक<span style="font-size: small;">,</span> भिलाई का ढोलामरु<span style="font-size: small;">,</span> सुनील तिवारी<span style="font-size: small;">,</span> रायपुर का छत्तीसगढ़ी फिल्मी संगीत और नृत्य का कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे.</p>
]]></content:encoded>
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		<title>सर्वधर्म-समभाव का संदेश देता राजिम कुंभ &#8211; बृजमोहन</title>
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		<pubDate>Sat, 18 Feb 2012 18:24:20 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
				<category><![CDATA[दैनिक समचार]]></category>
		<category><![CDATA[राजिम कुंभ]]></category>

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		<description><![CDATA[रायपुर/18/02/2012/संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से उनके शंकर स्थित निवास पर मुलाकात कर आज सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना खान के नेतृत्व में [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/rajim-kumbh.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4095" title="rajim kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/rajim-kumbh.jpg" alt="rajim kumbh सर्वधर्म समभाव का संदेश देता राजिम कुंभ   बृजमोहन " width="600" height="450" /></a></p>
<p>रायपुर/18/02/2012/संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से उनके शंकर स्थित निवास पर मुलाकात कर आज सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना खान के नेतृत्व में 50 मुस्लिम महिलाओं का समूह राजिम कुंभ दर्शन हेतु रवाना हुआ.</p>
<p>इस दौरान श्री अग्रवाल ने कहा की सर्वधर्म-समभाव का संदेश देता राजिम कुंभ इन दिनों आस्था का केंद्र बना हुआ है.देश भर के पांच हज़ार संत यहाँ पहुंचे हुए है .देश-विदेश से लोग त्रिवेणी संगम में स्नान हेतु राजिम कुंभ पहुँच रहे है. मानवीय संवेदनाओं को आत्मसात किये हुए संत-महात्माओं<br />
के प्रवचन से यहाँ हर कोई प्रभावित हो रहा है. वैसे तो कुंभ को हिंदू आस्था का प्रतिबिम्ब माना जाता है परन्तु यहाँ सम्पूर्ण मानव प्रजाति के उत्थान के लिए प्रार्थना की जाती है.</p>
<p>उन्होंने कहा की भारत में विभिन्न धर्म और संप्रदाय के लोग निवास करते है .यहाँ सभी को पूरी तरह से धार्मिक स्वतंत्रता है.यहाँ सबसे अच्छी बात है की सभी धर्मों के लोग एक दूसरें के धर्मों का पूरा सम्मान करते है .यही विविधता में एकता है भारत की विशेषता है. खुशी की बात है मुस्लिम बहनें<br />
राजिम कुंभ दर्शन करनें जा रही है.</p>
<p>राजिम कुंभ जाने वालो में शहनाज़ बेगम,कमरूनिशा,फरहा,चुन्नी,राना बेगम,आयशा बेगम,शैली परवीन आदि शामिल थी .</p>
]]></content:encoded>
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		<title>तीसरा पर्व स्नान, हजारों ने त्रिवेणी मे डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया</title>
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		<pubDate>Fri, 17 Feb 2012 17:18:02 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
				<category><![CDATA[दैनिक समचार]]></category>
		<category><![CDATA[राजिम कुंभ]]></category>

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		<description><![CDATA[राजिम कुंभ 2012 ग्यारहवाँ दिन लोकमंच और जगराता के नाम रायपुर 17-2-2012। राजिम कुंभ 2012 के तीसरे पर्व स्नान विजया [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<h3 style="text-align: center;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04187A.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4085" title="Rajim Kumbh Parva Snan" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04187A.jpg" alt="DSC04187A तीसरा पर्व स्नान, हजारों ने त्रिवेणी मे डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया" width="600" height="572" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04188A.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4086" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04188A.jpg" alt="DSC04188A तीसरा पर्व स्नान, हजारों ने त्रिवेणी मे डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया" width="450" height="600" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04195A.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4087" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04195A.jpg" alt="DSC04195A तीसरा पर्व स्नान, हजारों ने त्रिवेणी मे डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया" width="600" height="450" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04200A.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4088" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04200A.jpg" alt="DSC04200A तीसरा पर्व स्नान, हजारों ने त्रिवेणी मे डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया" width="600" height="450" /></a></h3>
<h3 style="text-align: center;"><strong><strong id="yui_3_2_0_1_1329585079130203">राजिम कुंभ 2012 ग्यारहवाँ दिन लोकमंच और जगराता के नाम</strong></strong></h3>
<p id="yui_3_2_0_1_1329585079130214"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04184.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-4083" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04184-225x300.jpg" alt="DSC04184 225x300 तीसरा पर्व स्नान, हजारों ने त्रिवेणी मे डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया" width="225" height="300" /></a>रायपुर 17-2-2012। राजिम कुंभ 2012 के तीसरे पर्व स्नान विजया एकादशी मे हजारों लोगों ने अल सुबह त्रिवेणी संगम मे डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। साधु संतो ने सबसे पहले ब्रह्म मुहर्त मे स्नान किया। मुख्य मंच राजिम मे गोधुली बेला से ही संतो, महामंडलेश्वरों, साधु, साध्वियों ने भक्तो को आशीर्वचन दिया। रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शाम बाबी  मण्डल रायपुर के भजन, मोना सेन रायपुर के लोकमंच और मुंबई के प्रसिद्ध भजन गायक चरन जीत सिंह के नाम रही।</p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329585079130223">फागुन मास के कृष्ण पक्ष की यह विजया एकादशी समस्त एकादषी में तीसरे नम्बर की मानी गई है जो मनुष्य जीवन में विजय और सफलता की कामना चाहते हैं, उन्हें एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिये. विशेषकर राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र के लोगो के लिए इसका बड़ा महत्तव है।  इसी महत्व को ध्यान में रखकर आज के पर्व स्नान में देर रात से ही हजारों श्रद्धालु आसपास के ग्रामों से राजिम पहुंचे और अल सुबह ही स्नान कर पुण्य लाभ कमाया। पर्व स्नान को लेकर राजिम-कुंभ प्रशासन ने भी संपूर्ण तैयारियां की थी   साधु-संतो के आश्रमों की व्यवस्था तथा मंदिरों में उमडने वाली भीड़ के मददेनजर सुरक्षा प्रबंध भी चाक चौबन्द किए गए थे।</p>
<p><span style="text-decoration: underline;"><strong>कामधेनु यज्ञ प्रारंभ</strong></span></p>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04290A.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-4084" title="Rajim Kumbh Kamdhenu Yagya" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC04290A-300x225.jpg" alt="DSC04290A 300x225 तीसरा पर्व स्नान, हजारों ने त्रिवेणी मे डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया" width="300" height="225" /></a>संत समागम परिसर में 17 फरवरी से 19 फरवरी तक चलने वाला तीन दिवसीय कामधेनु  यज्ञ स्वामी ज्ञान स्वरूपानंद ‘‘अक्रियजी‘‘ के सानिध्य में प्रारंभ हो गया  है .</p>
<p>यज्ञ की शुरूआत सुबह 9ः15 बजे भव्य जलकलश यात्रा से हुई, जिसमें  हजारों की संख्या में साधू-संतगण एवं श्रद्धालुगण शामिल हुए । संगम का जल  लाने के लिए संत-समागम परिसर का भ्रमण करते हुए विशाल शोभा यात्रा का आयोजन  किया गया था। शोभा यात्रा में परम्पूज्य डाॅ. बिन्दू जी महाराज, परम्हृदय  बालयोगी बलराम दास जी, श्री महंत विनोदगिरी जी महाराज, दण्डी स्वामी जी  सहित हजारों की संख्या में साधू-संत एवं गणमान्य नागरिक शामिल थे । शोभा  यात्रा में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जनता ने अधिक संख्या में भाग लिया ।</p>
<p>कामधेनु समिति के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल कार्यकारी अध्यक्ष सेन  कुमार बोथरा एवं भुनेश्वर साहू ने बताया कि यज्ञ में बैठने वाले यजमान  छत्तीसगढ़ के हर जिले से आयेंगें । उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से 15  जिलों से श्रद्धालुगण सपत्नीक भाग ले रहे हैं । 17 फरवरी को प्रारंभिक यज्ञ  में इक्कीस जोड़े भाग लिये, जबकि 18 फरवरी से अंतिम दिन तक इनक्यावन जोड़े  यज्ञ में बैठेगें ।</p>
<p>स्वामी ज्ञानस्वरूपानंद अक्रियजी ने कहा कि कामधेनु महायज्ञ भगवान राम के पूर्वज राजा दिलीप ने त्रेता युग में कराया था ।</p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329585079130232"><strong><span style="text-decoration: underline;">सरस्वती यज्ञ में चार सौ छात्र-छात्राएं शामिल हुये</span></strong></p>
<p>प्रतिवर्ष  महामेरू पीठ के दण्डी स्वामी सच्चिदानंद महाराज  द्वारा विभिन्न प्रकार के  यज्ञ का आयोजन किया जाता हैं। इस वर्ष भी संत समागम के अवसर पर प्रत्येक  दिन अलग-अलग यज्ञ उनके कुंभ स्थल स्थित उनकी कुटियां में संपन्न हो रही  हैं। इसी क्रम में 17 फरवरी को सरस्वती यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें  कुंभ में पधारें सभी संत-महात्मागण शामिल हुये।</p>
<p>महामेरू पीठ के दण्डी स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने सरस्वती यज्ञ केे  उद््देश्यों के बारे में बताया कि भारतीय संस्कृति का अनुकरण बच्चों के  माध्यम से होनी चाहिये। यदि सनातन धर्म को बचाना है तोे बच्चों में धर्म का  संस्कार डालना ही होता हैं। उन्हेंाने बताया कि प्रतिवर्ष कुंभ के दौरान  कक्षा 5वी औंर 8वी मेें प्रथम तीन प्रावीण्यता क्रम प्राप्त करने वाले  छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन धन राशि एवं प्रमाण पत्र उनके द्वारा प्रदान  की जाती हैं।</p>
<p>सरस्वती यज्ञ का आयोजन सुबह 9ः00 बजे संत दण्डी स्वामी के सानिध्य में  शुरू हुआ, जिसमें विभिन्न स्कूलों के चार सौ बच्चें तथा बड़ी संख्या में  साधु-संत व गणमान्य नागरिक शामिल हुये। उन्होंने बताया कि 18 फरवरी को  उमावती यज्ञ संपन्न किया जायेगा।  <strong><span style="text-decoration: underline;"></p>
<p></span></strong></p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;">पत्रकारों और उद्योगपतियों भी शामिल हुए</span></strong></p>
<p>राजधानी रायपुर से प्रसिद्ध उद्योगपति और पत्रकार संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के साथ आज शाम राजिम कुंभ पहुंचे। मुख्य मंच मे श्री अग्रवाल ने सभी का स्वागत स्मृति चिन्ह देकर किया। इसमे प्रमुख रूप से कौशल मिश्रा, रामचंद नचरानी, शंकर पांडे, प्रशांत शर्मा,  रामवतार तिवारी, सलमान रवि, राजेश अग्रवाल, अरुण खेतान, सुनील नामदेव, धनवेंद्र जायसवाल, प्रियंका कौशल, विकास शर्मा सहित अनेक पत्रकार और उद्योगपति उपस्थित थे।</p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;">आज के आकर्षण </span></strong></p>
<p>लोमेश पटेल भोथीडिह का जसगीत, लक्ष्मीकांत सेन रायपुर का त्रिव्त बैंड, डी. एन. नंबदूरी खैरागढ़ का तालकचहरी, अश्वनी शर्मा भिलाई का भजन, अमर श्रीवास भिलाई का लोकमंच, दुकालु यादव रायपुर का जगराता, सहित विशेष आकर्षण ‘मर्यादा पुरषोत्तम’ लाईट एंड साउंड का कार्यक्रम होगा।</p>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN6559A.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4089" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN6559A.jpg" alt="DSCN6559A तीसरा पर्व स्नान, हजारों ने त्रिवेणी मे डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया" width="600" height="450" /></a></p>
]]></content:encoded>
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		<title>विजया एकादशी पर तीसरा पर्व स्नान आज &#8211; राजिम कुम्भ 2012</title>
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		<pubDate>Thu, 16 Feb 2012 17:32:34 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
				<category><![CDATA[दैनिक समचार]]></category>
		<category><![CDATA[राजिम कुंभ]]></category>

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		<description><![CDATA[देर रात तक बांधे रखा स्थानीय कलाकारों और चंदन दास के भजनो ने रायपुर 16-2-2012। ’राजिम कुंभ’ 2012 का तीसरा [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<h3 style="text-align: center;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0511.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4060" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0511.jpg" alt="DSC 0511 विजया एकादशी पर तीसरा पर्व स्नान आज   राजिम कुम्भ 2012 " width="600" height="399" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0536.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4059" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0536.jpg" alt="DSC 0536 विजया एकादशी पर तीसरा पर्व स्नान आज   राजिम कुम्भ 2012 " width="600" height="399" /></a></h3>
<h3 style="text-align: center;">देर रात तक बांधे रखा स्थानीय कलाकारों और चंदन दास के भजनो ने</h3>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0525.jpg"></a>रायपुर 16-2-2012। ’राजिम कुंभ’ 2012 का तीसरा स्नान पर्व कल 17 फरवरी विजया एकादशी को ब्रम्हमुहुर्त में संपन्न होगा। छत्तीसगढ़ के प्रयाग राज राजिम के त्रिवेणी संगम मे स्नान कर पुण्य लाभ कमाने हजारों की संख्या मे श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। भगवान राजीव लोचन और कुलेश्वर महादेव के दर्शन और स्नान के लिए सपरिवार दूरदराज से भक्तों का राजिम पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा. दूसरी ओर, पर्यटन व संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने स्नान-पर्व की तैयारियों का जायजा लिया तथा संत समागम से लेकर श्रद्धालुओं के आवास, भोजन, प्रसाद व अन्य तैयारियों के साथ-साथ राजिम-कुंभ स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया. </p>
<p>     राजिम के विद्वान पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री ने बताया कि राजिम-कुंभ का यह तीसरा पर्व स्नान है. कल की विजया एकादशी समस्त एकादषी में तीसरे नम्बर की एकादशी मानी गई है जो फागुन मास के कृष्ण पक्ष में आती है. शास्त्री जी के अनुसार जो मनुष्य जीवन में विजय और सफलता की कामना चाहते हैं, उन्हें एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिये. इसी महत्व को ध्यान में रखकर कल के पर्व स्नान में शामिल होने के लिये देर रात हजारों श्रद्धालु आसपास के ग्रामों से राजिम पहुंचे और उनके आने का सिलसिला जारी था. पर्व स्नान को लेकर राजिम-कुंभ प्रशासन ने भी संपूर्ण तैयारियां की जिसमें जलकुण्ड में पानी की सुनिश्चितता, साधु-संतो के आश्रमों की व्यवस्था तथा मंदिरों में भीड़ उमडने के मददेनजर सुरक्षा प्रबंध पर विशेष ध्यान रखा गया है.</p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;">संत समागम </span></strong><strong></strong></p>
<p>मुख्य मंच में आज शाम आयोजित संत समागम की अध्यक्षता बीकानेर राजस्थान से पधारे महामंडलेश्वर राजगुरु स्वामी विशोकानन्द जी महाराज ने की. इस अवसर पर उपस्थित महामंडलेश्वर स्वामी आनंद चैतन्य सरस्वती जी हरिद्वार, महामंडलेश्वर श्री स्वामी प्रेमानंद जी महाराज हरिद्वार, महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानंद जी महाराज हरिद्वार, आचार्य श्री जालेश्वर जी महाराज अयोध्या, स्वामी नारायनानंद जी महाराज माटुंगा मुंबई महाराष्ट्र, तांत्रिक योगी श्री रमेश जी महाराज इलाहबाद, पू. माता दर्शना ज्योति जी हरिद्वार, साध्वी अरुणा भारती जी छतरपुर, ब्रह्म कुमार श्री नारायण भाई, साध्वी रंजना दीदी उत्तरकाशी, डॉ.स्वामी जीवनानंद चैतन्य जी महाराज आदि ने भी अपने प्रवचनो का लाभ उपस्थित भक्तों को दिया.        </p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;">सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ </span></strong><strong></strong></p>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_05251.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-4062" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_05251-300x199.jpg" alt="DSC 05251 300x199 विजया एकादशी पर तीसरा पर्व स्नान आज   राजिम कुम्भ 2012 " width="300" height="199" /></a>स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुतियाँ शाम से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं को बांधे रख रही है। आज की प्रस्तुतियों मे दीपक साहू, बोंदल का जसगीत, भारती बंधू रायपुर का भजन, जाकिर हुसैन कोरबा का जसगीत/फिल्म संगीत, भारत भूषण, परगनिया भिलाई का लोकमंच, डॉ. पीसी लाल यादव, गंडई का लोकमंच और मुंबई के प्रसिद्द भजन और गजल गायक चंदन दास प्रमुख रही।</p>
<p><strong></strong></p>
<p><strong></strong></p>
<p><strong></strong></p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;">आज के सांस्कृतिक आयोजन</span></strong><strong></strong></p>
<p>शत्रुघन नेताम, चैकी का पंडवानी, भगत साहू, रायपुर का लोकगीत, रमादत्त जोशी रायपुर की  पंडवानी, बाबी मण्डल, रायपुर का संगीत एवं भजन, चरन जीत सिंह, मुंबई का जगराता भजन मुख्य मंच के प्रमुख आकर्षण होंगे.<span id="_marker"> </span></p>
<p><span><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0532.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4063" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0532.jpg" alt="DSC 0532 विजया एकादशी पर तीसरा पर्व स्नान आज   राजिम कुम्भ 2012 " width="600" height="399" /></a></span></p>
<p class="MsoNormal" style="background: white; margin: 3.75pt 6.75pt 3.75pt 7.5pt; line-height: 15pt; text-align: justify;"><span style="font-size: 12pt; color: black; line-height: 115%; font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: 'Times New Roman'; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman'; mso-hansi-font-family: 'Times New Roman'; mso-ansi-language: EN-IN; mso-fareast-language: EN-IN; mso-bidi-language: HI;" lang="HI"> </span></p>
]]></content:encoded>
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		<title>तीजन की पंडवानी और सुशील बजेजा के सुरमयी भजनों के नाम रही आज की शाम</title>
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		<pubDate>Wed, 15 Feb 2012 16:35:13 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
				<category><![CDATA[दैनिक समचार]]></category>
		<category><![CDATA[राजिम कुंभ]]></category>

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		<description><![CDATA[छत्तीसगढ़ का नाम माता कौशल्या के नाम पर हो &#8211; कपिलानंद जी रायपुर. राजिम कुंभ के त्रिवेणी संगम पर स्थित [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<h3 id="yui_3_2_0_1_1329581862640189" style="text-align: center;"></h3>
<h3 style="text-align: center;"><strong><span style="font-size: small;">छत्तीसगढ़ का नाम माता कौशल्या के नाम पर हो &#8211; कपिलानंद जी</span></strong></h3>
<p><span style="font-size: small;">रायपुर. राजिम कुंभ के त्रिवेणी संगम पर स्थित मुक्ताकाशी मंच पर देर रात तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों  में हजारों की संख्या में आस पास और दूर दराज से आने वाले भक्त नृत्य,  गीत, लोकमंच और भजनों का लुफ्त उठा रहे है वहीं बड़ी संख्या में  श्रद्धालु गोधुली बेला से प्रारंभ होने वाले देश के प्रख्यात साधू संतो के प्रवचन का श्रवण कर पुण्य लाभ भी अर्जित कर रहे है. </span></p>
<p><span style="font-size: small;">प्रवचनों की श्रंखला में आज शाम कपिलानंद महाराज ने कहा की ऋषि मुनियों की तपः स्थली और राम के जननी की जो जन्म भूमि को  छत्तीसगढ़ के बजाय कौशल्या राज्य होना चाहियें. सांस्कृतिक  कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ की अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंडवानी गायिका  तीजन बाई, लोकमंच कलाकार और लोकगीत गायिका सीमा कौशिक के साथ साथ धनबाद के  भजन गायक सुशील बाजेजा की प्रस्तुति प्रमुख रही. </span></p>
<p><span style="font-size: small;">दिल्ली  से पधारें कपिलानंद जी महाराज ने कहा कि राजिम कंुभ की शुरूआत और  प्रतिवर्ष का यह आयोजन छत्तीसगढ़ सरकार का अहम् कदम हैं। उन्होंने राजिम की  महत्ता बताते हुये कहा कि जो भूमि ऋषि मुनियों की तपः स्थली रही<span style="font-family: Calibri;">, </span>भगवान राम के जननी की जो जन्म भूमि हैं<span style="font-family: Calibri;">, </span>महानदी का जहाॅ संगम हैं और जहां प्रतिवर्ष संतो का समागम होता हैं उसे छत्तीसगढ़ के नाम से क्यों पुकारा जाता हैं। यह धर्म<span style="font-family: Calibri;">, </span>प्रेम<span style="font-family: Calibri;">, </span>भक्ति की भूमि हैं। इसका नाम तो कौशल्या राज्य होना चाहियें। उन्होंने तर्क देते हुये कहा कि जब बंबई का नाम मुंबई<span style="font-family: Calibri;">, </span>कलकत्ता का नाम कोलकाता<span style="font-family: Calibri;">, </span>मद्रास का नाम चेन्नई हो सकता है तो छत्तीसगढ़ का नाम कौशल्या के नाम पर क्यों नहीं हो सकता..</span></p>
<p><span style="font-size: small;">वृंदावन  से पधारें पुरूषोत्तम जी महाराज ने कहा कि जहां संतों का समागम हो वही  कुंभ होता हैं। उन्होंने ने बताया छत्तीसगढ़ माता कौशल्या के अलावा एक और  माता की जन्म भूमि हैं और वह माता शबरी हैं<span style="font-family: Calibri;">, </span>जिसके  नाम पर शिवरीनारायण नगर बसा हुआ हैं। उन्होंने कहा कि शबरी का नाम कोई  नहीं लेता। दरअसल छोटे का नाम कोई नही लेता। सभी बड़े का नाम लेना पसंद  करते हैं। शबरी को भगवान का जो भक्ति -प्रेम मिला वह अतुलनीय हैं ।  उन्होंने कहा कि माता कौशल्या का मंदिर बनाने के साथ-साथ माता शबरी का भी  छोटा-सा मंदिर बनाया जाना चाहिये।</span></p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329581862640210"><span style="font-size: small;"><span style="font-family: Calibri;"> </span>संत  प्रेमानंद जी महाराज ने कार्यक्रम का संचालन करते हुये कहा कि प्रत्येक  मनुष्य के मन में कामना होती हैं कि हमारे जीवन में सुख-शंाति और आनंद बना  रहे और इसलिये प्रयास भी करते हैं<span style="font-family: Calibri;">, </span>फिर भी अनेक प्रकार के दुःख<span style="font-family: Calibri;">, </span>क्लेश जीवन में आते रहते हैं<span style="font-family: Calibri;">, </span>तब हम इन कष्टों से मुक्ति का उपाय खोजते रहते हैं। इसलिये ऐसी स्थिति में महापुरूषों की शरण में जाना चाहिये<span style="font-family: Calibri;">, </span>तभी कष्टों का निवारण होगा और मुक्ति मिल सकेगी।यह शाश्वत सत्य है कि जब दुख और तकलीफें आती हैं<span style="font-family: Calibri;">, </span>तब ईश्वर का स्मरण आता है<span style="font-family: Calibri;">, </span>और तब हम ईश्वर का ध्यान करते हैं। काशी से पधारे ब्रम्हचारी विवेकचेतन जी महाराज कहते हैं कि धर्म<span style="font-family: Calibri;">, </span>अर्थ<span style="font-family: Calibri;">, </span>काम तथा मोक्ष व्यक्ति को सहज उपलब्ध हो जाता हैं। उन्होने अर्थ शब्द के और भी <span style="font-family: Calibri;">5</span> अर्थ बताये जिनमें अर्थ<span style="font-family: Calibri;">, </span>शब्दाशय<span style="font-family: Calibri;">, </span>प्रयोजन<span style="font-family: Calibri;">, </span>वित्त तथा इन्द्राशय है.</span></p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;"><span style="font-size: small;">पण्डोखर दरबार में उमड़ी भीड़</span></span></strong></p>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN0152A.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4077" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN0152A.jpg" alt="DSCN0152A तीजन की पंडवानी और सुशील बजेजा के सुरमयी भजनों के नाम रही आज की शाम" width="600" height="419" /></a></p>
<p><span style="font-size: small;">राजिम कुंभ में त्रिकालदर्शी अनंत विभूषित युवा संत श्री गुरूशरण जी महाराज <span style="font-family: Calibri;">’’</span>पण्डोखर सरकार<span style="font-family: Calibri;">’’ </span>का त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार <span style="font-family: Calibri;">14</span> फरवरी से प्रारंभ हो गया हैं। श्रद्धालुगण बड़ी संख्या मे दरबार शुरू होने  से बहुत पहले ही पहुंच रहे है। आज से यह दरबार नियमित रूप से प्रतिदिन  सुबह <span style="font-family: Calibri;">11.00</span> बजे से प्रारंभ  होकर रात्रि <span style="font-family: Calibri;">9.00</span> बजे तक संपन्न होगा।</span></p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329581862640219"><span style="font-size: small;">उल्लेखनीय  है कि अनन्त श्री विभूषित त्रिकालदर्शी संत श्री गुरूशरण जी महाराज के  दरबार में आने वाले दुखी पीडि़त जनों की दैविक एवं भौतिक समस्याओं का  समाधान अपनी दिव्य दृष्टि से जानकर बताते हैं। महाराज श्री किसी भी व्यक्ति  या दुखित पीडि़त व्यक्ति से पूछे बिना पहले से ही उसकी भावनाओं<span style="font-family: Calibri;">, </span>बाधा  व्याधियों और अन्य समस्त प्रकार की परेशानियों के बारे में अर्जी पत्र पर  लिखकर रख लेते है। जो भी व्यक्ति अपनी जिस पीड़ा को दरबार में व्यक्त करता  हैं<span style="font-family: Calibri;">, </span>वह सब सत्य रूप में महाराज श्री पण्डोखर सरकार द्वारा लिखें अर्जी पत्र में उल्लेखित रहता हैं। </span></p>
<p><span style="font-size: small;"> श्री  पण्डोखर सरकार का कहना है कि सदकार्य में सहयोगी की प्रशंसा होनी चाहिये ।  साथ ही साथ विघ्न संतोषी नही होंगे तो चेतना नही होगी और कोई कार्य बगैर  चेतना के भव्य और दिव्य नही हो सकता।</span></p>
<p><strong><span style="font-size: small;"><span style="font-family: Calibri;">‘‘</span>छत्तीसगढ़ के कौशल्यानंदन राम<span style="font-family: Calibri;">‘‘ &#8211; </span>बिंदू जी महाराज द्वारा विमोचित</span></strong></p>
<p><strong><span style="font-size: small;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN0144.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4078" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN0144.jpg" alt="DSCN0144 तीजन की पंडवानी और सुशील बजेजा के सुरमयी भजनों के नाम रही आज की शाम" width="600" height="450" /></a><br />
</span></strong></p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329581862640222"><span style="font-size: small;"><span style="font-family: Calibri;"> </span>राजिम महाकुंभ में संत डाॅ. बिंदू महाराज ने <span style="font-family: Calibri;">‘‘</span>छत्तीसगढ़ के कौशल्या नंदन राम<span style="font-family: Calibri;">‘‘ </span>नामक पुस्तक का विमोचन किया। राम वन गमन शोध संस्थान के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्याम बैस<span style="font-family: Calibri;">, </span>प्रधान  संपादक डाॅ. मन्नूलाल यदु के साथ अशोक गंगवाल एवं अनेक साधु-संतों व राजिम  कुंभ टास्कफोर्स समिती की उपस्थिति में लोकार्पण हुआ।पुस्तक में कौशल्या  माता की जन्मभूमि चंदखुरी आरंग आदि क्षेत्र के बारे में विस्तार से बताया  गया है वहीं भगवान राम लोमश ऋर्षि आश्रम में भी काफी समय तक रहे। वनवास काल  में ऋर्षि आश्रम<span style="font-family: Calibri;">, </span>छत्तीसगढ़ के मूल निवासी और राक्षसों के त्रिकोण से यहां आसुरी शक्ति का नाश हुआ था। छत्तीसगढ़ के सरगुजा<span style="font-family: Calibri;">, </span>दक्षिण कोसल और बस्तर क्षेत्र के लोगों ने राम जी के वनवास में अहम भूमिका निभाई थी।</span></p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;"><span style="font-size: small;">शांति की राह- योगेंद्र साहेब</span></span></strong></p>
<p><span style="font-size: small;"><span style="font-family: Calibri;"> </span>संत  समागम के मुख्य मंच पर आज कबीर साहेब के इलाहाबाद प्रयाग के संस्थान पारख  संस्थान के संत श्री अभिलाष दास जी के संत साहेब श्री योगेंद्र साहेब जी ने  धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा- कि आज मानव दुखित और दुःख कारण है उसकी  अन्नत इच्छायें दुःखों से निवृत्त पाने का मनुष्य जीवन ही एक साधन है  परन्तु मुनष्य जीवन को पाकर दुःखों से निवृत का काम नहीं करता और दुःख ही  बटोरता है<span style="font-family: Calibri;">, </span>सुख चाहता है<span style="font-family: Calibri;">, </span>लेकिन  चाहत के साथ का नहीं करता आखिर सुख मिलेगा कैसे सुख चाहते है तो सुख देने  वाला कर्म करना पड़ेगा । यही दुःख निवृत का प्रयास है । भटका हुआ मन यह  समझता है कि कोई दूसरा हमें दुःख देता है जबकि सच्चाई है कोई दूसरा उसे  दुःख या सुख नहीं देता परन्तु अपने ही कर्मो का फल उसे दुःख या सुख के रूप  में मिलता है। </span></p>
<p><span style="font-size: small;"><strong><span style="text-decoration: underline;">सांस्कृतिक कार्यक्रम</span></strong><strong></strong></span></p>
<p><span style="font-size: small;">सांस्कृतिक  कार्यक्रम में सीमा कौशिक के लोकमंच व सुशील बाजेजा के भजनों नें  श्रध्दालुओं का मन मोह लिया। पद्मभूषण तीजन बाई की पण्डवानी को लोगों ने  काफी सराहा। स्थानीय कलाकार परशुराम चन्द्राकर एवं नवलदास मानिकपुरी ने  राजीवलोचन पर भजनों की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों की वाहवाही लुटी। वहीं  स्कूली बच्चों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किये। </span></p>
<p><span style="font-size: small;"><strong><span style="text-decoration: underline;"><span style="font-family: Calibri;">16</span></span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;"> फरवरी के मुख्य कार्यक्रम</span></strong></span></p>
<p><span style="font-size: small;">दीपक साहू<span style="font-family: Calibri;">, </span>बोंदल का जसगीत, भारती बंधू रायपुर का भजन, जाकिर हुसैन कोरबा का जसगीत/फिल्म संगीत, भारत भूषण<span style="font-family: Calibri;">, </span>परगनिया भिलाई का लोकमंच, डॉ. पीसी लाल यादव<span style="font-family: Calibri;">, </span>गंडई का लोकमंच और मुंबई के प्रसिद्द भजन और गजल गायक चंदन दास की प्रस्तुतियाँ होगी १६ फरवरी का सांस्कृतिक आकर्षण. </span></p>
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		<title>जानकी जयंती पर हजारों ने किया त्रिवेणी संगम में स्नान-राजिम कुंभ २०१२</title>
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		<pubDate>Tue, 14 Feb 2012 17:22:04 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
				<category><![CDATA[दैनिक समचार]]></category>
		<category><![CDATA[राजिम कुंभ]]></category>

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		<description><![CDATA[नागा साधुओं की पेशवाई रही आकर्षण का केंद्र जय प्रकाश के भजन और अनु सिन्हा के फ्यूजन कत्थक ने समां [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p id="yui_3_2_0_1_1329237442512118" style="text-align: center;"><span style="font-size: small;"><strong id="yui_3_2_0_1_1329237442512116"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN0141.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4053" title="Rajim Kumbh Sai Darbar" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN0141.jpg" alt="DSCN0141 जानकी जयंती पर हजारों ने किया त्रिवेणी संगम में स्नान राजिम कुंभ २०१२" width="600" height="450" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN0129.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4052" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN0129.jpg" alt="DSCN0129 जानकी जयंती पर हजारों ने किया त्रिवेणी संगम में स्नान राजिम कुंभ २०१२" width="600" height="450" /></a></strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="font-size: small;"><strong>नागा साधुओं की पेशवाई रही आकर्षण का केंद्र</strong><strong></strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><strong><span style="font-size: small;">जय प्रकाश के भजन और अनु सिन्हा के फ्यूजन कत्थक ने समां बांधा</span></strong></p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329237442512133"><span style="font-size: small;">रायपुर. साधु-संत व दर्जनभर अखाड़ों के साथ साथ लाखों श्रद्धालुओं ने राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा कर पुण्य लाभ अर्जित किया.संत समागम का शुभारंभ होने के बाद कुंभ की शेष गतिविधियां तेज हो गयी है। इसी क्रम में आज नागा साधुओं ने स्थानीय दत्तात्रेय मंदिर में भगवान श्री दत्तात्रेय की पूजा अर्चना कर अपनी पेशवाई दी। इसके पूर्व त्रिवेणी संगम के मुक्ताकाशी मुख्य मंच पर संत समागम किया गया जिसमे साधू संतो ने ओजस्वी प्रवचन दिए. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में जय प्रकाश के भजन और अनु सिन्हा के फ्यूजन कत्थक ने समां बांधा. </span></p>
<p><span style="font-size: small;">संगम में डुबकी लगाने  तथा मंदिरों में पूजा-अर्चना कर भगवान राजीवलोचन व कुलेष्वर महादेव के दर्षन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगने दूरदराज से आये भक्तों का आना अल सुबह से है प्रारंभ हो गया था.  साधु-संतों और नागा बाबाओं ने ब्रहम मुहुर्त में ही स्नान किया. उल्लेखनीय है कि जानकी जयंती के दिन ‘राजिम कुंभ‘ में दूसरा स्नान पर्व होता है. मान्यता है कि यह दिन मां जगदम्बा जानकी के प्राकट्य की पावन तिथि है. आज के दिन मिथिला नरेष राजा जनक के खेत में हल से भूमि के जोते जाने के समय उसके सीत से स्पर्ष करके जो देवी प्रकट हुईं उन्हंें सीता कहा गया और जनकदुलारी होने से ये मां जानकी के नाम से जानी जाती हैं. इसी किवदती को मान्यकर पौराणिक काल से जानकी जयंती मनाई जा रही है. इसी तादात्मय में आज का स्नान पर्व बिना किसी विध्न बाधा के साथ संपन्न हुआ. राजिम कुंभ प्रशासन  द्वारा सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किये गये थे.</span></p>
<p><span style="font-size: small;">वही नागा साधुओं ने बैड बाजों की धुनों के साथ दत्तात्रेय मंदिर परिसर में लगभग तीन घंटे तक पूजा अर्चना करते रहे. इस दौरान उन्होंने अखाड़े का पदर्शन भी किया .उनकी पूजा अर्चना एवं सेवा में मंदिर के सर्वराकार कमलनारायण पुरी गोस्वामी के सुपुत्र रामकुमार गोस्वामी<span style="font-family: Calibri;">, </span>दिलीप गोस्वामी<span style="font-family: Calibri;">, </span>किशोरी गोस्वामी तथा सहयोगी शंकरलाल और गोपी अवसरिया ने सहयोग प्रदान किया।</span></p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329237442512137"><span style="font-size: small;">सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में नागपुर के सुप्रसिद्ध भजन गायक जय प्रकाश शर्मा के भजनों ने जंहा श्रद्धालुओं को भक्ति सागर में गोते लगवाए वहीँ दिल्ली की अनु सिन्हा ने अपने कत्थक नृत्य से समां बांधा. आज की अन्य प्रस्तुतियों में अश्वनी दुबे हाथ खोज का भजन, सुनीता भाले, खैरागढ़ भजन, चेतन देवांगन, पाहादा पंडवानी, दीपक चंद्राकर, अर्जुन्दा लोकमंच, ममता शिंदे, दुर्ग लोकमंच प्रमुख रही.</span></p>
<p><span style="font-size: small;"><strong><span style="text-decoration: underline;">आज के सांस्कृतिक कार्यक्रम  </span></strong><strong></strong></span></p>
<p><span style="font-size: small;">कुंभ २०१२ के आठवें दिन पद्म भूषण तीजन बाई, भिलाई की पंडवानी, सुशील बाजेजा, धनबाद का भजन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में मुख्य आकर्षण होगा साथ ही साथ परसुराम चंद्राकर, जाता की पंडवानी, नवल दास मानिकपुरी भिलाई, भजन, सीमा कौशिक रायपुर, लोकमंच होगा.  </span></p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;"><span style="font-size: small;">श्री सांई की निकली भव्य पालकी यात्रा</span></span></strong></p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329237442512141"><span style="font-size: small;">स्थानीय श्री शिरडी सांई दरबार से भव्य पालकी यात्रा गीत नृत्य एवं बैड बाजों की धुनो के साथ नगर भ्रमण कर कुलेश्वर मंदिर पहंुची। पालकी यात्रा की सुबह <span style="font-family: Calibri;">6</span> बजे गरियाबंद मार्ग स्थित श्री संाई दरबार में विशेष पूजा अर्चना की गई इसके पश्चात दोपहर <span style="font-family: Calibri;">12</span> बजे विधिवत मध्यान आरती की गई आरती के पश्चात भक्तों के लिए आम भंडारा की व्यवस्था की गई थी। श्रीसांई बाबा के लिये सुसज्जित पालकी बनाया गया था। जिस पर बाबा को आसीन कर पालकी यात्रा निकाली गई । यह यात्रा सर्वप्रथम भगवान दत्तात्रेय मंदिर जल टंकी चैक<span style="font-family: Calibri;">, </span>बस स्टैण्ड<span style="font-family: Calibri;">, </span>शिवाजी चैक<span style="font-family: Calibri;">, </span>गायत्री मंदिर<span style="font-family: Calibri;">, </span>श्रीराजीवलोचन होते हुए संत समागम परिसर होते हुए श्री कुलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। पालकी यात्रा में हजारों की संख्या में श्रीसांई भक्त श्रद्धालु शामिल हुए पालकी यात्रा में कृष्णा यादव नृत्य (सेमरा-चम्पारण्य) आर्कषण का केेंद्र रहा<span style="font-family: Calibri;">, </span>उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष कुंभ महोत्सव के अवसर पर श्रीसांई सेवा संस्थान राजिम द्वारा बाबा की पालकी यात्रा निकाली जाती है। </span></p>
<p><span style="font-size: small;"><strong><span style="text-decoration: underline;">गाय बचेगी तो<span style="font-family: Calibri;">, </span></span></strong><strong><span style="text-decoration: underline;">संस्कृति बचेगी</span></strong></span></p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329237442512149"><span style="font-size: small;">सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री माननीय बृजमोहन अग्रवाल के द्वारा गौ सेवा-गौ रक्षा रथ का पूजन किया गया था। यह रथ पूरे छत्तीसगढ़ में भ्रमण करते हुये आज दोपहर राजिम पहुंचा। वर्तमान राजिम कंुभ मेला में रथ भ्रमण करते हुये जन-जन को गौ सेवा-गौ रक्षा का प्रेरणा दे रही हैं। एवं गौ माता पर भव्य व विशाल प्रदर्शनी भी लगायी गयी। साथ ही कामधेनु महायज्ञ का प्रदर्शन स्थल पर आयोजन किया जा रहा हैं। वृंदावन मथुरा से पधारें कार्यक्रम के आयोजक- संत श्री सुभाष जी महाराज ने बताया<span style="font-family: Calibri;">, </span>गाय हमारी संस्कृति की मूल आधार हैं। और इसकी रक्षा के लिये तन<span style="font-family: Calibri;">, </span>मन<span style="font-family: Calibri;">, </span>धन से समाज को संगठित होना चाहिये  और आगे आना चाहिये।</span></p>
<p><strong><span style="text-decoration: underline;"><span style="font-size: small;">विजया एकादशी पर सरस्वती पूजन</span></span></strong></p>
<p id="yui_3_2_0_1_1329237442512152"><span style="font-size: small;"><span style="font-family: Calibri;"> </span>दण्डीस्वामी श्री सच्चिदानंद तीर्थ जी महाराज (बिलासपुर) द्वारा राजिम कुंभ <span style="font-family: Calibri;">2012</span> के अवसर पर विजया एकादशी के पावन पर्व पर सरस्वती पूजन किया जायेगा<span style="font-family: Calibri;">, </span>जिसमें रायपुर एवं राजिम सहित अंचल भर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राऐं शामिल होंगें । आयोजक  दंडी स्वामी ने बताया कि विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिये यह आयोजन पिछले छः वर्षो से किया जा रहा है<span style="font-family: Calibri;">, </span>इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में धर्म एवं अध्यात्म के संस्कार उत्पन्न करना है । आज के व्यस्त एवं दूषित पर्यावरण से बच्चों को दूर रखकर उनके मनोमस्तिष्क स्वस्थता एवं उज्जवल भविष्य विकास के लिए यह आयोजन प्रतिवर्ष कुंभ महोत्सव के दौरान किया जाता है । बच्चों का बौद्धिक व चारित्रिक निर्माण के लिये आज के परिप्रेक्ष्य में इस तरह के आयोजन की महती आवश्यकता है ।</span></p>
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		<title>राजिम कुंभ २०१२ के आंठवे दिन अनु सिन्हा एवं ग्रुप दिल्ली के फ्यूजन कत्थक नृत्य ने समां बांधा</title>
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		<pubDate>Tue, 14 Feb 2012 16:22:11 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
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			<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0495a.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4070" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0495a.jpg" alt="DSC 0495a राजिम कुंभ २०१२ के आंठवे दिन अनु सिन्हा एवं ग्रुप दिल्ली के फ्यूजन कत्थक नृत्य ने समां बांधा" width="600" height="399" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0499a.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4071" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0499a.jpg" alt="DSC 0499a राजिम कुंभ २०१२ के आंठवे दिन अनु सिन्हा एवं ग्रुप दिल्ली के फ्यूजन कत्थक नृत्य ने समां बांधा" width="600" height="399" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0500a.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4072" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0500a.jpg" alt="DSC 0500a राजिम कुंभ २०१२ के आंठवे दिन अनु सिन्हा एवं ग्रुप दिल्ली के फ्यूजन कत्थक नृत्य ने समां बांधा" width="600" height="903" /></a></p>
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		<title>छत्तीसगढ़ में रामराज्य की कल्पना साकार हुई-जगद्गुरू शंकराचार्य</title>
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		<pubDate>Mon, 13 Feb 2012 16:40:56 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
				<category><![CDATA[दैनिक समचार]]></category>
		<category><![CDATA[राजिम कुंभ]]></category>

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		<description><![CDATA[राजिम कुंभ 2012 &#8211; मीडिया सेंटर जगद्गुरू शंकराचार्य ज्योतिष एवं द्वारकापीठाधीश्वर श्री स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का संदेश. हजारों साधुओं की [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<h3 style="text-align: center;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0469A.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4046" title="Rajim kumbh Sant samagam" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0469A.jpg" alt="DSC 0469A छत्तीसगढ़ में रामराज्य की कल्पना साकार हुई जगद्गुरू शंकराचार्य" width="600" height="399" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0186A1.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4043" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0186A1.jpg" alt="DSC 0186A1 छत्तीसगढ़ में रामराज्य की कल्पना साकार हुई जगद्गुरू शंकराचार्य" width="600" height="399" /></a></h3>
<h3 style="text-align: center;">राजिम कुंभ 2012 &#8211; मीडिया सेंटर</h3>
<h3 style="text-align: center;">जगद्गुरू शंकराचार्य ज्योतिष एवं द्वारकापीठाधीश्वर श्री स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का संदेश.</h3>
<h3 style="text-align: center;">हजारों साधुओं की उपस्थिति में ‘संत-समागम‘ की गरिमामय शुरूआत</h3>
<h3 style="text-align: center;">दूसरा पर्व स्नान जानकी जयंती आज, रविन्द्र जैन के भजनों ने रंग जमाया</h3>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0475.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-4044" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0475-300x199.jpg" alt="DSC 0475 300x199 छत्तीसगढ़ में रामराज्य की कल्पना साकार हुई जगद्गुरू शंकराचार्य" width="300" height="199" /></a>रायपुर. हजारों साधु-संत व दर्जनभर अखाड़ों की मौजूदगी में आज विराट ‘संत समागम‘ का शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर जगद्गुरू शंकराचार्य ज्योतिष एवं द्वारकापीठाधीश्वर श्री स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अपने संदेश में कहा कि अब तक देश में चार कुंभ ही आयोजित होते हैं लेकिन प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला राजिम-कुंभ देश का पहला कुंभ है. उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि साधु-संतों ने जिस रामराज्य की कल्पना देखी थी, उसे छत्तीसगढ़ सरकार ने साकार किया है जहां धर्म की गंगा बह रही है और साधु-संतों के सम्मान में पूरी सरकार खड़ी रहती है. उन्होंने कहा कि जैसा कर्म करेंगे, वैसा फल मिलेगा. छत्तीसगढ़ के लोगों ने अच्छे कर्म किये हैं तभी उन्हें राजिम-कुंभ के माध्यम से साधु-संतों का आर्शीवाद मिल रहा है.</p>
<p>बताते चलें कि अस्वस्थता के चलते जगद्गुरू शंकराचार्य संत समागम में शामिल नहीं हो सके लेकिन उनके आर्शीवाद संदेश का पाठन उनके प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे धर्मस्व, संस्कृति व पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कुंभ में संत समागम की शुरूआत सात साल पहले हुई थी. कुंभ के आयोजन की सफलता ही है कि राजिम अब गरियाबंद जिला बन गया और विकास की धुरी बन गया है. त्रिवेणी संगम में 20 करोड की लागत से एनीकट बनाया गया जिससे पानी की समस्या खत्म हुई है. इसी तरह महानदी के उपर करोडों की लागत से नया पुल बनाया गया है जिससे कुंभ में आवागमन और सरल हुआ है. यह सब उपलब्धियां राजिम-कुंभ की देन है और हम साधु संतांे ंके आर्शीवाद से प्रगति कर रहे हैं. श्री अग्रवाल ने बताया कि जगतगुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती और मुख्यमंत्री डॉ. रमनंिसह खराब स्वास्थ्य के चलते संत समागम में शामिल नंहंी हो सके.</p>
<p>अंचल के विधायक अमितेष शुक्ल ने राजिम को धार्मिक नगरी बताते हुए कहा कि देशभर से आये साधु-संतों ने इसकी गरिमा और महत्ता बढ़ाई है. राजिम महोत्सव अब कुंभ में तब्दील हो गया है जिसके लिये बृजमोहन अग्रवाल बधाई के पात्र हैं. उन्होंने मांग रखी कि राजीवलोचन की नगरी से शराबबंदी व सटटेबाजी पर पूरी रोक लगाई जाये. सांसद चंदूलाल साहू ने कहा कि राजिम-कुंभ साधु-संतों के दर्शन व आर्शीवाद पाने का माध्यम बना है और उनके मार्गदर्शन से हम अपने को पहचान पाये हैं. उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश निरंतर प्रगति करे और विश्व गुरू बने, हम सदमार्ग पर चलें, यही इस अवसर पर भगवान से प्रार्थना है. कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने सभी साधुसंतों का स्वागत किया और प्रदेश की तरक्की के लिये आर्शीवाद मांगा. खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने साधु-संतों का अभिनंदन करते हुए कविता में अपनी भावना रखते हुए कहा कि साधु संतों की उपस्थिति से हम धन्य हो गये हैं और उनके आर्शीवाद से राजिम-कुंभ दिन प्रतिदिन ख्याति अर्जित कर रहा है.</p>
<p>इसके पूर्व संत समागम की शुरूआत त्रिवेणी संध्या आरती व भगवान राजीवलोचन की आरती व पूजा अर्चना के साथ हुई. पं. ब्रहमदत्त शास्त्री ने अपनी पंडित परिषद के साथ आरती एवं पूजन का विधान संपन्न कराया. पाटेश्वर धाम के संत श्री बालकदास जी महाराज ने अपने आर्शीवचन में कहा कि जहां संत समाज है, वहंी कुंभ हो सकता है. राजिम-कुंभ इसका प्रतीक बना है. लोग यहां से शांति और सात्विकता का संदेश लेकर जाते हैं जहां मन के पाप धुल जाते हैं तथा मोक्ष और सुख की कामना पूरी होती है. छत्तीसगढ राज्य की सरकार संतों की सेवा में समर्पित रही है, वहंी साधु-संत भी उदारता के साथ इसमें शिरकत करते हैं. इसी के चलते प्रदेश खुशहाली की ओर अग्रसर है. यहां की जनता में शांति, अपनत्व और बंधुभाव बना रहे, यही कामना है. इस अवसर पर परम् श्रद्धेय महाण्डलेश्वर श्री स्वामी प्रज्ञानंद जी महाराज (दिल्ली) ने भी संबोधित किया.<br />
साधु संतों में प्रमुख रूप से मंच पर परम श्रद्धेय महामंडलेश्वर बालयोगी श्री मोहन दास दी महाराज रामायणी (हरिद्वार), परम श्रद्धेय महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद जी महाराज (मुम्बई), संत कवि श्री पवन दीवान जी महाराज, तपस्वी सत महात्यागी श्री बालकदास जी महाराज (पाटेश्वरधाम), त्रिकालदर्शी संत श्री गुरूशरण दास जी पंडोखर सरकार जी (झॉसी), आचार्य श्री स्वामी कपिलानंद जी महाराज (दिल्ली), श्रद्धेय आचार्य श्री जालेश्वर जी महाराज (अयोद्धया), डॉ. स्वामी श्री बिंदु जी महाराज (हैदराबाद), दण्डिस्वामी श्री सच्चिदानंद तीर्थ जी महाराज (बिलासपुर), श्री महंत स्वामी दयानंद गिरीजी महाराज (काशी), श्रद्धेय स्वामी जीवानंद जी महाराज (इंदौर), श्री ब्रम्हाचारी विवेकानंद जी महाराज (काशी), श्रद्धेय स्वामी पुरूषोत्तमाचार्य जी महाराज (वृंदावन), महंत श्री साधवी रंजना देवी जी (हरिद्वार), ब्रम्हकुमारी पूज्य पुष्पा बहनजी (नवापारा), श्री महंत माता दर्शना ज्योति जी (हरिद्धार), श्री महंत पुरी बेन (हरिद्धार), श्री महंत राधा रश्मि माता (हरिद्वार), श्री महंत ललिता गिरी जी माता (हरिद्वार), श्री श्रद्धेय गोपाल शास्त्री जी (वाराणसी) आदि संत प्रमुख रूप से संत समागम के साक्षी बने.</p>
<p>संत समागम समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सांसद पवन दीवान, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण राय, भण्डार निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज, उपाध्यक्ष विजय तिवारी, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतोष उपाध्याय, नगर पालिका गोबरा नवापारा की अध्यक्ष श्रीमती देहुती साहू, नगर पंचायत राजिम की अध्यक्ष श्रीमती अंजना महाड़िक, जनपद पंचायत फिंगेश्वर की अध्यक्ष श्रीमती अन्नपूर्णा साहू,, श्री गिरिजा साहू, व श्री माधव सिंह धु्रव सहित गरियाबंद जिले के कलेक्टर दिलीप वासनीकर, एसडीएम श्री के.पी. ओगरे, अपर कलेक्टर व मेला अधिकारी रमेश शर्मा उपस्थित थे.</p>
<h3>हजारों साधु-संत राजिम-कुंभ पहुंचे</h3>
<p>दूरस्थ प्रदेशों से आने वाले नागा साधुओं का आगमन क्रमशः प्रतिदिन होने लगा है. इस वर्ष अन्य वर्षो से अधिक भीड़ होने के कारण कुंभ के शेष धार्मिक पर्व एवं अन्य कार्यक्रम बड़ी धूमधाम एवं गरिमामय ढ़ंग से पूरे होंगे. संत संमागम की पूर्व संध्या तक लगभग 527 नागा बाबाओं का दल यहा पहुंच चुका है. अनुमान है कि अब तक पांच हजार से ज्यादा साधु संत रािजम-कुंभ पहुंच चुके हैं जिसमें प्रमुख तौर पर निर्वाणी अखाडा, श्री पंचायती अखाडा पडाव, पंचायती अखाडा महानिर्वाणी, श्री पंचायती अखाडा आनंद, श्री पंचायती अखाडा आवाहन, श्री जूना अखाडा निर्मला पंचायती अखाडा, श्री अखिल भारतीय पंच रामानंदी निर्मोही अखाडा, श्री पंच रामानंदी संतोषी अखाडा, पंच रामानंदी निर्वाणी अखाडा, पंच रामानंदी महानिर्वाणी अखाडा, पंच रामानंदी निरालंबी अखाडा, खाकी अखाडा आदि के साधु संत शामिल हैं.</p>
<p>उल्लेखनीय है कि राजिम-कुंभ का विशेष आकर्षण संत समागम होता है जिसमें प्रदेश और देश के दस हजार से ज्यादा साधु-संत हिस्सा लेते हैं. इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. दस लाख वर्गफीट से ज्यादा के स्थल पर दर्जन भर से ज्यादा आश्रम, कुटियां और आवास तैयार किये गये हैं साथ ही मुख्य प्रवचन मंच, सांस्कृतिक मंच जैसे विशालकाय पंडाल तैयार किये गये है. प्रसाद और भोजन के लिये विशालकाय डोम तैयार हुआ है. धर्मस्व व संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने देर रात तक पूरे मेले स्थल का भ्रमण किया और संत समागम पहुंचकर तैयारियांे व व्यवस्था के संबंध में दिशा निर्देश देते रहे.</p>
<h3>दंडी स्वामी का सरस्वती यज्ञ 17 को</h3>
<p>प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी राजिम कुंभ में दंडी स्वामी जी का 17 फरवरी को सरस्वती यज्ञ का आयोजन किया जाना है. जिसमें रायपुर जिले एवं धमतरी, गरियाबंद के 500 से अधिक बच्चे इस यज्ञ में भाग लेगे. 18 फरवरी को श्रीराजीवलोचन मंदिर में एकादशी के अवसर पर वे छग के निवासी व पूरे प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना हेतू पूजा अर्चना करेंगें. 19 फरवरी को भारत के कोने कोने से आये संतों द्वारा ज्योतिष एवं आध्यात्मिक कांन्फें्रस आयोजित की गई हैं. 20 फरवरी को 108 औषधियों तथा स्वर्ण आभूषण के साथ संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा पूर्णाहूति के साथ यज्ञ का समापन किया जावेगा.<br />
&#8230;.</p>
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		<title>शंकराचार्य की उपस्थिति में विराट ‘संत समागम‘ का आज शुभारंभ -राजिम-कुंभ का छठवां दिन:</title>
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		<pubDate>Sun, 12 Feb 2012 13:56:56 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
				<category><![CDATA[दैनिक समचार]]></category>
		<category><![CDATA[राजिम कुंभ]]></category>

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		<description><![CDATA[  संत आसाराम जी का प्रवचन सुनने व आर्शीवाद लेने लाखों की भीड़ उमड़ी आज  विराट ‘संत समागम‘ का शुभारंभ मुख्यमंत्री [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<h3 style="text-align: center;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1280.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4030" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1280.jpg" alt="DSC 1280 शंकराचार्य की उपस्थिति में विराट ‘संत समागम‘ का आज शुभारंभ  राजिम कुंभ का छठवां दिन: " width="600" height="399" /></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1373.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4031" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1373.jpg" alt="DSC 1373 शंकराचार्य की उपस्थिति में विराट ‘संत समागम‘ का आज शुभारंभ  राजिम कुंभ का छठवां दिन: " width="600" height="399" /></a> </h3>
<h3 style="text-align: center;">संत आसाराम जी का प्रवचन सुनने व आर्शीवाद लेने लाखों की भीड़ उमड़ी</h3>
<h3 style="text-align: center;">आज  विराट ‘संत समागम‘ का शुभारंभ</h3>
<h3 style="text-align: center;">मुख्यमंत्री सहित देश-प्रदेश के साधु संत शामिल लेंगे</h3>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1268.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-4032" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1268-300x199.jpg" alt="DSC 1268 300x199 शंकराचार्य की उपस्थिति में विराट ‘संत समागम‘ का आज शुभारंभ  राजिम कुंभ का छठवां दिन: " width="328" height="224" /></a>रायपुर. राजिम-कुंभ 2012 के विराट संत समागम की शुरूआत कल 13 फरवरी को त्रिवेणी संगम पर होगी जिसका शुभारंभ ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य श्री स्वरूपानंद सरस्वती की उपस्थिति और उनके आर्शीवचन के साथ होगा. देश-प्रदेश से पधारे हजारों साधु संतों की मौजूदगी संत समागम समारोह को अभिनंदित करेगी. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह होंगे जबकि अध्यक्षता धर्मस्व व संस्कृति, पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल करेंगे.</p>
<p>संत समागम के विशिष्ट अतिथि खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले, कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू,, सांसद चन्दूलाल साहू, संसदीय सचिव युद्धवीर सिंह जूदेव, पूर्व सांसद पवन दीवान, विधायक अमितेष शुक्ल, कुरूद विधायक लेखराम साहू, राज्य वित आयोग के अध्यक्ष अजय चंद्राकर, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण राय, भण्डार निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज, उपाध्यक्ष विजय तिवारी, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतोष उपाध्याय, नगर पालिका गोबरा नवापारा की अध्यक्ष श्रीमती देहुती साहू, नगर पंचायत राजिम की अध्यक्ष श्रीमती अंजना महाडि़क, जनपद पंचायत फिंगेश्वर की अध्यक्ष श्रीमती अन्नपूर्णा साहू,, श्री गिरिजा साहू,, श्री माधव सिंह धु्रव, उपस्थित रहेंगे.</p>
<h3>महाशिवरात्रि पर ‘बं‘ का जाप करें: संत आसाराम</h3>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1409.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4033" title="Asharam Bapu" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1409.jpg" alt="DSC 1409 शंकराचार्य की उपस्थिति में विराट ‘संत समागम‘ का आज शुभारंभ  राजिम कुंभ का छठवां दिन: " width="600" height="399" /></a></p>
<p>दूसरी ओर आज रविवार को संत आसाराम जी बापू के प्रवचनों को सुनने व उनका आर्शीवाद लेने के लिये लाखों श्रद्धालु राजिम-कुंभ में उमड पडे. दूरदराज<a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/Bapuji12-1.jpg"><img class="alignright size-medium wp-image-4034" title="Asharam Bapu" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/Bapuji12-1-300x212.jpg" alt="Bapuji12 1 300x212 शंकराचार्य की उपस्थिति में विराट ‘संत समागम‘ का आज शुभारंभ  राजिम कुंभ का छठवां दिन: " width="300" height="212" /></a> से बापू के भक्तजन अपने परिवार के साथ पहुंचे और उनके प्रवचन का रसपान किया. अनुमान है कि आज तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने तथा पूरे चार दिन में पन्द्रह लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संत आसाराम जी के प्रवचनों का लाभ उठाया. श्री बापूजी ने आज अपने संदेश में कहा कि आगामी महाशिवरात्रि में लाखों मंत्रों का जाप करें आपकी मनोकामना पूरी होगी. अपने चिरपरिचीत अंदाज में बापूजी ने खेल-खेल में हसते-हंसाते अध्यात्म ज्ञान प्रदान करते हुए कहा कि जैसे सांप, बीन का आवाज सुनकर अपना जहरीला स्वभाव छोड देता है उसी प्रकार ओम कार जपने वाला अपना स्वभाव छोडकर ईश्वरी स्वभाव में अपना स्वभाव विलय कर देता है. ओमकार के दीर्घ उच्चारण से रोग शोक,चिन्ता मिटकर ईश्वरीय चेतना का संचार होता है. बापूजी ने ओमकार मंत्र का वैज्ञानिक विश्लेषण व प्रयोगो का संदर्भ देते हुए कहा कि ओमकार मंत्र का गुंजन करने से मरी हुई कोशीकाए भी जीवीत हो जाती हैं. मस्तिष्क जिगर व पेट के विभिन्न अंग सक्रीयता से कार्य करने लगते हैं. सात बार ओम कार का गुंजन करने से जापक का चित्त इस ब्रम्हाण्ड को पार कर अनन्त ब्रम्हाण्डों के साथ तदाकार कर देता है. यदि कोई व्यक्ति प्रति दिन गुरू उपदिष्ट मार्ग से 120 माला ओमकार की जप करे और निषिध्द कर्मो का त्याग करे तो उसे एक वर्ष मंे ही परमात्म प्राप्ति हो सकती है.</p>
<h3>नागा साधुओं ने लहराई धर्म ध्वजा</h3>
<p> </p>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN2525.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4035" title="Rajim Kumbh Naga Sadhu" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN2525.jpg" alt="DSCN2525 शंकराचार्य की उपस्थिति में विराट ‘संत समागम‘ का आज शुभारंभ  राजिम कुंभ का छठवां दिन: " width="600" height="450" /></a></p>
<p><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN2531.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-4036" title="Rajim Kumbh Naga Sadhu" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSCN2531-300x225.jpg" alt="DSCN2531 300x225 शंकराचार्य की उपस्थिति में विराट ‘संत समागम‘ का आज शुभारंभ  राजिम कुंभ का छठवां दिन: " width="300" height="225" /></a>संत समागम स्थल पर देश के विभिन्न अखाड़ों से आये 300 से ज्यादा नागा साधुओं ने आज लोमस ऋषि आश्रम में धर्म ध्वजा फहराई और राजिम-कुंभ का शंखनाद किया. ऐसा माना जाता है कि नागा साधुओं की धर्मध्वजा फहरने के बाद ही कुंभ की शुरूआत होती है. धर्मस्व व संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने नागा साधुओं के बीच पहुंचकर उनसे मुलाकात की तथा सारी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए साधुओं के लिये पर्याप्त सुविधाएं देने के निर्देश आयोजन समिति को दिये. दूरस्थ प्रदेशों से आने वाले नागा साधुओं का आगमन क्रमशः प्रतिदिन होने लगा है. इस वर्ष अन्य वर्षो से अधिक भीड़ होने के कारण कुंभ के शेष धार्मिक पर्व एवं अन्य कार्यक्रम बड़ी धूमधाम एवं गरिमामय ढ़ंग से पूरे होंगे. संत संमागम की पूर्व संध्या तक लगभग 527 नागा बाबाओं का दल यहा पहुंच चुका है.</p>
<p>अनुमान है कि कल तक पांच हजार से ज्यादा साधु संत रािजम-कुंभ पहुंचेंगे जिसमें प्रमुख तौर पर निर्वाणी अखाडा, श्री पंचायती अखाडा पडाव, पंचायती अखाडा महानिर्वाणी, श्री पंचायती अखाडा आनंद, श्री पंचायती अखाडा आवाहन, श्री जूना अखाडा निर्मला पंचायती अखाडा, श्री अखिल भारतीय पंच रामानंदी निर्मोही अखाडा, श्री पंच रामानंदी संतोषी अखाडा, पंच रामानंदी निर्वाणी अखाडा, पंच रामानंदी महानिर्वाणी अखाडा, पंच रामानंदी निरालंबी अखाडा, खाकी अकाडा के अलावा तंत्र मंत सम्राह डाॅ बिन्दु जी महाराज भी पधार रहे हैं. इसके अलावा श्री जडेश्वर महाराज अयोध्या, श्री पंडोखर सरकार व श्री महामण्डलेष्वर प्रज्ञानंद जी संत समागम में उपस्थित होंगे. छत्तीसगढ के सुप्रसिद्ध संत राम बालकदास जी महराज का आश्रम भी सज-धज चुका है. वे अपने भक्तों के साथ संत समागम में उपस्थित रहेंगे. संत समागम का शुभारंभ आज: राजिम-कुंभ का विशेष आकर्षण संत समागम होता है जिसमें प्रदेश और देश के दस हजार से ज्यादा साधु-संत हिस्सा लेते हैं. इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. दस लाख वर्गफीट से ज्यादा के स्थल पर दर्जन भर से ज्यादा आश्रम, कुटियां और आवास तैयार किये गये हैं साथ ही मुख्य प्रवचन मंच, सांस्कृतिक मंच जैसे विशालकाय पंडाल तैयार किये गये है. प्रसाद और भोजन के लिये विशालकाय डोम तैयार हुआ है. धर्मस्व व संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज देर रात तक पूरे मेले स्थल का भ्रमण किया और संत समागम पहुंचकर तैयारियांे व व्यवस्था के संबंध में दिशा निर्देश देते रहे.</p>
<h3>दंडी स्वामी का सरस्वती यज्ञ 17 को</h3>
<p>प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी राजिम कुंभ में दंडी स्वामी जी का 17 फरवरी को सरस्वती यज्ञ का आयोजन किया जाना है. जिसमें रायपुर जिले एवं धमतरी, गरियाबंद के 500 से अधिक बच्चे इस यज्ञ में भाग लेगे. 18 फरवरी को श्रीराजीवलोचन मंदिर में एकादशी के अवसर पर वे छग के निवासी व पूरे प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना हेतू पूजा अर्चना करेंगें. 19 फरवरी को भारत के कोने कोने से आये संतों द्वारा ज्योतिष एवं आध्यात्मिक कांन्फें्रस आयोजित की गई हैं. 20 फरवरी को 108 औषधियों तथा स्वर्ण आभूषण के साथ संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा पूर्णाहूति के साथ यज्ञ का समापन किया जावेगा.</p>
<h3>पंडवानी और भजन ने श्रोताओं का मनोरंजन किया</h3>
<p>राजिम-कुंभ में एक तरफ जहां आशाराम बापू के भक्ति संदेश की रसधार बही, वहीं मुक्ताकाशी सांस्कृतिक मंच पर श्रोताओं को कई मनमोहक प्रस्तुतियां देखने को मिली. सायं से ही स्थानीय कलाकारांे ने रोचक प्रस्तुतियां दी जिसमें खेमबाई की पंडवानी, खुशीदास मानिकपुरी का चैका, टोमिनबाई की पंडवानी, भिलाई के प्रभंजय चतुर्वेदी का भजन, रायपुर के दुकालु यादव का जगराता, कोलका के डाॅ. पुनुराम साहू का लोकमंच, रायपुर के मनोज सेन का लोकमंच तथा दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर के कलाकारों ने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं.<br />
भजन गायक रविन्द्र जैन की सांस्कृतिक संध्या कल</p>
<p>कल संत समागम के अवसर पर देश के सुप्रसिद्ध भजन गायक रवीन्द्र जैन शाम को 6 बजे भजनों की प्रस्तुति देंगे. इसके अलावा बागबाहरा के किशुन लाल पाटले का पंथी नृत्य, रामदास कुर्रे का लोकमंच, खुमान साहू का डंडा नृत्य, उडीसा के कलाकारों की गीत व नृत्यों की प्रस्तुति तथा दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर के कलाकारों का अभिनय व नृत्य विशेष आकर्षण लिये होगा. </p>
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		<title>लाखों भक्तों पर चढ़ा संत आसाराम जी का सम्मोहन-राजिम-कुंभ का पांचवा दिन</title>
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		<pubDate>Sat, 11 Feb 2012 14:09:42 +0000</pubDate>
		<dc:creator>piyush</dc:creator>
				<category><![CDATA[दैनिक समचार]]></category>
		<category><![CDATA[राजिम कुंभ]]></category>

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		<description><![CDATA[लाखों श्रद्धालु प्रवचन सुनने व आर्शीवाद लेने कुंभ पहुंचे, बापू के प्रवचन का आज अंतिम दिन. पं. विजयशंकर मेहता की [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<h3 style="text-align: center;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0612.jpg"></a><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_05011.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4013" title="Asharam Bapu" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_05011.jpg" alt="DSC 05011 लाखों भक्तों पर चढ़ा संत आसाराम जी का सम्मोहन राजिम कुंभ का पांचवा दिन" width="600" height="418" /></a></h3>
<h3 style="text-align: center;">लाखों श्रद्धालु प्रवचन सुनने व आर्शीवाद लेने कुंभ पहुंचे, बापू के प्रवचन का आज अंतिम दिन.</h3>
<h3 style="text-align: center;">पं. विजयशंकर मेहता की ‘महाभारत‘ ने दिया जीवन-संदेश</h3>
<p style="text-align: left;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/2.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-4014" title="Asharam Bapu" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/2-199x300.jpg" alt="2 199x300 लाखों भक्तों पर चढ़ा संत आसाराम जी का सम्मोहन राजिम कुंभ का पांचवा दिन" width="199" height="300" /></a>रायपुर. राजिम-कुंभ के पांचवे दिन प्रख्यात संत आसाराम बापू ने आत्मा और परमात्मा के बीच के संबंधांे की व्याख्या करते हुए कहा कि जगत में परमात्मा का ही प्रकाश व्याप्त है. आत्मा का प्रकाश वास्तव में परमात्मा का ही प्रकाश है. परमात्मा का प्रकाश देखने के लिये मन का प्रकाश जरूरी है. दूसरी ओर प्रसिद्ध प्रवचनकार पं. विजयशंकर मेहता ने कहा कि जिस भक्त को भगवान का आर्शीवाद मिल जाये, उसके अमर हो जाने की सोच गलत है क्योंकि मृत्यु इस संसार का सबसे बड़ा सत्य है.</p>
<p style="text-align: left;">राजिम-कुंभ 2012 इस वर्ष ज्यादा प्रभावी होकर उभरा है. अभी मात्र पांच दिन ही हुए हैं और कुंभ में श्रद्धालुओं का तांता उमड़ चुका है. आज शनिवार होने के कारण स्थिति यह थी कि संत समागम से लेकर मुख्य सांस्कृतिक मंच तक श्रद्धालुओं के सिर ही सिर नजर आ रहे थे. इसकी वजह देश के प्रख्यात संत आसाराम बापू की प्रवचनमाला है जो पिछले तीन दिन से जारी है. आज उन्हें सुनने तीन लाख से ज्यादा भक्तों की भीड़ राजिम-कुंभ पहुंची तथा उनके प्रवचन और आर्शीवाद का लाभ उठाया. लाखों वर्गफीट के खचाखच भरे दरबार में भक्तों को संबोधित करते हुए संत आसाराम जी ने कहा कि आत्मा को रस चाहिये. ये रस तीन प्रकार के होते है: आदि भौतिक रस, सात्विक रस जिसमें भक्ति तथा शांति आते है. तीसरा रस भगवान में लीन रहता हैं. परम रस का संबंध सीधा अंतरमन से है. इसमें बुरी आदतें छूट जाती है. अंतर्यामी भगवान का मंत्र ऊँ प्रभु है. इस मंत्र के उच्चारण से 72 लाख नाडि़यों में चेतना का संचार हो जाता है.</p>
<p style="text-align: left;">भक्ति-संगीत से सजी प्रवचनमाला में संत आसाराम जी ने भक्तों को संदेश देते हुए कहा कि ताली दोनों हाथों से धीरे-धीरे बजाना चाहिये. जोर से ताली बजाने से शक्ति का ह्ास होता है. उन्होंनें रस के आनंद पर कहा कि शराब का प्याला छलकाने के बजाए हरि नाम का प्याला पीयें. इससे सारी जिंदगी सुधर जायेगी. यह अंतरात्मा का रस है. ओंकार का गूंजन करने से मन मधुर हो जाता हैं. इस स्थिति में हिलना-ढुलना भी नहीं चाहिये. भगवान ऊँ कार की शांति में डूबते जाने से रग-रग शांत और पवित्र होते जायेगा. बापू के प्रवचनों को सुनने और उनका आर्शीवाद लेने के लिये आज शनिवार को भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. संत समागम से लेकर मुख्य सांस्कृतिक मंच तक सिर ही सिर दिखाई दे रहे थे और सभी आसाराम जी को सुनने को आतुर थे.</p>
<p style="text-align: left;">राजिम-कुंभ में पहली बार सानिध्य दे रहे संत आसाराम जी को सुनने के लिये ग्राम्य, अंचल, प्रदेश और देश से श्रद्धालु सपरिवार यहां पहुंचे हैं जिनके आवास और प्रसाद की पर्याप्त व्यवस्था मेला समिति द्वारा की गई है. राजधानी से भी हजारों परिवार आज कुंभ स्थल पहुंचे तथा आसाराम जी को सुनने का इंतजार करते रहे. उनका आर्शीवाद लेने के लिये भक्त आतुर दिखाई दिये. श्री आसाराम जी ने आगे कहा कि आत्मा-परमात्मा को अपना मानस जो जीता है, वह उदार होता है. वह जगत की भलाई करता है. आदमी जब बुरा और नीरस होत जाता है, वह कठोर और निर्दय स्वभाव का बन जाता है. ऐसी स्थिति में हम रसपान करने पड़ोसी के यहा जाते हैं अथवा अन्य कई मनोरंजन का रास्ता खोजते है ताकि उनकी नीरसता दूर हो सके.</p>
<p style="text-align: left;">संत आसाराम जी को सुनने का अंतिम मौका: संत आसाराम जी बापू की प्रवचनमाला का कल 12 फरवरी को अंतिम दिन होगा. रविवार होने के चलते लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. उनके प्रवचनों को लाइव प्रसारण के जरिये सौ से ज्यादा देशों में सुना जा रहा है. आज शनिवार को उन्हें तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने सुना. अनुमान है कि कल रिकार्डतोड़ भीड़ उमड़ सकती है. पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने इस विशाल आयोजन की व्यवस्था में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी है.</p>
<h3 style="text-align: left;">कथाकार पं. विजयशकर मेहता</h3>
<p style="text-align: left;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_06121.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-4016" title="Pt. Vijay Shankar Mehta" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_06121-300x248.jpg" alt="DSC 06121 300x248 लाखों भक्तों पर चढ़ा संत आसाराम जी का सम्मोहन राजिम कुंभ का पांचवा दिन" width="123" height="117" /></a>एक तरफ संत आसाराम जी के प्रवचन जारी हैं तो दूसरी ओर प्रसिद्ध कथाकार पं. विजयशकर मेहता ने राजिम-कुंभ में महाभारत और भगवान कृष्ण पर ज्ञानवर्द्धक व्याख्यान दिया. उन्होंने महाभारत की कथा को सामने रखते हुए समझाया कि यदि भगवान आपके साथ हैं तो यह नहीं समझना चाहिये कि आपकी मृत्यु नहीं होगी क्योंकि मृत्यु तो अटल सत्य है जिससे भगवान भी नहीं बच पाये. अभिमन्यु की मौत के बाद द्रौपदी ने भगवान कृष्ण से पूछा कि आपका साथ मिलने के बावजूद उसकी मृत्यु कैसे हो गई! श्री मेहता ने आगे कहा कि युद्ध लडते हुए भी सत्य असत्य, अधिकार नियम और मान अपमान का ख्याल कैसे रखा जाये, इसे महाभारत पढ़कर समझा जा सकता है.</p>
<h3 style="text-align: left;">श्रेष्ठ कार्यक्रमों ने समा बांधा</h3>
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<p style="text-align: left;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1088.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4017" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_1088.jpg" alt="DSC 1088 लाखों भक्तों पर चढ़ा संत आसाराम जी का सम्मोहन राजिम कुंभ का पांचवा दिन" width="600" height="405" /></a></p>
<p style="text-align: left;">राजिम-कुंभ में एक तरफ जहां आशाराम बापू के भक्ति संदेश की रसधार बही, वहीं मुक्ताकाशी सांस्कृतिक मंच पर श्रोताओं को कई मनमोहक प्रस्तुतियां देखने को मिली. सायं से ही स्थानीय कलाकारांे ने रोचक प्रस्तुतियां दी जिसमें ईश्वरी साहू की पंडवानी, रविशंकर व्यास का गीत रामायण, कांति बरलोटा व कविता देशमुख का भजन, इकबाल खां का भजन, मीना साहू की पंडवाणी, खुमान साव व ननकी ठाकुर का लोकमंच, राजेश मिश्रा का देशभक्ति गीत के साथ-साथ दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर के सौजन्य से विभिन्न राज्यों के कलाकारों द्वारा लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई. आंचलिक और प्रादेशिक कलाकारों ने सधे हुए अभिनय और मंझे हुए संगीत के साथ मंत्रमुगध कर देने वाली प्रस्तुतियां दीं.</p>
<p style="text-align: left;">कल 12 फरवरी के सांस्कृतिक आकर्षण: कल रविवार को जो सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने-सुनने को मिलेंगी, उनमें प्रमुख रूप से खेमबाई की पंडवानी, खुशीदास मानिकपुरी का चैका, टोमिनबाई की पंडवानी, भिलाई के प्रभंजय चतुर्वेदी का भजन, रायपुर के दुकालु यादव का जगराता, कोलका के डाॅ. पुनुराम साहू का लोकमंच, रायपुर के मनोज सेन का लोकमंच तथा दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर के कलाकार रोचक प्रस्तुतियां देंगे.<br />
संत समागम का शुभारंभ 13 को, तैयारियां पूर्ण: राजिम-कुंभ का विशेष आकर्षण संत समागम होता है जिसमें प्रदेश और देश के दस हजार से ज्यादा साधु-संत हिस्सा लेते हैं. इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. दस लाख वर्गफीट से ज्यादा के स्थल पर दर्जन भर से ज्यादा आश्रम, कुटियां और आवास तैयार किये गये हैं साथ ही मुख्य प्रवचन मंच, सांस्कृतिक मंच जैसे विशालकाय पंडाल तैयार किये गये है. प्रसाद और भोजन के लिये विशालयकाय डोम तैयार हुआ है. धर्मस्व व संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज देर रात तक पूरे मेले स्थल का भ्रमण किया और संत समागम पहुंचकर तैयारियांे व व्यवस्था के संबंध में दिशा निर्देश देते रहे.</p>
<p style="text-align: left;"><a href="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0169.jpg"><img class="aligncenter size-full wp-image-4018" title="Rajim Kumbh" src="http://brijmohanagrawal.in/media-center/2012/02/DSC_0169.jpg" alt="DSC 0169 लाखों भक्तों पर चढ़ा संत आसाराम जी का सम्मोहन राजिम कुंभ का पांचवा दिन" width="600" height="327" /></a></p>
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