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रायपुर/29/06/2017/ भारतीय जनता पार्टी, किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किसानों की मौत को विपक्ष राजनैतिक हथियार के रूप में इस्तिमाल करने के कोशिश कर रहा है। किसानों द्वारा आत्महत्या किया जाना बेहद दुखद है।हमारी सहनुभूति हर मृतक परिवार के साथ है। पर सरकार की नीतियों के कारण किसानों द्वारा आत्महत्या करने के कांग्रेसी आरोप पूर्णतः निराधार व् राजनीति से प्रेरित है।  इतिहास इस बात की गवाह है कि किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला कांग्रेसी शासनकाल में चलता रहा है। आज़ादी के बाद 60 साल तक देश में एक छत्र राज करने वाली कांग्रेस ने किसानों की कभी भी सुध नही ली थी। आज हमारी भाजपा सरकार में शून्य फीसदी ब्याज पर ऋण दिया जा रहा है यह ऋण कांग्रेसी सरकार के वक्त 18 फीसदी ब्याज दिया जाता रहा। इस ऋण के ब्याज को चुकाते किसानों के खून का एक एक कतरा सूख जाता था। परंतु आज परिस्थितियां भिन्न हैं। भाजपा की सरकार में हमारा अन्नदाता किसान बेहतर स्थिति में है। किसानों का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। हमारी हर योजनाओं का केंद्र बिंदु गांव-गरीब और किसान ही है। फिर भी किसानों को किसी तरह की समस्या है तो किसान उनकी समस्या के निदान के लिए तत्पर है।

एकात्म परिसर में आयोजित किसान मोर्चा की इस बैठक में उन्होंने मोर्चा के पदाधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं को किसानों के बीच में लेकर जाने के लिए प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने नई फसल बीमा योजना की शुरुआत कि है। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा किसान अपने फसलों का बीमा कराये।
उन्होंने कहा कि आज भी राज्य के किसान फसलों का बीमा कराने के पक्ष में नहीं रहते हैं। परंतु उन्हें इसके फायदे समझाने होंगे । बीते वर्ष किसानों ने 70 करोड़ बीमा प्रीमियम राशि का भुगतान किया था इसके एवज में 600 करोड़ का भुगतान किसानो को किया गया। किसानों को बीमा सरल शब्दों में समझाने की आवश्यकता है कि जिस तरह हम अपनी गाड़ियों का बीमा कराते हैं ताकि दुर्घटना के बाद हमें मुआवजा मिल सके उसी तरह फसलों का बीमा भी जरूरी है । किसान मोर्चा को चाहिए कि 15 दिनों में किसानों की बैठक ले और उनकी समस्या सुनने के साथ-साथ सरकार की योजनाओं से भी उन्हें अवगत कराये। ऐसा करना संगठन व सरकार के हित में जरूरी है । किसानों को बताये कि वह अपने खेत में सरकारी योजना का लाभ लेते हुए डबरी खुदवा सकते हैं । गौ पालन यानी डेयरी व्यवसाय के लिए उन्हें 50 फीसदी सब्सिडी में सरकार 12 लाख तक लोन प्रदान कर रही है। किसान अपने मेड़ों पर अरहर दलहन लगाना चाहे तो उन्हें अब सोसाइटियों से मुफ्त में मिनी किट्स प्राप्त हो जाएंगे । इतना ही नहीं सरकार साढ़े पांच लाख रुपए का सोलर पंप आरक्षित वर्ग को 12 हज़ार रुपये, 18 हज़ार रूपये तथा सामान्य वर्ग को 20 हज़ार रूपय में प्रदान कर रही है।  बृजमोहन ने कहा कि किसानों को सब्जी-फल जैसे उद्यानिकी फसलों के बारे में भी जानकारी देते हुए उन्हें फसल में बदलाव के लिए प्रेरित करें। ताकि अपनी आया बढ़ाकर वे समृद्धि की ओर अग्रसर हो सके।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री पवन साय, वन औषधि बोर्ड के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य मेजर अनिल सिंह, भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने, मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चंद्राकर, महामंत्री द्वारिकेश पांडे, युधिष्ठिर चंद्राकर, भरत सिंह तोमर, निरुपमा चंद्राकर गौरीशंकर श्रीवास आदि उपस्थित थे।

किसान खाद-बीज का जल्द करें उठाव
कृषि-सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार शून्य प्रतिशत ब्याज में किसानों को ऋण दे रही है। ऐसे में किसान साथी मई-जून-जुलाई माह में खाद-बीज लेकर अपने पास ही रखा करें। इन माह के उन्हें ब्याज भी नही लगने वाले है। जब ऐन मौके पर सारे किसान एक साथ खाद-बीज की मांग करेंगे तो निश्चित रूप से व्यवस्था थोड़ी गड़बड़ाती है। फिर भी हम कह सकते है कि हमारी सरकार में व्यवस्था काफी सुधरी है। किसानों को समय पर खाद व् बीज उपलब्ध हो रहे है।