featured image

भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा बिलासपुर में आयोजित स्वदेशी मेला का समापन।

रायपुर/16/11/017/ वंदे मातरम कहने और भारत माता की जयकारे का महत्त्व तभी है जब हम दिल से स्वदेशी की भावना को लेकर आगे बढ़े। हम स्वदेशी उत्पादों का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करने की कोशिश करें और भारत भूमि को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान सुनिश्चित करें। यही माँ भारती की सच्ची सेवा होगी। यह बात प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बिलासपुर में चल रहे स्वदेशी मेला के समापन अवसर पर अपने संबोधन में कही।

भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा बिलासपुर के पुलिस ग्राउंड में यह 5 दिवसीय मेला आयोजित था। आज समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से विचार व्यक्त करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मेला भारतीय संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करता है। हमारी सरकार भी मेला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी की भावना हमेशा ही मन में बनी रहनी चाहिए। आज विदेशी ताकते भारतीय बाजारों पर कब्जा करने की पूरी कोशिश कर रही है। ऐसे में आपका हमारा पैसा उन विदेशी कंपनियों के माध्यम से देश के बाहर जा रहा है। अगर हम स्वदेशी कंपनियों की सामग्रियों का उपयोग करेंगे तो निश्चित रुप से भारत का व्यापार बढ़ेगा भारत के लोग समर्थ होंगे।

श्री अग्रवाल ने कहा कि योग गुरु स्वामी रामदेव ने स्वदेशी की भावना को प्रबल बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज उनकी संस्था पतंजलि के उत्पाद घर घर में उपयोग किए जा रहे हैं। उनका यह प्रयास अन्य भारतीय उद्योगपतियों के लिए भी प्रेरणादायक है। अग्रवाल ने  सीबीएमडी (भारतीय विपणन विकास केंद्र) की सराहना करते हुए कहा कि स्वदेशी मेला का आयोजन कर यह संस्था जन जागरण का काम कर रही है। छोटे-छोटे व्यवसायियों को यहां अवसर प्रदान किया जा रहा है। राजधानी रायपुर और बिलासपुर में निरंतत 9 वर्षों से ऐसे मेला का सफल आयोजन कर यह संस्था अच्छा काम कर रही है।

मोदी के मेक इन इंडिया अभियान से जुड़ रही नई पीढ़ी

आज देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में एक सशक्त राष्ट्रवादी नेतृत्व मिला है। जो देश को आगे बढ़ाने के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं। मेक इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाएं देश में उन्होंने प्रारंभ की है। नई पीढ़ी इससे बेहद प्रभावित है। वह इसका लाभ लेकर अपना व्यवसाय प्रारम्भ कर रहे हैं। ऐसे में यह तय है कि विदेशी कंपनियों को अब यहां कड़ी चुनौती मिलेगी और वे यहां से लौटने को मजबूर हो जाएंगे।

ड्रेगन फ्रूट, एप्पल बेर की पैदावार छत्तीसगढ़ में

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा की ऊंचे घरानों की शादी ब्याह में जब हम जाते हैं तो वहां ड्रैगन फ्रूट, एप्पल बेर,स्ट्रॉबेरी सहित कई विदेशी फल देखने को मिलते हैं। लोग गर्व के साथ बताते हैं कि यह मलेशिया, चीन,थाईलैंड का फल है। परंतु अब हमारे छत्तीसगढ़ में भी इन सभी फलों की खेती हो रही है। यहां से ये फल बाहर निर्यात हो रहे हैं। हमारे राज्य का 1 किलों का जाम (गुआवा) पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। हमारा देश भी अब खाद्यान के मामले में सक्षम हो रहा है। हर प्रकार के फल, सब्जी, अनाज यहां के किसान पैदा कर रहे हैं।