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रायपुर/09/10/2017/राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के दो दिवसीय चिंतन शिविर में प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल बतौर अतिथि शामिल हुए।यह शिविर निरंजन धर्मशाला रायपुर में आयोजित था। इस अवसर पर बृजमोहन ने कहा कि हर किसी को अपनी भाषा संस्कृति और श्रेष्ठ परंपराओं के प्रति गौरव का बोध होना चाहिए,क्योंकि इसी से हमारी पहचान हैं।  बृजमोहन ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि जिस भारत भूमि में हमारा जन्म हुआ वहां भांति-भांति की संस्कृति और भाषा देखने को मिलती है । यह अनेकता में एकता ही भारत की विशेषता है। सभी को यहां फलने फूलने का समान अवसर प्राप्त होता है । ऐसे में अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
यह हर्ष का विषय है कि सिंधी भाषा के विकास के लिए हमारे छत्तीसगढ़ में भी मेरे सांस्कृतिक मंत्री रहने के दौरान सिंधी साहित्य अकादमी का गठन किया गया। आज यह संस्था साहित्य के माध्यम से सिंधी भाषा के प्रचार में जुटी हुई है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने के लिए उपाय करने चाहिए साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक परिवार में एकजुटता रहेगी तब तक संस्कृति समृद्धि रहेगी। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। चिंतन शिविर में संत युधिष्ठिर लाल जी,विश्व हिंदू परिषद के रमेश भाई मोदी, हिंदी साहित्य अकादमी के अजीत जीवन,मुरलीधर माखीजा, रमेश वर्ल्याणी, ललित जयसिंघ आदि उपस्थित थे।