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मंत्रीमंडलीय उप समिति की बैठक में शामिल हुए कृषि, पशुपालन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल व् नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल।
रायपुर/26/09/2017/ कृषि सिंचाई एवं पशुपालन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की उप समिति की बैठक संपन्न हुई इस बैठक में राज्य की गौशालाओं की उचित व्यवस्था के निर्माण हेतु रखे गए विभिन्न विषयों पर विषय विशेषज्ञ के महत्वपूर्ण सुझाव लिए गए तथा उनकी क्रियान्वयन के संबंध में समिति द्वारा अनुशंसा के बिंदु तक किए गए। मुख्य रूप से इस बात पर सहमति बनी की गाय को अर्थतंत्र से जोड़कर भी देखा जाना होगा तब कही जाकर लोगों में जागरूकता आएगी। उससे प्राप्त दूध को ही आधार लोग न बनाये। उसके गोबर और गोमूत्र भी आर्थिक आय का अच्छा स्रोत हो सकता है जिससे गायों के लिए अच्छे चारे के साथ ही उचित देखभाल किया जा सकता है । ऐसी व्यवस्था गौशालाओं में बनानी होगी और पूरी पारदर्शिता के साथ इसे अमल में लाना होगा। बैठक में उप समिति के सदस्य नगरी निकाय मंत्री अमर अग्रवाल भी उपस्थित थे।
इस बैठक में विचार विमर्श करते हुए मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि गोवंश का पालन-पोषण सम्मान के साथ होना चाहिए। क्योंकि यह भारत की आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ विषय है। हमें गौशालाओं को आर्थिक रुप से सक्षम बनाने के लिए उपाय करने चाहिए ताकि शासन प्रशासन के ही अनुदान पर आश्रित हो कर वहा कि व्यवस्था रह न जाए। हमें गोबर और गोमूत्र पर आधारित एक बेहतर व्यवस्था विकसित करने होंगे ताकि गौशालाओं का प्रबंधन में सुविधा मिल सके। इस हेतु शासन स्तर पर विशेष कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि गौशालाओं के लिए आज तात्कालिक और दीर्घकालीन दोनों तरह की व्यवस्थाएं हमें बनानी होगी। 
 इस दौरान उपस्थित गौशालाओं की प्रतिनिधियों और विषय विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझाव पर भी सार्थक चर्चा हुई।
चर्चा के दौरान बताया गया कि गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सुझाव मांगे गये थे। लोगों ने वेबसाइट व् अन्य माध्यमों से 69 सुझाव दिये है जिसमे से 18 सुझाव को ज्यादा उपयुक्त माना गया और उसे एजेंडे में लेकर चर्चा हुई। विशेष रुप से गोबर और गोमूत्र से बने उत्पाद की लाइसेंस प्रक्रिया के सरलीकरण, गौशाला की पूरी व्यवस्था को शासन जैविक खेती से जोड़कर कार्य करें, शासन गौशाला में ही चिकित्सक की नियुक्ति करें वह चिकित्सक आस-पास के गांव में भी सेवाएं दे जैसे सुझाव प्रमुख रूप से थे।
नगरी निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने आर्थिक पहलुओं पर उपस्थित गौशालाओं के प्रतिनिधियों से चर्चा की। अखिल भारतीय गौ विज्ञान एवं जैविक खेती प्रशिक्षण प्रमुख के.एन. राघवन ने समिति को एक्शन प्लान बनाकर काम करने के सुझाव दिए उनके अनुसार ग्रामीण, गौशाला आयोग, गौशालाये और पशुधन विश्वविद्यालय चारों को मिलाकर काम करने पर जोर दिया। साथ ही गौशाला प्रबंधन को मैनेजमेंट से सम्बंधित प्रशिक्षण दिए जाने पर जोर दिया। आयोग द्वारा 10 स्थानों पर प्रशिक्षण केंद्र व खाद इकाई बनाये जाने का सुझाव उन्होंने रखा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय सिंह, गौशाला आयोग के अध्यक्ष बिशेषर पटेल,सचिव अनूप श्रीवास्तव सहित विभिन्न गौशालाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।