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रायपुर/19/08/2017/ इजराइल की बेहतर कृषि तकनीक को समझने लिए  कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में विभागीय अधिकारियों की टीम कृषि अध्ययन यात्रा मे इजराइल प्रवास पर है।
आज इस टीम ने आज शार हागोलन कीबुट्स (kibutz) का भ्रमण किया। यहा संयुक्त खेती की जाती है। सहकारिता की भावना के साथ 120 परिवार मिलकर यहा खेती कर संपन्नता के साथ जीवन यापन कर रहे है। यहाँ पर विशेष रूप से केला, खजूर सहित उद्यानिकी फसलों की खेती हाईटेक तकनीक से की जा रही है। यहा एक ही टिशू कल्चर के एक ही पौधे से केले की फ़सल 10 से 15 साल तक ली जाती है। इस दौरान यहा की अत्याधुनिक सुव्यस्थित डेयरी का अवलोकन किया गया।  पर 350 गायों से 25000 लीटर दूध प्रतिवर्ष लिया जाता है। प्रति गाय 42 लीटर प्रति दिन दूध प्राप्त किया जा रहा है। यहा की सी ऑफ गैलिली भी उन्होंने देखी। यह इजराइल की एकमात्र मीठे पानी की झील है जिससे पूरे इजराइल में  पीने के पानी की पूर्ति की जाती है। यहाँ पानी की हर बूँद का संरक्षण किया जाता है। इस संबंध में कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि इजराइल जैसा देश जिसकी आधी भूमि रेगिस्तान है। यहा लोगों की दृढ़ इच्छाशक्ति देखते ही बनती है। जलवायु विपरीत होने के बावजूद वे आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अच्छी खेती कर रहे है। पानी की एक-एक बूंद को यहां सहेजकर उपयोग में लाया जाता है। पानी के हर बूंद के महत्त्व को हर इजराइली जानता है। इस दौरे में छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त अजय सिंह सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद है।