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27 अगस्त 2017/ युवा कृषकों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उच्च शिक्षित युवाओं को भी मिट्टी से जुड़कर काम करने की जरूरत है। आज हमारे देश में खेती लाभ का व्यवसाय नहीं है। परंतु दुनिया में ऐसे भी देश हैं जो सिर्फ खेती किसानी की दम पर खड़े हुए हैं। तकनीकी के माध्यम से रेगिस्तान में भी फसल लहलहाती दिखाई पड़ रही है। ऐसे में हमें भी उन्नत तकनीक को अपनाकर चलकर खेती को लाभ का कार्य बनाना होगा। हमारी भाजपा सरकार इस दिशा में काम कर रही है। किसानों को आगे आकर इस हेतु संचालित शासकीय योजनाओं का लाभ लेना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के बहुतयात किसान साथियों द्वारा किये जा परंपरागत धान की खेती पर उनका सिर्फ जीवन का गुजारा हो पा रहा है। परंतु अगर वे उद्यानिकी फसल,पशुपालन की दिशा में बढ़ेंगे तो निश्चित रुप से उनका जीवन खुशहाल बनेगा। श्री अग्रवाल ने यह बात 
संकल्प सिद्धि न्यू इंडिया मूवमेंट व्यावसायिक कृषि प्रदर्शो द्वारा कृषकों  की आय में त्वरित  एवं टिकाऊ वृद्धि हेतु  युवा किसान उद्धमी कार्यशाला के दौरान कही। यह आयोजन कृषि महाविद्यालय रायपुर के विवेकानंद सभागार रखा गया है।
कार्यक्रम में मौजूद युवकों से जुड़ते हुए मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज शहरीकरण की आंधी में पूरी ग्रामीण व्यवस्था चरमरा सी गई है। एक वक्त था जब गांव आत्मनिर्भर था। सारी जरूरत की चीजें गांव में ही मिल जाया करती थी । क्योंकि लोग परंपरागत व्यवसाय को अपना कर चलते थे। परंतु आज की परिस्थिति में लोग गांव छोड़कर शहर आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया बहुत आगे बढ़ गई है हमें भी हिम्मत के साथ कदम बढ़ाना होगा। एक फसल के भरोसे रहेंगे तो काम नहीं चलेगा। उन्होंने इजराइल की अपनी कृषि अध्यन यात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि वहां सपरिवार एकजुट होकर हजार एकड़ में खेती कर रहे हैं । वह पूरा क्षेत्र एक तरह से रितीला है । बावजूद ड्रिप एरिगेशन के माध्यम से इस बंजर भूमि को उन्होंने उपजाऊ बना डाला है । एक तरह से वे सहकारी खेती कर रहे हैं । उनकी उपज देश विदेश में निर्यात हो रही है।वे  मुनाफा अर्जित करते हुए अपने जीवन में खुशहाली बनाया हुए हैं।
बृजमोहन ने कहा कि आज किसानों को संगठित होने की आवश्यकता है ।संगठित होकर वह अच्छी फसल की पैदावार करें और व्यवसायिक रूप में कार्य करते हुए आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ते रहें। जो लोग संगठित हैं वही तरक्की कर रहे हैं ।उनसे प्रेरणा लेकर आप सभी को अपने कृषि कार्य क्षेत्र में सफलता के लिए ऐसा करना चाहिए।
कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एस के पाटिल भारतीय किसान संघ के दिनेश कुलकर्णी, श्री शेंडे जी, शिवाकांत दीक्षित सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
 
गांव में ही खोले गौशाला
गौशाला पर बात रखते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हर गांव में घास जमीन होती है। गांव के लोग एकजुट हो जाएं और उस घर जमीन को गौशाला में तब्दील करें । ऐसा करना गांव और गौ माता की दृष्टि से सबसे बेहतर होगा। गांव की पशुओं के लिए भी वह स्थान बेहतर हो सकता है। यहा पर गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद बनाकर उपयोग में लाया जा सकेगा।  गांव-गांव के किसान आपस में जुड़ कर ऐसा प्रस्ताव रखे तो उन्हें शासन से जमीन दिलाने के लिए मैं व्यक्तिगत रुप से प्रयास करुंगा। परंतु यह याद रखना होगा कि गौशाला सेवा का माध्यम है ना कि व्यवसाय का।
 
धान की फसल के लिए सबसे ज्यादा पानी की जरुरत
बृजमोहन ने कहा कि धान की फसल में सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है। ऐसे में अब किसानों को चाहिए कि धान के साथ-साथ अन्य उद्यानिकी फसलों का उत्पादन भी वह करें। 
 
ड्रिप एरीगेशन के 50 नए प्रोजेक्ट होंगे शुरू
सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहां की किसानों के लिए छत्तीसगढ़ में 50 नए ड्रिप इरीगेशन प्रोजेक्ट जल्दी प्रारंभ होने वाले हैं ।50 करोड़ की लागत से यह कार्य किया जाएगा । इसी प्रकार नेट सेट हाउस के लिए भी 50 करोड़ की राशि का प्रावधान रखा गया है। आज आवश्यकता है कि किसान विश्वविद्यालय के नेट सेट हाउस में की जा रही खेती को देखे समझे और उनसे प्रशिक्षण लेकर अपना कृषि कार्य को आगे बढ़ाएं।
 
कवर्धा-बालोद और बलरामपुर में लगेंगे टीसू कल्चर वाले पौधे
श्री अग्रवाल ने कहा कि कवर्धा बालोद और बलरामपुर जिले में 500-500 सौ एकड़ में टिशू कल्चर वाले गन्ने के पौधे लगाए जाएंगे। इससे वहां के शुगर मिल में गन्ने की कमी नहीं होगी। यह काम इस वर्ष पूर्ण कर लिया जाएगा।