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14 जुलाई 2017 / गौशाला प्रतिनिधियों की कार्यशाला में प्रदेश के कृषि पशुपालन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहां की गौ माता की सेवा से बड़ा कार्य कोई दूसरा नहीं है। अगर यह सुअवसर हमें मिला है तो पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ यह कार्य हमें करना चाहिए। हमारे धर्म ग्रंथों में में भी गौ सेवा को पुनीत कार्य बताया गया है । ऐसा करना हमें आर्थिक समृद्धि की ओर भी ले जाता है। परंतु आज हम गौ माता की महत्ता को पूरी तरह से समझ नहीं पा रहे है। लेकिन इसे समझना हम सभी के लिए बेहद जरूरी है। गौपालन ग्रामीण भारत को सशक्त और समृद्धि बनाने के लिए बेहद जरूरी है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के सभागार में आयोजित हुआ। अपने उद्बोधन में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि एक समय में परिवार की समृद्धि का प्रतीक गौमाता हुआ करती थी। जिसकी घर में ज्यादा गाय होती थी वह उतना समृद्धि और खुशहाल माना जाता था। पुराने वक्त में भी गोबर और गोमूत्र से खाद बनाकर जैविक खेती की जाती थी, फलस्वरुप परिवार बेहतर जीवन जीता था । 

उन्होंने कहा कि सरकार जो काम कर रही वह तो है, परंतु हम सामाजिक व्यक्तियों कभी दायित्व बनता है कि गौ माता की रक्षा के लिए अपना योगदान दें। इसके लिए जनजागृति का होना बेहद जरूरी है आज गौमाता सड़कों पर घूम रही होती है । जिसकी वजह से अनेकों दुर्घटनाएं हो रही है । इस दिशा में भी हम काम कर रहे हैं। जल्दी कई जगह पर एनिमल होल्डिंग सेंटर खोले जाएंगे ।अभी संभाग के लिए रेस्क्यू एंबुलेंस रखे जा रहे है। किए गए हैं जल्दी सभी जिलों  में भी यह उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही बताया कि शेड निर्माण के लिए अब 2 लाख की जगह 5 लाख प्रदान किये जा रहे है। आधा एकड़ और 50 पशुधन पर ही गौ शाळा की अनुमति दी जा रही है।गौ पालन को बढ़ावा देने के हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है हम डेयरी के लिए 50% सब्सिडी पर 12 लाख रुपए तक लोन प्रदान कर रहे हैं । निश्चित रुप से हमारी सरकार के प्रयास सफल होंगे और गोपालन के साथ साथ जैविक खेती की तरफ हम अपनी किसानों को लेकर जा सकेंगे । ताकि हमरे किसान स्वस्थ और समृद्ध भारत के निर्माण एक अहम भूमिका अदा कर सकेंगे।
इस दौरान गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल ने बताया कि 1269 गौ सेवकों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। 
इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त अजय सिंह, संचालक पशुपालन एसके पांडे ने भी अपने विचार रखे।