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रायपुर/10/09/2017/ छत्तीसगढ़ और उड़ीसा की संस्कृति आपस में मिलती है। यही कारण है कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच एक अपनापन रहता है। यह कहना अतिश्योक्ति नही होगी की छत्तीसगढ़ के विकास में उड़िया यानी उत्कल समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। वे भी हमसे कंधे से कंधा मिलाकर छत्तीसगढ़ की सेवा कर रहे है। 
 
यह बात प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने गाड़ा महासभा द्वारा आयोजित नुआखाई महोत्सव-2017 के दौरान समाज को संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम शहीद स्मारक भवन में आयोजित हुआ।अपने उद्बोधन में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उड़ीसा से उनका पारिवारिक नाता जुड़ा हुआ है। परिवार की दर्जनभर से ज्यादा बहुयें हमारे घर ब्याही गई है और हमारे परिवार से भी बेटियां बहु बनकर उड़ीसा गई है। ऐसे में परिवार का रिश्ता उस राज्य से जुड़ चुका है।
आज छत्तीसगढ़ में निवासरत उत्कल वासियों जो यहा के विकास में सहभागी है उनके व् उनके क्षेत्र के विकास के लिए हम काम कर रहे है। प्रत्येक उत्कल बस्ती में विकास दिखाई देगा। उत्कल भाषा का पहला स्कूल उनके ही प्रयासों से त्रिमूर्ति नगर में खोला गया। 
बृजमोहन ने नुआखाई पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व सभी लोगों के जीवन में समृद्धि लेकर आये ऐसी कामना वो भगवान् जगन्नाथ से करते है।
 
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर प्रमोद दुबे ने की। इस अवसर पर उत्कल गाड़ा महासभा के रघुचंद निहाल, महिला विंग की अध्यक्ष सावित्री जगत,युवा अध्यक्ष विष्णु तांडी,भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष शैलेन्द्री परगनिहिया,विश्वदिनी पांडेय,ममता साहू,मेयर इन काउंसिल के सदस्य एजाज ढेबर,अजीत कुकरेजा,मंडल भाजपा अध्यक्ष कमलेश शर्मा,मुकेश पंजवानी,राहुल चंदानी,राजू बाघ,राजेश दीप, नारायण बाघ,भगवानु नायक, बंटी निहाल, कामने सोनी, मोहन बाघ, सुरेंद्र बघेल, हरिचरण महानंद, डमरूधर दीप, संतोष निहाल, सुशील दीप, मंगल छत्री, नीरू नारायण, भास्कर नारायण, अमरजीत, आदि उपस्थित थे।