featured image

कृषि मंत्री बृजमोहन ने ली कृषि और उद्योग विभाग की बैठक
● किसानों की आय दुगुनी करने के लिए राज्य में खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां लगाने की जरूरत पर दिया जोर

रायपुर। प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कृषि आधारित उद्योग निर्माण के संबंध में कृषि विभाग एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। यह बैठक मंत्रालय स्थित उनके कक्ष में हुई। इस बैठक में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हम ढर्रे पर चलते रहेंगे तो अन्नदाताओं का भला नहीं कर सकेंगे। हमें समय के अनुसार ही आगे बढ़ना होगा। किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिले और वे स्वयं ही खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाकर अपना भविष्य संवारे ऐसी कुछ योजनाओं पर हमें अब काम करने की आवश्यकता है। इसके लिए व्यक्तिगत स्तर पर सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। नियम कानून तो बहुत बनते हैं परंतु किसानों के प्रति सहानुभूति रखते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन करेंगे तभी उन्हें समृद्ध बना सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी किसानों की आय 2022 तक दुगुनी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। ऐसे में उनके इस लक्ष्य को पूरा करने में हमें फूड प्रोसेसिंग के तहत विभिन्न योजनाओं पर काम करना होगा।
गौरतलब है कि 6 फरवरी 2017 को इस संबंध में ही उद्योग और कृषि विभाग के अफसरों की संयुक्त बैठक श्री अग्रवाल ने ली थी। इसमें उन्होंने किसानों के लिए छोटी-छोटी योजनाएं बनाने के लिए कहा था। इस संबंध में उद्योग विभाग ने कुछ योजनाओं को सामने रखा और इसी किसान उपयोगी बताया।
बृजमोहन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 1,2,5 एकड़ जमीन वाले किसानों की संख्या ज्यादा है। ऐसे किसान बड़ा लोन लेकर उद्योग खड़ा करने की स्थिति में नहीं हो सकते। हमें 25 हजार से लेकर 25 लाख तक की लोन योजना एक बेहतर सब्सिडी के साथ बनानी होंगी जो किसानों के लिए उपयोगी हो सके। यहां का किसान हमारी बात को सुन रहा है और समझते हुए वह खेती के नए-नए तरीके अपना रहा है। उद्यानिकी क्षेत्र में वे आगे बढ़ते हुए वे जाम, चीकू, लीची, सीताफल, पपीता, एप्पल बेर, ड्रेगन फ्रूट का उत्पादन भारी तादाद में कर रहे हैं।
ऐसे में पल्प यूनिट उन क्षेत्रों में लगने चाहिए। उन्होंने जशपुर और धमधा क्षेत्र में टमाटर की भारी तादाद में पैदावार का भी जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने जगदलपुर कृषि विज्ञान केंद्र में लगे काजू यूनिट की सराहना की और इसे विश्वविद्यालय का सराहनीय पहल बताया। बृजमोहन ने कहा कि कुछ दशक पूर्व यहां सैकड़ों की संख्या में दाल मील थे परन्तु अब थोड़े ही रह गए हैं। हमें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए बेहतर माहौल बनाने की दिशा में अब तेजी से काम करना चाहिए।
बैठक में एसीएस एवं कृषि उत्पादन आयुक्त अजय सिंह, कृषि विभाग के सचिव अनूप श्रीवास्तव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव परावत कुमार सिंह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एसके पाटिल, छत्तीसगढ़ राज्य उद्योग विकास निगम के प्रबंध संचालक सुनील मिश्रा, कृषि विभाग के संयुक्त सचिव केसी पैकरा, संयुक्त संचालक डीआर वाधवानी, संचालक कृषि पीएस केरकेट्टा, उद्यानिकी संचालक एसके पांडे आदि उपस्थित थे।
● जिला स्तर से हो काम की शुरुआत
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कृषि, उद्यानिकी और उद्योग विभाग के जिला स्तर के अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर काम करें। वे बनी परंपरा से जरा हटकर किसानों को सहयोग करते हुए उन्हें आगे बढ़ने प्रेरित करें।
● लगे डेमोस्ट्रेशन यूनिट
बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक मौजूद इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एस के पाटिल से कहा कि प्रदेश के सभी विज्ञान केंद्रों में  विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण यूनिट का डेमोस्ट्रेशन यूनिट लगे तो किसानों को इस दिशा में आकर्षित करने बेहतर प्रयास होगा। जनवरी में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले में उद्योग विभाग भी डेमोस्ट्रेशन यूनिट लगाए।