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खूब पढ़ो-आगे बढ़ो और अपने परिवार, समाज तथा देश की सेवा करो। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज राजधानी रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक दुर्गा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उनकी जिम्मेदारियों को याद दिलाते हुए उन्हें सफल नागरिक बनने के लिए कठिन परिश्रम करने की सीख दी।  अवसर था महाविद्यालय का वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं पारितोषिक वितरण समारोह ' मिलन 2013' का। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में जैसे ही कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश करते ही अपने बीते दिनों की यादें ताजा हो गई । तब हमें भी ऐसे ही वार्षिक समारोहों का इंतजार रहता था। विद्यार्थियों ने खूब तालियां बजायी। श्री अग्रवाल ने कहा कि ऐसे आयोजन हर शिक्षण संस्था में होने चाहिए। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई -लिखाई के अलावा अन्य रचनात्मक प्रतिभा सामने आती है। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस उम्र में युवाओं के बीच आने से मन में एक नये उत्साह का संचार होता है और अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए अजब की शक्ति मिलती है। महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य एवं राज्य वित्त आयोग के सदस्य डॉ0 अशोक पारख ने समारोह की अध्यक्षता की।
श्री अग्रवाल ने कहा कि हर युवा के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने का समय निर्णायक और महत्वपूर्ण होता है। इस स्तर से ही भविष्य की नींव तैयार होती है। युवाओं के सामने अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने तथा समाज और देश की सेवा करने की चुनौती है। युवा वर्ग को इस चुनौती को अवसर के रूप में लेना चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि महान दार्शनिक और प्रखर चिंतक स्वामी विवकानंद ने युवा अवस्था में ही अपनी प्रतिभा के बल पर पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का परचम लहराया। युवा वर्ग स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन से प्रेरणा ले सकता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि बीते दिनों और आज के पढ़ाई के तौर तरीकों में काफी अन्तर है। आज सूचना प्रौद्योगिकी का जमाना है। इस जमाने में भी हम अपने देश के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को न भूलें। हमारा देश ज्ञान का भण्डार है। प्राचीन समय में इस महान देश की पहचान विश्व गुरू के रूप में होती थी। आज भी हमारे देश के नागरिक विदेशों में चिकित्सा, विज्ञान, राजनीति सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बनायी है। श्री अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को चाहिए कि वे अपनी असीम क्षमता को पहचानें तथा उसका उपयोग समाज और देशहित में करें। स्कूल शिक्षा मंत्री ने शिक्षा के महत्व पर अपनी बात रखते हुए कहा कि शिक्षा ही सुखद भविष्य का माध्यम होती है। नई पीढ़ी इस मामले में सौभाग्यशाली है कि उन्हें बेहतर शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। श्री अग्रवाल ने दुर्गा महाविद्यालय के इतिहास के बारे में छात्र-छात्राओं को बताते हुए कहा कि यहां से पढ़कर निकले अनेक व्यक्ति आज देश-विदेश में अपने परिवार और इस महाविद्यालय का नाम रौशन कर रहे हैं। इस महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए यह गौरव की बात है। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिकोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अशोक पारख ने कहा कि देश की आधी आबादी युवाओं की है। पूरे देश की निगाहें और उम्मीदें इन पर टिकी हुई है। युवा वर्ग देश की तकदीर और तस्वीर बदल सकता है। डॉ. पारख ने कहा कि आज देश के सामने अनेक प्रकार की समस्याएं खड़ी दिख रही है। युवा वर्ग आगे बढ़कर इन समस्याओं को दूर करने की चुनौती स्वीकारें। उन्होंने समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं का आव्हान किया कि वे इस महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास के पन्ने में अपनी भी उपस्थिति दर्ज कराएं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एस. खनूजा ने स्वागत भाषण दिया। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर महाविद्यालय की शोध पत्रिका का विमोचन भी किया।