रायपुर/22-11-2011//जि
स शिक्षा में देश की संस्कृति ,महापुरुषों के आदर्श व संस्कारों की बातें सिखाई जाती है ऐसी शिक्षा प्राप्त करने वालों के हाथ कभी निराशा नही लगती और वे सदा आत्मविश्वास से परिपूर्ण होते है |इसी सूत्र को अपनाने के बाद आज हम देख रहे है की राज्य के सरकारी स्कूलों में पढनें वाले बच्चे नित नए कीर्तिमान रचते जा रहे है|उक्त बाते प्रदेश के स्कूली शिक्षा व संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने जे.आर.दानी हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित नए कमरों व कम्प्यूटर लैब के लोकार्पण एवं प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान अपने उदबोधन में कही|
श्री अग्रवाल ने कहा की स्कूली बच्चों को समाज सेवा , पर्यावरण, खेल ,संगीत के क्षेत्र में बेहतर काम करने वालों को जानने व उनकी खूबियों को पहचाननें की आवश्यकता है ताकि वे व्यावहारिक होकर स्वयं के लिए बेहतर रास्ता चुन सके |वैसे आज पब्लिक स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों के बच्चे ज्यादा व्यावहारिक हो रहे है | प्रतिभावान छात्राओं को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा की प्रतिभा का सदैव सम्मान होना चाहिए ताकि दूसरे उनसे प्रेरणा ले सके |
समारोह में उन्होंने कम्प्यूटर शिक्षा के लिए 5 लाख एवं 100 बच्चों के छात्रावास हेतु 2 करोड़ रूपये स्विकृत करने की घोषणा की |
उन्होंने कक्षा बारहवी की प्रावीण्य सूचि में राज्य में प्रथम आने वाली छात्रा करिश्मा पारेख ,व्यवसायिक पाठ्यक्रम में प्रावीण्य सूचि में राज्य में प्रथम आने वाली छात्रा अन्नपूर्ण यादव सहित अनेकों प्रतिभावान छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया |
समारोह में रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील सोनी, निगम सभापति संजय श्रीवास्तव,निगम के नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी ,जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती आर.बाम्बरा, प्राचार्य विजय खंडेलवाल आदि उपस्थित थे |



