सभी जरूरी व्यवस्थाएं 30 जनवरी तक पूर्ण करने के निर्देश
रायपुर 14 जनवरी 2012
छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिध्द तीर्थ नगरी राजिम के त्रिवेणी संगम पर इस साल 07 फरवरी से 20 फरवरी तक लगने वाले राजिम कुम्भ के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गयी है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कल राजिम में साधु-संतों की उपस्थिति में कुंभ मेले की तैयारियों से विभागों के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर अभी तक हुई तैयारियों की समीक्षा की।
श्री अग्रवाल ने बैठक में कहा कि राज्य शासन द्वारा छह वर्ष पूर्व राजिम के वार्षिक परम्परागत पुन्नी मेला को भव्य स्वरूप प्रदान करते हुए राजिम कुंभ मेले की शुरूआत की गयी। साधु-संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से राजिम कुंभ मेले की भव्यता साल दर साल बढ़ती जा रही है। इस वर्ष राजिम कुंभ मेले का सातवां साल है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की देवभूमि राजिम प्रदेश की तरक्की का माध्यम बनेगी। पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में सिलसिलेवार विभागीय तैयारियों की जानकारी अधिकारियों से ली। बैठक में लोकसभा सांसद श्री चन्दूलाल साहू, पूर्व सांसद एवं संत कवि श्री पवन दीवान, विधायक सर्वश्री महंत रामसुन्दर दास, अमितेष शुक्ल, लेखराम साहू, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव श्री मनोहर पाण्डेय, धमतरी जिले के कलेक्टर श्री एस. प्रकाश, गरियाबंद जिले के कलेक्टर श्री दिलीप वासनीकर, छत्तीसगढ़,पर्यटन मण्डल के प्रबंध संचालक श्री तपेश झा, मेला अधिकारी श्री रमेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
श्री अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन, विद्युत मण्डल, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने संत समागम स्थल, मुख्य सांस्कृतिक मंच सहित पूरे मेला स्थल पर पर्याप्त साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा, चिकित्सा व्यवस्था, पार्किंग, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए। श्री अग्रवाल ने राजिम के पुराने पुल से लगे हुए निर्माणाधीन नये पुल की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि नये पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। इस पुल का लोकार्पण जल्द से जल्द कराने के लिए रात-दिन निर्माण कार्य चल रहा है। पर्यटन मंत्री ने त्रिवेणी संगम पर नेहरू घाट के नीचे बन रहे एनीकट की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनीकट के पाथ-वे में रेलिंग व लाइटिंग करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एनीकट के ऊपरी हिस्से में राजिम और नवापारा की ओर नदी के दोनों तटों पर घाट बनाने के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। राजिम और नयापारा शहर से नदी में आने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए व्यापक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को त्रिवेणी संगम के आस-पास महानदी और पैरी नदी पर बने तीनों पुराने पुलों के अलावा निर्माणाधीन पुल पर भी मेले के दौरान पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए। श्री अग्रवाल ने बेलाही घाट पुल और चौबे बांधा पुल के बीच की सड़क को तत्काल डामरीकरण करने के निर्देश दिए। इस सड़क से लोमश ऋषि आश्रम तक के हिस्से को भी डामरीकृत करने के निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री ने नागा साधुओं के लिए लोमश ऋषि आश्रम से अलग अस्थायी आश्रम बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री अग्रवाल ने नयापारा और राजिम के सभी मंदिरों की साफ-सफाई,रंग रोगन और लाइटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेला स्थल पर पेयजल की व्यवस्था करने आठ किलोमीटर लंबी पाईप लाईन बिछाई जा रही है। मेला स्थल पर 280 नल लगाए जा रहे हैं। श्री अग्रवाल ने नदी की रेत पर बनने वाली अस्थायी सड़कों के दोनों तरफ बांस-बल्ली लगाने के निर्देश दिए। मेला स्थल पर 60 स्थानों पर दाल-भात केन्द्र खोले जाएंगे। संस्कृति मंत्री ने पार्किंग स्थलों में दात भात केन्द्र खोलने तथा सभी दाल भात केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में राशन की व्यवस्था करने और रात्रि 11 बजे तक इन केन्द्रों को चालू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिस जवानों के लिए अलग से डोम बनाने तथा वहां पर दाल भात केन्द्र खोलने के निर्देश भी दिए। श्री अग्रवाल ने रायपुर, धमतरी और गरियाबंद जिले के अधिकारियों से मेले के दौरान लगने वाली विकास प्रदर्शनी की तैयारियों की जानकारी ली और कहा कि तीनों जिलों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ प्रदर्शनी लगाएं। मेले के दौरान हर दिन दोपहर दो बजे रात्रि 11 बजे तक प्रदर्शनी खुली रहे।
