बैठक में मध्यप्रदेश मॉडल का प्रस्तुतिकरण देखा
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने
रायपुर, 21 दिसम्बर 2011
छत्तीसगढ़ में पारदर्शिता की दृष्टि से स्कूली शिक्षा की पूरी व्यवस्था को ऑनलाईन करने की तैयारी शुरू हो गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि इसके लिए मध्यप्रदेश मॉडल का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ का अपना पोर्टल विकसित किया जाएगा, जो इस नये राज्य की स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) भोपाल के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश में की गई इस प्रकार की अत्याधुनिक व्यवस्था के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया।
बैठक में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र भोपाल के निदेशक श्री सुनील जैन ने मध्यप्रदेश में बनाए गए पोर्टल के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की शिक्षा से संबंधित समस्त गतिविधियों को ऑनलाईन किया गया है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री सुनिल कुमार, सचिव आदिमजाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग श्री मनोज पिंगुआ, संचालक पंचायत एवं समाज सेवा श्री आलोक अवस्थी, संचालक लोक शिक्षण श्री के.आर. पिस्दा, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान सुश्री संगीता पी. और संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद श्री अनिल राय और छत्तीसगढ़ मंत्रालय स्थित एनआईसी के अधिकारियों सहित आदिमजाति एवं अनुसूचित जाति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने मध्यप्रदेश के पोर्टल की प्रशंसा की। उन्होंने प्रस्तुतिकरण देखने के बाद कहा कि निश्चित रूप से स्कूली शिक्षा में सुधार और स्कूलों के बेहतर प्रबंधन में सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल काफी उपयोगी हो सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मॉडल का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ का स्वयं का पोर्टल विकसित किया जाएगा, जो यहां की स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप होगा। श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों की मध्यान्ह भोजन योजना को पहले ही ऑनलाईन कर लिया है। कबीरधाम जिले में तो शिक्षकों की पूरी जानकारी भी ऑनलाईन उपलब्ध है। श्री अग्रवाल ने बैठक में अधिकारियों को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए पोर्टल विकसित करने तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य शासन के विभिन्न विभागाें के अधिकारियों की एक समिति बनाई जाए और आगामी छह माह के भीतर इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर लिया जाए। श्री अग्रवाल ने कहा कि एनआईसी के सहयोग से छत्तीसगढ़ की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर सुविधा जनक पोर्टल बनाया जाए, जिसमें एक क्लिक करते ही प्रदेश की पूरी शिक्षा व्यवस्था की जानकारी मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री सुनिल कुमार ने भी प्रस्तुतिकरण देखकर मध्यप्रदेश मॉडल की प्रशंसा की और इसे काफी उपयोगी बताया।
बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग के इस पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति, नगरीय प्रशासन और पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग की स्कूल शिक्षा व्यवस्था संबंधित समस्त गतिविधियों की जानकारी रहेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी शिक्षकों, शिक्षा कर्मियों, अन्य कर्मचारियों, स्कूलों के अलावा शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी अन्य संस्थाओं छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, पाठयपुस्तक निगम, संस्कृत बोर्ड, मदरसा बोर्ड, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, सर्वशिक्षा अभियान की गतिविधियों को पोर्टल से जोड़ने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। पोर्टल में स्कूलों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं के अलावा स्कूलवार विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध कराई गई धनराशि की जानकारी भी रहेगी। स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों और शिक्षकों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी पोर्टल में मिलेगी।



