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रायपुर/15/12/2007/ प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आदिवासी समाज ने भारत भूमि की संस्कृति और परंपराओं को सहेजकर रखा है। आमतौर पर देखा जाता है कि पढ़ने–लिखने के बाद उच्च पदों को पाकर अधिकतर लोग अपने संस्कारों को भूल जाते हैं। परन्तु आदिवासी समाज के युवा आगे बढ़ने के बाद भी अपने संस्कारों को नहीं भूले हैं। उनका यही आचरण बताता है कि आदिवासी कितने समृद्ध है। इसके साथ ही मंत्री अग्रवाल ने कहा कि हम अमर शहीद वीर नारायण सिंह के आदर्शों का अनुसरण करते हैं और कमजोर लोगों को उनका हक दिलाने के साथ सेवा का भाव भी मन में रखकर चले हैं। उन्होंने यह बात आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास पेंशनबाड़ा में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कही हैं। इस समारोह में शहर के समस्त छात्रावासों के विद्यार्थी शामिल हुए थे।

मंत्री बृजमोहन ने मुख्य अतिथि की आसंदी से विद्यार्थियों से कहा कि आप आगे बढ़ेगे तो समाज आगे बढ़ेगा। सरकार आपको सुविधाएं प्रदान कर रही है, लेकिन मेहनत आपको करनी है। समाज का सर्वांगीण विकास चाहिए तो कड़ी मेहनत करनी होगी। जिस त्याग के साथ माता-पिता ने इतनी दूर आपको पढ़ने भेजा है, उनके सपनों को साकार करने के लिए लगन के साथ पढ़ाई करें। 
बृजमोहन ने कहा कि अंग्रेजों ने पूरे भारतवर्ष में राज किया है, परंतु छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आकर आदिवासियों के सामने उन्होंने घुटने टेक दिए थे। इतिहास बताता है कि आदिवासी समाज ने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया और अन्याय करने वालों को सहा भी नहीं है। 1857 की क्रांति के दौर में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंकते हुए अपने प्राणों कि आहुति और गरीब मजदूरों के पेट की भूख मिटाने के लिए अंग्रेजों से लोहा लेने वाले शहीद वीर नारायण सिंह की यह पावन भूमि हमें हमेशा जन कल्याण के लिए कार्य करते रहने की प्रेरणा देती है। यही वजह है कि 17 साल का यह नौजवान प्रदेश, देश के अन्य राज्यों के मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य कि हमारी सेवा भावी सरकारें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांव के गरीब और किसानों की बेहतर स्थिति के लिए काम कर रही है। 
इस अवसर पर छात्रावास में हुए विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया है। कार्यक्रम में अनुसूचित जन जाति आयोग के अध्यक्ष जी.आर.राणा, आयोग के सदस्य विकास मरकाम, पद्मश्री ममता चंद्राकर, युवा आयोग के सदस्य, एस.आर नेताम, शंकरलाल उईके, योगेश ठाकुर, जागेश्वर नेताम, ने भी अपने विचार रखे।