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●छत्तीसगढ़ एक्सीलेंस अवार्ड समारोह में छत्तीसगढ़ के कद्दावर बीजेपी नेता एवं सरकार के वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने की शिरकत, चयनित लोगों को प्रदान किया अवार्ड।  

रायपुर/18/03/2018| छत्तीसगढ़ प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री ने प्रतिष्ठित बिजनेस न्यूज़ चैनल सीएनबीसी आवाज़ द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ एक्सीलेंस अवार्ड समारोह में शिरकत की और अवार्ड विजेताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर देश भर से पधारे लोगों और राष्ट्रीय मीडिया के सामने बृजमोहन ने छत्तीसगढ़ के तरक्की की बात तो की ही साथ ही यहा के नक्सलवाद पर जोरदार प्रहार किया। बृजमोहन ने बेबाक अंदाज में कहा कि छत्तीसगढ़ ही है जो नक्सलियों से युद्ध लड़ रहा है।

छत्तीसगढ़ के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मीडिया को यह बताना चहिये की छत्तीसगढ़ कोई नक्सल स्टेट नही बल्कि देश में सबसे तेज विकास करने वाल राज्य है। यहा के लोग सीधे-साधे,सरल है। सामाजिक सौहार्द यहा का देखते ही बनता है। उन्होंने कहा यह ज़ीरो पावर कट राज्य है। देश के 10 राज्यों को यहा से बिजली आपूर्ति होती है। यहा खनीज(mineral) पर्याप्त मात्रा में है। राज्य के जिलों में खनीज निधि बनाई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 3 हज़ार करोड़ के काम इस खनीज निधि से हो रहे है। राज्य के लगभग हर गाँव मे अच्छी सड़क, सुद्ध पेयजल,और बिजली पहुंचाने में हम सफल हुए है।

बृजमोहन ने कहा कि 17 साल पहले जब छत्तीसगढ़ राज्य बना उस वक्त इसका बजट 7 हज़ार करोड़ का था आज बजट 86 हज़ार करोड़ का है। 

यह छत्तीसगढ़ अब सिर्फ धान का कटोरा नही है। यहा का किसान अब स्ट्राबेरी ,ड्रेगन फ्रूट,टेनिस चीकू का उत्पादन यहा कर रहा है। राज्य के 25 प्रतिशत क्षेत्र में सब्जियों का उत्पादन हो रहा है।

नक्सल मुद्दे पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि 75% देश नक्सलवाद को न समझ पा रहा है न जान पा रहा है। मैं स्वयं गृह मंत्री रहा हूं इस कारण नक्सलवाद को करीब से देखा और समझा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद सिर्फ छत्तीसगढ़ की समस्या नहीं है, यह देश के 12 राज्यों के 180 जिलों की समस्या है। किसी एक राज्य की समस्या मानकर इसका निदान नहीं किया जा सकता। जॉइंट अफर्ड, जॉइंट कमांड जॉइंट पॉलिसी के साथ ही नक्सलवाद को समाप्त किया जा सकता है। जब तक छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे राज्य इस समस्या के खिलाफ मिलकर नहीं लड़ेंगे, समाधान कठिन होगा।

 उन्होंने कहा कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ एकलौता राज्य है जो देश विरोधी नक्सलवाद से लड़ रहा है। यहां जो घटनाएं घट रही है उसका कारण है कि यह नक्सली अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिस दिन छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो गया पूरे देश में नक्सलवाद का नाम लेने वाला नहीं बचेगा।

आप अध्ययन करेंगे की नक्सलवाद कहां पर है तो पाएंगे कि जहां जंगल,खनिज और वनवासी है वहीं पर इनके पर ये जमे हुए हैं। यही पर उन्हें आर्थिक सहयोग भी मिलता है। लोग जैसा समझते हैं वैसा नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में नहीं है।  छत्तीसगढ़ का 10% हिस्सा भी नक्सल प्रभावित नही है। इतना नक्सल इफ़ेक्ट होता तो इस राज्य में 5 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट देश और दुनिया के लोग यहा नहीं करते। आज हर बड़ा उद्योगपति छत्तीसगढ़ में माइंस लेना चाहता है,  यहा पावर प्लांट लगाकर छत्तीसगढ़ के विकास में भागीदार बनना चाहता है। 

बृजमोहन ने कहा कि मैं छत्तीसगढ़ का पर्यटन मंत्री भी रहा हूं। लोगों की धारणा को तोड़ने के लिए मैंने देश-विदेश से लोगों को छत्तीसगढ़ आमंत्रित किया और दंतेवाड़ा बस्तर भ्रमण पर भेजा । लोग वहा घूम कर आए हैं तो उन्हें विधानसभा में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से मिलवाया । उनकी प्रतिक्रिया बड़ी गजब की थी। उन्होंने कहा कि हमारी धारणा थी कि रायपुर एयरपोर्ट पर नक्सली मशीन गन लेकर खड़े होंगे। परंतु हमारा यह भ्रम अब दूर हो गया है।

बृजमोहन ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो मीडिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और भय का वातावरण बनाने के लिए नक्सली विभिन्न घटनाओं को अंजाम देते है। उन्होंने कहा कि मीडिया उन्हें दिखाना बंद कर दे तो इनकी घटनाएं निश्चित ही बंद हो जाएगी, साथ ही उन्होंने कहा कि नक्सलियों को महिमामंडित करना बंद होना चाहिए। बृजमोहन ने कहा कि अब वह जमाना खत्म हो गया जब कहते थे कि शोषण के कारण नक्सलवाद बढ़ रहा है। बृजमोहन ने सवाल किया कि क्या आज वनवासियों की सुविधा के लिए सड़क बनाना शोषण है? सड़क निर्माण में लगी गाड़ियों को आग लगा देना,सड़क रोक देना, गरीब आदिवासियों के लिए जा रहा राशन लूट लेना, गांव वालों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए खोदे गए ट्यूबवेल में बारूद डाल देना,बच्चों की शिक्षा के बने स्कूल बिल्डिंग,इलाज के लिए बने अस्पताल को बम से उड़ा देना आखिर कौन सी विचारधारा है। 

शोषण की दुहाई देकर वनवासियों को विकास से दूर रखने का षड्यंत्र करने वाली नक्सलवादियों की यह देश को बर्बाद करने वाली विचारधारा है। इसके समर्थकों  को पूरी तरह से बेनकाब करने की आवश्यकता है। नक्सली बुलेट पर भरोसा करते हैं और हम बैलेट पर।  यह समझने वाली बात है कि भारत के संविधान में लोकतंत्र में बुलेट का नहीं बैलेट का स्थान है।

बृजमोहन ने कहा कि सुदूर बस्तर क्षेत्र के वनवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए हम संकल्पित हैं । आज दंतेवाड़ा का एजुकेशन हब देश में प्रसिद्धि पा रहा है। उसी तर्ज पर नारायणपुर, सुकमा जैसे जिले में भी एजुकेशन हब तैयार किए जाएंगे। दंतेवाड़ा,बस्तर,बीजापुर सहित अन्य वनवासी क्षेत्रों के तीन हज़ारे बच्चों को रायपुर लाकर बेहतर शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करायी जा रही है। अब तक लगभग 100 बच्चे आईआईटी में दाखिला ले चुके है।

हमारा यह मानना है कि डॉक्टर-इंजीनियर बनकर ये बच्चे अपने क्षेत्र में जाएंगे तो यह संदेश दे पाएंगे कि हमारा विकास नक्सलवादियों के कारण रुका हुआ है। सरकार हमारा सर्वांगीण विकास करना चाहती है। 

बृजमोहन ने कहा कि जल्द ही छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म होगा और हमारा यह प्रदेश देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में अग्रिम पंक्ति में होगा।

●● इन्हें मिला अवार्ड ●●

सीएनबीसी आवाज़ और एटी ज्वेलर्स  द्वारा प्रदान किया गया यह छत्तीसगढ़ एक्सीलेंस अवार्ड  राजधानी के निजी होटल में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया। जिसमे छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध व्यवसायी एवं समाजसेवी रमेश भाई मोदी को छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के हाथों  लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। इसी क्रम में समाज सेविका पद्मश्री फुल बासन यादव, व्यवसायी व सामाजिक कार्यकर्ता रमेश भाई मोदी, छत्तीसगढ़ी फ़िल्म निर्माता,निर्देशक व कलाकार योगेश अग्रवाल, शिक्षाविद जवाहर सुरीसेट्ठी, साहित्यकार जयप्रकाश रथ,मनोज सोनी,जसप्रीत खनूजा, छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी,छत्तीसगढ़ स्टेट डेवलपमेंट कारपोरेशन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली चयनित संस्थाओं छत्तीसगढ़ एक्सीलेंस अवार्ड से नवाज़ा गया।