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●बृजमोहन ने कहा राज कैसे किया जाए और एक राजा का धर्म क्या होना चाहिए इस बात की सीख महाराजा अग्रसेन जी के जीवन से मिलती है।
●मुम्बई अग्रवाल सम्मेलन द्वारा आयोजित योगेश अग्रवाल कृत महाराजा अग्रसेन जी के जीवन पर आधारित नाट्य "महाराजा अग्रसेन " का भव्य वर्ल्ड प्रीमियर मुम्बई में सम्पन्न।

रायपुर/06/05/2018| मुम्बई अग्रवाल सम्मेलन द्वारा महाराजा अग्रसेन जी के जीवन पर आधारित नाट्य ""महाराजा अग्रसेन "" का भव्य वर्ल्ड प्रीमियर कल 5 मई को मुम्बई में हुआ। इस वर्ल्ड प्रीमियर शो में बतौर अतिथि पधारे छत्तीसगढ़ प्रदेश के धर्मस्व, कृषि, सिंचाई मंत्री बृजमोहन शासन ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राज कैसे किया जाए और एक राजा का धर्म क्या होना चाहिए इस बात की सीख महाराजा अग्रसेन जी के जीवन से मिलती है।  वे सभी को बराबरी का अधिकार देने के पक्षधर थे। अपने राज में उन्होंने समाज के सभी वर्गों की बराबर चिंता की। महाराजा अग्रसेन के विचारों के अनुसार उस दौरान हर किसी को आगे बढाने और सुखी जीवन जीने में पूरा समाज सहयोग करता था। यही वजह थी कि उनके राज में सुख,शांति और समृद्धि चहुँ ओर फैली थी। यह आयोजन रंग शारदा हॉल, बांद्रा मुम्बई में सम्पन्न हुआ। योगेश अग्रवाल कृत ""महाराजा अग्रसेन "" नाट्य के डायरेक्टर प्रदीप गुप्ता थे। संगीत प्रख्यात संगीतकार राजधर शुक्ला ने दिया।  

बृजमोहन अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आगे कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के विचार और उनका कृतित्व सारी दुनिया के लिए प्रेरणादायक है। उनका यहां किया गया नाट्य मंचन बेहद प्रभावशाली रहा हैं। भाईचारा को बढ़ाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने में महाराजा अग्रसेन जी के विचार हमेशा ही प्रभावशाली रहे हैं। आज आवश्यकता भी है कि हम उनकी बातों को अपनाकर चलते रहे। उनका एक रुपए और एक ईंट का सिद्धांत आज भी सफल होता प्रतीत होता है। समाज के कमजोर वर्ग को मिलजुलकर थोड़ी-थोड़ी मदद कर दी जाए तो वह भी मुख्यधारा में उठ खड़ा हो जाएगा। उसका परिवार भी सुखी जीवन जी सकेगा। हिंसा से विमुख होते हुए छत्रियता को त्यागकर वे वैश्य बने थे। हम अग्रवालों का सौभाग्य है कि महाराजा अग्रसेन जी के कुल और इस भारत भूमि में हमारा जन्म हुआ है। अपनी मिट्टी और अपने कुल का गौरव बढ़ाते हुए हमें सर्व समाज की सेवा में सदैव तत्पर रहना है। यही हम अग्रवालों का कर्तव्य है। इस अवसर पर अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय महामंत्री राजेन्द्र अग्रवाल, मुम्बई अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष शिव खेतान आदि उपस्थित थे।