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● नैनो मेडिसिन पर आयोजित 3 दिवसीय सेमिनार में कृषि -सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने रखे विचार।
रायपुर/15/03/2018| छत्तीसगढ़ प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नैनो टेक्नोलॉजी का उपयोग दवाइयों में किया जाना आज की आवश्यकता है। हम देखते है कि चल रहे व्यक्ति के इलाज में किसी दवाई का साइड इफेक्ट रोकने के लिए हम कोई और दवा लेते है और फिर उसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए दूसरी दवा। ऐसा करके एक बीमारी से बचने के लिए लोग अनजाने में अपने शरीर के कई अंगों का नुकशान कर जाते है।  परंतु नैनों टेक्नोलॉजी के माध्यम से टारगेटेड मेडिसीन बने। हम शरीर के जिस अंग का इलाज चाहते हो वही पर वह असर करें और कोई साइड इफेक्ट भी न हो।  उन्होंने यह बात पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में मेडिसिन के क्षेत्र में नैनों टेक्नोलॉजी का मूल्यांकन और चुनौतियों जैसे विषयो पर आयोजित 3 दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ करते हुए कही।
 
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में यह आयोजन यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी तथा छत्तीसगढ़ बायोटेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। मुख्य अतिथि की आसंदी से अपनी बात रखते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि टेक्नोलॉजी की दृष्ठि से हमारा भारतवर्ष हमेशा से समृद्ध रहा है। हमारे धर्म ग्रंथों में शोधों का उल्लेख है। उड़ने वाले जिस पुष्पक विमान का उल्लेख हमारे धर्मग्रंथ रामायण में है उसी कल्पना पर आज हवाई जहाज उड़ रहे है। एक बड़ी सच्चाई यह है कि भारत के वेद-पुराणों में उल्लेखित ज्ञान का उपयोग दूसरे कर रहे है। बृजमोहन ने कहा कि अब हमारा भारत देश भी तेजी से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में हम दुनियां में अग्रणी होते जा रहे है। ऐसे में यह निश्चित है कि मेडिसीन के क्षेत्र में नैनो टेक्नोलॉजी के जरिये देश के वैज्ञानिक अच्छा परिणाम लेकर आएंगे। नैनो टेक्नोलॉजी के माध्यम से ही चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन संभव है।
 
इस अवसर पर पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति एसके पांडे,हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के प्रोफेसर एसपी व्यास,फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सराफ,छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी के सीईओ डॉ गिरीश चंदेल,प्रोफेसर स्वर्णलता सराफ तथा प्रोफेसर प्रीति के.सुरेश सहित फार्मेसी के प्रोफेसर तथा विद्यार्थी मौजूद थे।