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 प्रख्यात कथा वाचक पंडित विजय शंकर मेहता ने श्रीमद भागवत  कथा सुनाते हुए कहा कि यह गृहस्थी  का ग्रन्थ है जिसमे यह सन्देश समाहित है कि अगर मन मे संतोष रहेगा तो ही सारा जीवन सुखमय व्यतीत होगा.इसलिए जीवन मे हर क्षण संतुष्ट रहे.परिस्थितियां विपरीत आती है तो आए पर विचलित न हो संयम रखे जो जैसा है स्वीकार करे.पर अपना सद्कर्म न छोड़े .यह जान ले कि कुछ भी अच्छा किया है तो निश्चित रूप से फल भी अच्छा ही प्राप्त होगा  |श्रीमद भागवत का यही सन्देश शाश्वत सत्य है |

प्रदेश के धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के शंकर नगर निवास आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान सप्ताह के आज दूसरे दिवस पं.विजय शंकर मेहता ने मन संतोष पर केंद्रित ध्रुव,कपिल,गीता,शिव शक्ति चरित्र,व् भारत चरित्र पर कथा सुनाई  |

ध्रुव प्रसंग मे उन्होंने कहा कि राजा उत्तानपात की दो रानिया सुरुचि और सुनीति थी.सुनीति शांत और सुरुचि कठोर व्यवहार की थी.बड़ी रानी सुनीति का एक बालक  था ध्रुव.एक घटना का उल्लेख करते बताया कि एक दिन भरी सभा मे ध्रुव को राजगद्दी पर बैठे पिता उत्तानपात की गोद मे बैठने से सौतेली माँ सुरुचि ने रोक दिया और कहा की इस गद्दी मे बैठना है तो मेरी कोख से जन्म ले या ईश्वर को प्राप्त करे.यह बात ध्रुव ने अपनी माँ सुनीति को बताई .पर हर-पल संतोष धारण करने वाली सुनीति विचलित नही हुई.वह चाहती तो खड़ी होकर कह सकती थी कि तुम कौन होती हो पुत्र की गोद से वंचित करने वाली?पर सुनीति ने ऐसा नही कर एक आदर्श प्रस्तुत करते हुए अपने परिवार को टूटने से बचाया और पुत्र को ईश्वर प्राप्ति का मार्ग बताते हुए उसके जीवन की दिशा तय की |

पं.मेहता ने अन्य प्रसंग मे कहा कि किसी व्यक्ति का बुरा दिन उस दिन से शुरू होता है जिस दिन घर के बड़े-बुजुर्गे के आँखे आंशु मे भीगे होते है.हमारा धर्म ग्रन्थ कहता है की घर के बड़ों की चिंता उनकी देख-रेख ईश्वर सेवा के सामान है |

उन्होंने पति-पत्नी संबंधो पर कहा कि यह  सम्बन्ध दूध मे मिले पानी की तरह होता है . इसमें अविश्वास  की थोड़ी सी छीटे पड़े तो सब कुछ बिखर सकता है.इसलिए आपस मे संदेह न करे और विश्वास की भावना बरक़रार रखे निश्चित ही जीवन सुखमय होगा.उन्होंने कहा की व्यक्ति के कई रूप देखने को मिलते है यह भी देखने को मिलता है कि कोई बहुत मीठा बोलता है बाहर,समाज मे काफी यश रहता है .पर अपने घर पर मुह से कड़वाहट भरे शब्द निकलते है .यह दोहरा चरित्र कैसा ?अगर हम बाहर सा व्यवहार घर मे बनाये तो पारिवारिक प्रेम मे जो मिठास रहेगी वह जीवन को समृद्ध और सुखमय बना देगी |

श्रीमद भागवत ज्ञान सप्ताह मे श्रोता के रूप मे प्रमुख रूप से महासमुंद सांसद चंदूलाल साहू,पूर्व सांसद केयूर भूषण,बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्याम बैस,आरडीए अध्यक्ष सुनील सोनी,नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी,जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक पांडे,भाजयूमों अध्यक्ष संजू नारायण सिंह,किशन व्यास,रामकिंकर सिंह,बजरंग खंडेलवाल,आदि उपस्थित थे |