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आज हमे रिश्ते बोझ लगने लगे है .ऐसा लगता है मानो हम रिश्तों को ढो रहे है.संवेदनाओं का क्षरण हो रहा है.अगर ऐसा ही चलता रहा और घर-परिवार से संवेदनशीलता चली गई तो परिवार बिखरनें के साथ ही रिश्तों की डोर टूटने मे देर नहीं लगेगी.ऐसे मे आवश्यकता है श्री कृष्ण का स्मरण करने की जिन्होंने हर रिश्ते को बखूबी निभाया है. साथ ही दूसरी और देखे तो कंस ने हर पवित्र रिश्ते का अपमान किया है जिसकी पुनरावृति वर्तमान समाज मे भी यदा-कदा देखने मे आती है.श्रीमद भागवत कथा के दौरान अपने प्रवचन यह बात पं.विजय शंकर मेहता ने कही |

प्रदेश के धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निवास पर आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान सप्ताह के चौथे दिन संवेदनशीलता सूत्र के साथ पं.विजय शंकर मेहता ने कथा आरम्भ की.आज उन्होंने गजेन्द्र मोक्ष,समुद्र मंथन,वामन अवतार,श्री रामकथा एवं श्रीकृष्ण प्राकट्य की कथा सुनाई जिसमे रिश्तों की अहमियत और व्यक्ति की संवेदना पर प्रमुख रूप से प्रकाश डाला |

उन्होंने भगवान शिव के प्रसंग से आमजनों को जोड़ते हुए कहा कि जिसने अपमान,आलोचना,धोखा जैसे विष का पान किया है वह निश्चित रूप से अमृत रुपि सम्मान का हकदार होगा.इसलिए किसी भी बड़े उद्देश्य या कार्य मे ऐसी बातो का सामना होगा तो आपको विचलित हुए बगैर क्रोध पर नियंत्रण करे तो सफलता तय है |

पं.मेहता ने रामकथा प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जीवन मे संगत का बड़ा महत्त्व है अगर कैकई अपनी दासी मंथरा के कुसंग मे न पड़ती तो पुत्र राम के प्रति ऐसा भाव न जागता जिसमे उन्हें 14 साल का वनवास भेजने जैसा कठोर निर्णय सुना दिया .ऐसे ही निर्णय से रिश्ते की डोर कमजोर होती है |

 

उन्होंने लक्ष्मी जी के प्रसंग मे कहा की हम घर की लक्ष्मी अपनी बेटी,बहु,पत्नी को अनुचित स्थान पर जाने से रोकते है.पर धन रुपि लक्ष्मी को हम नशा,जुआ आदि अनुचित कामों मे क्यों उपयोग करते है.अगर हमे उत्तरोत्तर प्रगति करना है और ईश्वर के करीब आना है तो धन लक्ष्मी का सदुपयोग जनहित के सद्कार्यों मे उपयोग करे तो निश्चित रूप से सुख शांति और समृद्धि आपके चौखट पर होगी |

आज श्रीमद भागवत कथा मे श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाई गई.भक्तिमय वातावरण मे भजनों की संगीतमय प्रस्तुति ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया |

श्रीमद भागवत के इसी तारतम्य मे कल पांचवे दिन श्रीकृष्ण बाल लीला,मथुरा गमन,कंस वध और श्रीकृष्ण–रुखमणी विवाह प्रसंग संपन्न होगा |

आज की कथा मे प्रमुख श्रोता के रूप मे संत रामविलास वेदान्ती जी महराज,नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे,केबिनेट मंत्री हेमचंद यादव,पूर्व सांसद करुणा शुक्ला,मुख्यमंत्री डॉ.रमण सिंह के पत्नी श्रीमती वीणा सिंह उनकी बहु एश्वर्या सिंह उपस्थित रही |