निजी स्कूलों द्वारा प्राईवेट प्रकाशकों की पुस्तकों को खरीदने के दबाव की मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने हस्तक्षेप कर इस आशय का निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी करवाया है कि निजी प्रकाशकों की पुस्तके पाठ्यक्रम संचालन हेतु मान्य नहीं होगी साथ ही यह भी निर्देश जारी किया गया है कि शाळा के भीतर किसी प्रकार की पुस्तके,स्टेशनरी अथवा सामग्री का विक्रय नहीं किया जाएगा.

निर्देश के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा कभी भी किसी भी निजी प्रकाशक के पक्ष में पुस्तकों की अनुशंसा नही की गई है इसके बावजूद कुछ निजी प्रकाशकों  द्वारा केंद्रीय विद्यालय संगठन की अनुशंसित पुस्तकें छापने का दावा करते हुए निजी स्कूलों के साथ मिलकर अपनी पाठ्य सामग्री खपाई जा रही है, जो कि गलत है।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्री बृजमोहन अग्रवाल  के हस्तक्षेप पर संचालनालय द्वारा जारी निर्देश में आगे कहा गया है कि  07 मार्च2013 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्णय एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट है कि अशासकीय, अनुदान एवं गैर अनुदान प्राप्त विद्यालयों में पाठ्यक्रम अनुसार क्रमशः छत्तीसगढ़ शासन / बो़र्ड द्वारा प्रचलित पुस्तकें एवं केंद्रीय  विद्यालय संगठन द्वारा एक मात्र अनुशंसित एन.सी.ई.आर.टी की पुस्तकों का ही विद्यालयों में प्रयोग  सुनिश्चित की जावे तथा विद्यालयों के अंदर किसी भी परिस्थिति में कापी, किताब एवं अन्य सामग्री  के विक्रय को रोका जावे।

इस निर्देश  में जिला शिक्षा अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि इस निर्देश से सभी स्कूलों को अवगत कराते  हुए निर्देश का पालन सुनिश्चित कराये जो संस्थाए निर्देशों कि अवहेलना करते दोषी पाई जाए उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाये साथ ही

जो भी प्राईवेट  प्रकाशक अपनी पुस्तकों के केंद्रीय  विद्यालय संगठन से अनुशंसित होने का दावा कर रहे हैं उन प्रकाशकों से केंद्रीय विद्यालय संगठन को अवगत करायें क्योंकि केंद्रीय विद्यालय संगठन ने कभी भी किसी निजी प्रकाशकों को पाठ्यपुस्तक छापने की अनुशंसा नही की है।